मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा- वीर दास को राज्य में कार्यक्रम करने की इजाज़त नहीं

अभिनेता और स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास ने ‘आई कम फ्रॉम टू इंडियाज़’ शीर्षक से छह मिनट का एक वीडियो जारी किया था, जो वाशिंगटन डीसी में उनके हालिया कार्यक्रम का हिस्सा है. इसमें दास ने किसान आंदोलन, कोविड-19 से जंग, बलात्कार व महिलाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर दोयम रवैये की बात कही है. इसे लेकर उन पर देश को बदनाम करने के आरोप लगाए गए हैं.

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वीरदास (फोटोः स्क्रीनग्रैब)

अभिनेता और स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास ने ‘आई कम फ्रॉम टू इंडियाज़’ शीर्षक से छह मिनट का एक वीडियो जारी किया था, जो वाशिंगटन डीसी में उनके हालिया कार्यक्रम का हिस्सा है. इसमें दास ने किसान आंदोलन, कोविड-19 से जंग, बलात्कार व महिलाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर दोयम रवैये की बात कही है. इसे लेकर उन पर देश को बदनाम करने के आरोप लगाए गए हैं.

वीर दास. (फोटो साभार: यूट्यूब/स्क्रीनग्रैब)

भोपालः मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि कॉमेडियन वीर दास को प्रदेश में कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

वीर दास के खिलाफ उनके मोनोलॉग ‘आई कम फ्रॉम टू इंडियाज’ को लेकर पुलिस में कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं.

भाजपा नेता मिश्रा के इस बयान को लेकर विपक्षी दलों एवं रंगमंच कलाकारों ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह देश को भीख में आजादी मिलने को लेकर फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान पर चुप क्यों हैं.

वीर दास फिलहाल अमेरिका में हैं. उन्होंने 15नवंबर को ‘आई कम फ्रॉम टू इंडियाज’ शीर्षक से छह मिनट का एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया था, जो दरअसल वाशिंगटन डीसी के जॉन एफ कैनेडी सेंटर में उनके हालिया कार्यक्रम का हिस्सा है.

दास ने इस वीडियो में कृषि आंदोलन, कोविड-19 से निपटने को लेकर जंग, बलात्कार एवं महिलाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर दोयम रवैये विभिन्न विषयों को छुआ.

मिश्रा ने कहा, ‘हम ऐसे मसखरे को कार्यक्रम नहीं करने देंगे. अगर वह माफी मांगते हैं तो हम इस पर विचार करेंगे.’

उनके इस बयान पर कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नेताओं और कुछ कलाकारों ने सवालिया लहजे में कहा कि मिश्रा ने कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर कोई बयान क्यों नहीं दिया?

वहीं, दास ने बयान जारी कर कहा कि उनकी टिप्पणियों से मंशा देश का अपमान करने की नहीं थी.  42 वर्षीय हास्य-कलाकार ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा कि उनका इरादा यह याद दिलाने का था कि कई मुद्दों के बावजूद देश महान है.

उन्होंने बयान में कहा, ‘यह वीडियो दो बहुत अलग भारत के बारे में एक व्यंग्य है जहां अलग-अलग चीजें होती हैं. किसी भी देश की तरह उसमें भी उजाला और अंधेरा, अच्छाई तथा बुराई है. यह कोई रहस्य नहीं है. यह वीडियो हमसे यह कभी नहीं भूलने की अपील करता है कि हम महान हैं.’

टीएमसी सांसद मोइना मोइत्रा, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और शशि थरूर ने दास का समर्थन किया है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कुछ मसखरे हैं, जो भारत को बदनाम करने की कोशिश करते हैं और कपिल सिब्बल तथा अन्य कांग्रेसी नेता उनके समर्थक हैं.

मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी विदेशी जमीन पर भारत को बदनाम करते है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ भी ऐसा करते हैं. मैं इस तरह के लोगों को विदूषक कहता हूं. उन्हें (दास) राज्य में परफॉर्म करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी. अगर वह माफी मांगते हैं तो हम इस पर विचार कर सकते हैं.’

गृहमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी केके मिश्रा ने कहा, ‘नरोत्तम मिश्रा कॉमेडियन वीर दास को प्रदेश में कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं देने के निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के इस बयान पर चुप हैं कि भारत को 1947 में आजादी नहीं, बल्कि भीख मिली थी और जो आजादी मिली है वह 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई.’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘रनौत ने राष्ट्र विरोधी बयान दिया है लेकिन नरोत्तम मिश्रा या मध्य प्रदेश की भाजपा नीत सरकार इस पर चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रही है. नरोत्तम मिश्रा देशद्रोही रनौत के खिलाफ बयान क्यों नहीं दे रहे हैं?’

उन्होंने सवाल किया कि क्या वह मध्य प्रदेश में रनौत के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करेंगे.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह ने कहा, ‘स्टैंडअप कामेडियन वीरदास द्वारा अमेरिका में अपने शो के दौरान की गई टिप्पणी के आधार पर मध्य प्रदेश में उन पर प्रतिबंध लगाने की गृहमंत्री की घोषणा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ही हमला ही नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा प्रतिरोध और असहमति की हर आवाज को कुचलने की साजिश का हिस्सा भी है.’

उन्होंने कहा कि अजीब बात है कि कंगना रनौत पूरे राष्ट्रीय संग्राम को अपमानित करते हुए आजादी को भी भीख में मिली आजादी बता देती है लेकिन भाजपा या गृहमंत्री को इसमें कुछ भी बुरा नजर नहीं आता है, क्योंकि वह भाजपा और संघ परिवार की मूल विचारधारा से मेल खाता है.

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और रंगमंच कलाकार राकेश दीक्षित ने दास को प्रदेश में कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं देने की मंत्री की धमकी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि भाजपा नेता चुन-चुन कर लोगों पर कार्रवाई करते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मंत्री ने रनौत के विवादित बयान पर एक शब्द नहीं बोला है. कुछ अन्य रंगमंच कलाकारों ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए हैं.

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने इससे पहले कहा था कि उनके सदस्य दास के साथ काम नहीं करेंगे, जब तक कि वह सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते. बता दें कि एफडब्ल्यूआईसीई के 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत सदस्य हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद दास को देश-विरोधी कहा जा रहा है और देश के तमाम हिस्सों में उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज हो चुकी हैं. वीडियो को लेकर छिड़ी बहस के बीच बुधवार को उनके खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता आदित्य झा और मुंबई के वकील आशुतोष जे दुबे ने दास के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है.

नई दिल्ली जिला पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता आदित्य झा ने आरोप लगाया कि उन्होंने देश की छवि धूमिल करने के इरादे से एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के खिलाफ ‘अपमानजनक’ बयान दिए.

झा ने दावा किया कि इस तरह के सभी ‘अपमानजनक’ बयान देश और महिलाओं की छवि बिगाड़ने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिए गए.

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) दीपक यादव ने कहा, ‘हमें इस संबंध में एक शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है.’ उन्होंने बताया कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है.

उधर, मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने दास को ‘अमेरिका में भारत की छवि को धूमिल करने के लिए जिम्मेदार ठहराया.’ उनकी शिकायत पर भी अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

वकील दुबे, जिनके ट्विटर बायो में कहा गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-महाराष्ट्र पालघर जिले के कानूनी सलाहकार हैं, ने पोस्ट किया कि उन्होंने हास्य कलाकार के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

मालूम हो कि पिछले महीने नरोत्तम मिश्रा ने मशहूर फैशन एवं आभूषण डिज़ाइनर सब्यसाची मुखर्जी के मंगलसूत्र के विज्ञापन में महिला को मंगलसूत्र पहने एक व्यक्ति के साथ अंतरंग स्थिति में दिखाने पर सब्यसाची को इस विज्ञापन को हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया था और ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई करने की धमकी दी थी.

इससे पहले पहले डाबर के उत्पाद ‘फेम ब्लीच’ के करवाचौथ विज्ञापन को लेकर भी गृहमंत्री ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कंपनी ने ये विज्ञापन वापस ले लिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)