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कनाडा-अमेरिका सीमा पार करते जिस परिवार की ठंड में जमने से मौत हुई वह गुजरात का था: रिपोर्ट

आरोप है कि अमेरिका से लगी कनाडा की सीमा पर भारतीयों का एक समूह अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहा था, जब एक नवजात समेत चार लोगों का परिवार उनसे बिछड़ गया. गश्ती दल को बाद में उनके बर्फ में जमे हुए शव मिले. बताया जा रहा है कि सीमा पर उस दौरान -41 डिग्री तापमान था. केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि वह इस घटना से स्तब्ध हैं.

कनाडा में कनाडा-अमेरिका सीमा के पास स्थित इमर्सन क्षेत्र (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: क​थित तौर पर अवैध तरीके से कनाडा से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे चार भारतीयों की दोनों देशों की सीमा पर ठंड में जमने से मौत हो गई.

इस संबंध में बीते 21 जनवरी को समाचार एजेंसी पीटीआई ने खबर दी थी कि अमेरिका से लगी कनाडा की सीमा पर भीषण ठंड की चपेट में आकर एक नवजात शिशु समेत एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. साथ ही समाचार एजेंसी ने इस घटना के मानव तस्करी से संबंधित होने की आशंका व्यक्त की थी.

इस खबर के सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटना को लेकर ट्वीट कर ​कहा था, ‘कनाडा-अमेरिका सीमा पर एक नवजात शिशु समेत 4 भारतीय नागरिकों की मौत की रिपोर्ट से स्तब्ध हूं. अमेरिका और कनाडा में अपने राजदूतों से स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया देने को कहा है.’

गौरतलब है कि अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की सीमा के करीब कनाडा में इमर्सन क्षेत्र के पास चार लोगों के शव मिले थे. जिनमें दो व्यस्क, एक किशोर और एक बच्चा शामिल थे.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चारों मृतक गुजरात के गांधीनगर जिले की करोल तहसील स्थित एक गांव के रहने वाले थे.

रिपोर्ट के मुताबिक, वे अपने गांव के अन्य लोगों के साथ एक समूह में कनाडा के लिए निकले थे. अन्य सात लोगों को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हिरासत में ले लिया गया है.

हालांकि, उनकी अब तक पहचान उजागर नहीं की गई है. गांधी नगर जिला कलेक्टर कुलदीप आर्य ने कहा है, ‘इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में हमें मीडिया से पता चला. इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक संवाद नहीं हुआ है. अगर विदेश मंत्रालय से कोई संवाद होता है तो हम अपने स्तर पर हरसंभव मदद करेंगे.’

जबकि मिनेसोटा कोर्ट में दर्ज शिकायत में अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के विशेष एजेंट जॉन डी. स्टैनली ने बताया है कि उन्होंने पाया कि सभी विदेशी नागरिक गुजराती बोलते थे. ज्यादातर लोग अंग्रेजी नहीं बोल सकते थे या कम बोल पाते थे.

अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की पहचान सामने आने में एक हफ्ते का समय लग सकता है, क्योंकि कनाडाई और अमेरिकी अधिकारी कथित मानव तस्करी रैकेट की जांच कर रहे हैं, ताकि यह सामने आ सके कि उन्होंने कितना भुगतान किया था और भारत से उन्हें लाने के पीछे कौन था.

रिपोर्ट के अनुसार, जिस गांव से परिवार ताल्लुक रखता था, वहां के स्थानीय निवासियों ने बताया है कि गांव से तीन-चार परिवार और गायब हैं.

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हमने पुष्टि के लिए मृतकों की तस्वीरें और विवरण के लिए विदेश मंत्रालय को एक मेल भेजा है.

मिनेसोटा की अदालत में दायर शिकायत में विशेष एजेंट स्टैनली ने हिरासत में लिए गए सात भारतीयों में से तीन के नामों (Initials) का उल्लेख ‘वीडी’, ‘एसपी’ और ‘वाईपी’ के रूप में किया है.

इस संबंध में भारतीयों के समूह को कनाडा से अमेरिका में तस्करी करने के आरोप में 47 वर्षीय स्टीव शैंड के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शैंड के साथ गिरफ्तार किए गए और उसकी कार में सवार दोनों अन्य लोगों की पहचान ‘एसपी’ और ‘वाईपी’ में की गई है.

स्टैनली ने कहा कि दो भारतीयों को शैंड के साथ पकड़ा गया था, जबकि पांच अन्य को भी उत्तरी डकोटा के पेम्बिना में पास से गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से उन्हें पकड़ा गया था, वह बॉर्डर पेट्रोल द्वारा मानव तस्करी के लिए एक उच्च घटना क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि अमेरिकी गश्ती दल को पांच और भारतीय पैदल ही सीमा पार करते हुए मिले, जिनमें से एक के पास से चार लोगों के परिवार से संबंधित बैग मिला था, परिवार सीमा पार करते वक्त बिछड़ गया था. जब कनाडाई अधिकारियों को इस संबंध में सूचना दी गई तो उन्हें सीमा से करीब 40 फीट दूर चार लोगों के शव मिले.

बीते दिसंबर से इस इलाके में ऐसी ही दो घटनाएं और सामने आ चुकी हैं. एक घटना में जब रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस को अवैध सीमा पार के लिए जाने जाने वाले एक क्षेत्र से एक बैग मिला था, जिसके अंदर रुपये (भारतीय मुद्रा) में मूल्य दिखाने वाला एक प्राइस टैग मिला था.

स्टैनली ने कहा कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों का समूह अमेरिका की ओर से किसी के द्वारा रिसीव जाने की उम्मीद में सीमा पार चला गया था.

वीडी के रूप में पहचाने गए व्यक्ति ने बताया कि उनका ग्रुप करीब 11.5 घंटों से पैदल चल रहा था और एक बैग साथ ले जा रहा था, जो कि उनका नहीं था. यह चार सदस्यीय परिवार का था, जो कि रात को उनसे बिछड़ गया था.

बैग में बच्चे के कपड़े, डाइपर, खिलौने और कुछ बच्चों की दवाएं पाई गईं. एक अधिकारी के मुताबिक इलाके का तापमान माइनस 41 डिग्री था. जिसमें मिनटों में त्वचा जम जाती है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि टोरंटो और शिकागो से भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मैनिटोबा और मिनियापोलिस भेजा गया है.

भारतीय अधिकारी हिरासत में लिए गए सात लोगों के संबंध में अमेरिकी अधिकारियों के भी संपर्क में हैं और उनसे राजनयिक पहुंच की मांग की है. उनमें से एक महिला अभी भी अस्पताल में है.