मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ने कहा, सारा कट्टरवाद और सारे आतंकवादी मदरसों में पले और बढ़े हैं

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने मदरसों में मिड-डे-मील की स्थिति के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ये टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्टरी बनाकर रख दिया गया है.

/
उषा ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने मदरसों में मिड-डे-मील की स्थिति के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ये टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्टरी बनाकर रख दिया गया है.

उषा ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक)
उषा ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक)

इंदौरः मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में एक मंत्री का कहना है कि देश में मदरसे आतंकवाद और चरमपंथ का गढ़ हैं, जहां आतंकी पलते हैं इसलिए इन्हें बंद कर देना चाहिए.

शिवराज सिंह चौहान सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने मदरसों में मिड-डे-मील की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की.

उन्होंने कहा, ‘भोजन सबको मिलना चाहिए, पर ये जो संविधान की अलग परिभाषा करना, बच्चे-बच्चे होते हैं, विद्यार्थी-विद्यार्थी होते हैं, इसलिए मैं तो कहती हूं कि सबकी सामूहिक शिक्षा होनी चाहिए. धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता पनपा रही है. विद्वेष का भाव फैला रही है. सब बच्चों को सामूहिक रूप से समान शिक्षा दी जानी चाहिए.’

इस संबंध में सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियों में वह कह रही हैं, ‘कौन सी संस्कृति पढ़ा रहे हैं बंधु? यदि आप इस देश के नागरिक हैं तो आप देखिए कि सारा कट्टरवाद और सारे आतंकवादी मदरसों में पले और बढ़े हैं. जम्मू कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्टरी बनाकर रख दिया है.’

उषा ठाकुर आगे कहती हैं, ‘ऐसे मदरसे जो राष्ट्रवाद से, समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ सकते, उनको हमें समुचित शिक्षा के साथ जोड़कर समाज को सबकी प्रगति के लिए एक साथ आगे ले जाना होगा.’

उन्होंने ये भी कहा, ‘असम ने ये करके दिखा दिया कि मदरसे बंद. राष्ट्रवाद में बाधा जो भी डालेगा, ऐसी सारी चीजें राष्ट्र हित में बंद होनी चाहिए.’

पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर क्या मदरसे बंद होने चाहिए, इस पर उन्होंने कहा, ‘शासकीय सहायता बंद होनी चाहिए. वक्फ बोर्ड समक्ष और समर्थ संस्था है, यदि कोई निजी तौर पर अपने धार्मिक संस्कार देना चाहता है तो हमारा संविधान उसको छूट देता है.’

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि इस तरह के बयानों से भाजपा उपचुनाव के लिए हो रहे प्रचार अभियान को सांप्रदायिक बना रही है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक,  इस विवादित बयान पर कांग्रेस का कहना है कि उन्हें बिना सबूतों के इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि उषा ठाकुर आरएसएस के हाथों का खिलौना हैं.

वर्मा ने कहा, ‘कुछ दिन पहले उषा ठाकुर ने जय आदिवासी युवाशक्ति संगठन (जेएवाईएस) को लेकर विवादित बयान दिया था और बाद में माफी मांग ली थी.’

बता दें कि उषा ठाकुर ने इस आदिवासी संगठन को देशद्रोही बताया था, लेकिन आलोचना शुरू होने के बाद अपना बयान वापस लेकर माफी मांग ली थी.

उन्होंन कहा, ‘उषा ठाकुर आपकी सरकार है. अगर आपके पास सबूत हैं तो मदरसों के खिलाफ कार्रवाई कीजिए, लेकिन जहर न फैलाइए और धर्म या जाति के नाम पर समाज को बांटें और ना ही हर चीज को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करें.’

इंदौल जिले की महू सीट से विधायक उषा ठाकुर पहले भी इसी तरह के विवादित बयान दे चुकी हैं.

उषा ठाकुर ने कुछ साल पहले मांग की थी कि नवरात्रि के दौरान गरबा स्थलों में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना चाहिए. उन्होंने पिछले साल मई महीने में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को राष्ट्रवादी भी कहा था.

मालूम हो कि बीते दिनों असम के शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा था कि राज्य में सरकार द्वारा संचालित सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को बंद किया जाएगा. इस संबंध में अधिसूचना नवंबर में जारी की जाएगी.

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव होने वाले हैं.