राजनीति

विश्वविद्यालय बनाने वाले आज़म ख़ान जेल में, किसानों पर जीप चढ़ाने वाला बाहर: अखिलेश यादव

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड कांग्रेस के नेता हरीश रावत की छेड़छाड़ वाली तस्वीर ट्वीट करने पर भाजपा को चेताया. उत्तराखंड में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार चुनाव में भाजपा जीत के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगी. राहुल गांधी ने कहा कि असली मुद्दों से गोवा के लोगों का ध्यान भटका रहे हैं प्रधानमंत्री. पंजाब में चुनाव प्रचार से दूर रह रहीं कांग्रेस सांसद और अमरिंदर सिंह की पत्नी प्रनीत कौर ने कहा कि परिवार सबसे महत्वपूर्ण.

रामपुर में चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

रामपुर/नई दिल्ली/देहरादून/पणजी/चंडीगढ़: लखीमपुर हिंसा के आरोपी आशीष मिश्रा को जमानत मिलने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि छात्रों के लिए विश्वविद्यालय बनाने वाले आजम खान झूठे मुकदमों के कारण जेल में हैं, लेकिन किसानों को जीप से कुचलने वाला जेल से बाहर है, यही भाजपा का ‘न्यू इंडिया’ है.

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को जिस तरह से पहले चरण का मतदान हुआ, उससे कल (बृहस्पतिवार) शाम को ही परिणाम आ गए और इस बार भाजपा की हवा खराब है, उसका सफाया होने जा रहा है.

रामपुर में दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए सपा के प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा करते हुए सपा अध्यक्ष यादव ने कहा, ‘अब्दुल्ला आजम (आजम खान के बेटे) को दो साल तक झूठे मुकदमों के कारण जेल में रहना पड़ा. आजम खान को भी झूठे मुकदमों में जेल भेज दिया गया और उन पर भैंस चोरी, मुर्गी चोरी, किताब चोरी के मुकदमे लगाए गए.’

अखिलेश ने कहा कि दुनिया में कहीं भी किसानों को जीप से नहीं कुचला गया, लेकिन यूपी का चुनाव है, इसलिए जेल से जमानत मिल गई और बाहर आ गए.

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पिछले साल प्रदर्शन कर रहे किसानों की हत्या के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्रा को बीते बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ  पीठ ने जमानत दे दी थी.

पिछले साल तीन अक्टूबर को आशीष मिश्रा कथित तौर पर तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ एक विरोध मार्च के दौरान लखीमपुर खीरी में चार किसानों और एक पत्रकार पर सवार एसयूवी चढ़ाकर उनकी हत्या करने के आरोपी है.

घटना से संबंधित वीडियो में दो से तीन एसयूवी का काफिला किसानों को कुचलते हुए दिखाई दे रही थी. उस दिन लखीमपुर खीरी जिले में इस हिंसा के दौरान कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी. किसानों के कुचले जाने के बाद हिंसा भड़क उठी, जिसमें भाजपा के दो कार्यकर्ताओं सहित तीन और मारे गए.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बीच आशीष मिश्रा को जमान​त दिए जाने की विपक्ष समेत कई किसान संगठनों ने निंदा की है. कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि राजनीतिक रूप से शक्तिशाली आरोपी के गवाहों को प्रभावित करने की पक्की संभावना पर विचार किए बिना अदालत का जमानत देना बेहद निराशाजनक है.

बहरहाल रामपुर में हुई जनसभा के दौरान सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के नेता झूठ बोलते हैं, पहली बार झूठ बोला कि नोटबंदी होगी तो भ्रष्टाचार कम होगा, लेकिन भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ बल्कि डबल इंजन की सरकार में यह दोगुना हो गया.

अखिलेश यादव ने सपा सरकार बनने पर गरीबों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, पुरानी पेंशन बहाल करने, सिंचाई के लिए बिजली बिल माफ करने, गन्ना किसानों का 15 दिन के अंदर भुगतान करने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया.

सपा प्रत्याशी आजम खान रामपुर से और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम स्वार से चुनाव मैदान में हैं. रामपुर में दूसरे चरण में 14 फरवरी को चुनाव है.

भाजपा एक हाथ में विकास तो दूसरे में बुलडोजर रखती है: योगी आदित्यनाथ

शाहजहांपुर/बदायूं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा सरकार एक हाथ में विकास रखती है, जबकि दूसरे में बुलडोजर. उन्होंने दावा किया कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित महसूस कर रही हैं.

शाहजहांपुर में चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: ट्विटर)

उन्होंने सपा का मजाक उड़ाते हुए कहा कि जब सपा सत्ता में थी तो उसने कब्रिस्तान की चहारदीवारी बनाकर विकास किया था.

शाहजहांपुर के कांठ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘भाजपा सरकार एक हाथ में विकास रखती है, जबकि दूसरे पर बुलडोजर. इस बुलडोजर का इस्तेमाल माफिया को भगाने के लिए किया जाता है. पहले रामलीला का मंचन नहीं किया जा सकता था, लेकिन अब रामलीला का मंचन किया जा रहा है.’

आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि सपा की सरकार के दौरान केवल सैफई (सपा के पहले परिवार के गृहनगर) और आजम खान को बिजली की आपूर्ति की जाती थी, जबकि भाजपा सरकार में अब ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली मिल रही है.

आदित्यनाथ ने कहा कि सपा सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए, जबकि भाजपा ने किसानों का कर्ज माफ किया. अकेले शाहजहांपुर में ही 68,000 किसानों का कर्ज माफ किया गया.

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए और सपा को यह पसंद नहीं है, इसलिए उसने चुनाव आयोग के समक्ष इस संबंध में विरोध दर्ज कराया है.

सपा और बसपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘सपा-बसपा में परिवार के लिए जीने वाले लोग हैं और यही लोग परिवारवाद को बढ़ावा दे रहे हैं. हम समग्र विकास की बात करते हैं तो यह लोग कब्रिस्तान की बात करते हैं. हम गन्ना की बात करते हैं तो यह लोग जिन्ना की बात करते हैं.’

बदायूं में एक अन्य जनसभा में आदित्यनाथ ने कहा, ‘जो लोग कोविड रोधी टीकों के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं और इसे भाजपा का टीका बता रहे हैं, जो झूठ फैला रहे हैं, उन्हें हमें वोटों से जवाब देना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों के नाम पर सिर्फ ‘सैफई महोत्सव’ का आयोजन होता था. उन्होंने कहा, ‘अब सैफई में सैफई महोत्सव नहीं होता है. अब अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में रंगोत्सव और काशी में देव दीपावली का आयोजन होता है. प्रयागराज में भव्य कुंभ का आयोजन किया गया.’

आदित्यनाथ ने कानून का राज स्थापित किया, चुनाव में मिलेगा सकारात्मक जनादेश: गडकरी

उत्तर प्रदेश में कानून का राज बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दावा किया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में विकास कार्यों व गरीबों के कल्याण की दिशा में उठाए गए कदमों के लिए भाजपा को ‘सकारात्मक जनादेश’ मिलेगा.

नितिन गडकरी. (फोटो: पीटीआई)

समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा को दिए एक साक्षात्कार में गडकरी ने कहा कि आदित्यनाथ एक बेहद ही सफल मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने कानून व व्यवस्था के मुद्दे पर ‘अप्रत्याशित’ काम करते हुए उत्तर प्रदेश में ‘गुंडाराज’ का सफाया किया है.

पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में फिर से सरकार बनाएगी और पंजाब में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी. ज्ञात हो कि पांच में से पंजाब एकमात्र राज्य है, जहां भाजपा सत्ता में नहीं है.

उन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानों में भाजपा के प्रति नाराजगी के मुद्दे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि केंद्र व प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए जितने काम किए हैं, उतने कभी भी किसी दूसरी सरकार ने नहीं किए.

गन्ना, मक्का, चावल और गेहूं के अतिरिक्त स्टॉक को बायो इथेनॉल में तब्दील करने के लिए उठाए गए उपायों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘अन्न दाता’ अब ‘ऊर्जा दाता’ बन रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि इससे किसानों की आय में मजबूती आई है.

विपक्षी दलों द्वारा कट्टर हिंदू छवि वाले मुख्यमंत्री की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा को उसके कार्यों के लिए सकारात्मक जनादेश मिलेगा.

उन्होंने कहा, ‘हम जातिवाद और संप्रदायवाद पर भरोसा नहीं करते.’

उन्होंने दावा किया कि जनता सपा और रालोद के गठबंधन को नकार देगी. ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को इस गठबंधन से कड़ी टक्कर मिल रही है.

गोवा विधानसभा के बारे में पूछे जाने पर गड़करी ने कहा कि वहां आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे और इससे भाजपा को मजबूती मिलेगी.

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि इससे भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा. हालांकि उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि वह चुनाव नहीं लड़ते.

गडकरी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में उत्तराखंड में व्यापक बदलाव हुआ है, क्योंकि वहां सरकार चार धाम को जोड़ने के लिए हर मौसम के अनुकूल सड़क बनाने के लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है.

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की मंजूरी मिलने के बाद अब इस पूरे मार्ग को एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बहुत मजबूती मिलेगी.

बैरिया सीट से भाजपा और सपा के प्रत्याशियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

बलिया: उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री और बैरिया विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी आनंद स्वरूप शुक्ला एवं 100 अज्ञात लोगों के विरुद्ध कोविड नियमों, आदर्श आचार संहिता और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया है. इन्हीं आरोपों में इस सीट से सपा उम्मीदवार जयप्रकाश अंचल के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस उपाधीक्षक अशोक मिश्र ने बृहस्पतिवार को बताया कि शुक्ला एवं सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध नौ फरवरी की रात बैरिया थाना में कोविड प्रोटोकॉल, आदर्श आचार संहिता एवं निषेधाज्ञा का कथित रूप से उल्लंघन करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई.

उन्होंने बताया कि उड़नदस्ता प्रभारी राजेश कुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.

उल्लेखनीय है कि शुक्ला भाजपा द्वारा उन्हें बैरिया से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नौ फरवरी की शाम को वहां पहुंचे थे. आरोप है कि उन्होंने बगैर प्रशासनिक अनुमति के जुलूस निकाला.

दूसरी ओर बैरिया सीट से ही सपा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक जय प्रकाश अंचल एवं उनके 200 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भी बैरिया थाना में बुधवार रात कोविड प्रोटोकॉल, आदर्श आचार संहिता व निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया .

मामला दर्ज कराने वाले उड़नदस्ता के मजिस्ट्रेट श्रीकांत भारती ने बताया कि विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद क्षेत्र में पहली बार आए अंचल अपने समर्थको के साथ 20-25 गाड़ियों के काफिले साथ बैरिया में घूम रहे थे. उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में जब उनसे अनुमति पत्र मांगा गया तो वह नहीं दिखा सके, इसलिए मामला दर्ज किया गया है.


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव


निर्वाचन आयोग ने हरीश रावत की छेड़छाड़ वाली तस्वीर ट्वीट करने पर भाजपा को चेताया

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की छेड़छाड़ कर तैयार की गई तस्वीर ट्वीट किए जाने के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तराखंड इकाई को भविष्य में और अधिक सावधान रहने की चेतावनी दी है और उसे आचार संहिता के सभी प्रावधानों का पालन करने की हिदायत दी है.

(फोटो: पीटीआई)

पिछले हफ्ते निर्वाचन आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री रावत की छेड़छाड़ से तैयार की गई तस्वीर को ट्वीट करने के लिए भाजपा की उत्तराखंड इकाई को नोटिस जारी किया था. इस तस्वीर में रावत को एक मौलवी के रूप में दिखाया गया था.

बुधवार को जारी निर्वाचन आयोग के एक आदेश में कहा गया है कि प्रदेश भाजपा ने जवाब में बताया है कि ट्वीट का उद्देश्य न तो आदर्श आचार संहिता के किसी प्रावधान का उल्लंघन करना था और न ही धर्म, नस्ल, जाति और भाषा के आधार पर समूहों के बीच कोई मतभेद पैदा करना था.

प्रदेश भाजपा ने आयोग को यह भी बताया कि ट्वीट को उसके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हटा दिया गया है.

निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसे प्रदेश भाजपा का जवाब संतोषजनक नहीं लगा. आदेश में कहा गया है कि फेसबुक के एक पोस्ट के संबंध में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो ‘अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी.’

आदेश में कहा गया, ‘निर्वाचन आयोग भाजपा की उत्तराखंड इकाई को भविष्य में और अधिक सावधान रहने की चेतावनी देता है और आदर्श आचार संहिता के सभी प्रावधानों और आयोग के अन्य दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करने की हिदायत देता है.’

उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए 14 फरवरी को मतदान होना है और मतगणना 10 मार्च को होगी.

प्रधानमंत्री ने कहा, इस बार चुनाव में भाजपा जीत के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगी

उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति जनता के उत्साह को ‘जबरदस्त’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दावा किया कि इस बार चुनावों में भाजपा की जीत के पुराने रिकॉर्ड टूट जाएंगे.

उत्तराखंड में 14 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में अल्मोड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जनता अच्छे काम करने वालों, अच्छे इरादों और नेकनीयत वालों का साथ कभी नहीं छोड़ती.

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में अपनी जनसभाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जो दृश्य मैंने देखा है, उससे साफ है कि इस चुनाव को भाजपा से ज्यादा जनता जर्नादन लड़ रही है.’

उन्होंने कहा कि भाजपा को दोबारा जिताने के लिए माताओं, बहनों, नौजवानों और किसानों ने कमर कस ली है. उत्तराखंड के लोगों ने ‘डबल इंजन’ की सरकार के लिए एक बार फिर मतदान करने का मन बना लिया है.

उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार को पहले चरण के मतदान में भी भाजपा के प्रति वातावरण को ‘जबरदस्त’ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कल जो मतदान हुआ है, उसमें भाजपा पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जीतने वाली है.’

अल्मोड़ा में मौजूद लोगों की भीड़ से उत्साहित मोदी ने कहा कि वह अपने विरोधियों से कहना चाहते हैं कि अगर उत्तराखंड के संबंध में भी उन्हें कोई आशंका है तो एक बार अल्मोड़ा में आकर देख लें, जहां विपरीत मौसम के बावजूद दूर-दूर पहाड़ों की चोटियों पर जनसैलाब दिख रहा है.

उन्होंने कहा, ‘यह दिखाता है कि फिर एक बार भाजपा सरकार.’

प्रधानमंत्री कहा कि उत्तराखंड का विकास डबल इंजन की सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास भाजपा की प्राथमिकता है और लोगों को पर्वतमाला एवं वाइब्रेंट ग्राम परियोजनाओं से लाभ होगा.


गोवा विधानसभा चुनाव


असली मुद्दों से गोवा के लोगों का ध्यान भटका रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी: राहुल गांधी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पर्यावरण और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों से गोवा के लोगों का ध्यान भटकाने का शुक्रवार को आरोप लगाया.

गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर)

गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पंडित जवाहरलाल नेहरू चाहते तो गोवा को 1947 में ‘कुछ ही घंटों के भीतर’ आजाद कराया जा सकता था.

गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री उस समय की स्थिति और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद क्या हो रहा था, इसे नहीं समझते हैं.

मोदी ने 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यहां के निकट मापुसा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार को गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने में 15 साल लग गए.

गांधी ने मडगांव में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘प्रधानमंत्री उस समय के इतिहास को नहीं समझते हैं, उन्हें समझ में नहीं आता कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद क्या चल रहा था. वह पर्यावरण और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गोवा आ रहे हैं.’

उन्होंने ‘हिजाब’ को लेकर चल रहे विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह किसी भी तरह की ऐसी बातचीत में शामिल नहीं होंगे, जिससे गोवा के लोगों का ध्यान भटके. उन्होंने कहा, ‘मेरा मिशन उन चीजों पर ध्यान केन्द्रित करना है, जो गोवा के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है.’

गोवा के एक दिवसीय दौरे पर आये गांधी ने कहा कि कांग्रेस राज्य में ज्यादातर सीटें जीतेगी और चुनाव के बाद गठबंधन की कोई आवश्यकता नहीं होगी.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को बहुमत मिलेगा और गोवा में हमारी सरकार बनाने के लिए तुरंत कदम उठाया जाएगा.’

निर्दलीय चुनाव लड़ रहे मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल ने कहा, मेरे समर्थन में एक मौन लहर है

गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बड़े बेटे उत्पल पर्रिकर ने कहा कि राज्य में उनके पक्ष में मौन लहर है. उन्होंने कहा कि 2019 में उनके पिता की मृत्यु के बाद वह पंसदीदा उम्मीदवार थे, लेकिन स्थानीय राजनीति के कारण भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था.

उत्पल पर्रिकर. (फोटो साभार: एएनआई)

वह पणजी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा.

भाजपा के पणजी के अलावा उन्हें अन्य तीन स्थान से टिकट की पेशकश करने के सवाल पर व्यवसायी पर्रिकर (41 वर्ष) ने कहा कि लड़ाई कभी सीट के विकल्प के लिए नहीं थी.

पर्रिकर अब पणजी से भाजपा के मौजूदा विधायक अतनासियो मोनसेरेट के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं.

2019 में मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर मोनसेरेट ने भाजपा उम्मीदवार को मात दी थी. हालांकि, पिछले महीने मोनसेरेट सहित कांग्रेस के कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे.

मोनसेरेट की पत्नी जेनिफर तलेगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, जबकि उनके बेटे पणजी के महापौर हैं.

पर्रिकर ने समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘2019 में स्थानीय राजनीति के कारण मुझे टिकट नहीं दिया गया और मैंने पार्टी के फैसले का तब सम्मान किया, लेकिन फिर कांग्रेस के एक सदस्य को पार्टी में शामिल किया गया, जिसके खिलाफ ऐसे गंभीर आरोप हैं कि मुझे बोलने में भी शर्म आ रही है.’

पर्रिकर का इशारा अतनासियो मोनसेरेट की ओर था, जो 2016 के बलात्कार के एक मामले में आरोपी हैं.

उन्होंने कहा, ‘इस निर्वाचन क्षेत्र को ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता, जिसके लिए मेरे पिता ने खून-पसीना लगा दिया. मैं कैसे शांत बैठ जाता? इसलिए जनता और कार्यकर्ताओं के समर्थन से, मुझे मैदान में उतरना ही था.’

उनके समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों के संदर्भ में पर्रिकर ने कहा, ‘मेरे समर्थन में एक मौन लहर है.’

भाजपा के तीन अन्य निर्वाचन क्षेत्र से टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘लड़ाई कभी भी विकल्पों की नहीं थी. मैंने कहा था कि एक अच्छा उम्मीदवार लाएं और मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा.’

उन्होंने कहा कि पार्टी ने मडगांव, कलंगुट या बिचोलिम सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने पिता की मृत्यु के बाद 2019 का उपचुनाव लड़ना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि उनका नाम सूची में था और उन्हें काफी समर्थन भी प्राप्त था.

मनोहर पर्रिकर के जीत दर्ज करने से पहले पणजी कभी भी भाजपा का गढ़ नहीं था. 1989 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा को महज दो प्रतिशत वोट मिले थे. 1994 में मनोहर पर्रिकर ने पणजी से चुनाव लड़ा और उसके बाद लगातार यहां से जीत दर्ज की.

2014 में रक्षा मंत्री के रूप में अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बुलाया और इसलिए उन्होंने सीट छोड़ी, लेकिन 2017 चुनाव में खंडित जनादेश के बाद एक बार फिर उन्होंने राज्य का रुख किया. 2019 में कैंसर के कारण उनका निधन होने से मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा.

मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री बनने के बाद सिद्धार्थ कुनकालिंकर को पणजी से उम्मीदवार बनाया गया और उन्होंने 2017 चुनाव में जीत भी दर्ज की थी. हालांकि, 2019 चुनाव में अतनासियो मोनसेरेट ने उन्हें मात दी थी.

चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाने के लिए भाजपा को समर्थन देने के सवाल पर उत्पल ने कहा, ‘अगर मैं, निर्दलीय चुनाव लड़ रहा हूं तो स्वतंत्र ही रहूंगा. इसे करने के कोई दो तरीके नहीं हैं और मैं इसे लेकर बहुत दृढ़ हूं.’

गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए 14 फरवरी को मतदान होना है और मतगणना 10 मार्च को की जाएगी.

पीएम के लिए 24 घंटे में बना हेलीपैड, 20 साल में भी नहीं बना बस स्टॉप: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दावा किया कि गोवा सरकार ने 24 घंटे के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के लिए एक हेलीपैड बनाया, लेकिन उसी स्थान के पास 20 साल में एक बस स्टॉप नहीं बन पाया है.

पणजी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में विकास के इरादे की कमी है. उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को होने वाला राज्य विधानसभा चुनाव कोई साधारण चुनाव नहीं है, यह गोवा के लिए परिवर्तन का मौका है. यह चुनाव गोवा के वर्तमान और भविष्य को बदल सकता है.

उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार में विकास की मंशा नहीं है. केजरीवाल ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को गोवा आए तो 24 घंटे के भीतर उनके लिए एक नया हेलीपैड बनाया गया.

आप नेता ने कहा, ‘हम उनकी आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमने एक विडंबना देखी है. विडंबना यह है कि प्रधानमंत्री के हेलीपैड की जगह के ठीक बगल में एक बस स्टॉप बनाया जाना था और यह 20 वर्षों में भी नहीं बन पाया है.’

उन्होंने कहा कि आप गोवावासियों को आश्वस्त करना चाहती है कि जब सरकार की मंशा हो तो वह कुछ भी कर सकती है और जो चाहे कर सकती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने गोवा के लिए कुछ नहीं किया.

केजरीवाल ने कहा, ‘गोवा के लोगों ने कांग्रेस को 27 साल और भाजपा को 15 साल दिए. इन पार्टियों ने गोवा के लिए कुछ नहीं किया. इसके विपरीत उन्होंने केवल राज्य को लूटने के लिए मिलकर काम किया.’

उन्होंने दावा किया कि गोवा की सड़कें बदहाल हैं, पानी की कमी है, बिजली गुल है, युवा बेरोजगार हैं और स्वास्थ्य तथा शिक्षा सेवाएं चरमरा गई हैं.


पंजाब विधानसभा चुनाव


परिवार सबसे महत्वपूर्ण: कांग्रेस सांसद प्रनीत कौर ने पति कैप्टन अमरिंदर के समर्थन में कहा

पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, लेकिन कांग्रेस सांसद प्रनीत कौर ने लगातार चुनाव प्रचार से दूरी बनाई हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी प्रनीत कौर पटियाला में चुनाव प्रचार से दूर रहती हैं. उनका कहना है कि ‘परिवार सबसे महत्वपूर्ण है और सभी चीजों से ऊपर है’.

प्रनीत कौर. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होने के बाद पिछले साल कांग्रेस छोड़ने वाले अमरिंदर सिंह अपना राजनीतिक संगठन पंजाब लोक कांग्रेस बनाकर पटियाला शहरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.

कुछ दिन पहले पटियाला शहरी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु शर्मा ने पटियाला से सांसद प्रनीत कौर को पार्टी के लिए प्रचार करने या इस्तीफा देने को कहा था.

विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस से दूरी बनाए रखने के सवाल पर प्रनीत कौर ने कहा, ‘मैं अपने परिवार के साथ हूं. मेरे लिए परिवार सब से ऊपर है.’

कांग्रेस ने पिछले साल नवंबर में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर उनकी कथित ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के लिए स्पष्टीकरण मांगा था. इसके बारे में पूछे जाने पर प्रनीत कौर ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में केवल अखबारों और सोशल मीडिया पर पढ़ा है.

सही नेता चुनें जो राज्य को आगे ले जा सके: सुखबीर बादल

गुरदासपुर: शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने बृहस्पतिवार को पंजाबियों से सही नेता चुनने को कहा जो राज्य को आगे ले जा सके. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भरोसा करके पंजाब पांच साल पीछे चला गया है .

सुखबीर ने कहा कि राज्य आम आदमी पार्टी (आप) पर विश्वास करके एक और जोखिम नहीं उठा सकता है.

उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के गुरचरण सिंह बब्बेहाली, दीनानगर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कमलजीत चावला और बटाला में शिअद के सुच्चा सिंह छोटेपुर के पक्ष में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘सही मुख्यमंत्री का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘आपने खुद देखा है कि कैसे अमरिंदर सिंह ने आगे आकर नेतृत्व करने से इनकार कर दिया और पंजाब उनके नेतृत्व में नीचे चला गया.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)