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मुनव्वर फ़ारूक़ी को गुड़गांव कॉमेडी फेस्टिवल से हटाया गया, भाजपा नेता ने शिकायत दर्ज कराई

स्टैडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी का बीते दो महीने में 13वां शो है, जिसे आयोजकों और दर्शकों को दी गईं धमकियों के बाद रद्द किया गया है. भाजपा की हरियाणा इकाई के आईटी सेल के प्रभारी अरुण यादव ने ने कहा है कि किसी भी सूरत में इस ‘गद्दार’ का शो गुड़गांव में नहीं होने दिया जाएगा.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: यूट्यूब)

गुड़गांवः स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को गुड़गांव में होने वाले कॉमेडी शो से हटा दिया गया है. शो के आयोजकों का कहना है कि उन्हें शो में बाधा पहुंचाने वाले धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे, जिसके बाद उन्होंने यह फैसला किया है.

वहीं, भाजपा के एक नेता ने भी फारूकी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 से 19 दिसंबर को होने वाले गुड़गांव कॉमेडी फेस्टिवल में परफॉर्म करने वाले कलाकारों की सूची में फारूकी भी थे.

आयोजकों का कहना है कि शो के पोस्टर जारी होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा.

भाजपा की राज्य इकाई के आईटी सेल के प्रभारी अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘किसी भी सूरत में इस गद्दार का शो गुड़गांव में नहीं होने दिया जाएगा. जय श्रीराम.’

अरुण यादव ने अपनी शिकायत में कहा, ‘कॉमेडियन फारूकी की गतिविधियों से हिंदू धर्म को ठेस पहुंची है.’

उन्होंने कहा, ‘समाज के विभिन्न वर्गों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस मामले को देखें और उन्हें गुड़गांव कॉमेडी फेस्टिवल में शामिल होने से रोकें.’

बता दें कि दक्षिणपंथी समूहों और नेताओं से मिली धमकियों के बीच फारूकी के लगातार 13 शो रद्द कर दिए गए हैं.

पिछले महीने पुलिस ने कानून एवं व्यवस्था संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए बेंगलुरु में उनके शो को रद्द करवा दिया था. इसके बाद फारूकी ने कॉमेडी छोड़ने का ऐलान किया था.

उन्होंने कहा था, ‘मेरा नाम मुनव्वर फारूकी है और ये मेरा समय है. आप लोग अद्भुत दर्शक थे. अलविदा, मेरा हो गया.’ उन्होंने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, ‘नफरत जीत गई, कलाकार हार गया. मेरा काम पूरा हो गया. अलविदा. अन्याय.’

बेंगलुरु में शो रद्द होने के बाद बीते 28 नवंबर को किए गए एक ट्वीट में फारूकी ने कहा था, ‘एक जोक, जिसे मैंने कभी कियां नहीं, के लिए मुझे जेल में डालने से लेकर मेरा शो को रद्द करने तक जिसमें कोई समस्या नहीं है. यह अनुचित है. इस शो को भारत में लोगों का, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो, इतना प्यार मिला है. यह अनुचित है.’

उन्होंने कहा था, ‘हमारे पास इस शो के लिए सेंसर का सर्टिफिकेट था और इस शो में स्पष्ट रूप से कोई भी समस्या नहीं थी. धमकियों के कारण पिछले दो महीने में हमारे 12 शो रद्द कर दिए गए.’

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में उन पर इंदौर में भाजपा विधायक के बेटे की शिकायत के आधार पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था और कथित तौर पर आपत्तिजनक शो से पहले उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था.

भाजपा नेता के बेटे ने दावा किया था कि उन्होंने इंदौर में फारूकी को उनके शो की रिहर्सल के दौरान हिंदू देवताओं और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बारे में कथित तौर पर अभद्र बातें करते सुना था, लेकिन अपने इस दावे को लेकर वह कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सके थे.

इस मामले में फारूकी और अन्य को एक महीने तक जेल में रहना पड़ा था और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी.

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं दो बार यह कहकर खारिज कर दी थी कि इस तरह के लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए.

फारूकी के जेल जाने को लेकर न्याय से भटकना, उनके बुनियादी अधिकारों का हनन और उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रौंदने के तौर पर व्यापक निंदा की गई थी. यहां तक कि अन्य देशों में भी इसे लेकर रोष देखने को मिला था.

नवंबर के मध्य में दक्षिणपंथी समूहों की धमकियों के बाद फारूकी के गोवा में होने वाले दो सोल्ड-आउट शो रद्द कर दिए गए थे. दरअसल इन दक्षिणपंथी समूहों ने धमकी दी थी कि अगर ये शो आयोजित किए जाते हैं तो वे खुद को आग लगा लेंगे.

इससे पहले छत्तीसगढ़ में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा स्थानीय प्रशासन को शो के लिए मंजूरी दिए जाने पर प्रदर्शन की धमकियों के बाद उनके शो रद्द कर दिए गए थे.

उससे पहले मुंबई में फारूकी के दो शो बजरंग दल के सदस्यों द्वारा आयोजन स्थल को नुकसान पहुंचाने की धमकियों के बाद रद्द कर दिए गए थे.