कोविड-19

मुफ़्त रेमडेसिविर वितरण के लिए गुजरात भाजपा अध्यक्ष को गिरफ़्तार किया जाए: कांग्रेस

गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने सूरत में रेमडेसिविर का मुफ़्त वितरण दस अप्रैल से शुरू किया है. रेमडेसिविर कोविड-19 परीक्षणों में सुधार दिखाने वाला पहला उपचार है. हालांकि महामारी के ख़िलाफ़ इस एंटीवायरल ड्रग की प्रभावकारिता साबित नहीं हुई है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण हो रही बेचैनी ने इसकी मांग को बढ़ा रखा है.

गुजरात के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल. (फोटो: फेसबुक)

गुजरात के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल. (फोटो: फेसबुक)

अहमदाबाद: सूरत में कोविड-19 से जुड़ी एंटीवायरल ड्रग रेमडेसिविर की पांच हजार खुराकें नि:शुल्क वितरित करने के लिए गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल विपक्ष के निशाने पर हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने अवैध रूप से दवा को खरीदने और इसके भंडारण के लिए सोमवार को उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की.

गुजरात कांग्रेस ने पाटिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की, जिन्होंने अपने गृहनगर सूरत में रेमडेसिविर की कमी के बीच इस दवा की 5000 खुराकें वितरित करने की घोषणा कर विवादों को जन्म दिया था. दवा का नि:शुल्क वितरण दस अप्रैल से भाजपा के सूरत कार्यालय में शुरू हुआ.

बता दें कि रेमडेसिविर अमेरिकी कंपनी गिलीड साइंसेज इंक द्वारा बनाई गई एक एंटीवायरल दवा है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेमडेसिविर कोविड-19 परीक्षणों में सुधार दिखाने वाला पहला उपचार है.

अमेरिका, भारत और दक्षिण कोरिया में गंभीर रूप से बीमार रोगियों के इलाज के लिए आपातकालीन उपयोग के लिए इसकी मंजूरी मिली है, वहीं जापान में इसे पूर्ण स्वीकृति मिली है.

कोविड-19 के खिलाफ एंटीवायरल ड्रग की प्रभावकारिता साबित नहीं हुई है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण हो रही बेचैनी ने इसकी मांग को बढ़ा रखा है.

बहरहाल कांग्रेस ने जहां उनकी गिरफ्तारी की मांग की है, वहीं पिछले तीन दिनों में दवा की तीन हजार शीशियों का वितरण हो चुका है, जिसमें करीब एक हजार इंजेक्शन सोमवार को जरूरतमंद रोगियों के रिश्तेदारों को नि:शुल्क दिया गया. यह जानकारी सूरत भाजपा के एक पदाधिकारी ने दी.

सूरत इकाई के प्रमुख अमित चावड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की और नियमों का उल्लंघन करने के लिए पाटिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

चावड़ा ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘कोई नहीं जानता कि पाटिल ने रेमडेसिविर के पांच हजार इंजेक्शन कैसे खरीदे. क्या उनके पास इस तरह की दवा को खरीदने और अपने परिसर में भंडारण करने का लाइसेंस है?’

उन्होंने कहा, ‘कितना धन खर्च हुआ (दवा की खरीद पर) और किस कानून के तहत इसे खरीदा गया? इस बारे में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है.’

प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य सदस्यों में राज्यसभा के सदस्य शक्ति सिंह गोहिल, विपक्ष के नेता परेश धनानी और गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी थे.

सूरत से भाजपा विधायक हर्ष सांघवी सोमवार को पाटिल के समर्थन में उतरे और कहा कि सभी इंजेक्शन दूसरे राज्यों से धन देकर खरीदा गया. सत्तारूढ़ दल के विधायक ने कांग्रेस पर प्रहार भी किया.

सांघवी ने कहा, ‘हमने ये इंजेक्शन दूसरे राज्यों से खरीदे हैं जहां ये अधिक संख्या में उपलब्ध हैं. हम इसे कतार में खड़े लोगों को नि:शुल्क दे रहे हैं.’

उन्होंने पूछा, ‘क्या जरूरतमंद लोगों की मदद करना अपराध है? क्या चावड़ा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में एक भी इंजेक्शन नि:शुल्क दिया है?’

मालूम हो कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 को प्रबंधित करने में मदद के लिए जून 2020 में प्रतिबंधित उपयोग के लिए रेमडेसिविर को मंजूरी दी थी. जैसे कि इसे केवल प्रेस्क्रिप्शन पर एक इंजेक्शन के रूप में बेचा जा सकता है और केवल अस्पतालों और फार्मेसियों को इसे रखने की अनुमति है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कांग्रेस ने गुजरात में कोरोना वायरस की दूसरी लहर को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की भी आलोचना की.

चावड़ा ने कहा, ‘पिछले 25 सालों से गुजरात में बीजेपी का शासन रहा है, फिर भी प्रशासन में समन्वय और इच्छाशक्ति की कमी के कारण गुजरात के लोग आज पीड़ित हैं. देश को कोरोना वायरस महामारी की चपेट में आए एक साल हो गया है और इतनी कठिनाइयों के बाद व्यापार और रोजगार की हानि, चार हजार से अधिक लोगों की मौत और लाखों लोग संक्रमित होने के बावजूद सरकार ने न तो कोई सबक सीखा है और न ही दूसरी लहर को रोकने के लिए तैयार है.’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि एक भी शहर, जिला या तालुका नहीं है, जहां पर्याप्त वेंटिलेटर, इंजेक्शन, ऑक्सीजन या मेडिकल स्टाफ है.

उन्होंने कहा, ‘लोगों के जीवन को बचाने के बजाय, सरकार स्थिति से राजनीतिक लाभ लेने में व्यस्त है. गुजरात में श्मशान के बाहर लंबी कतारें हैं और पूरी अराजकता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)