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महाराष्ट्र: अवैध गर्भपात मामले में अस्पताल से 11 खोपड़ियां और भ्रूण की 54 हड्डियां मिलीं

बीते 10 जनवरी को महाराष्ट्र के वर्धा ज़िले में स्थित अस्पताल की एक महिला डॉक्टर को 13 साल की लड़की का कथित रूप से गर्भपात कराने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था. आरोप है कि बलात्कार के बाद गर्भवती लड़की पर आरोपी लड़के के माता-पिता गर्भपात का दबाव बना रहे थे. पुलिस ने मामले में महिला डॉक्टर, लड़के के माता-पिता समेत पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

नागपुर: महाराष्ट्र के वर्धा जिले में अवैध रूप से गर्भपात कराने की आरोपी डॉक्टर की घर की तलाशी लेने के दौरान पुलिस ने काले हिरण की खाल बरामद की है. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बीते शनिवार को यह जानकारी दी.

बीते 14 जनवरी को पुलिस ने जिले के अरवी तालुका स्थित निजी अस्पताल परिसर, जहां पर आरोपी डॉक्टर काम कर करती थीं, से 11 खोपड़ियां और भ्रूणों की 54 हड्डियां बरामद की थीं. अस्पताल को सील कर दिया गया है.

पुलिस ने 13 साल की लड़की का गर्भपात कराने के आरोप में डॉ. रेखा कदम, दो नर्स सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था.

अस्पताल में चारों डॉक्टर के अलावा 11 नर्स हैं. 10 जनवरी को डॉ. रेखा कदम को 13 साल की बच्ची का कथित रूप से गर्भपात कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसके बाद 12 से 13 जनवरी के बीच दो नर्सों पूजा ढात और संगीता काले को भी गिरफ्तार किया गया था.

बीते शनिवार को अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में डॉ. कदम के घर की तलाशी ली गई, जहां से काले हिरण की खाल बरामद हुई. खाल को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है और इस संबंध में अलग से मामला दर्ज किया गया है.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने डॉ. कदम और अस्पताल की दो नर्स को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वे नाबालिग लडक़ी का अवैध तरीके से गर्भपात करा रही थीं. इस मामले में नाबालिग लड़के के माता-पिता को भी पकड़ा गया है. लड़के पर लड़की के बलात्कार का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर ने 18 साल से कम उम्र की लड़की का गर्भपात कराने की जानकारी अधिकारियों को नहीं दी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस प्रसूति अस्पताल (Maternity Hospital) का संचालन डॉ. कुमार सिंह कदम का परिवार करता है. अस्पताल में चार डॉक्टर हैं और चारों कदम परिवार से हैं. कुमार सिंह कदम के अलावा उनकी पत्नी शैलजा कदम, बेटा नीरज कदम और बहू रेखा कदम अन्य तीन डॉक्टर हैं.

अरवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भानुदास पिदुरकर ने बताया, ‘हमने सभी अवशेषों (खो​पड़ियां और हड्डियों) को पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक विश्लेषण के लिए नागपुर फोरेंसिक लैब में भेज दिया है. उनसे जल्द से जल्द रिपोर्ट के लिए अनुरोध किया गया है. हम जांच कर रहे हैं कि क्या अस्पताल में और गर्भपात किए गए थे. अभी तक हमारे पास केवल एक मामले की जानकारी है.’

13 साल की गर्भवती नाबालिग लड़की की मां ने बीते 9 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटी के साथ 17 वर्षीय लड़के ने बलात्कार किया था और 7 जनवरी को अस्पताल में गर्भपात कराया गया था, जब वह पांच महीने की गर्भवती थी.

रिपोर्ट के अनुसार, लड़की को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

पिदुरकर ने बताया, ‘17 वर्षीय लड़के को किशोर गृह भेज दिया गया है और उसके माता-पिता को पीड़िता की मां को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. अस्पताल के अधिकारियों को कानून के अनुसार, हमें सूचित करना चाहिए था कि पीड़ित को गर्भपात के लिए अस्पताल ले जाया गया था. फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.’

डॉ. रेखा कदम पर आरोप है कि उन्होंने इस प्रक्रिया (गर्भपात) के लिए 30,000 रुपये लिए थे. पुलिस ने कहा कि भ्रूण को अस्पताल परिसर के अंदर बायोगैस संयंत्र के लिए खोदे गए गड्ढे में दफनाया गया था. आरोप है कि नर्सों ने भ्रूण को ठिकाने लगाने में मदद की थी. अन्य हड्डियां भी उसी गड्ढे से बरामद की गई थीं.

पुलिस ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि बायोगैस संयंत्र से मिली हड्डियां और खोपड़ियों को कानूनी तरीके से निस्तारित किया गया था या गैर-कानूनी तरीके से.

डिप्टी एसपी सुनील सालुंके ने कहा, ‘हमारी जांच जारी है. हमने शुक्रवार 14 जनवरी को अस्पताल में ​दोबारा तलाशी ली. मामले में सबूत खोजने के लिए अस्पताल के अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी.’

मामले की जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर ज्योत्सना गिरि ने बताया कि वह कदम परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज करेंगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)