कोविड-19

कोविड-19 के क़हर के बीच आईपीएल जारी रखने पर सवाल, बीसीसीआई ने कहा- चलता रहेगा टूर्नामेंट

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट व ओलंपिक विजेता अभिनव बिंद्रा ने भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान आईपीएल जारी रखने पर सवाल उठाए हैं, वहीं एक अंग्रेज़ी दैनिक ने इसकी कवरेज बंद कर दी है. इस बीच भारतीय खिलाड़ी आर. अश्विन समेत कुछ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने लीग बीच में छोड़ दी है.

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(फोटो साभार: फेसबुक/@IPL)

नई दिल्ली: भारत में बढ़ते कोरोना संकट के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सुरक्षित बायो बबल में भी खिलाड़ियों को चिंतित कर दिया है और भारत के अनुभवी ऑफ  स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के अलावा कुछ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने लीग बीच में छोड़ दी है जबकि बीसीसीआई ने कहा है कि खेल जारी रहेगा.

दिल्ली कैपिटल्स के अश्विन ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रविवार को मैच जीतने के बाद ट्वीट किया, ‘मैं कल से इस सत्र के आईपीएल से ब्रेक ले रहा हूं. मेरा परिवार कोरोना महामारी से लड़ रहा है और इस कठिन समय में उसे मेरी मदद की जरूरत है.’

उन्होंने कहा, ‘अगर हालात सही दिशा में जाते हैं तो मैं वापसी करूंगा. धन्यवाद.’

वहीं, राजस्थान रॉयल्स टीम में शामिल ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज एंड्रयू टाये ने भारत में कोरोना मामलों के बढ़ने के कारण अपने देश में प्रवेश निषेध होने की आशंका के चलते आईपीएल बीच में ही छोड़ दिया और दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया के कई क्रिकेटर यह फैसला ले सकते हैं.

वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के केन रिचर्डसन और एडम जाम्पा ने भी निजी कारणों से लीग छोड़ने का फैसला किया. उल्लेखनीय है कि आईपीएल के मैच नौ शहरों में दर्शकों के बिना खेले जा रहे हैं.

टाये ने कहा कि उनके गृहनगर पर्थ में भारत से जाने वालों के पृथकवास (आइसोलेशन) के बढ़ते मामलों के कारण उन्होंने यह फैसला लिया. टाये ने रॉयल्स के लिए अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है.

टाये ने सोमवार को दोहा से ‘सेन रेडियो’ से कहा, ‘इसके कई कारण है लेकिन मुख्य कारण यह है कि पर्थ में भारत से लौटने वाले लोगों के होटलों में पृथकवास के मामले बढ़ गए हैं. पर्थ सरकार पश्चिम ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने वालों की संख्या में कटौती करने की कोशिश में है.’

उन्होंने कहा कि बबल में रहने की थकान भी एक कारण है.उन्होंने कहा, ‘मैने सोचा कि देश में प्रवेश नहीं मिले, उससे पहले ही रवाना हो जाऊं. बबल में लंबा समय बिताना काफी थकाऊ है. अगस्त से अब तक मैं सिर्फ 11 दिन बबल से बाहर रहा हूं और अब घर जाना चाहता हूं.’

वहीं आरसीबी ने एक बयान में कहा, ‘एडम जाम्पा और केन रिचर्डसन निजी कारणों से स्वदेश लौट रहे हैं और बाकी मैचों में नहीं खेलेंगे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर पूरी तरह से उनके साथ है और हरसंभव मदद कर रहा है.’

वहीं, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड समेत कई देशों ने भारत से यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है. ऑस्ट्रेलिया ने भी उड़ानों में 30 प्रतिशत कटौती कर दी है और आगे प्रतिबंध की आशंका है चूंकि भारत में पिछले कुछ दिनों से तीन लाख मामले रोज आ रहे हैं.

भारत में पिछले कुछ दिन से रोज तीन लाख से अधिक कोरोना मामले आ रहे हैं. ऑक्सीजन और कुछ जरूरी दवाओं की किल्लत से चिकित्सा तंत्र जूझ रहा है.

इससे पहले रॉयल्स के लियाम लिविंगस्टोन भी यात्रा प्रतिबंध लागू होने से पहले ब्रिटेन लौट गए.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ ने संयुक्त बयान में कहा कि वे आईपीएल में शामिल अपने क्रिकेटरों, कोचों और कमेंटेटरों के संपर्क में हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं.

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम अपने खिलाड़ियों से लगातार संपर्क में है. इस कठिन समय में हमारी संवेदनायें भारत के लोगों के साथ है.’

इस बीच कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर डेविड हसी ने कहा कि आईपीएल में कुछ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ‘नर्वस’ हैं कि भारत में कोरोना मामलों के बढ़ने के कारण वे स्वदेश कैसे लौटेंगे.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर हसी ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ से कहा, ‘हर कोई थोड़ा नर्वस है कि ऑस्ट्रेलिया वापस कैसे जायेगा. ’

हसी ने कहा कि आईपीएल के लिए बायो बबल बनाया गया है लेकिन भारत की मौजूदा स्थिति को देखकर खिलाड़ियों का चिंतित होना स्वाभाविक है.

केन विलियमसन और ट्रेंट बोल्ट समेत न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को दो जून से इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला खेलने के लिए वैसे भी बीच में ही जाना होगा. आईपीएल फाइनल 30 मई को अहमदाबाद में होगा.

ऑस्ट्रेलिया टूर्नामेंट पूरा होने पर अपने खिलाड़ियों के लिए चार्टर्ड विमान का इंतजाम कर सकता है. ऑस्ट्रेलिया के 14 खिलाड़ी अभी लीग में हैं. उनके अलावा कोच रिकी पोंटिंग और साइमन कैटिच, कमेंटेटर मैथ्यू हेडन, ब्रेट ली, माइकल स्लेटर और लीजा सठालेकर भी यहां हैं.

हालांकि बीसीसीआई ने कहा कि लीग जारी रहेगी. एक अधिकारी ने कहा, ‘आईपीएल जारी रहेगा. कोई छोड़ना चाहता है तो उसमें कोई हर्ज नहीं.’

एडम गिलक्रिस्ट और अभिनव बिंद्रा कर चुके हैं आयोजन की आलोचना

देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का शिकार होकर रोजाना हजारों की संख्या में हो रही मौतों के बीच आईपीएल जैसे आयोजन की पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा तीखी आलोचना कर चुके हैं.

बीते 24 अप्रैल को एडम गिलक्रिस्ट ने एक ट्वीट करते हुए लिखा, भारत में रहनेवाले सभी लोगों को शुभकामनाएं. कोविड के आंकड़े डराने वाले हैं (फिर भी) आईपीएल जारी है. अनुचित है या हर रात ध्यान भटकाने का आवश्यक प्रयास है? आपके जो भी विचार हों, मेरी प्रार्थनाएं आपके साथ हैं.

वहीं, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस अखबार में एक लेख लिखकर महामारी के दौरान आयोजन की आलोचना की और कहा कि क्रिकेट खिलाड़ी बाहर जो कुछ भी हो रहा है उसको लेकर आंखें नहीं मूंद सकते हैं.

बिंद्रा ने लिखा, ‘कई एथलीटों की बड़ी उपलब्धियां रही हैं और वे अपने आप में हीरो हैं. लेकिन हम किसी की जान नहीं बचा रहे हैं. तो आइए हम अपनी उपलब्धियों को सही परिप्रेक्ष्य में रखें, हमारे आसपास क्या हो रहा है, सभी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और जीवन को बचाने के उनके प्रयासों को देखें. वे असली हीरो हैं. इसलिए अगर हमारे पास किसी भी तरह से मदद करने की संभावना है, तो हमें यह करना चाहिए.’

उन्होंने लिखा, ‘क्रिकेटर्स और अधिकारी अपनी जिंदगी अपने बबल में नहीं गुजार सकते हैं. जो कुछ बाहर हो रहा है, उसके बाद वह पूरी तरह से बहरे और अंधे नहीं हो सकते हैं.’

उन्होंने लिखा, ‘मैं केवल यह कल्पना कर सकता हूं कि जब आप ये आईपीएल खेल रहे हैं, स्टेडियम के बाहर आपके पास से अस्पतालों में एम्बुलेंस जा रही हैं. मुझे नहीं पता है कि टीवी पर कवरेज कैसा है, लेकिन मैं वास्तव में सराहना करूंगा अगर आप प्रकृति के लिए थोड़ा मौन होंगे. मुझे लगता है कि जश्न और इसके आस-पास सब कुछ कम से कम होना चाहिए, क्योंकि आपको समाज के प्रति थोड़ा सम्मान दिखाना होगा.’

ब्रिंदा ने आगे लिखा, ‘अगर हम थोड़ी दयालुता दिखाएंगे तो यह हमें एक व्यक्ति और एक राष्ट्र के रूप में अच्छा करने में मदद करेगा. यह आसान नहीं होगा. हम जानते हैं कि इस महामारी का अंत कल नहीं होगा, लेकिन हम यह नहीं जानते कि इसका अंत कब होगा. इतने सारे लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, तो कई परिवार प्रभावित होने वाले हैं… यह बहुत कठिन होने वाला है.’

इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के पूरी तरह से बिखर जाने की बात कहते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में अधिक निवेश करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि महामारी के समय ही नहीं बल्कि दूसरे समय में भी भारत के साथ ही दुनियाभर में लोगों में सहानुभूति खत्म होती जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा, ‘खेल में हम जीत और हार के बारे में बात करते हैं. लेकिन जब महामारी अंततः समाप्त हो जाएगी और वह दिन आ जाएगा, तो कोई जीत नहीं होगी. बस एक अंत.’

अखबार ने कवरेज बंद किया

सैकड़ों फैंस द्वारा सोशल मीडिया पर आईपीएल की आलोचना के बाद अंग्रेजी दैनिक अखबार द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने उसके कवरेज को बंद करने का फैसला किया है.

चेन्नई के इस अखबार ने कहा कि कवरेज को निलंबित करने का निर्णय जीवन और मृत्यु के मुद्दों पर राष्ट्र का ध्यान केंद्रित रखने की दिशा में एक छोटी सी कोशिश है. उसने कहा कि एक हद तक सामान्य माहौल बहाल होने तक यह कवरेज बंद रहेगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)