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लखीमपुर खीरी हिंसा: विपक्ष ने उठाई तत्काल कार्रवाई की मांग, कहा- इस्तीफ़ा दें गृह राज्यमंत्री

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की ओर उंगली उठ रही है, इसलिए मामले के नामजद आरोपियों को जेल नहीं भेजा जा रहा है. वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मौजूदा जज से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अगर निष्पक्ष जांच चाहिए तो अजय मिश्रा को इस्तीफ़ा देना पड़ेगा क्योंकि वे गृह (राज्य) मंत्री हैं और सब उन्हीं के अंतर्गत आता है.

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव. (फोटो: रॉयटर्स)

लखनऊ: लखीमपुर खीरी मामले की जांच सेवानिवृत्त नहीं बल्कि मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि अगर जांच निष्पक्ष करनी है तो गृह राज्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.

मृतक किसानों के परिजनों से मिलने के लिए बहराइच जाने से पहले प्रियंका गांधी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘मेरे नजरिये में ही नहीं बल्कि परिवारों के नजरिये से भी इस मामले की सेवानिवृत्त न्यायधीश नहीं बल्कि उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायधीश से जांच करवानी चाहिए. मैं जांच पर टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि यह अभी शुरू ही नहीं हुई है लेकिन मैं इतना कह सकती हूं कि अगर जांच निष्पक्ष करनी है तो उन मंत्री (गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा) को इस्तीफा देना पड़ेगा क्योंकि वह गृह (राज्य) मंत्री हैं और यह सब उन्हीं के अन्तर्गत आता है.’

प्रियंका ने कहा, ‘बुधवार रात मैं लखीमपुर खीरी गई, तीनों परिवारों ने एक ही बात कही कि हमें मुआवजे से कोई मतलब नहीं है, हमें न्याय चाहिए, मंत्री (केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा) को बर्खास्त करना चाहिए. जिसने यह किया है उसे गिरफ्तार करना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘पूरी पुलिस फोर्स निकाल दी हमें रोकने के लिए, सिर्फ हमें रोकने के लिए ही नहीं पीड़ित परिवारों के गांव के इर्दगिर्द भी पुलिस लगा दी ताकि कोई उनसे मिलने आए नहीं. लेकिन आपने अपराधी के लिए कोई पुलिस फोर्स नहीं निकाली. जिस दिन यह घटना हुई उस दिन पुलिस कहां थी? क्या पुलिस सिर्फ नेताओं को रोकने के लिए है?’

उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों को जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है उसमें कुछ पढ़ा ही नहीं जा रहा है. प्रियंका ने कहा कि उन्हें (परिवारों को) फोटोकॉपी की भी फोटोकॉपी दी गयी है.

प्रियंका ने कहा, ‘लोकतंत्र है, यहां न्याय आपका अधिकार है और इसके लिए मैं लड़ूंगी जब तक मंत्री (अजय मिश्रा) बर्खास्त नहीं होते, जब तक यह लड़का (मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा) गिरफ्तार नहीं होगा तब तक मैं बिल्कुल अडिग रहूंगी क्योंकि मैंने उन परिवारों को वचन दिया है.’

मालूम हो कि लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों से मिलने जाते वक्त रास्ते में चार अक्टूबर सुबह पांच बजे सीतापुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी हिरासत में ली गई थी.  यूपी पुलिस ने शांतिभंग की आशंका को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और 10 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में रविवार (तीन अक्टूबर) को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत  हो गई थी.

किसानों का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा ने किसानों को अपनी गाड़ी से कुचला.

इस मामले में मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

इस मामले की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को एक सदस्यीय न्यायिक आयोग घोषित किया है और आयोग की कमान उच्च न्यायालय इलाहाबाद के (सेवानिवृत्त) न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई है.

आरोपियों को जेल नहीं भेजा जा रहा क्योंकि गृह राज्यमंत्री के खिलाफ उंगली उठ रही है: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले में नामजद आरोपियों का संबंध केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से होने के कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है.

पीड़ित परिवारों से मिलने लखीमपुर जा रहे यादव ने यहां अपने आवास के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में राज्य मंत्री की ओर उंगली उठ रही हैं, इसलिए लखीमपुर मामले के आरोपियों को जेल नहीं भेजा जा रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘जिन लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज है उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए. सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और मामले की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में की जानी चाहिए. वीडियो क्लिप हैं, चश्मदीदों के बयान, बयान (मंत्री का) जिसमें वह धमकी दे रहे हैं. चूंकि वह (आरोपी आशीष मिश्रा) गृह राज्य मंत्री के बेटे हैं, इसलिए अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है.’

यादव ने कहा, ‘क्या आपको लगता है कि जब तक वह (आरोपी के पिता) केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं, तब तक किसानों को न्याय मिल सकेगा?’

भाजपा के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि विपक्ष इस मामले पर राजनीति कर रहा है, उन्होंने कहा, ‘भाजपा राजनीति कर रही है और यह एक चालाक पार्टी है. हम जानना चाहते हैं कि कानपुर के मनीष गुप्ता मामले में क्या किया गया? दोषी पुलिसकर्मी अब भी फरार हैं.’’

मालूम हो कि कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की बीते 27 सितंबर को गोरखपुर के एक होटल के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और छह पुलिसकर्मियों पर हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया था.

लखीमपुर खीरी में गत रविवार को हुई हिंसा में मारे गए किसान लवप्रीत सिंह के परिवार के सदस्यों से मुलाकात के बाद यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार न्याय चाहता है.

उन्होंने कहा, ‘हम सभी राजनीतिक दलों के लोग यहां पर इसलिए मौजूद हैं ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके. मामले का मुख्य आरोपी और गृह राज्य मंत्री का बेटा इसलिए गिरफ्तार नहीं किया जाएगा क्योंकि उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है.’

यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और उम्मीद जताई है कि पीड़ित गरीब परिवारों को न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में मंत्री और उनका बेटा दोषी है और उच्चतम न्यायालय में सच्चाई सामने आ जाएगी.

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार ने लखीमपुर खीरी घटना के पीड़ित परिवारों की मदद नहीं की तो प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर उनकी पूरी सहायता की जाएगी.

सपा अध्यक्ष ने लखीमपुर खीरी की घटना में मारे गए किसान नछत्तर सिंह और पत्रकार रमन कश्यप के परिजनों से भी मुलाकात की. उन्होंने गत सोमवार को लखीमपुर खीरी जाने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस ने लखनऊ स्थित उनके आवास के बाहर से ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)