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पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें बढ़ने पर मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बोले- साइकिल का इस्तेमाल करें

मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ईंधनों से मिलने वाले कर राजस्व को ग़रीबों के भले के लिए खर्च कर रही है. साइकिल हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखेगी और प्रदूषण से भी मुक्ति दिलाएगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्लीः देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. ऐसे में ईंधन की बढ़ी कीमतों के बीच मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने साइकिल चलाने के फायदे गिनाते हुए लोगों से साइकिल बाजार जाने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि सरकार ईंधनों से मिलने वाले कर राजस्व को गरीबों के भले के लिए खर्च कर रही है.

इंदौर दौरे पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, ‘मेरी इस बात की पहले भी आलोचना हो चुकी है लेकिन मैं आज फिर कह रहा हूं कि क्या हम कभी साइकिल से सब्जी मंडी जाते हैं? साइकिल हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखेगी और प्रदूषण से भी मुक्ति दिलाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए पेट्रोल-डीजल महत्वपूर्ण हैं या देश की स्वास्थ्य सेवाएं महत्वपूर्ण हैं?’ ऊर्जा मंत्री ने कहा कि साइकिल चलाने की बात आम नागरिकों के साथ उन पर भी लागू होती है.

उन्होंने कहा, ‘आप मेरी पिछले 30 दिन की डायरी देखेंगे, तो आपको पता चल जाएगा कि मैं कितना गाड़ी पर, कितना साइकिल पर और कितना पैदल चलता हूं.’

परिवहन उद्योग पर डीजल की महंगाई के असर के बारे में पूछे जाने पर तोमर ने कहा, ‘पेट्रोल-डीजल से जो पैसा (पेट्रो ईंधनों की बिक्री से सरकार को मिलने वाला कर राजस्व) आ रहा है, क्या वह किसी व्यक्ति-विशेष या नेता के घर जा रहा है? यह पैसा घूम-फिरकर उन गरीब व्यक्तियों के काम आ रहा है जिन्हें इलाज, शिक्षा और राशन की जरूरत है.’

उन्होंने कहा कि दिवाली तक लोगों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है.

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी भाजपा नेता इस तरह का बयान दिया हो.

इससे पहले इस साल फरवरी में भाजपा नेता और बिहार सरकार में मंत्री नारायण प्रसाद ने कहा था कि आम लोग ईंधन की बढ़ी कीमतों से प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं.

उन्होंने कहा था, ‘आम लोग आमतौर पर बसों का इस्तेमाल करते हैं. केवल कुछ ही निजी परिवहन का इस्तेमाल करते हैं.’

कुछ दिन पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि ईंधन की बढ़ी कीमतें समस्या हैं. कोरोना राहत उपायों की वजह से सरकार के खर्चे बढ़े हैं और केंद्र सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसा बचा रही है.

उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में ईंधन की कीमतें इतनी क्यों हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने फरवरी महीने में देशभर में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के बीच लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करने की सलाह दी थी.

उन्होंने कहा था कि मैं खुद इलेक्ट्रिक वाहन का प्रय़ोग करता हूं. यह वाहन पर्यावरण के लिए बेहतर भी है.

वहीं, भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा ने जीवाश्म ईंधन के उपयोग को धीरे-धीरे कम करने और केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग शुरू करने की सलाह दी थी.

(रमाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)