यूपी: आंदोलन में भाग लेने वाले 20 किसानों को भेजे गए जुर्माना नोटिस निरस्‍त

मामला उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले का है. ज़िलाधिकारी ने बताया कि सभी 20 किसानों को जारी नोटिस पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर निरस्‍त कर दिया गया. कृषि क़ानूनों के विरोध में किसानों को भड़काने के आरोप में इन किसानों को पहले प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये के नोटिस जारी किए गए थे बाद में उसमें संशोधन कर 50 हज़ार रुपये किया गया था.

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन. (फाइल फोटो: पीटीआई)

मामला उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले का है. ज़िलाधिकारी ने बताया कि सभी 20 किसानों को जारी नोटिस पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर निरस्‍त कर दिया गया. कृषि क़ानूनों के विरोध में किसानों को भड़काने के आरोप में इन किसानों को पहले प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये के नोटिस जारी किए गए थे बाद में उसमें संशोधन कर 50 हज़ार रुपये किया गया था.

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)
केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में किसानों को पचास-पचास हजार रुपये मुचलके भरने की जारी की गई नोटिस शुक्रवार को पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने निरस्‍त कर दी.

केंद्र सरकार के तीन नए विवादित कृषि कानूनों के विरोध में किसानों को भड़काने के आरोप में इन किसानों को ये नोटिस जारी किए गए थे.

बीते शुक्रवार को संभल के उप-जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि सभी 20 किसानों को जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर निरस्‍त कर दी गई.

उन्‍होंने बताया कि किसानों की ओर से यह प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ कि जल्दबाजी में हमें यह नोटिस जारी की गई है और पुलिस ने यह रिपोर्ट गहन जांच करके नहीं भेजी है, इसीलिए इस रिपोर्ट की गहन जांच करा दें.

उन्‍होंने बताया कि दोबारा जांच के बाद पुलिस ने रिपोर्ट में यह अवगत कराया कि सभी किसानों से बात की गई जिसमें किसानों के किसी बवाल में न पड़ने के आश्‍वासन के बाद नोटिस निरस्‍त कर दी गई.

 

एसडीएम दीपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को बताया, ‘हमें हयात नगर पुलिस थाने से रिपोर्ट मिली थी कि कुछ व्यक्ति किसानों को उकसा रहे हैं और इससे शांति भंग होने की आशंका है और प्रत्येक से 50 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया जाए, किसानों ने कहा कि यह बहुत ज्यादा है फिर दोबारा थानाध्यक्ष ने दूसरी रिपोर्ट दी जिसमें इन लोगों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया गया था.’

बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में संभल जिला प्रशासन ने उनमें से छह किसान नेताओं को नोटिस जारी कर प्रत्येक से 50 लाख रुपये का निजी बॉन्ड्स जमा करने के लिए कहा था. इसके साथ ही दो गारंटर भी उपलब्ध कराने के लिए कहा था जो उतनी ही राशि जमा करने का भरोसा दिलाएंगे. बाद में नोटिस में संशोधन किया गया और राशि को प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये किया गया था.

ये किसान नेता अधिकतर चंदौसी और सिंहपुर से है, जिन्होंने 26 नवंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू किए. विरोध प्रदर्शन के पहले दिन लगभग 400 लोग संभल के चौक पर इकट्ठा हुए थे. तभी से पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शन न हो, कई प्रयास किए.

जिन छह किसानों को नोटिस दिया गया, उनमें भारतीय किसान यूनियन (असली), संभल के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के अलावा जयवीर सिंह, ब्रह्मचारी यादव, सतेंद्र यादव, रौदास और वीर सिंह शमिल हैं. इन्होंने यह मुचलका भरने से इनकार कर दिया था.

50 लाख की नोटिस जारी होने के बाद संभल के एसपी चक्रेश मिश्रा ने कहा था, ‘मैंने एसडीएम से बात की है और इस त्रुटि के बाद नए नोटिस जारी किए जाएंगे.’

संभल के सर्किल अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा था, ‘एसडीएम फिलहाल छुट्टी पर हैं और उनके आने पर हम 50 हजार रुपये के नए नोटिस जारी करेंगे क्योंकि पिछले नोटिस में त्रुटि हुई थी.’

 

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)