राजनीति

तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख और अन्य नेताओं को घरों में नज़रबंद करने का आरोप

आरोप है कि तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष और मल्काजगिरि से लोकसभा सांसद ए. रेवंत रेड्डी ने ज़मीन की ई-नीलामी में 1,000 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सोमवार को धरना करने का निर्णय लिया था, लेकिन इससे पहले ही उन्हें घरों में नज़रबंद कर दिया गया. रेड्डी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विशेषाधिकार उल्लंघन का मामला उठाया है.

तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी. (फोटो: ट्विटर/@revanth_anumula)

हैदराबाद: तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) के अध्यक्ष एवं कांग्रेस सांसद ए. रेवंत रेड्डी तथा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को सोमवार को यहां विभिन्न स्थानों पर ‘घरों में नजरबंद’ किया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी.

मल्काजगिरि से लोकसभा सदस्य रेड्डी ने आरोप लगाया था कि पिछले हफ्ते तेलंगाना सरकार ने कोकापेट में जमीन की जो ई-नीलामी की थी, उसमें 1,000 करोड़ रुपये तक कि अनियमितताएं हुई हैं.

इस मुद्दे को लेकर तेलंगाना कांग्रेस ने कोकापेट में सोमवार को धरना करने का निर्णय लिया था, लेकिन आरोप है कि इससे पहले ही रेड्डी समेत पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘उन्हें (तेलंगाना कांग्रेस नेताओं को) घरों में नजरबंद कर दिया गया, ताकि कानून-व्यवस्था को कायम रखा जा सके.’

रेवंत रेड्डी ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित पत्र में कहा है कि उन्हें संसद सत्र में शामिल होने से रोका गया, जो सत्र के दौरान संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहते थे.

उन्होंने कहा, ‘यह जानते हुए कि आज से आरंभ हो रहे संसदीय सत्र में मुझे शामिल होना है, मेरे अनेक अनुरोधों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने, तेलंगाना राज्य पुलिस ने मुख्यमंत्री (के. चंद्रशेखर राव) के इशारों पर एक सांसद के तौर पर मेरे कर्तव्यों का निर्वहन करने से मुझे रोका.’

टीपीसीसी प्रमुख ने यह भी ट्वीट किया, ‘इस डर से कि मैं कोकापेट भूमि बिक्री घोटाले को संसद में उठाऊंगा, पुलिस ने सीएम और डीजीपी के कहने पर मुझे संसद सत्र में भाग लेने से रोका. यह एक सांसद के रूप में मेरे संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन है. चाहे कुछ भी हो जाए तेलंगाना कांग्रेस सच्चाई को सामने लाएगा.’

सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति ने आरोपों को खारिज किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)