कोविड-19

कोविड के बिगड़ते हालात की ज़िम्मेदारी लेते हुए पीएम मोदी को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए: ममता

पश्चिम बंगाल चुनाव राउंड-अप: कांग्रेस की ओर कहा गया कि कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ने की बजाय रैलियां कर लापरवाही का परिचय दे रहे प्रधानमंत्री. माकपा ने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री नहीं बल्कि पार्टी प्रचारक की भूमिका निभा रहे हैं. बंगाल के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि कोविड के मामलों में बढ़ोतरी के बीच कोई बड़ी रैली नहीं करेंगे. राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियां रद्द करने की घोषणा की. भाजपा के सायंतन बसु और तृणमूल की सुजाता मंडल के प्रचार पर 24 घंटे की रोक.

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

बैरकपुर: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोविड-19 की दूसरी लहर को संभाल नहीं पाने के कारण इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संक्रमण के मामलों की संख्या रोकने के लिए योजना बनाने में विफल रहे.

बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले पांच-छह महीने में मेडिकल ऑक्सीजन और टीकों की आपूर्ति के संभावित संकट पर ध्यान देने के लिए कुछ नहीं किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि अपने देश में टीकों की कमी के बावजूद प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि चमकाने के लिए दूसरे देशों को टीकों का निर्यात किया.

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफा देना होगा. मौजूदा हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं. उन्होंने 2021 के लिए कोई प्रशासनिक योजना नहीं बनाई और गुजरात के हालात तो देखिए.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा गुजरात में भी कोविड-19 के हालात को संभाल नहीं पाई और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश को इस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है.’

बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को मुफ्त में टीका लगाने के लिए प्रधानमंत्री से 5.4 करोड़ खुराकों की आपूर्ति का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी तरफ से हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है.

मुख्यमंत्री ने कहा था कि पश्चिम बंगाल कोविड-19 के टीकों की पूरी लागत वहन करेगा.

बनर्जी ने कहा, ‘मैं इस मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री को कड़े शब्दों में पत्र लिखूंगी. पूरे देश में ऑक्सीजन तथा एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर की कमी है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अगर उन्होंने हमें मंजूरी दी होती तो हम अपने राज्य के हर नागरिक को टीका लगा चुके होते.’

उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार ने भी जीवन रक्षक सामग्री के संकट का विषय उठाया है, लेकिन आप (मोदी) इस मुद्दे पर ध्यान दिए बिना बंगाल में चुनावी रैलियों में भाग ले रहे हैं.’

दुनिया के 80 देशों को भारत द्वारा टीकों का निर्यात किये जाने का दावा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘अगर आप दुनिया में दूसरे देशों की मदद करते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पहले महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बंगाल और देश के दूसरे राज्यों को तो ये दीजिए. आप ऐसा नहीं कर सके और आपको केवल वैश्विक समुदाय में अपनी छवि बनाने की चिंता है.’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 261,500 नए मामले सामने आए हैं, जिससे मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,47,88,109 हो गई है जबकि उपचराधीन मामलों ने 18 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है.

रविवार सुबह 8 बजे के आंकड़े के अनुसार देश में एक दिन में सर्वाधिक 1,501 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से इस बीमारी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 177,150 हो गई.

कोरोना के खिलाफ लड़ने की बजाय रैलियां कर लापरवाही का परिचय दे रहे मोदी: कांग्रेस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी से निपटने की बजाय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करके बेरुखी और लापरवाही का परिचय दे रहे हैं.

पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री को दिल्ली में रहकर अपना काम करना चाहिए और मुख्यमंत्रियों के साथ समन्वय बनाकर कोरोना से निपटना चाहिए.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री दिल्ली में रहकर कोरोना महामारी की स्थिति से निपटने की बजाय पश्चिम बंगाल में सभाएं कर रहे हैं. उनकी तरफ से यह हैरान करने वाली बेरुखी दिख रही है.’

चिदंबरम ने कहा, ‘मैं आशा करता हूं कि पश्चिम बंगाल के लोग इसका संज्ञान लेंगे और उन्हें हैरान कर देने वाला जवाब देंगे.’

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने भी दावा किया कि प्रधानमंत्री ‘घोर लापरवाही’ का परिचय दे रहे हैं, जिसके लिए जनता सबक सिखाएगी.

मोदी प्रधानमंत्री नहीं बल्कि पार्टी प्रचारक की भूमिका निभा रहे हैं: माकपा

नई दिल्ली: माकपा ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बावजूद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में प्रचार जारी रखने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रविवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह देश के प्रधानमंत्री की नहीं बल्कि एक ‘प्रतिबद्ध पार्टी प्रचारक’ के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन कर रहे हैं.

Hyderabad: CPI(M) General Secretary Sitaram Yechury addresses the media persons as part of the 22nd Party National Congress in Hyderabad on Thursday. PTI Photo (PTI4_19_2018_000134B)

सीताराम येचुरी. (फोटो: पीटीआई)

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कई ट्वीट करके कहा कि जब हम भारतीय एक महामारी के प्रकोप से पीड़ित हैं, तो दुर्भाग्य से हमारे पास कोई केंद्र सरकार नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारे पास एक चुनाव प्रचारक वाली एक पीआर (जनसम्पर्क) कंपनी है, जिसने निर्लजता से जनता को दुख, दर्द में छोड़ दिया है.

उन्होंने कहा कि मोदी के लिए पार्टी के एक प्रतिबद्ध प्रचारक के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन करना भारत के प्रधानमंत्री की भूमिका का प्रदर्शन करने से अधिक महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि इसलिए उनकी प्राथमिकता चुनाव प्रचार है. यदि कुछ समय बचता है, तो वह टीवी पर तस्वीरों और सुर्खियों में उसे लगाते हैं. उन्होंने कहा कि यह बहुत ही खराब स्थिति है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत कई दशकों में अपने सबसे भीषण संकट का सामना कर रहा है, जिसे एक पूर्व सेना प्रमुख ने युद्ध की तरह बताया है, लेकिन मोदी चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, राज्य के मुख्यमंत्रियों के लिए अनुपलब्ध हैं और संक्रमण फैलाने वाले कार्यक्रमों की समाप्ति के बाद एक बैठक करने का दिखावा करते हैं.’

वाम नेता ने उल्लेखित किया कि उनकी पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए बड़ी सार्वजनिक रैलियां नहीं करेगी.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस ने भी इसकी घोषणा की है, लेकिन भाजपा के यह नेता, जो गृह मंत्री भी हैं, कोविड-19 के बारे में हास्यास्पद, अवैज्ञानिक बातें करते हैं. क्या उनकी और मोदी की रैलियां भारतीयों के जीवन से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं?’

येचुरी ने मोदी की शनिवार की इस टिप्पणी पर भी सवाल उठाया कि भारत ने ‘पिछले साल कोविड-19 को हरा दिया था.’

उन्होंने कहा, ‘क्या सच में? हम इस दुखद स्थिति में क्यों हैं? आपके पास लोगों को मौत के मुंह में जाने से रोकने के लिए अभी भी कोई योजना नहीं है, कोई रणनीति नहीं है? सभाओं और अपनी चुनावी रैलियों को रोकें. अपने निजी ट्रस्ट फंड को लोगों के स्वास्थ्य के लिए जारी करें.’

कोविड के मामलों में बढ़ोतरी के बीच कोई बड़ी रैली नहीं करूंगा: बंगाल के मंत्री

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने रविवार को कहा कि वह किसी भी बड़ी रैली के आयोजन से दूर रहेंगे. इससे कुछ दिन पहले वाम मोर्चा ने कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच कहा था कि वह पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर कोई जनसभा नहीं करेगा.

तृणमूल कांग्रेस ने चट्टोपाध्याय को भवानीपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा है.

चट्टोपाध्याय को भवानीपुर सीट बरकरार रखने की जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि यहां से वर्तमान विधायक एवं टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम से चुनाव मैदान में उतरी हैं. चट्टोपाध्याय सत्तारूढ़ पार्टी के पहले ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने ऐसा फैसला किया है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कोविड-19 के मामलों के बढ़ने के बीच मैंने आगामी चुनाव प्रचार के लिए भवानीपुर एसी में कोई बड़ी रैली नहीं करने का फैसला किया है, जो मैंने हमेशा पिछले चुनावों में की है. सभी से मास्क पहनने और सुरक्षित रहने का अनुरोध करता हूं.’

भवानीपुर में मतदान 26 अप्रैल को होना है.

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियां रद्द करने की घोषणा की

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में होने वाली अपनी सभी चुनावी रैलियां रविवार को रद्द कर दीं. उन्होंने सभी अन्य नेताओं को बड़ी जन सभाएं करने के परिणामों के बारे में सोचने की सलाह दी.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

गांधी ने ट्वीट किया, ‘कोविड-19 के हालात के मद्देनजर मैं पश्चिम बंगाल में अपनी सभी रैलियां स्थगित कर रहा हूं. मैं सभी नेताओं को सलाह देना चाहता हूं कि वे मौजूदा परिस्थितियों में बड़ी रैलियां आयोजित करने के परिणामों के बारे में गहराई से विचार करें.’

उन्होंने संभवत: बंगाल में भाजपा नेताओं की रैलियों में भारी भीड़ की तरफ इशारा करते हुए एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘इतनी संख्या में बीमार लोगों की भीड़ और मृतकों को पहली बार देखा जा रहा है.’

देश में कोरोना वायरस से बढ़ते मामलों के बीच रैलियां करने के लिए कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करती रही है.

जनसभाओं को रद्द करने के लिए गांधी की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर गिल ने कहा कि भाजपा को अहंकार छोड़कर राहुल गांधी का अनुसरण करना चाहिए.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘नेता उदाहरण पेश कर नेतृत्व करते हैं, राहुल गांधी ने जनहित में चुनावी रैलियों को रद्द कर यह उदाहरण पेश किया है. भाजपा नेताओं को गांधी के पदचिह्नों का अनुसरण करना चाहिए ताकि कोविड-19 विस्फोट के कारण हो रहे मौत के नंगे नाच को खत्म किया जा सके.’

भाजपा के सायंतन बसु और तृणमूल की सुजाता मंडल के प्रचार पर 24 घंटे की रोक

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने विवादास्पद बयानों के लिए भाजपा नेता सायंतन बसु और तृणमूल कांग्रेस नेता सुजाता मंडल खान के प्रचार करने पर रविवार को 24 घंटे की रोक लगा दी.

दोनों नेता 18 अप्रैल को शाम 7 बजे से 19 अप्रैल शाम 7 बजे तक चुनाव प्रचार में भाग नहीं ले सकेंगे.

निर्वाचन आयोग ने एक आदेश में कहा कि उसने अपने नोटिस पर मंडल के जवाब को ध्यान से देखा है, जिसमें ‘पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति समुदाय के लिए उनके अपमानजनक बयान’ वाले हिस्से पर कोई उचित जवाब नहीं है.

आदेश के अनुसार, ‘इसलिए अब आयोग सुजाता मंडल खान को कड़ी चेतावनी देता है और उन्हें सलाह देता है कि आदर्श आचार संहिता प्रभाव में होने के दौरान सार्वजनिक भाषणों में इस तरह के बयान देने से बचें.’

बसु को उनके इस बयान के लिए नोटिस थमाया गया था कि ‘अगर तुम एक मारोगे तो हम तुम्हारे चार मारेंगे.’

बसु के संबंध में आदेश में कहा गया है कि आयोग सायंतन बसु को कड़ी चेतावनी देते हुए निंदा करता है और उन्हें सलाह देता है कि आदर्श आचार संहिता के प्रभाव में होने के दौरान सार्वजनिक भाषणों में इस तरह के बयान देने से बचें.

बंगाल में पांच चरण के चुनाव के बाद भाजपा काफी आगे, ममता बनर्जी हतोत्साहित हैं: शाह

पूर्वास्थली/स्वरूपनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम बंगाल में पांच चरणों में जिन 180 सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें से 122 से अधिक सीटें भाजपा जीतेगी.

अमित शाह. (फोटो: ट्विटर/@BJP4Delhi)

अमित शाह. (फोटो: ट्विटर/@BJP4Delhi)

शाह ने दिन में दो रैलियों को संबोधित किया और दावा किया कि मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार से हार जाएंगी और उसके बाद उन्हें निश्चित तौर पर यहां से जाना होगा.

उन्होंने पूर्वास्थली में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘पश्चिम बंगाल में पांच चरण के चुनाव के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हतोत्साहित हैं, क्योंकि भाजपा 122 से अधिक सीटों के साथ उनसे कहीं आगे है.’

शाह ने कहा, ‘शुभेंदु अधिकारी (भाजपा उम्मीदवार) नंदीग्राम से चुनाव जीत रहे हैं.’

गृह मंत्री शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का एक ही एजेंडा है, ‘उन्हें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सशस्त्र बलों (सीएपीएफ) को अपशब्द कहना.’

उन्होंने साथ ही कहा कि बनर्जी को ‘उनके कद के मुताबिक’ उनकी पार्टी के लिए बड़ी हार सुनिश्चित करके विदा किया जाना चाहिए.

शाह ने दावा किया कि देश के नागरिकों को प्रदत्त लाभ अवैध प्रवासी ले रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आपके और मेरे जैसे लोग तो दीदी के लिए लिए दोयम दर्जे के नागरिक हैं, जो उनके वोट बैंक के लिहाज से कोई मायने नहीं रखते हैं.’

उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री का चोटिल पैर जल्द ही ठीक हो जाएगा ताकि ‘वह दो मई के बाद जब राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए जाएं तो चल सकें.’

शाह ने उस कथित आडियो टेप की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके सामने अभी तक ऐसा कोई व्यक्ति नहीं आया है जो ‘मृतकों पर राजनीति करता हो.’

गौरतलब है कि भाजपा ने पांचवें चरण के मतदान से एक दिन पहले एक कथित ऑडियो टेप जारी किया था, जिसमें कथित तौर पर टीएमसी प्रमुख कूच बिहार के पीड़ितों के शव के साथ एक रैली करने बात करते सुनी गई थीं.

इस कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद विवाद मच गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ने ऑडियो क्लिप को ‘फर्जी’ करार दिया और कहा कि इस तरह की कभी कोई बात नहीं हुई.

तृणमूल प्रमुख बनर्जी ने शनिवार को कहा था, ‘वे (भाजपा नेता) हमारी रोजाना की बातचीत भी छिप कर सुन रहे हैं. ऐसा लगता है कि वे फोन पर होने वाली खाना बनाने एवं घर से अन्य कामों से जुड़ी हमारी बातों संबंधी कॉल भी टैप कर रहे है.’

उन्होंने कहा था, ‘मैं इस मामले में सीआईडी जांच का आदेश दूंगी. मैं जासूसी संबंधी इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल किसी को नहीं छोड़ूंगी. मुझे पता चल चुका है कि इसके पीछे कौन है.’

शाह ने स्वरूपनगर में अपने संबोधन के दौरान आरोप लगाया कि अवैध प्रवासी ममता बनर्जी के दिल के बहुत करीब हैं, क्योंकि वे उनके वोट आधार का बड़ा हिस्सा हैं.

उन्होंने कहा, ‘हालांकि, दीदी नहीं चाहती हैं कि नया नागरिकता कानून लागू किया जाए. मैं आपसे (लोगों) वादा करता हूं कि भाजपा सरकार बनने के बाद सभी शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी.’

शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल के हर हिस्से का दौरा करने के बाद, मुझे पता है कि दीदी का जाना निश्चित है.’ उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा 200 से अधिक सीटों के साथ विधानसभा चुनाव जीतेगी.

मतुआ संप्रदाय को लुभाने के प्रयास के तहत गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा, बंगाल में सरकार बनाने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ठाकुरनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्रीधाम ठाकुरनगर’ करने को मंजूरी देगी.

उत्तर 24 परगना और नदिया में मतुआ समुदाय के लोगों की अच्छी संख्या है. ये लोग पूर्ववर्ती पूर्वी पाकिस्तान से भारत आए हैं, जो अब बांग्लादेश है.

देगंगा मतदान बूथ पर गोलीबारी का ग्रामीणों का दावा आधारहीन: पुलिस

देगंगा: उत्तर 24 परगना पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में ग्रामीणों के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि सीआरपीएफ के जवानों ने कुरुलगाचा में एक बूथ पर शनिवार को मतदान के दौरान गोलीबारी की.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि उत्तर 24 परगना के देगंगा के अंतर्गत कुरुगाचा में बूथ संख्या 215 में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने पांचवें चरण के मतदान के दौरान भीड़ पर गोली चलाई.

बारासात जिले के पुलिस अधीक्षक राज नारायण मुखर्जी ने विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा, ‘आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.’

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने भी आरोपों की पुष्टि नहीं की. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संबंधित सहायक उपनिरीक्षक और बूथ के पीठासीन अधिकारी के बयान की भी वीडियोग्राफी की गई है. सुबह से ही वहां पर भीड़ की कोई खबर नहीं थी और न ही वहां धमकी या अन्य गतिविधि हुई जिससे वहां तैनात सुरक्षाकर्मी कोई कार्रवाई करें.’

पुलिस अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनी कमांडर ने भी बताया कि उन्होंने भी बूथ पर करीब दो घंटे का समय बितया और उन्होंने कुछ भी असमान्य नहीं देखा.

कंपनी कमांडर अपनी कंपनी में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है.

इससे पहले दिन में निर्वाचन आयोग ने देगंगा निर्वाचन क्षेत्र में गोलीबारी की कथित घटना पर शनिवार को चुनाव पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मांगी थी.

उस बूथ पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के एक अधिकारी ने लगाए गए आरोप को निराधार करार दिया.

उन्होंने कहा, ‘यहां सब कुछ ठीक है. मतदान बहुत शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है. इस क्षेत्र में कहीं भी गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई है.’

मालूम हो कि इससे पहले चौथे चरण के मतदान के दौरान 10 अप्रैल को कूच बिहार जिले के सीतलकूची क्षेत्र के जोरपाटकी गांव में कथित तौर पर स्थानीय लोगों की तरफ से केंद्रीय बलों पर कथित हमले और उसके बाद जवानों द्वारा की गई फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने तब फायरिंग की जब गांववालों ने एक 12 साल के बच्चे पर सीआईएसएफ जवानों द्वारा हमले की अफवाह के बाद उन्हें घेर लिया था.

इस घटना से राजनीतिक तूफान आ गया है. केंद्रीय बल का दावा है कि गोली ‘आत्मरक्षा’ में चलाई गई है. वहीं टीएमसी ने इसे मतदाताओं को डराने के लिए सोच-समझकर की गई हत्या बताया है.

ममता बनर्जी ने गोलीबारी को नरसंहार करार दिया था और इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की साजिश बताया था.

बंगाल के डबग्राम-फुलबारी सीट पर चुनाव के बाद हिंसा

जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के डबग्राम-फुलबारी विधानसभा सीट पर कथित तौर पर चुनाव बाद हिंसा हुई है, जहां तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ने दावा किया है कि उसके सदस्यों पर विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं ने हमले किए.

राज्य में पांचवें चरण के चुनाव के बाद शनिवार रात को फुलबारी एक ग्राम पंचायत के तहत पुराझार गांव में कथित तौर पर हिंसा की घटना हुई.

भाजपा उम्मीदवार शिखा चटर्जी ने रविवार को न्यू जलपाईगुड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई कि टीएमसी के ‘गुंडों’ ने भगवा दल के दो सदस्यों को उनके घर में पीटा और महिलाओं से छेड़खानी की.

भाजपा के सदस्यों ने कथित घटना के विरोध में थाने के बाहर प्रदर्शन किया.

दूसरी तरफ टीएमसी उम्मीदवार और राज्य के मंत्री गौतम देब ने आरोप लगाए कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के घर पर पथराव किए और चटर्जी ने रविवार को गांव का दौरा कर वहां के निवासियों को ‘धमकाया’.

उन्होंने कहा कि चटर्जी के खिलाफ शीघ्र पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)