राजनीति

यूपी पंचायत चुनाव: अयोध्या में भाजपा को झटका, ज़िला स्तर पर 40 में से महज 8 सीटें मिलीं

उत्तर प्रदेश के अयोध्या ज़िले में समाजवादी पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य की 40 सीटों में से 17 सीटें अपने नाम की. इसके अलावा 4 सीटों पर बसपा और 11 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की है. भाजपा के अयोध्या ज़िला प्रवक्ता ने बताया कि ज़िले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक होने के बावजूद हमें 40 में से सिर्फ़ आठ ज़िला पंचायत सीटों पर जीत मिली है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भाजपा के लिए एक प्रमुख मुद्दा था. हालांकि मंदिर निर्माण का वादा पूरा करने के बावजूद अयोध्या में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में भाजपा को सफलता नहीं मिल सकी है.

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा तमाम प्रयास किए जाने के बावजूद अयोध्या में पंचायत चुनाव के परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं रहे हैं और जिले की 40 जिला पंचायत सदस्य सीटों में से भाजपा को महज आठ सीटें मिली हैं. अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तगड़ा झटका लगा है.

पंचायत चुनाव दलों के चुनाव निशान पर नहीं लड़े जाते हैं, लेकिन सभी दलों ने आधिकारिक तौर पर उनके द्वारा समर्थित उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे.

विपक्षी समाजवादी पार्टी का दावा है कि पिछले महीने हुए पंचायत चुनावों में उसे सबसे ज्यादा फायदा हुआ है और उसके समर्थन वाले उम्मीदवारों ने जिला स्तर पर 22 सीटें जीती हैं. वहीं बसपा का दावा है कि उसके उम्मीदवारों ने अयोध्या में जिला पंचायत की चार सीटें जीती हैं.

हालांकि अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या जिले में समाजवादी पार्टी ने बंपर सफलता हासिल करते हुए जिला पंचायत सदस्य की 40 सीटों में से 17 सीटें अपने नाम की, जबकि भाजपा को सिर्फ 8 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा. इसके अलावा 4 सीटों पर बसपा और 11 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की है.

पूरे राज्य में सफलता के भाजपा के दावे के विपरीत अयोध्या इकाई ने यह स्वीकार किया है कि उनका प्रदर्शन आशा के अनुरुप नहीं रहा है.

भाजपा के जिला प्रवक्ता दिवाकर सिंह ने बताया, ‘परिणाम निराशाजनक हैं. अयोध्या जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक होने के बावजूद हमें 40 में से सिर्फ आठ जिला पंचायत सीटों पर जीत मिली है.’

भाजपा का चुनाव परिणाम खास तौर से सोहावल उप-जिले में ज्यादा खराब रहा है, जहां उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर केन्द्र सरकार ने मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित की है. न्यायालय ने राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले का 2019 में फैसला सुनाते हुए मस्जिद के लिए जमीन देने को कहा था.

वहीं सपा ने दावा किया है कि यहां पांच में से चार सीटें उसके हिस्से में आई हैं, जबकि पांचवीं सीट निर्दलीय उम्मीदवार के पास है.

परिणाम पर सपा नेता अवधेश प्रसाद ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में गांवों में लोगों को बहुत दिक्कत हो रही है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017 में उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आने वाली भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हार का सामना करना पड़ा, जहां सत्ता विरोधी लहर और कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है.

इन चुनावों को 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है, जबकि 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के हाथों करारी हार मिलने के बाद सपा के लिए ये नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं. वहीं बसपा भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हुई नजर आ रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)