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यूपी: चुनावी दांवपेच शुरू, निषाद पार्टी प्रमुख बोले- उपमुख्यमंत्री का दावेदार घोषित करे भाजपा

भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद का दावा है कि प्रदेश में 160 विधानसभा क्षेत्र निषाद बहुल हैं और 70 क्षेत्रों में समुदाय की आबादी 75 हज़ार से ज़्यादा है. ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री न सही, उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनाव में जाने से भाजपा को फायदा होगा.

डॉ. संजय निषाद. (फोटो साभार: फेसबुक/निषाद पार्टी)

डॉ. संजय निषाद. (फोटो साभार: फेसबुक/निषाद पार्टी)

भदोही/लखनऊ: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से हाल में मुलाकात करके लौटे निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में खुद को उपमुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित किए जाने की मांग की है.

निषाद ने मंगलवार शाम संवाददाताओं से कहा, ‘उत्तर प्रदेश में सभी जातियों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं इसलिए भाजपा को 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुझे उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर देनी चाहिए. इससे भाजपा को भी खुशी होगी और निषाद पार्टी भी खुश रहेगी.’

निषाद ने दावा किया ‘प्रदेश में 160 विधानसभा क्षेत्र निषाद बहुल हैं और 70 क्षेत्रों में निषाद समुदाय की आबादी 75 हज़ार से ज्यादा है. निषाद पार्टी 100 सीट जीतने का संकल्प लेकर बूथ स्तर पर काम कर रही है. हमें मुख्यमंत्री न सही, उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनाव में जाने से भाजपा को फायदा होगा.’

निषाद ने यह भी कहा, ‘भाजपा ने कैबिनेट पद और राज्यसभा में सीट का वादा किया था. अगर वे हमें चोट पहुंचाएंगे तो  खुश नहीं रह सकेंगे. हम अपने आरक्षण के मुद्दे पर प्रयास कर रहे हैं.’

नड्डा से 16 जून को मुलाकात करके आए निषाद ने कहा, ‘प्रदेश में 2022 के चुनाव में भाजपा-निषाद गठबंधन के तहत अपनी हिस्सेदारी के तहत निषाद पार्टी ने भाजपा से 160 सीटें देने को कहा है.’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में निषाद पार्टी का एक विधायक है जबकि संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद संत कबीर नगर से भाजपा के सांसद हैं.

नड्डा से पहले संजय निषाद ने गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी और अपनी मांगें उनके सामने रखी थीं. निषाद ने यूपी सरकार में प्रतिनिधित्व और निषाद समाज को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने की मांग रखी थी. उन्होंने बताया था कि गृहमंत्री ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा.

अब पार्टी अध्यक्ष से मिलने के बाद उन्होंने कहा ‘हमने केंद्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और उत्तर प्रदेश में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से मिलकर स्पष्ट कर दिया है कि निषाद समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जाए.’

निषाद ने कहा कि मछुआरा समुदाय वोटिंग मशीन में अब समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बटन को छूता भी नहीं है, इसलिए ये तीनों पार्टियां आज कहां हैं, यह सबको मालूम है.

इससे पहले इस साल फरवरी में निषाद ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी को समझौते के आधार पर राज्य सरकार में सम्मानजनक जगह नहीं दी गई, तो 2022 का चुनाव निषाद पार्टी अकेले लड़ेगी.

तब उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी का भाजपा से समझौता हुआ था, जिसमें यह तय हुआ था कि प्रदेश में सरकार बनने पर उनकी पार्टी को दो मंत्रालय दिए जाएंगे. साथ ही आरक्षण के मुद्दे पर भी बात हुई थी, लेकिन राज्य सरकार अपने वादे को पूरा नहीं कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)