मध्य प्रदेश: कोविड के ‘इंडियन वैरिएंट’ संबंधी बयान पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मध्य प्रदेश भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपने शिकायती ज्ञापन में कहा है कि कमलनाथ ने 22 मई को कहा था कि दुनिया में जो कोरोना फैला हुआ है, अब उसे ‘इंडियन वैरिएंट’ कोरोना के नाम से जाना जा रहा है. वह जनता को भ्रमित और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने झूठा आरोप लगाया कि सरकार लाखों लोगों की मौत का आंकड़ा छिपा रही है. यह बयान जनता में भय उत्पन्न करने वाला है.

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कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपने शिकायती ज्ञापन में कहा है कि कमलनाथ ने 22 मई को कहा था कि दुनिया में जो कोरोना फैला हुआ है, अब उसे ‘इंडियन वैरिएंट’ कोरोना के नाम से जाना जा रहा है. वह जनता को भ्रमित और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने झूठा आरोप लगाया कि सरकार लाखों लोगों की मौत का आंकड़ा छिपा रही है. यह बयान जनता में भय उत्पन्न करने वाला है.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)
कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा उज्जैन में शनिवार को दिए गए कोविड-19 संबंधी कथित विवादित बयान को लेकर रविवार शाम भोपाल के अपराध शाखा थाने में मामला दर्ज किया गया.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भाजपा के भोपाल जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी और भोपाल के दो विधायकों विश्वास सारंग एवं रामेश्वर शर्मा सहित अन्य पार्टी नेताओं की शिकायत पर कमलनाथ के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की गई है.

कमलनाथ मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं.

जब अधिकारी से सवाल किया गया कि कमलनाथ पर किस आधार पर मामला दर्ज किया गया है, तो पुलिस अधीक्षक (भोपाल मुख्यालय) रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्राथमिकी भाजपा द्वारा की गई शिकायत के साथ पेन ड्राइव में दिए गए दो वीडियो के आधार पर दर्ज की गई है. हालांकि, उन्होंने इस पर विस्तृत ब्योरा देने से इनकार कर दिया.

मध्य प्रदेश भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल के पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती ज्ञापन में कहा, ‘कमलनाथ ने शनिवार 22 मई को उज्जैन में अपने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि दुनिया में जो कोरोना फैला हुआ है, अब उसे ‘इंडियन वैरिएंट’ कोरोना के नाम से जाना जा रहा है.’

ज्ञापन में कहा गया है, ‘कमलनाथ ने यह भी कहा था कि कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कोरोना को ‘इंडियन वैरिएंट’ के नाम से पुकार रहे हैं. कोरोना महामारी के ऐसे संकटपूर्ण समय में कमलनाथ यह बोलकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर रहे हैं.’

भाजपा नेताओं ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा है कि कमलनाथ ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन किया है. कमलनाथ का यह कृत्य भारतीय दंड विधान के अनुसार राजद्रोह की श्रेणी में आता है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्राथमिकी को भाजपा का हताशा भरा कार्य बताया. उन्होंने कहा, ‘सरकार के पास उनके सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए कोई भी व्यक्ति जो सवाल पूछ रहा है, उसे देशद्रोही कहा जाता है.’

कमलनाथ ने कहा था, ‘ये बहुत दुख की बात है कि भारत किस तरह पूरे विश्व में बदनाम हो रहा है. ये चीन का वायरस था, चीन का कोरोना था, आज पूरे विश्व में सबने नाम दिया है, इंडियन वैरिएंट कोरोना. कई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इस नाम से पुकार रहे हैं- इंडियन वैरिएंट. हमारे जो स्टूडेंट है, जो बाहर नौकरी कर रहे थे, वो बाहर नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि आप इंडियन हैं.’

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा है, ‘कमलनाथ ने झूठा आरोप लगाया कि सरकार लाखों लोगों की मौत का आंकड़ा छिपा रही है. उनका यह बयान जनता में भय उत्पन्न करने वाला है जो कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है.’

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को कमलनाथ के उज्जैन की प्रेस-कॉन्फ्रेंस एवं भोपाल की वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन के वीडियो की पेन ड्राइव सौंपते हुए कमलनाथ के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस संबंध में पूछे जाने पर रविवार को कमलनाथ ने कहा, ‘मैं सरकार को लोगों के कल्याण के लिए काम करने के लिए कह रहा हूं. जब मैंने कहा था कि 1.27 लाख लोगों को अंतिम संस्कार हुआ है, जिसमें से 80 प्रतिशत की कोविड से मौत हुई और सरकार इससे सहमत नहीं हुई तो वे वास्तविक आंकड़ों के साथ सामने क्यों नहीं आते हैं?’

उन्होंने कहा, ‘उज्जैन में मैंने कहा था कि मेरा भारत महान की जगह मेरा भारत बदनाम हो गया है, क्योंकि बहुत से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति इसे भारतीय कोरोना कह रहे हैं. जो भी व्यक्ति सवाल कर रहा है, उसे देशद्रोही करार दे दिया जा रहा है, क्योंकि उनके पास कोई जवाब नहीं है.’

इसके अलावा उन्होंने कहा था कि कोविड-19 के मौतों के बनावटी आंकड़ों को पेश कर भारत पूरे विश्व को धोखा दे रहा है और दावा किया था कि मध्य प्रदेश में इस साल मार्च-अप्रैल में कोविड-19 से 102,002 लोगों की मौत हुई है.

इसी बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा, ‘भाजपा की झूठी व तथ्यहीन शिकायत पर कमलनाथ के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर भाजपा प्रदेश में गलत परंपराओं को जन्म दे रही है. जनहित की बात कह रहे विपक्ष की आवाज को यह दबाने व कुचलने का प्रयास है. यह भाजपा सरकार की तानाशाही व हिटलरशाही है.’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी. वह और ताकत से जनता के हक की लड़ाई को लड़ेगी.

बता दें कि केंद्र सरकार हाल ही में सोशल मीडिया कंपनियों से कहा था कि वे अपने प्लेटफॉर्म से कोरोना वायरस के ‘इंडियन वैरिएंट’ संबंधी सामग्री को तुरंत हटाएं.

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पत्र लिखकर कहा था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी किसी भी रिपोर्ट में ‘इंडियन वैरिएंट’ शब्द को कोरोना वायरस के बी 1.617 वैरिएंट के साथ नहीं जोड़ा है. संगठन ने 11 मई को कहा था कि भारत में पिछले साल पहली बार सामने आया कोरोना वायरस का बी.1.617 स्वरूप 44 देशों में पाया गया है और यह ‘स्वरूप चिंताजनक’ है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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