मध्य प्रदेश: कथित तौर पर ऑक्सीजन ख़त्म होने से पांच कोरोना संक्रमितों की मौत

घटना जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल की है. परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना संक्रमित मरीज़ों की जान गई, वहीं अस्पताल प्रबंधन और ज़िला प्रशासन ने ऑक्सीजन कमी के आरोपों से इनकार किया है.

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(फाइल फोटो: पीटीआई)

घटना जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल की है. परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना संक्रमित मरीज़ों की जान गई, वहीं अस्पताल प्रबंधन और ज़िला प्रशासन ने ऑक्सीजन कमी के आरोपों से इनकार किया है.

अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करते पुलिसकर्मी (फोटो: ट्विटर @DGP_MP)
अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करते पुलिसकर्मी। (फोटो साभार: ट्विटर/@DGP_MP)

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सकीय ऑक्सीजन कथित रूप से खत्म हो जाने से गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हो गई. यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी.

नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली क्षेत्र) दीपक मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना गैलेक्सी अस्पताल में बृहस्पतिवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को हुई.

उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन समाप्त होने इन पांच मरीजों की मौत हो गई.

मिश्रा ने बताया कि इन मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर हंगामा किए जाने की जानकारी मिलने पर इलाके में गश्त कर रही पुलिस रात में ही अस्पताल में पहुंची और मृतकों के परिजनों ने शिकायत की कि ऑक्सीजन समाप्त होने से मरीजों की मौत हुई है.

उन्होंने कहा कि यह अस्पताल बृहस्पतिवार देर रात तक में चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन इसे ला रहा वाहन खराब हो गया.

मिश्रा ने बताया कि इसके बाद पुलिस के जवान एक निजी एजेंसी गए और वहां से ऑक्सीजन सिलेंडर लाए. उन्होंने बताया कि एक वाहन का बंदोबस्त किया गया और उसमें 10 ऑक्सीजन सिलेंडर इस अस्पताल में पहुंचाए गए.

उन्होंने कहा, ‘मृतकों के परिजनों ने इस मामले में पुलिस से जांच करने की मांग की है. हम जांच करने के लिए लिखित शिकायत का इंतजार कर रहे हैं.’

डीजीपी ने कहा कि यदि पुलिस कर्मी तत्काल सक्रिय होकर सिलेंडर नहीं लाते तो अस्पताल में बड़ी जनहानि हो सकती थीं.

नई दुनिया के मुताबिक इस अस्पताल में भर्ती होने वाले 65 कोविड-19 रोगियों में से 31 ऑक्सीजन सहायता पर थे, जबकि 34 अन्य को आईसीयू में रखा गया था.

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया ने बताया कि गैलेक्सी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन न मिलने के कारण कोरोना से संक्रमित 3 मरीजों की मौत का पता चला है, जिसके बाद गैलेक्सी अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है.

उन्होंने कहा, ‘अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोविड-19 मरीजों को भर्ती न करें, ऐसा करने पर अस्पताल का पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा.’

डॉक्टर कुरारिया ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जो गाड़ी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चली थी, वह रास्ते में पंचर हो गई, इसलिए समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर अस्पताल नहीं पहुंच पाए जो मरीजों की मौत का कारण बनी.

डॉक्टर कुरारिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है. टीम को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए. यदि ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने व अन्य तरह की लापरवाही से मरीजों की मौत का पता चलता है तो गैलेक्सी अस्पताल का पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा. मृतकों के परिजन धरने पर बैठ गए हैं.

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई ने कहा, ‘ऑक्सीजन के संबंध में निजी अस्पताल के खराब प्रबंधन के कारण यह घटना हुई.’

उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल को जरूरत को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडरों का पहले से ही बंदोबस्त करके रखना चाहिए था.

विश्नोई ने दावा किया, ‘अभी जबलपुर में चिकित्सकीय ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है.’

न्यूज़ 18 के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन कमी के आरोपों से इनकार किया. हालांकि, पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है.

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार 25 मरीजों की मौत हो गई. घटना के पीछे संभावित वजह ऑक्सीजन की कमी को बताया गया था.

बीते 18 अप्रैल को मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वॉर्ड में कथित तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई की कमी की वजह से 12 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई थी.

वहीं, 21 अप्रैल की रात उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक निजी एसजेडी हॉस्पिटल में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित पांच मरीजों की मौत हो गई. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से मौत होने की बात से इनकार किया है.

इसके अलावा महाराष्ट्र के नासिक में कोविड-19 रोगियों के एक सरकारी अस्पताल में बुधवार को भंडारण संयंत्र से ऑक्सीजन के रिसाव के बाद इस गैस की आपूर्ति बाधित होने से कम से कम 22 कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)