गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला समर्थकों द्वारा बनाई गई ‘जन विकल्प पार्टी’ में शामिल हुए.

कांग्रेस पार्टी के बागी नेता और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने तीसरे मोर्चे का दामन थाम लिया है. आने वाले विधानसभा चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए वह अपने समर्थकों द्वारा बनाई गई जन विकल्प पार्टी में शामिल हो गए हैं.
समाचार न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, वाघेला ने पार्टी की सदस्यता लेते हुए कहा है कि गुजरात की जनता कांग्रेस और भाजपा से ऊब चुकी है और नए विकल्प की तलाश कर रही है.
Gujarat: Former Congress leader Shankersinh Vaghela joins 'Jan Vikalp', a party formed by his supporters pic.twitter.com/llo7ZhBa4X
— ANI (@ANI) September 19, 2017
वाघेला ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले 21 जुलाई को कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था, लेकिन उन्होंने किसी दल से जुड़ने का कोई ऐलान नहीं किया था. उन्होंने राज्यसभा चुनाव में भी अहमद पटेल के ख़िलाफ़ वोट किया था. इसके बाद अटकलें लगार्अ जरकांग्रेस से अलग होते समय वे गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत थे.
वाघेला लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्य रहे हैं. 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता था. वे लंबे समय तक भाजपा के साथ रहे और गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
राष्ट्रीय जनता पार्टी से वे गुजरात के मुख्यमंत्री भी बने, लेकिन उस पार्टी का उन्होंने कांग्रेस में विलय कर दिया था. मनमोहन सिंह सरकार की पहली कैबिनेट में वे कपड़ा मंत्री भी रह चुके हैं.