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तिरंगे का अपमान: अमेज़ॉन से जुड़े विक्रेता पर केस, प्रतिबंध के लिए गृहमंत्री को पत्र लिखा

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज की छवि के साथ जूते सहित कई उत्पाद बेचने के आरोप में अमेज़ॉन के मालिक और अधिकारियों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने निर्देश दिया था. कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने अमेज़ॉन पोर्टल पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भोपाल/नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की भोपाल पुलिस ने अमेज़ॉन के मंच पर जूते सहित कई उत्पादों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रिंट के साथ बेचने के आरोप में इस ई-कॉमर्स कंपनी के अज्ञात विक्रेता (सेलर) के खिलाफ मंगलवार शाम को प्राथमिकी दर्ज की है.

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की छवि के साथ जूते सहित कई उत्पाद बेचने के आरोप में अमेज़ॉन के मालिक और अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का पुलिस को निर्देश देने के चंद घंटे बाद यह कार्रवाई हुई है.

भोपाल के पुलिस आयुक्त मकरंद देउस्कर ने मंगलवार शाम को बताया, ‘अमेज़ॉन पर तिरंगे के प्रिंट के साथ जूते सहित कई उत्पाद बेचने के आरोप में भोपाल की अपराध शाखा में अज्ञात विक्रेता के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा दो और भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (2) में प्रकरण दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है.’

इससे चंद घंटे पहले गृह मंत्री ने भोपाल में पत्रकारों से कहा था, ‘मेरे संज्ञान में आया है कि हमारे राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़ॉन द्वारा बेचे जा रहे उत्पादों पर किया जाता है. यह असहनीय है कि इसे (राष्ट्रीय ध्वज) जूतों पर भी इस्तेमाल किया गया.’

उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया यह राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन है. मिश्रा ने कहा, ‘मैंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को अमेज़ॉन के अधिकारियों और मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है.’

इससे एक दिन पहले 24 जनवरी को अमेज़ॉन को इसके कुछ उत्पादों में भारतीय ध्वज की छवियां होने की वजह से सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग का क्रोध का सामना करना पड़ा था.

एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने अमेज़ॉन की वेबसाइट पर परिधान, कप, चाभी का गुच्छा और चॉकलेट जैसी वस्तुओं की तस्वीरें साझा की थीं, जिनमें तिरंगे की तस्वीरें या छाप हैं और इन वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.

कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कहा कि उत्पादों पर तिरंगे का उपयोग करना भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के विरुद्ध है.

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग ने कहा कि इस तरह का उपयोग राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है, जबकि अन्य ने कहा कि यह बिक्री बढ़ाने का एक सस्ता तरीका था और इससे भारतीय नागरिकों की देशभक्ति नहीं बढ़ेगी.

संहिता के अनुसार, ‘ध्वज का उपयोग किसी भी प्रकार की पोशाक या वर्दी के हिस्से के रूप में नहीं किया जाएगा. इसे तकिये, रूमाल, नैपकिन या बक्से पर मुद्रित नहीं किया जाएगा.’

बहरहाल मध्य प्रदेश पुलिस के अनुसार, भोपाल के 26 वर्षीय शुभम नायडू की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए यह प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस ने कहा कि नायडू ने शिकायत में कहा है कि उसने 24 जनवरी की सुबह आठ बजे देखा कि अमेज़ॉन कंपनी पर अज्ञात सेलर (विक्रेता) द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होने वाली कंपनी की साइट पर टी-शर्ट, जूते एवं मग पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का प्रिंट किया गया है, जो तिरंगे का अपमान है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अमेज़ॉन ने सोमवार को कहा था कि वह उन विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने किसी भी गैर-अनुपालन उत्पादों को सूचीबद्ध किया हो.

कंपनी ने कहा कि अमेज़ॉन डॉट इन (Amazon.in) एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहां तीसरे पक्ष के विक्रेता सीधे ग्राहकों को बिक्री के लिए अपने उत्पादों की पेशकश करते हैं और वह इस तरह इन उत्पादों की बिक्री से जुड़े कानून और नियमनों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है.

प्रवक्ता ने कहा कि जिन भी विक्रेताओं ने कोई गैर-अनुपालन वाला उत्पाद सूचीबद्ध किया है, कंपनी उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है.

कंपनी ने कहा, ‘हमें बाजार पर पेश किए जाने वाले सभी उत्पादों को लागू कानूनों का पालन करने और गैर-अनुपालन पर लगातार उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता है. अमेज़ॉन उन विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने किसी भी गैर-अनुपालन वाले उत्पादों को सूचीबद्ध किया हो.’

यह पहली बार नहीं है कि जब मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने पुलिस को अमेज़ॉन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. इससे पहले भी गृहमंत्री ने दो अलग-अलग मामलों में अमेज़ॉन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था.

पिछले नवंबर में मिश्रा ने ई-कॉमर्स साइट के माध्यम से कथित तौर पर जहरीला सल्फा (एक कृषि फ्यूमिगेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला) टैबलेट प्राप्त करने वाले मध्य प्रदेश के एक युवक की आत्महत्या पर अमेज़ॉन के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था.

इसके अलावा भिंड जिले की पुलिस ने ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से स्टीविया (एक प्राकृतिक स्वीटनर) बेचने की आड़ में गांजा की आपूर्ति करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद अमेज़ॉन इंडिया के अनाम अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.

2017 में अमेजन को भारत के कड़े विरोध के बाद अपनी कनाडाई वेबसाइट पर सूचीबद्ध भारतीय ध्वज वाले ‘डोरमैट’ को हटाना पड़ा था.

ध्वज संहिता के उल्लंघन के लिए अमेज़ॉन पोर्टल पर प्रतिबंध की मांग, कैट का गृह मंत्री को पत्र

इधर, कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारत में राष्ट्रीय ध्वज संहिता के कथित उल्लंघन के लिए ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेज़ॉन के पोर्टल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. व्यापारियों के संगठन ने इस बारे में गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है.

कैट ने पत्र में गृह मंत्री से आग्रह किया है कि वह ध्वज संहिता के उल्लंघन के लिए अमेज़ॉन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का निर्देश दें. उद्योग संगठन ने कहा है कि कार्रवाई होने तक अमेज़ॉन के वेब पोर्टल पर प्रतिबंध लगाया जाए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)