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बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने अमित शाह की टिप्पणी को ‘अस्वीकार्य’ बताया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि बांग्लादेश के गरीब लोग भारत आते हैं, क्योंकि अब भी उन्हें अपने देश में खाने के लिए पर्याप्त नहीं मिलता है. अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आई तो बांग्लादेश से घुसपैठ रोक दी जाएगी. इस पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा कि शाह का ज्ञान सीमित है.

गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी का जवाब देते हुए बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने बुधवार को कहा कि बांग्लादेश के बारे में मंत्री की जानकारी सीमित है. उन्होंने यह भी कहा कि जब भारत और बांग्लादेश के बीच इतने गहरे संबंध हैं, तब ऐसी टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं. ऐसी टिप्पणियां गलतफहमी पैदा करती हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि बांग्लादेश के गरीब लोग भारत आते हैं, क्योंकि उन्हें अपने देश में खाने के लिए पर्याप्त भोजने नहीं मिल पाता है.

भारतीय मीडिया में प्रकाशित शाह की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर मोमेन ने मंगलवार की रात यह टिप्पणी की.

बांग्लादेश के अग्रणी बंगाली दैनिक अखबार ‘प्रथम अलो’ से बांग्लादेश के मंत्री ने कहा, ‘इस दुनिया में कई बुद्धिमान लोग हैं, कुछ जो देखने के बाद भी नहीं देखना चाहते हैं, वे इसे जानने के बाद भी समझना नहीं चाहते हैं. लेकिन अगर उन्होंने (अमित शाह) यह कहा है तो मैं कहूंगा कि बांग्लादेश के बारे में उनका ज्ञान सीमित है. बांग्लादेश में भूख से किसी की मौत नहीं होती. बांग्लादेश के उत्तरी जिलों में मोंगा (मौसमी गरीबी और भूख) नहीं है.’

मोमेन ने कहा, ‘कई क्षेत्रों में बांग्लादेश शाह के देश से कहीं आगे है.’

शाह ने कहा था कि बांग्लादेश के गरीब लोग भारत आते हैं, क्योंकि अब भी उन्हें अपने देश में खाने के लिए पर्याप्त नहीं मिलता है. अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आई तो बांग्लादेश से घुसपैठ रोक दी जाएगी.

कई सामाजिक सूचकांकों में बांग्लादेश के भारत से आगे होने पर जोर देते हुए मोमेन ने कहा कि जबकि बांग्लादेश में लगभग 90 प्रतिशत लोग काफी अच्छे शौचालय का उपयोग करते हैं, भारत में 50 प्रतिशत से अधिक लोगों के पास उचित शौचालय नहीं हैं.

मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में शिक्षित लोगों के लिए नौकरियों की कमी है, लेकिन कम शिक्षित लोगों के लिए ऐसी कोई कमी नहीं है. इसके अलावा बांग्लादेश में भारत के 1 लाख से अधिक लोग काम करते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमें भारत जाने की जरूरत नहीं है.’