राजनीति

पंजाब विधानसभा चुनाव में ‘आप’ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे भगवंत मान

पंजाब में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख दलों में आम आदमी पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा की है. पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है और मतगणना 10 मार्च को की जाएगी.

भगवंत मान. (फोटो साभार: ट्विटर)

चंडीगढ़/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ऐलान किया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में भगवंत मान पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.

48 वर्षीय मान संगरूर से दो बार के लोकसभा सांसद और पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख हैं.

केजरीवाल ने ‘मिस्ड कॉल’ के जरिये चलाए गए ‘जनता चुनेगी अपना सीएम’ अभियान के परिणाम की घोषणा एक जन सभा में की. पार्टी नेताओं ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा चुनने के वास्ते चलाए गए इस अभियान के तहत पार्टी को 21.59 लाख प्रतिक्रियाएं मिली थीं.

केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा, ‘21.59 लाख प्रतिक्रियाओं में मेरे नाम सहित कई लोगों के नाम आए. मैंने पहले ही कहा था कि मैं दौड़ में नहीं हूं. हम उन वोट (जिनमें केजरीवाल का नाम है) को अमान्य घोषित कर रहे हैं. शेष बचे अन्य मतों में से 93.3 प्रतिशत लोगों ने सरदार भगवंत मान का नाम दिया था. वहीं, दूसरे नंबर पर (कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख) नवजोत सिंह सिद्धू का नाम 3.16 प्रतिशत लोगों ने दिया.’

केजरीवाल ने कहा, ‘भगवंत मान को औपचारिक रूप से ‘आप’ का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाता है.’

मान इस घोषणा के बाद भावुक हो गए. मान की मां और बहन भी इस कार्यक्रम में मौजूद थीं.

केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा है, ‘मैं सरदार भगवंत मान को पंजाब में आप का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए जाने पर बधाई देता हूं. पूरा पंजाब आप को एक उम्मीद के तौर पर देख रहा है. यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और मुझे यकीन है कि भगवंत हर पंजाबी के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे.’

इसके जवाब में भगवंत मान ने कहा, ‘महोदय, आप और पंजाब के लोगों ने मुझ पर जो भरोसा और विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए मैं अपनी पूरी कोशिश करूंगा. मैं जो भी कदम उठाऊंगा हूं, वह आपको और 3 करोड़ पंजाबियों को बहुत गौरवांवित करेगा.’

मान ने कहा कि उनके कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है, क्योंकि उन्हें न केवल पार्टी बल्कि राज्य के लोगों ने भी नामित किया है.

पंजाब में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख दलों में ‘आप’ एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा की है. गौरतलब है कि पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है और मतगणना 10 मार्च को की जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व में कॉमेडियन रहे भगवंत मान का राजनीतिक करिअर 2012 में मनप्रीत बादल की पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब से शुरू हुआ था, लेकिन लेहरा से वह अपना पहला विधानसभा चुनाव में हार गए थे.

वह 2014 में आप में शामिल हुए और संगरूर संसदीय सीट से दो लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की. 2017 के विधानसभा चुनावों में आप ने उन्हें जलालाबाद से अकाली अध्यक्ष सुखबीर बादल के खिलाफ खड़ा किया, लेकिन उन्हें तब हार का सामना करना पड़ा. 2019 में उन्होंने फिर से संगरूर संसदीय सीट पर एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी.

मान आप पंजाब के संयोजक बने रहे, लेकिन अरविंद केजरीवाल द्वारा अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से बिना शर्त माफी मांगने के बाद 2018 में इस्तीफा दे दिया था. वह जनवरी 2019 में राज्य पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापस लौटे थे.

मान को उम्मीदवार बनाकर आप ने पंजाब में घोषित की अपनी ‘शराब नीति’: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगरूर के सांसद भगवंत मान को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर आम आदमी पार्टी (आप) को आड़े हाथों लिया और कहा कि इस घोषणा के साथ ही राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने अपनी ‘शराब नीति’ भी घोषित कर दी.

भाजपा महासचिव तरुण चुग ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला जनता अपने मतों से करती है न कि मिस्ड कॉल्स से.

चुग ने कहा, ‘दिल्ली के कोने-कोने में ठेके खोलने के बाद अब नशे से लड़ रहे पंजाब को एक नशेड़ी मुख्यमंत्री देना चाहते हैं आम आदमी पार्टी और केजरीवाल. गजब मजाक है पंजाबवासियों के साथ.’

उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा के साथ ही आम आदमी पार्टी ने अपनी शराब नीति भी घोषित कर दी. जो पंजाब नशे से लड़ रहा है, उसे यह पार्टी नशे की तरफ धकेलना चाहती है.’

चुग ने कहा कि पंजाब की जनता तय करेगी कि नायक किसे बनाना है.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘जिस व्यक्ति के खिलाफ उसी की पार्टी के दूसरे सहयोगी ने लिखित दरख्वास्त दी थी कि उसके साथ बैठना मुश्किल है, क्योंकि उसके मुंह से शराब की बदबू आती है, ऐसे लोग पंजाब का क्या करेंगे यह जनता बखूबी जानती है और अपने वोटों से वह इसका जवाब देगी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)