गुजरात: कुंभ मेला से लौटने वाले 49 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने घोषणा की थी कि कुंभ मेला में हिस्सा लेकर राज्य लौटने वाले लोगों को अपने शहरों एवं गांवों में जाने से पहले कोविड-19 की जांच करवानी होगी.

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कुंभ मेले के दौरान 11 अप्रैल 2021 को हर की पौड़ी घाट. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने घोषणा की थी कि कुंभ मेला में हिस्सा लेकर राज्य लौटने वाले लोगों को अपने शहरों एवं गांवों में जाने से पहले कोविड-19 की जांच करवानी होगी.

कुंभ मेले के दौरान 11 अप्रैल को हर की पौड़ी घाट (फोटो: पीटीआई)
कुंभ मेले के दौरान 11 अप्रैल को हर की पौड़ी घाट (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: हरिद्वार में कुंभ मेला से गुजरात लौटने वाले 49 लोग पिछले दो दिनों में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. यह जानकारी रविवार को अधिकारियों ने दी.

अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, शनिवार और रविवार को साबरमती रेलवे स्टेशन पर जिन 533 लोगों की जांच की गई, उनमें से 49 लोग संक्रमित पाए गए हैं. इसका मतलब है कि कुंभ मेला से लौटे करीब 11 फीसदी लोग कोरोना संक्रमित हैं.

प्रशासन ने बताया कि सभी संक्रमितों को नगर के कोविड देखभाल केंद्रों में रखा गया है.

विज्ञप्ति में बताया गया कि शनिवार दोपहर को कुंभ से लौटने वाले 313 लोगों की साबरमती में रैपिड एंटीजन जांच की गई. इनमें से 34 लोग संक्रमित पाए गए. इसमें बताया गया कि इन सभी संक्रमितों को कोविड देखभाल केंद्रों में भेजा गया है.

वहीं सूरत नगर निगम द्वारा कुंभ मेला से लौटे 300 लोगों का टेस्ट किया गया था, जिसमें से 13 संक्रमित पाए गए.

राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बीते शनिवार को घोषणा की थी कि कुंभ मेला में हिस्सा लेकर राज्य लौटने वाले लोगों को अपने शहरों एवं गांवों में जाने से पहले कोविड-19 की जांच करवानी होगी.

बता दें कि अहमदाबाद से हरिद्वार के बीच सिर्फ एक- योगा एक्सप्रेस ट्रेन चल रही है.

खास बात ये है कि रेलवे स्टेशन पर सिर्फ रैपिड एंटीजन टेस्ट किया है, जिसके परिणामों गलतियां होने की काफी संभावना होती है. जबकि राज्य सरकार ने आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने को कहा था, जो ज्यादा कोरोना जांच के लिए ज्यादा बेहतर है, लेकिन इसका रिजल्ट आने में समय लगता है.

इसे लेकर नगर निगम ने एक अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘ऐसे करीब 10 से 15 फीसदी लोग हो सकते हैं, जिनमें लक्षण दिखाई दे रहे हों और लेकिन रैपिड एंटीजन टेस्ट में उनका पॉजिटिव न आया हो.’ उन्होंने कहा कि यात्रियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने के बाद ही अहमदाबाद में घुसने की इजाजत दी जाएगी.

वहीं जिन लोगों के पास आरटी-पीसीआर रिपोर्ट नहीं है, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर 17 और 18 अप्रैल को इस तरह के 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

इन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत सार्वजनिक आदेश की अवहेलना करना और महामारी रोग अधिनियम की धारा तीन के तहत इसके आदेश का उल्लंघन करने के लिए हिरासत में लिया गया था.

मालूम ही की कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के बीच हरिद्वार में बहुत बड़े स्तर पर कुंभ का आयोजन हुआ, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटे थे. इसे लेकर केंद्र एवं राज्य में भाजपा सरकार की काफी आलोचना हुई है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने खुद इस तरह की भीड़ का समर्थन किया था और कहा था कि ‘मां गंगा का आशीर्वाद’ लोगों को बचाएगा.

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब इस मामले में यू-टर्न लिया है और बीते 17 अप्रैल को उन्होंने संतों से गुजारिश की कि अब कुंभ को ‘प्रतीकात्मक’ रखा जाए.

गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामले और दयनीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य की विजय रूपाणी सरकार निशाने पर है. बीते रविवार को राज्य में कोरोना के कुल 10,340 नए मामले सामने और 110 लोगों की मौत हुई. गुजरात में एक्टिव कोरोना मामलों की संख्या बढ़कर 61,647 हो गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)