राजनीति

उत्तर प्रदेश: बिजनौर के सपा-रालोद उम्मीदवार के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: नामांकन हलफ़नामे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बताया कि उनके ख़िलाफ़ एक भी आपराधिक मुक़दमा लंबित नहीं. मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि यूपी में भाजपा के ‘मोदी-योगी’ फैक्टर ने ‘मुस्लिम-यादव’ फैक्टर की जगह ली. पंजाब में कांग्रेस स्टार प्रचारकों की सूची में असंतुष्ट जी-23 धड़े के मनीष तिवारी का नाम नहीं. नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री पद के चेहरे से तय होगा 60 उम्मीदवार विधायक बनते हैं या नहीं. उत्तराखंड में राहुल गांधी ने कहा कि महामारी के बीच मोदी ने किसानों को सड़क पर छोड़ा, कांग्रेस कभी ऐसा नहीं करेगी.

नीरज चौधरी (माला पहने हुए). (फोटो साभार: फेसबुक)

बिजनौर/लखनऊ/नई दिल्ली/चंडीगढ़/देहरादून/पणजी: उत्तर प्रदेश में बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी के लिए राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी.

यह एफआईआर एक वीडियो पर आधारित है, जो उनके समर्थकों द्वारा जनसंपर्क अभियान के दौरान नारे लगाते हुए ऑनलाइन सामने आया था.

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा-रालोद उम्मीदवार नीरज चौधरी के घर-घर जाकर प्रचार करने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सुना गया कि कुछ लोग कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे.

संपर्क करने पर कोतवाली बिजनौर के प्रभारी राधे श्याम ने बताया, ‘बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से सपा-रालोद उम्मीदवार नीरज चौधरी के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. जब वह घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे तो उनके साथ के कुछ लोगों के कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए थे.’

उन्होंने बताया, ‘नीरज चौधरी और 20-25 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (राजद्रोह) और 295-ए (जान-बूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा), 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) तथा महामारी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.’

उन्होंने बताया कि यह वीडियो बीते एक फरवरी का है और मामला बीते तीन फरवरी को दर्ज किया गया था और मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने कहा, ‘क्लिप के ऑडियो और वीडियो की जांच की जाएगी.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय पुलिस ने एफआईआर में दावा किया है कि वीडियो में चौधरी के समर्थकों को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए दिखाया गया है.

वहीं सपा-रालोद गठबंधन उम्मीदवार ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि वे एक करीबी सहयोगी आकिब अंसारी, जो एक पार्षद के पति हैं, के लिए नारे लगा रहे थे, ‘आकिब भाई जिंदाबाद’.

चौधरी ने भाजपा के आईटी सेल पर ‘नारों को तोड़-मरोड़’ कर पेश करने का आरोप लगाया है. वहीं, भाजपा ने इस आरोप को ‘झूठा’ करार देते हुए खारिज कर दिया है.

रिपोर्ट के अनुसार, 12 सेकंड के वीडियो क्लिप में ऑडियो आंशिक रूप से अस्पष्ट है लेकिन ‘आकिब भाई जिंदाबाद’ के नारे सुने जा सकते हैं.

मामला दर्ज होने पर रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने एक ट्वीट में कहा, ‘मतदाताओं को सर्तक रहना हैं, यह चुनाव भाईचारा बनाम भाजपा है. न्यू इंडिया में ‘आकिब भाई जिंदाबाद को पाकिस्तान जिंदाबाद बताया जाता है.’

जयंत ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘बिजनौर के हमारे प्रत्याशी चौधरी नीरज एक डाक्टर हैं, नेक इंसान हैं. उन्हें इस मूर्ख वीडियो में छेड़छाड़ करके राजद्रोही साबित करने का प्रयास किया जा रहा है.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में शिकायतकर्ता सिटी कोतवाली स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह हैं, जिन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपी ‘आपत्तिजनक नारे’ लगा रहे थे और ‘क्षेत्र के सांप्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे’. सिंह ने शिकायत में कहा है कि उम्मीदवार के समर्थकों को समूहों में घूमकर और मास्क का उपयोग नहीं करके कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते देखा गया.

अतिरिक्त एसपी (बिजनौर) डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने कहा, ‘प्रारंभिक जांच के आधार पर केस दर्ज किया गया है. जांच के दौरान सभी आरोपों पर गौर किया जाएगा. वीडियो को जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला भी भेजा जाएगा.’

सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी राधेश्याम ने कहा कि बीते तीन फरवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दिख रहा है कि नीरज चौधरी की मौजूदगी में उनके 20-25 अज्ञात समर्थक चुनाव प्रचार के दौरान ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे.

वहीं सपा-रालोद प्रत्याशी नीरज चौधरी के मुताबिक, पुलिस ने क्लिप में ऑडियो सुने बिना ही केस दर्ज कर लिया. उन्होंने कहा कि वह एक फरवरी की शाम को अपने समर्थकों के साथ बिजनौर के जुलाहन-काजीपाड़ा इलाके में (आकिब) अंसारी के आवास पर गए थे.

उन्होंने कहा, ‘फिर हम जनता से मिलने निकले. रास्ते में मेरे साथी ‘जयंत चौधरी जिंदाबाद’, ‘नीरज चौधरी जिंदाबाद’, ‘आकिब अंसारी जिंदाबाद’ और ‘आकिब भाई जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे. यह पता चलने पर कि कुछ लोग नारों को मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, मैंने कल (तीन फरवरी) तुरंत पुलिस को फोन किया और जांच की मांग की. जब मुझे बताया गया कि पुलिस ने मुझ पर पहले ही मामला दर्ज कर लिया है तो मैं चौंक गया.’

नीरज चौधरी ने कहा कि उन्होंने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग से शिकायत की है.

उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी शिकायत में कहा है कि जिला प्रशासन भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होगा. भाजपा के आईटी सेल ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से वीडियो जारी किया है और पुलिस ने इसकी पुष्टि किए बिना एफआईआर दर्ज कर ली है. मैंने चुनाव आयोग से मुझे झूठे मामले में फंसाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को आग्रह किया है.’

बिजनौर जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने कहा, ‘नीरज चौधरी हमारी पार्टी पर झूठे आरोप लगा रहे हैं. ये लोग (सपा और रालोद) जिले के माहौल का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.’

बिजनौर में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होगा. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक दल-समाजवादी पार्टी का गठबंधन है.

बिजनौर निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 3.84 लाख मतदाता हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के 1.50 लाख से अधिक वोट शामिल हैं. यह सीट 2017 में भाजपा की सुचि चौधरी ने जीती थी, जो इस बार भी पार्टी के उम्मीदवार हैं.

नीरज चौधरी के पिता तेजपाल सिंह ने 1993 में चांदपुर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्य का चुनाव जीता था. उनकी मां सुरेखा ने 1996 में बसपा उम्मीदवार के रूप में असफल चुनाव लड़ा था.

हलफनामे में योगी आदित्यनाथ ने कहा- एक भी आपराधिक मुकदमा लंबित नहीं

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हलफनामे में घोषणा की है कि उनके खिलाफ एक भी आपराधिक मुकदमा लंबित नहीं है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे 49 वर्षीय योगी ने खुद को अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ का पुत्र बताया है.

योगी ने अपने नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामें में अपने पास एक करोड़ 54 लाख 94 हजार 54 रुपये की संपत्ति मौजूद होने की जानकारी दी है और यह उनकी चल संपत्ति है. हलफनामे के अचल संपत्ति वाले कॉलम में उन्होंने ‘लागू नहीं’ लिखा है. योगी ने देनदारियों वाले कॉलम में ‘लागू नहीं’ का उल्लेख किया है.

मुख्यमंत्री ने हलफनामे में बताया है कि उनके पास 20 ग्राम वजन के कुंडल हैं, जिनकी कीमत खरीद के समय 49,000 रुपये थी. इसके अलावा उनके पास 10 ग्राम की रुद्राक्ष माला है, जो सोने की जंजीर में बनी हुई है. इसकी कीमत खरीद के समय 20,000 रुपये थी. इसके अलावा उनके पास 12,000 रुपये का एक मोबाइल फोन है.

योगी ने यह भी घोषित किया है कि उनके पास एक लाख रुपये का रिवॉल्वर और 80 हजार रुपये की राइफल भी है.

शैक्षणिक योग्यता वाले कॉलम में योगी ने खुद को स्नातक बताया है. हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 1992 में पौड़ी गढ़वाल स्थित बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर से बीएससी की डिग्री हासिल की है.

भाजपा का दरवाजा बंद कर ‘ताला’ लगाने का काम करेंगे अलीगढ़ के लोग: अखिलेश

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का दावा करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी भाजपा का ‘दरवाजा’ बंद करके उसमें ‘कुंडी’ लगा देगी और अलीगढ़ के लोग इसमें ‘ताले’ लगाने का काम करेंगे.

अखिलेश यादव. (फाइल फोटो: ट्विटर)

उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण के माहौल से लगता हैं कि राज्य की जनता ने भाजपा का सफाया पूरे उत्तर प्रदेश से करने का मन बना लिया है.

उन्होंने समाजवादी और गठबंधन सहयोगियों की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि यह चुनाव यूपी के भविष्य का चुनाव है, संविधान एवं लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है. उन्होंने कहा कि अब समय बहुत कम बचा है और राज्य की जनता ने बदलाव के लिए मन बन लिया है.

तालों के लिए मशहूर अलीगढ़ में आज पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मऊ जिले में हमने अपनी पहली जनसभा में ही वादा किया था कि भाजपा का दरवाजा बंद करके उसमें कुंडी लगा देंगे. अब अलीगढ़ के लोग इसमें ताले लगाने का काम करेंगे.’

कृषि कानूनों पर सरकार को घेरते हुए यादव ने कहा कि सरकार किसानों के ऊपर थोपे गए तीन कानूनों का गुणगान कर रही थी, लेकिन जैसे ही यूपी और पंजाब का चुनाव करीब आया, भाजपा ने तीनों काले कानून वापस ले लिए.

उन्होंने कहा कि देश और यूपी में डबल इंजन की भाजपा सरकार ने किसानों को निराश किया है. कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि किसानों के ऊपर इस तरह का अन्याय होगा. किसान और खेती करने वाले लोग सबसे ज्यादा दुखी हैं और भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने किसानों को बर्बाद किया हैं.

उन्होंने किसानों को खाद न मिलने तथा डीजल पेट्रोल की मंहगाई का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिल रही है. खाद की बोरी में से चोरी हो रही है. डीजल-पेट्रोल महंगा है. कमाई आधी है.

सपा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना के समय जब किसान, मजूदर को सरकार की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब सरकार ने उन्हें अकेला छोड़ दिया था. इसे किसान और मजूदर कभी भूल नही सकते हैं. कोरोना के समय यह सरकार जनता को दवाई, बिस्तर और ऑक्सीजन नही दे पाई. कोरोना से कितने लोगों की जान गई हैं, अभी तक गिनती नहीं हो पाई हैं. ‘डबल इंजन’ की सरकार ने जनता को धोखा दिया है.

उन्होंने कहा कि कोरोना के समय सपा की एम्बुलेंस काम आई थीं, सपा के लैपटॉप काम आए. उन्होंने प्रदेश में निवेश के नाम पर सरकार को घेरते हुए कहा कि निवेश के बहाने लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का जो एमओयू साइन हुआ था, वह कहां हैं, कोई नया उद्योग या कारखाना लगा क्या?

उन्होंने 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने और सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन फिर से देने की बात दोहराई. आरक्षण के बारे में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा, ‘हमें दिल्ली पहुंचा दो, हम सारी परेशानियां दूर कर देंगे.’

उत्तर प्रदेश में भाजपा के ‘मोदी-योगी’ फैक्टर ने ‘मुस्लिम-यादव’ फैक्टर की जगह ली: नकवी

नोएडा: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सपा, बसपा और कांग्रेस के ‘सिंडिकेट’ पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी के ‘मोदी-योगी’ फैक्टर ने अब पूर्ववर्ती ‘मुस्लिम-यादव’ फैक्टर की जगह ले ली है, जो सांप्रदायिक और जातिवादी था.

मुख्तार अब्बास नकवी. (फोटो: पीटीआई)

केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में भाजपा के उपनेता ने उत्तर प्रदेश में ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत करने के लिए अपनी पार्टी को श्रेय दिया और कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों में या कम विकसित राज्य में गिना जाता था.

नकवी राज्य के पश्चिमी हिस्से में गौतम बुद्ध नगर जिले में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे, जहां तीन विधानसभा क्षेत्रों नोएडा, जेवर और दादरी में 10 फरवरी को मतदान होगा.

नकवी ने कहा, ‘भाजपा ने सभी के गरिमापूर्ण विकास के संकल्प के साथ छद्म धर्मनिरपेक्षता और तुष्टीकरण की राजनीति को हराया है. मोदी-योगी का एमवाई (मोदी-योगी) फैक्टर समावेशी सशक्तिकरण का पर्याय है. इसने पूर्ववर्ती एमवाई (मुस्लिम-यादव) फैक्टर का अर्थ बदल दिया है, जो सांप्रदायिकता और जातिवाद का प्रतीक था.’

हल्दोनी गांव में एक ‘जन चौपाल’ में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ‘एसबीसी’ (सपा-बसपा-कांग्रेस) सिंडिकेट ने अपने 60 से अधिक वर्षों के शासन के दौरान उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ विश्वासघात किया है.

उन्होंने कहा, ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य को इस एसबीसी ‘सिंडिकेट’ ने बीमारू राज्य बना दिया था.’ उन्होंने आगामी चुनावों के दौरान लोगों से ‘इन पार्टियों को सबक सिखाने’ को कहा.

नकवी ने कहा कि भाजपा नेताओं दिवंगत कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और अब योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल को राज्य का ‘स्वर्ण युग’ माना जाता है.

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने उत्तर प्रदेश से न सिर्फ ‘बीमारू’ राज्य का तमगा हटाया है, बल्कि राज्य को ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’ में बनाने का काम किया है और ‘बलवाई, बाहुबली, बेमानी’ के ‘गढ़’ को भी ध्वस्त किया है.

गौतम बुद्ध नगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में से एक है, जहां 10 फरवरी को चुनाव होंगे. उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होंगे और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे.

बसपा ने 54 प्रत्याशियों की सूची जारी की, मुख्यमंत्री के खिलाफ ख्वाज़ा शमसुद्दीन को उतारा

बसपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 54 उम्मीदवारों की सूची जारी की. इस सूची में गोरखपुर शहर की सीट भी शामिल है, जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बसपा ने ख्वाजा शमसुद्दीन को चुनाव मैदान में उतारा है.

(फोटो: पीटीआई)

बसपा ने इस सूची में सात मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव में टिकट दिया है. इस सूची में अंबेडकरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और बलिया जिलों की 54 विधानसभा सीटें शामिल हैं.

पार्टी ने गोरखपुर शहर सीट से ख्वाजा शमसुद्दीन को मैदान में उतारा है. यहां उनका मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होगा. कुशीनगर में फाजिलनगर सीट से पार्टी ने संतोष तिवारी को चुनाव मैदान में उतारा है, जहां उनका मुकाबला भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री और सपा के उम्मीदवार स्वामी प्रसाद मौर्य से होगा.

बसपा ने कटेहरी से प्रतीक पांडेय और अकबरपुर से चंद्र प्रकाश वर्मा को टिकट दिया है. दोनों निर्वाचन क्षेत्र अंबेडकरनगर जिले के अंतर्गत आते हैं. पिछले विधानसभा चुनावों में बसपा के लालजी वर्मा और राम अचल राजभर क्रमशः कटेहारी और अकबरपुर से जीते थे.

पिछले साल नवंबर में वर्मा और राजभर अंबेडकरनगर में ‘जनादेश महारैली’ में सपा में शामिल हुए थे. बसपा ने बलिया के रसरा से अपने मौजूदा विधायक उमा शंकर सिंह को मैदान में उतारा है.

पार्टी ने गोरखपुर के चिल्लूपार से राजेंद्र सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. यह सीट पहले विनय शंकर तिवारी के पास थी, जो पार्टी छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होगा.

योगी की सभा में अधिक भीड़ होने पर प्रत्याशी समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में दो दिन पूर्व भाजपा प्रत्याशी मेघश्याम सिंह के समर्थन में आयोजित की गई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी सभा में अनुमति से अधिक भीड़ जमा होने पर उम्मीदवार समेत 1500 से 1700 व्यक्तियों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस ने इसकी जानकारी दी.

थाना गोवर्धन के उप-निरीक्षक चंद्रवीर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, दो फरवरी को बस स्टैंड के समीप सभा स्थल पर एक हजार लोगों की अनुमति के सापेक्ष करीब 1500 से 1700 लोग उपस्थित थे, जिन्होंने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में नारेबाजी की.

पुलिस ने बताया कि इस दौरान कोविड दिशानिर्देशों एवं आचार संहिता का उल्लंघन हुआ. उन्होंने बताया कि उम्मीदवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

ज्ञात हो कि बीते दो फरवरी को उस सभा को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एवं सांसद हेमा मालिनी समेत कई भाजपा के नेताओं ने संबोधित किया था.

पहले चरण के उम्मीदवारों में 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े

नोएडा: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के उम्मीदवारों में से 125 आठवीं कक्षा तक पढ़े हैं, जबकि 15 ने खुद को ‘निरक्षर’ बताया है. चुनाव सुधार की पैरोकारी करने वाले संगठन एडीआर ने यह जानकारी दी.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने यह भी कहा कि चुनाव में 70 से अधिक उम्मीदवारों की आयु 60 वर्ष से अधिक है. एडीआर कहा कि उसने उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में 58 विधानसभा सीटों से राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के 615 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है.

पहले चरण के तहत इन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव 10 फरवरी को होने हैं.

एडीआर के आंकड़ों के अनुसार, 15 उम्मीदवार ‘निरक्षर’ हैं, 38 ‘साक्षर’ हैं, 10 उम्मीदवार पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है, 62 कक्षा 8 तक पढ़े हैं, 65 ने कक्षा 10 और 102 ने कक्षा 12 तक पढ़ाई की है.

एडीआर ने कहा कि 100 ‘स्नातक’ उम्मीदवार हैं, 78 ‘स्नातक पेशेवर’, 108 ‘स्नातकोत्तर’, 18 ‘डॉक्टरेट’ और सात ‘डिप्लोमा’ धारक हैं, जबकि 12 ने अपनी शिक्षा का विवरण नहीं दिया है.

इसमें कहा गया है कि 239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है.

आयु के संदर्भ में 214 उम्मीदवारों (35 प्रतिशत) ने अपनी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच घोषित की है और 328 उम्मीदवारों (53 प्रतिशत) ने इसे 41 से 60 वर्ष के बीच बताया है. इसमें कहा गया है कि 73 उम्मीदवारों (12 प्रतिशत) ने अपनी आयु 61 से 80 वर्ष के बीच बताई है.

पहले चरण में 58 विधानसभा क्षेत्रों में आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतम बौद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में मतदान होने वाला है. चुनाव के नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे.


पंजाब विधानसभा चुनाव


अगर स्टार प्रचारकों की सूची में नाम होता, तो मुझे हैरानी होती: मनीष तिवारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने पंजाब विधानसभा चुनाव संबंधी पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में अपना नाम शामिल नहीं होने को लेकर शनिवार को पार्टी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अगर इस सूची में उनका नाम होता, तो उन्हें हैरानी होती.

लोकसभा सदस्य तिवारी ने ट्वीट किया, ‘अगर इसके (सूची में नाम नहीं होना) उलट होता, तो मुझे हैरानी होती. अब कारण भी किसी से छिपे नहीं हैं.’

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिजीत मुखर्जी के उस ट्वीट को भी रीट्वीट किया, जिसमें अभिजीत मुखर्जी ने कहा था कि स्टार प्रचारकों की सूची में तिवारी का नाम शामिल नहीं किया जाना, कांग्रेस के लिए दुखद स्थिति है.

कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारक बनाया है.

पंजाब से ताल्लुक रखने वाले तिवारी और राज्यसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद को इस सूची में जगह नहीं मिली है. आजाद और तिवारी कांग्रेस के उस ‘जी-23’ समूह के नेता हैं, जिसने अगस्त, 2020 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के संगठन में आमूल-चूल परिवर्तन और जमीन पर सक्रिय अध्यक्ष की मांग की थी.

हालांकि, इस समूह के एक अन्य वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को पंजाब चुनाव से जुड़ी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है.

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है. मतगणना 20 मार्च को होगी.

मुख्यमंत्री पद के चेहरे से तय होगा 60 उम्मीदवार विधायक बनते हैं या नहीं: सिद्धू

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करेगा कि 60 उम्मीदवार विधायक चुने जाते हैं या नहीं.

नवजोत सिंह सिद्धू. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब में सरकार बनाने के लिए 117 सदस्यीय विधानसभा में 59 सीट पर जीत जरूरी है और सिद्धू द्वारा कहा गया 60 का आंकड़ा इससे एक सीट अधिक है. राज्य में 20 फरवरी को विधानसभा चुनाव होगा.

सिद्धू की यह टिप्पणी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपने लुधियाना दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा किए जाने की संभावना से पहले आई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने हालांकि किसी पार्टी का नाम नहीं लिया.

उन्होंने यह भी कहा कि वही व्यक्ति 60 उम्मीदवारों का विधायक के रूप में निर्वाचन सुनिश्चित करा सकता है, जिसके पास पंजाब के लिए रोडमैप है और जिस पर लोग विश्वास करते हैं.

अमृतसर पूर्व सीट से चुनाव लड़ रहे सिद्धू ने शनिवार को अमृतसर में मीडिया से कहा कि वह कभी भी ‘सत्ता के उपासक’ नहीं रहे.

सिद्धू ने कहा, ‘लेकिन आज पंजाब को एक बड़ी बात तय करनी है. 60 विधायक होने पर एक व्यक्ति मुख्यमंत्री बन जाएगा. कोई 60 विधायकों की बात नहीं कर रहा है. सरकार किस रोडमैप पर बनेगी, इस बारे में कोई बात नहीं करता.’

उन्होंने दोहराया कि उनका मॉडल राज्य को आगे बढ़ा सकता है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘यह सिद्धू का मॉडल नहीं, बल्कि राज्य का मॉडल है और अगर किसी के पास इससे बेहतर मॉडल है तो वह उसे भी स्वीकार करेंगे.’


गोवा विधानसभा चुनाव


गोवा में असली चुनावी मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी ने गोवा में गरीबों के लिए ‘न्याय’ योजना तैयार की है और जोर दिया कि इस तटीय राज्य में असली चुनावी मुकाबला कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच है.

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर)

कांग्रेस नेता ने उनकी पार्टी को वोट देने की अपील करते हुए लोगों से कहा कि वे चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे अन्य दलों का समर्थन कर अपना वोट बेकार नहीं करें.

वर्ष 2016 में नोटबंदी के मुद्दे को लेकर भाजपा-नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए गांधी ने दावा किया कि इस पूरी कवायद से केवल अमीरों को लाभ हुआ, जबकि छोटे कारोबारी बुरी तरह प्रभावित हुए.

संखालिम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, ‘वास्तविकता यह है कि गोवा में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है और बाकी राजनीतिक दल दौड़ में नहीं हैं, इसलिए किसी अन्य दल को वोट देकर अपना वोट बेकार नहीं करें.’

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत संखालिम विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. गोवा की 40 सीटों पर 14 फरवरी को मतदान होगा.

गांधी ने कहा कि गोवा में गरीबों के कल्याण के लिए कांग्रेस ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है.

उन्होंने कहा, ‘हमने गोवावासियों के लिए एक न्याय योजना तैयार की है, जिसके तहत राज्य के गरीब लोगों के खाते में हर महीने 6,000 रुपये दिए जाएंगे.’

राहुल गांधी ने कहा कि वह कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेताओं की तरफ से ये आश्वासन देना चाहते हैं कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो ये सभी गोवावासियों का प्रतिनिधित्व करेगी.

कांग्रेस ने गोवा में दलबदलुओं को टिकट नहीं देने का साहसिक निर्णय लिया: सुरजेवाला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव के लिए दलबदलुओं को टिकट नहीं देने का साहसिक फैसला लिया है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुरजेवाला ने दावा किया कि गोवा में भाजपा के कई मंत्री उनकी पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार थे.

उन्होंने कहा, ‘हमने राजनीतिक रूप से काफी साहसिक काम किया. हमने निर्णय किया कि हम उन लोगों को (पार्टी में) वापस नहीं लेंगे, जिन्होंने गोवा के राजनीतिक माहौल को खराब कर दिया है. भाजपा के मंत्री (गोवा में) शामिल होने के लिए तैयार थे, लेकिन राहुल गांधी, दिनेश गुंडू राव (राज्य प्रभारी), गिरीश चोडानकर (पार्टी की गोवा इकाई के प्रमुख), दिगंबर कामत (नेता प्रतिपक्ष) और पार्टी ने उन्हें स्वीकार नहीं करने का निर्णय किया. ’

सुरजेवाला ने आम आदमी पार्टी को 2017 के विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तब कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन भाजपा गठबंधन सरकार बनाने में कामयाब रही.


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव


महामारी के बीच मोदी ने किसानों को सड़क पर छोड़ा, कांग्रेस कभी ऐसा नहीं करेगी: राहुल

उधम सिंह नगर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर कोविड-19 महामारी के बीच किसानों को एक साल के लिए सड़क पर छोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी ऐसा कभी नहीं करेगी.

आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले उधम सिंह नगर जिले के किच्छा में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत में प्रधानमंत्री नहीं है, बल्कि एक राजा है, जो अपना निर्णय लेते समय जनता से चुप रहने की उम्मीद करता है.

गांधी ने कहा कि कांग्रेस किसानों, युवाओं, मजदूरों या गरीबों के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं करेगी और वह उनके साथ साझेदारी चाहती है.

उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा. मतगणना 10 मार्च को होगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)