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उत्तराखंड: अदालत ने दिया बलात्कार के आरोपी भाजपा विधायक के डीएनए टेस्ट का निर्देश

द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश सिंह नेगी पर एक महिला की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद देहरादून पुलिस ने बलात्कार और धमकी देने का मामला दर्ज किया था. महिला ने अपनी बच्ची के पितृत्व निर्धारण को लेकर नेगी के  डीएनए टेस्ट की मांग की थी.

उत्तराखंड के द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश सिंह नेगी. (फोटो साभार: फेसबुक/@mahesh.negi.12)

उत्तराखंड के द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश सिंह नेगी. (फोटो साभार: फेसबुक/@mahesh.negi.12)

नई दिल्ली: देहरादून की सीजेएम अदालत ने भाजपा विधायक महेश सिंह नेगी, जिन पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है, को डीएनए टेस्ट करवाने का आदेश दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, पीड़िता एक वकील एसपी सिंह ने बताया कि उनकी मुवक्किल की शिकायत के आधार पर अदालत ने नेगी और उनकी मुवक्किल की बच्ची के ब्लड सैंपल लेने का आदेश दिया है.

अपनी शिकायत में महिला ने द्वाराहाट से विधायक महेश सिंह नेगी पर बलात्कार का आरोप लगाया है और डीएनए टेस्ट की मांग की है ताकि उनके बच्चे के साथ नेगी के संबंध का पता चल सके.

16 अगस्त को की गई अपनी शिकायत में महिला ने बताया है कि वह साल 2016 में भाजपा विधायक महेश सिंह नेगी के संपर्क में आई थीं, जब उनकी मां के इलाज के लिए विधायक ने मदद करने की बात कही थी.

महिला ने कहा था कि विधायक ने साल 2018 में उनकी (महिला) शादी के दो दिन पहले एक होटल में उनके साथ बलात्कार किया था और चुप रहने की धमकी दी थी.

महिला का यह भी आरोप है कि विधायक के दबाव के कारण शादी के कुछ महीने बाद ही उन्हें अपने माता-पिता के घर वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा था और अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराना पड़ा था.

अपनी शिकायत में महिला ने आगे कहा कि बाद में विधायक उन्हें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और नेपाल के अलग-अलग होटलों में लेकर गए थे और उनके साथ बलात्कार किया था.

महिला का दावा है कि इसी साल मई में उन्होंने जिस बच्ची को जन्म दिया है, वह नेगी की है. जिन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया.

महिला के वकील ने बताया कि अदालत ने दून अस्पताल को अदालत में मेडिकल स्टाफ भेज  कर दोनों सैंपल लेने का आदेश दिया है. हालांकि नेगी ने इस अकबर को बताया कि वे स्वास्थ्य कारणों से अदालत जाने में असमर्थ हैं.

अमर उजाला के अनुसार, नेगी को गुरुवार को अदालत में पेश होना था लेकिन अदालत को उनके बीमार होने का कारण दिया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें, पीड़ित महिला को उनकी बच्ची सहित 11 जनवरी को कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है.

इससे पहले सितंबर महीने में महिला की शिकायत के आधार पर नेगी के खिलाफ बलात्कार और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था.

पीड़ित महिला यह आरोप भी लगाया था कि विधायक की पत्नी ने 25 लाख रुपये लेकर मामले को भूलने की बात कही है. महिला ने यह भी कहा था कि उन्हें और उनके परिवार को विधायक की पत्नी द्वारा जबरन वसूली के झूठे मामले में फंसाया गया है.

विधायक की पत्नी ने इस महिला पर पांच करोड़ रुपये की मांग करने और उनके पति पर बलात्कार के आरोप में झूठी शिकायत दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी.

विधायक की पत्नी की शिकायत पर पीड़ित महिला, उनके पति, मां और ननद के खिलाफ आईपीसी की धारा 386 (मौत या गंभीर आघात के भय में डालकर किसी व्यक्ति से जबरदस्ती वसूली करना) और धारा 389 (जबरन वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने के भय में डालना) के तहत केस दर्ज किया गया था.

अमर उजाला की खबर के अनुसार, बीते दिनों देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने की तरफ से इस मामले में चार्जशीट दायर की गई थी, लेकिन तत्कालीन एसपी के आदेश पर इसे वापस ले लिया गया, जिसके बाद तत्कालीन आईजी (गढ़वाल रेंज) अभिनव कुमार ने दोनों मुकदमों की विवेचना पौड़ी गढ़वाल स्थित महिला थाने को सौंप दी.