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क्रूज़ ड्रग्स मामले की जांच से हटाए गए समीर वानखेड़े, एनसीबी दिल्ली की टीम को जांच का ज़िम्मा

एनसीबी ने अभिनेता शाहरुख ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान और अन्य को दो-तीन अक्टूबर की दरम्यानी रात को क्रूज़ मामले में गिरफ़्तार किया था और समीर वानखेड़े मामले में एक स्वतंत्र गवाह द्वारा जबरन वसूली के प्रयास का दावा करने के बाद विभागीय सतर्कता जांच का सामना कर रहे हैं. हालांकि वानखेड़े मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक बने रहेंगे.

समीर वानखेड़े. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई/नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने विवादास्पद क्रूज मादक पदार्थ मामले और पांच अन्य मामलों को समीर वानखेड़े के नेतृत्व वाली एजेंसी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई से ले लिया है और उनकी जांच की जिम्मेदारी दिल्ली स्थित अपनी संचालन इकाई में स्थानांतरित कर दी है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

एनसीबी के उप महानिदेशक (उत्तर-पश्चिम क्षेत्र) मुथा अशोक जैन ने बताया कि कार्रवाई ‘प्रशासनिक आधार’ पर की गई है और चूंकि इन छह मामलों के ‘व्यापक और अंतर-राज्यीय प्रभाव’ हैं, इसलिए उन्हें दिल्ली में (एनसीबी की) संचालन इकाई में स्थानांतरित कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि मामलों के स्थानांतरण का आदेश एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) एसएन प्रधान द्वारा जारी किया गया है. कई व्यक्तिगत और सेवा संबंधी आरोपों का सामना कर रहे वानखेड़े क्षेत्रीय निदेशक बने रहेंगे.

एनसीबी ने अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और अन्य को दो-तीन अक्टूबर की दरम्यानी रात को क्रूज मामले में गिरफ्तार किया था और वानखेड़े मामले में एक स्वतंत्र गवाह द्वारा जबरन वसूली के प्रयास का दावा करने के बाद विभागीय सतर्कता जांच का सामना कर रहे हैं.

अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली एनसीबी संचालन इकाई की एक टीम इन मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई में डेरा डालेगी.

एनसीबी के उप-महानिदेशक (दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र) मुथा अशोक जैन ने मुंबई में संवाददाताओं को बताया कि यह एक प्रशासनिक निर्णय है और दिल्ली एनसीबी की एक टीम शनिवार को छह मामलों की जांच के लिए मुंबई आएगी.

एक बयान में एनसीबी के उप-महानिदेशक (संचालन) एसके सिंह ने कहा, ‘एक विशेष जांच दल (एसआईटी) जिसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुख्यालय की संचालन शाखा के अधिकारी शामिल हैं, का गठन एनसीबी के महानिदेशक द्वारा किया गया है. यह एसआईटी, एनसीबी मुंबई जोनल यूनिट से छह मामलों की जांच करेगी, जिनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हैं, ताकि आगे और पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा सके.’

वानखेड़े ने इनकार किया कि उन्हें आर्यन खान मामले में जांच से ‘हटाया गया है’ और कहा कि एजेंसी का कदम मुंबई और दिल्ली की एनसीबी टीम के बीच समन्वय के बारे में है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वानखेड़े ने कहा, ‘बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष अपनी रिट याचिका में मैंने इन मामलों की एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच किए जाने के लिए कहा था. ऐसा नहीं है कि मुझे मुकदमों से हटा दिया गया है या कहीं स्थानांतरित कर दिया गया है. मैं अभी भी मुंबई इकाई का निदेशक हूं.’

हालांकि, उनकी याचिका में इन मामलों का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाई गई है.

वानखेड़े से हटाए गए मामलों में एक मलिक के दामाद समीर खान से भी संबंधित है, जो इस समय मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में जमानत पर हैं. अभिनेता अरमान कोहली से जुड़ा मामला भी दिल्ली एनसीबी को को ट्रांसफर किया गया है.

बहरहाल, वानखेड़े के खिलाफ कई आरोप लगा चुके महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा है कि एनसीबी अधिकारी को मामले से हटाना ‘अभी शुरुआत है.’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता मलिक ने कहा है, ‘आर्यन खान मामले समेत पांच मामलों से समीर वानखेड़े को हटाया गया है. कुल 26 मामले हैं, जिनकी जांच की जरूरत है. ये तो बस शुरुआत है, सिस्टम को साफ करने के लिए अभी बहुत कुछ करना है और हम करेंगे.’

मालूम हो कि एनसीबी ने तीन अक्टूबर को मुंबई के तट के पास, गोवा जा रहे एक क्रूज पोत पर छापेमारी के बाद शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने क्रूज़ से मादक पदार्थ जब्त करने का दावा किया है.

मामले में अभी तक आर्यन खान सहित करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल आर्यन खान समेत 14 लोगों को इस मामले में जमानत मिल चुकी है.

मामले में ‘स्वतंत्र गवाह’ प्रभाकर सैल ने बीते 24 अक्टूबर को एक हलफनामे में और फिर पत्रकारों के सामने दावा किया था कि आर्यन खान को तीन अक्टूबर को एनसीबी कार्यालय लाने के बाद उन्होंने गोसावी को फोन पर सैम डिसूजा नामक एक व्यक्ति से 25 करोड़ रुपये की मांग करने और मामला 18 करोड़ रुपये पर तय करने के बारे में बात करते हुए सुना था, क्योंकि उन्हें ‘आठ करोड़ रुपये समीर वानखेड़े (एनसीबी के जोनल निदेशक) को देने थे.

वानखेड़े ने बीते 24 अक्टूबर को ही मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिख, अज्ञात लोगों द्वारा कथित सतर्कता संबंधी मामले में फंसाने के लिये उनके खिलाफ ‘योजनाबद्ध’ कानूनी कार्रवाई किए जाने से संरक्षण की भी मांग की थी.

वर्ष 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी वानखेड़े ने किसी का नाम लिए बिना दावा किया था कि अत्यधिक सम्मानित सार्वजनिक लोगों ने उन्हें मीडिया के माध्यम से जेल भेजने और बर्खास्तगी की धमकी दी है.

वानखेड़े ने हलफनामे में कहा था, ‘क्रूज़ मादक पदार्थ मामले की जांच की अगुवाई करने के बाद से, कई जाने-माने राजनेता मुझे निजी तौर पर निशाना बना रह हैं, ऐसा करने का उचित कारण तो उन्हें ही पता होगा.’

वानखेड़े ने यह भी दावा किया था कि उन्हें कुछ जाने-माने राजनीतिक हस्तियों ने भी निशाना बनाया है और इसके पीछे उनका केवल एक ही कारण समझ आता है, क्योंकि एनसीबी ने ‘इस शख्स के दामाद समीर खान’ को गिरफ्तार किया था.

समीर खान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के दामाद हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली एनसीबी को ट्रांसफर किए गए मामलों में शामिल समीर खान केस में एनसीबी पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. जल्द ही इस मामले की सुनवाई होगी. अरमान कोहली मामले में एनसीबी ने अभी चार्जशीट दाखिल नहीं की है. एनसीबी ने एसआईटी को हस्तांतरित तीन अन्य मामलों का विवरण नहीं दिया.

राकांपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ये मामला सामने आने के बाद समीर वानखेड़े पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. मलिक ने इससे पहले एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि गवाह मनीष भानुशाली भाजपा के सदस्य हैं, जबकि एक अन्य गवाह केपी गोसावी के खिलाफ धोखाधड़ी के कम से कम चार मामले दर्ज हैं. मलिक ने आरोप लगाया था कि वानखेड़े का निशाना आर्यन खान थे और उन्होंने जहाज पर सवार अन्य लोगों को जाने की अनुमति दी थी.

मलिक ने सितंबर 2020 में वानखेड़े के मुंबई क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से एनसीबी द्वारा जांचे गए 26 मामलों पर भी सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि कुछ मामलों में ड्रग्स जान बूझकर रखे गए थे.

उन्होंने आरोप लगाया था कि वानखेड़े अपनी बहन के साथ बॉलीवुड को निशाना बनाने वाले रैकेट में शामिल थे.

रिपोर्ट के अनुसार, आरोप लगाए जाने के तुरंत बाद वानखेड़े के खिलाफ सतर्कता जांच के आदेश दिए गए थे. एनसीबी की एक सतर्कता टीम मुंबई आई थी और उनका और सात अन्य का बयान दर्ज किया था.

इधर, मुंबई पुलिस भी गवाह प्रभाकर सेल द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है कि गोसावी ने आर्यन खान मामले में पैसे लिए थे.

वानखेड़े ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि जब से उनके दामाद समीर खान को नशीले पदार्थों के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब से मलिक के मन में उनके खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी है.

समीर वानखेड़े ने नवाब मलिक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया है.

राजस्व खुफिया निदेशालय डीआरआई में तैनात वानखेड़े को सितंबर 2020 में एनसीबी द्वारा दर्ज सुशांत सिंह राजपूत मामले के मद्देनजर मुंबई एनसीबी में भेजा गया था. वानखेड़े ने इस मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक और 31 अन्य को गिरफ्तार किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)