राजनीति

पंजाब: राहुल गांधी ने की घोषणा, चरणजीत सिंह चन्नी होंगे कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का चेहरा

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: चन्नी को सीएम चेहरा बनाए जाने के बाद सिद्धू बोले कि वे कभी किसी पद के लिए लालायित नहीं रहे. केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने अकाली दल के साथ गठबंधन से इनकार किया. वाराणसी के कांग्रेस प्रत्याशी के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज. हरीश रावत की विकृत तस्वीर पोस्ट करने पर उत्तराखंड भाजपा को चुनाव आयोग का नोटिस. चुनाव प्रचार के लिए रोड शो, रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ाया गया.

चरणजीत सिंह चन्नी. (फोटो: पीटीआई)

लुधियाना/चंडीगढ़/नई दिल्ली/वाराणसी/लखनऊ/देहरादून/इम्फाल: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए रविवार को अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी के नाम की घोषणा की.

गांधी ने यहां डिजिटल तरीके से एक रैली को संबोधित करते हुए यह घोषणा की. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘पंजाब के लोगों ने कहा कि हमें गरीब घर से मुख्यमंत्री की जरूरत है.’

पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे के अन्य मुख्य दावेदार प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू थे. पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया और एक स्वचालित कॉल सिस्टम के माध्यम से जनता की राय भी मांगी थी कि मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होना चाहिए.

गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नहीं बल्कि एक ‘राजा’ हैं. उन्होंने सवाल किया, ‘क्या आपने उन्हें सड़क किनारे किसी की मदद करते देखा है.’

कभी किसी पद के लिए लालायित नहीं रहा: सिद्धू

इस निर्णय के बाद कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह कभी किसी पद के लिए लालायित नहीं रहे. उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने के फैसले की प्रशंसा की.

सिद्धू ने लुधियाना की एक रैली को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए यह बात कही.

उनके इस बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए रविवार को अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी के नाम की घोषणा की.

सिद्धू ने कहा, ‘17 साल के राजनीतिक करिअर में सिद्धू कभी किसी पद के लिए लालायित नहीं रहा, लेकिन हमेशा पंजाब की बेहतरी और उसके लोगों की जिंदगी में सुधार चाहा.’

राहुल गांधी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह वही हैं, जिन्होंने पिछले साल एक दलित को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया.

उन्होंने कहा, ‘यह बदलाव का पल है, जो लोगों के जीवन को बेहतर कर सके. हमें किसी चीज की जरूरत नहीं है. हमारी जरूरत बस पंजाब का कल्याण है. पंजाब के प्रति मेरे प्यार ने हमेशा उसकी बेहतरी चाही है.’

पहले सिद्धू ने ट्वीट किया था कि वह मुख्यमंत्री के चेहरे पर पार्टी के फैसले को मानेंगे. उन्होंने आज की डिजिटल रैली में भी यही बात कही.

पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए सिद्धू ने कहा, ‘अब अमरिंदर सिंह डबल इंजन की बात करते हैं. ये वही लोग हैं, जिन्होंने पंजाब को लूटा.’

गौरतलब है कि अमरिंदर सिंह ने पिछले साल पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और पंजाब लोक कांग्रेस नामक नई पार्टी बनाई थी. पंजाब लोक कांग्रेस भाजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ रही है.

 शिरोमणि अकाली दल के साथ चुनाव के बाद कोई गठबंधन नहीं होगा: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच चुनाव के बाद गठबंधन की संभावना से शनिवार को इनकार कर दिया.

पुरी ने आरोप लगाया कि शिअद ने भाजपा को पंजाब में अपना आधार बढ़ाने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि अकालियों ने भाजपा से किसी सिख नेता को भी उभरने नहीं दिया.

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उनके साथ भाजपा के महासचिव दुष्यंत गौतम और पार्टी की प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता अनिल सरीन भी मौजूद थे.

प्रवर्तन निदेशालय के पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के रिश्तेदार भूपिंदर सिंह उर्फ हनी को धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किए जाने के सवाल पर पुरी ने कहा कि भाजपा बदले की राजनीति में यकीन नहीं करती है.

विधानसभा चुनाव की दौड़ में कुल 1304 उम्मीदवार मैदान में, साहनेवाल-पटियाला सीट से सर्वाधिक 19

पंजाब विधानसभा चुनाव की दौड़ में अब कुल 1304 उम्मीदवार रह गए हैं. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख यानी शुक्रवार को कुल 341 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस लिया.

साहनेवाल और पटियाला विधानसभा सीट से सर्वाधिक 19-19 उम्मीदवार मैदान में हैं. यह जानकारी पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी एस करुणा राजू ने दी.

राजू ने कहा कि 117 विधानसभा सीट के लिए कल 2266 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. नामांकन पत्रों की जांच के बाद 1645 नामांकन वैध पाए गए. दिनानगर विधानसभा क्षेत्र से सबसे कम पांच उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

चमकौर साहिब और भदौर सीट से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मैदान में हैं. पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्व सीट से मैदान में हैं. वहीं, 94 वर्षीय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार हैं, जो लाम्बी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पटियाला शहरी सीट से पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार हैं. शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल जलालाबाद सीट से और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भगवंत मान संगरूर जिले की धुरी सीट से मैदान में हैं.

शिअद नेता बिक्रम मजीठिया नवजोत सिंह सिद्धू को चुनौती देते नजर आएंगे. संयुक्त समाज मोर्चा (एसएसएम) के बलबीर सिंह राजेवाल समराला सीट से दम दिखाएंगे.

पंजाब में कांग्रेस, आप, शिअद-बसपा गठबंधन, भाजपा-पीएलसी-शिअद (संयुक्त) और एसएसएम के बीच बहुकोणीय मुकाबला है.


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव


 वाराणसी में कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज

कांग्रेस नेता अजय राय. (फोटो साभार: फेसबुक)

वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में शनिवार को राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि राय पर 31 जनवरी को वाराणसी जिले के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में राजेतारा गांव में ‘अनधिकृत’ चुनाव प्रचार के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल तथा आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए भी मामला दर्ज किया गया है.

इससे पहले, बिजनौर से राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के उम्मीदवार नीरज चौधरी पर चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कथित पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी को लेकर राजद्रोह का एक मामला दर्ज किया गया था.

विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट पर शनिवार शाम को फूलपुर पुलिस थाने में राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई.

वाराणसी के उप जिलाधीश और पिंडरा के निर्वाचन अधिकारी राजीव राय ने कहा, ‘इस प्रकरण के संबंध में कई शिकायतें मिली हैं. अजय राय ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव में ये बातें कही हैं और मामले पर संज्ञान लिया गया है. चार सदस्यीय दल गठित किया गया है और सभी प्रक्रिया का पालन करने के बाद वह दोषी पाए गए हैं.’

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता से जवाब मांगा गया, लेकिन उनका जवाब सतोषजनक नहीं पाया गया है.

निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘राय को बिना अनुमति के प्रचार अभियान करते हुए पाया गया, जो कोरोना वायरस के लिए जारी दिशा निर्देशों तथा आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन है. चुनाव प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया.’

इस मामले में अजय राय ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं कि वह भाजपा में शामिल हो जाएं, वरना उनका राजनीतिक करिअर खराब कर दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘कुछ दिन पहले मुझे घर से निकलने नहीं दिया जा रहा था. हार्दिक पटेल के वाराणसी आगमन पर भी मेरे खिलाफ नोटिस जारी किया गया था. भाजपा सरकार यह जान ले कि जनता मेरे साथ है.’

गौरतलब है कि अजय राय 2017 में पिंडरा से विधानसभा चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे. भाजपा के अवधेश सिंह ने चुनाव जीता था.

कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने बयान जारी कर बताया कि उनके खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के कारण प्रशासन ने दबाब में मुकदमा दर्ज किया है . उन्होंने आरोप लगाया कि यह दबाव चुनावी हार के डर के कारण पुलिस प्रशासन पर बनाया गया है .

उन्होंने कहा कि इसी तरह अतीत में भी एक चुनाव में एक सत्तारूढ़ दल के दबाव में मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था जिसे कानून और जनता की अदालत ने खारिज कर दिया था, इस बार भी मेरे ऊपर लगाए गए दोनों आरोप कानून एवं जनता की अदालतों में खारिज होगा.

राय ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप कानून एवं जनता की अदालत में नहीं टिकेंगे. मुझ पर आरोप है कि मैंने मोदी जी एवं योगी जी को ‘खन कर गाड़ देने’ की बात कही. उनके प्रति निजी तौर पर मैं बहुत सम्मान रखता हूं और किसी को शारीरिक रूप से गाड़ने की बात मैंने नहीं की.’

संभल में भाजपा, सपा प्रत्याशियों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज

संभल जिले के असमोली विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव आचार संहिता तथा कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.

पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने बताया कि असमोली से सपा की मौजूदा विधायक एवं प्रत्याशी पिंकी यादव द्वारा नखासा क्षेत्र में प्रचार के दौरान निर्धारित संख्या से अधिक भीड़ इकट्ठा करके कोविड-19 प्रोटोकॉल और आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में शनिवार को मामला दर्ज किया गया.

उन्होंने बताया कि असमोली से ही भाजपा के प्रत्याशी हरेंद्र सिंह रिंकू के खिलाफ भी आचार संहिता के उल्लंघन और कोविड प्रोटोकॉल की अवहेलना के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

प्रदेश में 50 से 60 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी शिवसेना: संजय राउत

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के वीआरएस लेकर राजनीतिक दलों में शामिल होने को लेकर इन एजेंसियों की विश्वसनीयता पर शनिवार को सवाल उठाये, साथ ही यह भी कहा कि उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में 15 से 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी 50 से 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. बीस उम्मीदवारों की एक सूची उसने पहले ही जारी कर दी है.

राउत ने पत्रकारों से बातचीत में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर छापे मारने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करती है और फिर इन अधिकारियों को चुनाव लड़ने के लिए टिकट देती है.

उनका इशारा राजेश्वर सिंह की ओर था, जिन्होंने प्रवर्तन निदेशालय में संयुक्त निदेशक पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली है और उन्हें भाजपा ने लखनऊ में सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है.

राउत ने कहा, ‘कोई ऐसी एजेंसी पर कैसे भरोसा कर सकता है, जिसका अधिकारी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ता है. ईडी की टीम महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं के घर पहुंच रही है. हम जल्द ही इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शिवसेना 50 से 60 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

शिवसेना नेता ने कहा, ‘हम पहले ही उत्तर प्रदेश में लगभग 20 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं. हम किसी भी बड़ी पार्टी के साथ गठबंधन में नहीं हैं, लेकिन कुछ छोटे समूहों के साथ साझेदारी की है.’

राउत ने यह भी दावा किया, ‘हम 15 से 20 सीटों पर उप्र से लोकसभा चुनाव भी लड़ेंगे.’

पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादक संजय ने अपने उम्मीदवारों का नामांकन रद्द करने के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा के इशारे पर प्रदेश में लगभग 15 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए गए, क्योंकि पार्टी को हमारे उम्मीदवारों द्वारा उन सीटों पर हार का डर सता रहा है. हम अपने प्रयास जारी रखेंगे और चुनाव लड़ेंगे.’

शिवसेना सांसद ने एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी पर हालिया हमले की आलोचना करते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के लंबे दावे किए जाते हैं, कहा जाता है कि गैंगस्टरों का शासन समाप्त हो गया है, लेकिन जब राजनीतिक नेता उप्र आते हैं तो उन पर गोलियां बरसाई जाती हैं, इसका मतलब उप्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है.’

लता मंगेशकर के निधन के कारण भाजपा का चुनाव घोषणा पत्र विमोचन कार्यक्रम स्थगित

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र के विमोचन का कार्यक्रम रविवार को ‘भारत रत्न’ गायिका लता मंगेशकर के निधन के कारण स्थगित कर दिया गया.

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि लता मंगेशकर के निधन के कारण पार्टी के लोक कल्याण संकल्प पत्र का विमोचन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है. यह कार्यक्रम सुबह दस बजे होना था.

उन्होंने बताया कि संकल्प पत्र के विमोचन कार्यक्रम की नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी.

इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के लोक कल्याण संकल्प पत्र का विमोचन करना था. उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित थे.


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव


हरीश रावत की विकृत तस्वीर पोस्ट करने के लिए उत्तराखंड भाजपा को निर्वाचन आयोग का नोटिस

हरीश रावत. (फोटो साभार: फेसबुक)

निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड भाजपा को आदर्श चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया है और पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता हरीश रावत की एक विकृत तस्वीर ट्वीट करने के लिए 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है.

तस्वीर में रावत को एक मौलवी के रूप में दिखाया गया है. कांग्रेस ने शुक्रवार को इस संबंध में निर्वाचन आयोग से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी.

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उत्तराखंड भाजपा ने तीन फरवरी को रात 9 बजकर 34 मिनट पर रावत की एक विकृत तस्वीर ट्वीट की थी, जिसमें उन्हें एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया था.

आयोग ने पांच फरवरी को भेजे गए नोटिस में कहा, ‘आयोग ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक विचार किया है और यह माना जाता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), उत्तराखंड ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-123 में आचार संहिता के ‘सामान्य आचरण’ वाले हिस्से में निर्धारित खंड (I) और (2) तथा भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 153(ए) की उप-धारा (आई)(ए) का उल्लंघन कर ऐसे बयान दिए हैं जो भड़काऊ हैं और इसे गंभीरता से लिया जाता है. इससे भावनाओं के भड़कने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका रहती है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.’

आयोग ने यह भी कहा, ‘इसलिए अब आयोग उत्तराखंड भाजपा को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर हरीश रावत की विकृत तस्वीर डालने के एआईसीसी के आरोप पर अपना रुख स्पष्ट करने का अवसर देता है.’

निर्वाचन आयोग ने कहा कि स्पष्टीकरण इस नोटिस की प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर आयोग के पास पहुंच जाना चाहिए, ऐसा नहीं करने पर आयोग इस मामले में उत्तराखंड भाजपा को आगे संदर्भित किए बिना उचित निर्णय लेगा.


मणिपुर विधानसभा चुनाव


विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और वाम दलों का गठबंधन

मणिपुर में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शनिवार को छह दलों ने गठबंधन किया जिसे ‘मणिपुर प्रोग्रेसिव सेक्युलर अलायंस’ (एमपीएसए) नाम दिया गया है.

इस गठबंधन में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), फारवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और जेडी(एस) शामिल है.

इंफाल स्थित कांग्रेस भवन में सभी छह दलों ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में गठबंधन का ऐलान किया. इस बैठक में मणिपुर में कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक जयराम रमेश, पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और वाम दलों के प्रतिनिधि मोइरंगथेम नारा सिंह शामिल थे.

एमपीएसए के नेताओं ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनी तो वह 18 सूत्रीय एजेंडा लागू करेंगे. इस एजेंडा में मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता और इसकी ऐतिहासिक सीमा की रक्षा, मणिपुर के लोगों को मुफ्त इलाज का अधिकार देने वाला कानून बनाना, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देना और आर्थिक न्याय दिलाने की बात शामिल है.

60 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को होंगे जबकि मतगणना 10 मार्च को होगी.

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया

विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को इंफाल पूर्व जिले की हिंगांग सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में हिंगांग से भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है.’ उन्होंने चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले सभी भाजपा उम्मीदवारों को शुभकामनाएं भी दीं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिन में विभिन्न राजनीतिक दलों के पांच और उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया.

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए रोडशो, वाहन रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ाया

निर्वाचन आयोग ने रविवार को रोड शो, ‘पद यात्रा’, साइकिल और वाहन रैलियों पर प्रतिबंध को बढ़ा दिया, लेकिन कोविड-19 मामलों में कमी का हवाला देते हुए चुनावों के लिए बंद और खुले स्थानों पर प्रचार कार्यक्रमों के लिए नई छूट प्रदान की.

नई छूट मिलने के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में राजनीतिक दलों को बड़े चुनाव प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन करने में मदद मिलेगी.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 10 फरवरी को मतदान होगा. इसके लिए आठ फरवरी की शाम प्रचार अभियान थम जाएगा.

आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिवों, उसके पर्यवेक्षकों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर भौतिक प्रचार कार्यक्रमों को आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी.

आयोग ने एक बयान में कहा कि ‘खुले में सभा, बंद भवनों में सभा तथा रैलियों के संबंध में प्रतिबंधों में और ढील दी गई है, लेकिन बंद सभागारों की 50 प्रतिशत क्षमता और खुले मैदान की 30 प्रतिशत क्षमता के बराबर लोग ही इनमें शामिल हो सकेंगे.’

इसके अलावा, घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए अधिकतम 20 लोगों की सीमा पहले की तरह ही लागू रहेगी. प्रचार पर रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक प्रतिबंध लागू रहेगा.

देश में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर और पंजाब में विधानसभा चुनाव होना है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)