राजनीति

उत्तर प्रदेश के दूसरे चरण के चुनाव में शाम पांच बजे तक 60 प्रतिशत से अधिक मतदान

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: उत्तराखंड में शाम पांच बजे तक 59.37 प्रतिशत और गोवा में दोपहर तीन बजे तक 60.18 फ़ीसदी मतदान हुआ. उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि दो चरणों के चुनाव में जनता ने ‘उनकी’ गर्मी निकाल दी है. यूपी और मणिपुर के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में ‘जी-23’ के नेताओं को जगह नहीं. अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब में राजनीतिक दलों के लिए मुश्किल है मुक़ाबला.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए दूसरे चरण के तहत पड़े मतदान के बाद मुरादाबाद में सोमवार को अपनी स्याही लगी उंगलियां दिखाती महिलाएं. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ/नई दिल्ली/देहरादून/चंडीगढ़/पणजी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में नौ जिलों की 55 विधानसभा सीट के लिए सोमवार को शाम पांच बजे तक 60.44 प्रतिशत मतदान हुआ.

दूसरे चरण में प्रदेश के नौ जिलों- सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर की 55 सीट पर 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

निर्वाचन आयोग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, दूसरे चरण के चुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया जो शाम छह बजे तक चलेगा. शाम पांच बजे तक औसतन 60.44 प्रतिशत वोट पड़े.

आयोग के अनुसार, शाम पांच बजे तक सहारनपुर (67.13 प्रतिशत), बिजनौर (61.48 प्रतिशत), मुरादाबाद (64.88 प्रतिशत), संभल (56.93 प्रतिशत), रामपुर (60.30 प्रतिशत), अमरोहा (66 19 प्रतिशत), बदायूं (55.91 प्रतिशत), बरेली (57.88 प्रतिशत) और शाहजहांपुर में (55.25 प्रतिशत) वोट पड़े.

इन जिलों में 2017 के विधानसभा चुनाव में औसतन 65.53 प्रतिशत और 2019 के लोकसभा चुनाव में 63.13 प्रतिशत मतदान हुआ था. उत्तर प्रदेश में सात चरणों में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 10 फरवरी को 62.4 फीसदी मतदान हुआ था.

दूसरे चरण में जिन 55 सीट पर मतदान हो रहा है, उनमें 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 38, सपा को 15 और कांग्रेस को दो सीट पर जीत मिली थी. सपा और कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था. सपा की जीती गई 15 सीट में से 10 पर मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी.

निर्वाचन आयोग ने बताया कि अभी तक मतदान शांतिपूर्ण होने की खबरें आ रही हैं.

समाजवादी पार्टी ने पुलिस पर अपने कार्यकर्ता को परेशान करने का आरोप लगाया.

पार्टी ने ट्वीट किया, ‘बरेली जिले की आंवला विधानसभा-126, ग्राम पंचायत धनौरा गौरी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बलवीर यादव के घर में पुलिस घुसकर गाली गलौज कर रही है. सपा के मतदाताओं को खुलेआम धमकी दे रहा है प्रशासन. चुनाव आयोग संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करें.’

पार्टी विभिन्न जिलों पर ऐसी कई सारी समस्याओं के संबंध में ट्वीट किया है. एक ट्वीट में पार्टी ने कहा, ‘मुरादाबाद जनपद की नगर विधानसभा-28, मुगलपुरा में प्रशासन सत्ता के दबाव में वोटरों पर दबाव बना रहा है. सपा कार्यकर्ताओं को धमकी दी जा रही है. चुनाव आयोग कृपया संज्ञान ले.’

एक अन्य ट्वीट में सपा की ओर से कहा गया है, ‘सहारनपुर जिले की विधानसभा बेहट-1, बूथ नंबर- 403 पर तैनात मतदानकर्मी महिलाओं से यह कह कर वोट नहीं करने दे रही हैं कि आपका मतदान हो चुका है. गंभीर समस्या है, कृपया चुनाव आयोग और जिला प्रशासन संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष मतदान कराना सुनिश्चित करें.’

सपा ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा शाहजहांपुर के जिला उपाध्यक्ष पवन कुमार दीक्षित को मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के इशारे पर पुलिस ने घर से उठा लिया है. बिना किसी आरोप के सत्ता के इशारे पर विपक्ष के खिलाफ की गई कार्रवाई निंदनीय है. चुनाव आयोग कार्रवाई करे.’

बिजनौर जिले में आठ सीटों पर मतदान हो रहा है. आयुक्त अनंजय सिंह ने बताया कि सुबह कुछ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी की सूचना मिली थी, जिन्हें तत्काल बदल दिया गया.

दूसरे चरण में कुल 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनमें प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (शाहजहांपुर सदर), जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख (बिलासपुर), नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता (बदायूं), माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी (चंदौसी), आयुष राज्यमंत्री रहे और अब सपा के प्रत्याशी धर्म सिंह सैनी (नकुड़), सपा नेता आजम खान (रामपुर सदर) और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (स्वार) प्रमुख हैं.

इस चरण के चुनाव के लिए प्रचार में सभी राजनीतिक दलों ने अपना पूरा जोर लगाया है. प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख रूप से मुख्य विपक्षी दल सपा पर निशाना साधा और प्रदेश को दंगा मुक्त रखने के लिए भाजपा सरकार को जरूरी बताया.

प्रधानमंत्री ने सहारनपुर में तीन तलाक का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के चंगुल से आजाद कराया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं समेत विभिन्न स्थानों पर जाकर जनसभाएं कीं और विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किए.

दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रचार अभियान की कमान संभाली. उन्होंने जेल में बंद अपनी पार्टी के नेता आजम खान के पक्ष में रामपुर में वोट मांगे और कहा, ‘एक विश्वविद्यालय बनाने वाले आजम को जेल में डाल दिया गया जबकि लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में किसानों को अपनी जीप तले रौंदने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को जमानत दे दी गई.’

वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सपा, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट-मुस्लिम भाईचारा समाप्त कर दिया. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने विभिन्न जिलों के अनेक विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रचार किया.

राज्य में पहले चरण में 10 फरवरी को शामली, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा तथा आगरा जिलों में मतदान हुआ था. इन 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों पर 60.17 प्रतिशत मतदान हुआ था. परिणाम की घोषणा 10 मार्च को होगी.

बलिया सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मामला दर्ज

बलिया: भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष व बलिया सदर सीट से प्रत्याशी दयाशंकर सिंह तथा 100 से 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस मामले की छानबीन कर रही है .

बलिया शहर कोतवाली के प्रभारी बाल मुकुंद मिश्र ने सोमवार को बताया कि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह तथा सौ से डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध उड़न दस्ते के मजिस्ट्रेट अजय चौहान की शिकायत पर बलिया शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है .

उन्होंने बताया कि सिंह ने रविवार को आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए बगैर प्रशासनिक अनुमति के रोड शो निकाला था.

दो चरणों के चुनाव में जनता ने ‘उनकी’ गर्मी निकाल दी: अखिलेश यादव

झांसी/हमीरपुर/महोबा: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी कह रहे थे गर्मी निकाल देंगे, लेकिन दो चरणों में जनता ने उनकी गर्मी निकाल दी है और अब तीसरे चरण में बुंदेलखंड के लोग उन्हें ठंडा कर देंगे.

अखिलेश यादव. (फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए सपा प्रमुख सोमवार को बुंदेलखंड दौरे पर निकले. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने इस दौरान झांसी के खैर इंटर कॉलेज, हमीरपुर में ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज एवं रहमानिया इंटर कॉलेज, मौदहा तथा महोबा के डाक बंगले के मैदान में आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया.

उन्होंने भाजपा की सरकार में कानून-व्यवस्था बदहाल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर अपराधी, गुंडे, माफियाओं पर नकेल लगेगी.

गौरतलब है कि मुख्‍यमंत्री योगी ने हाल ही में कहा था कि सपा और रालोद के नेताओं की ‘खून की गर्मी’ विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शांत हो जाएगी.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों की जमीन छीनने के लिए तीन काले कानून उद्योगपतियों की मदद के लिए लाई थी, 700 से ज्यादा किसान आंदोलन में शहीद हुए. सपा प्रमुख ने भरोसा दिया कि समाजवादी सरकार बनने पर किसानों को दो बोरी डीएपी और पांच बोरी यूरिया खाद मिलेगी तथा 300 यूनिट घरेलू बिजली मुफ्त दी जाएगी, सिंचाई पूरी तरह नि:शुल्क होगी.

अखिलेश ने भरोसा दिया कि फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी, गरीबों के इलाज के लिए अच्छे अस्पताल बनाएंगे और यूपी डायल 100 पुलिस सेवा को और मजबूत करेंगे.

उन्होंने कहा कि भाजपा ने नौकरियों में आरक्षण के साथ भेदभाव किया है, लेकिन हम तीन महीने में जातिगत जनगणना कराकर सब जातियों को हक और सम्मान देंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा जातिगत जनगणना नहीं कराएगी, वह दूसरों पर झूठा आरोप लगाती है.

यादव ने कहा उत्तर प्रदेश बचेगा तो देश बचेगा, जैसे-जैसे भाजपा हार की तरफ बढ़ेगी, इनकी भाषा बदलती जाएगी. उन्होंने अपील की कि मतदाता समाजवादी गठबंधन की सरकार बनाएं. अखिलेश ने आरोप लगाया कि अन्ना (छुट्टा) पशुओं के नाम पर करोड़ों रुपये भाजपा सरकार में हड़प लिए गए.

सपा ने लखनऊ आईजी के तबादले के लिए निर्वाचन आयोग को फिर पत्र लिखा

सपा ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर लखनऊ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) लक्ष्मी सिंह को जनपद से बाहर स्थानांतरित किए जाने की फिर मांग की है.

योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा उम्मीदवार राजेश्वर सिंह. (फाइल फोटो: पीटीआई)

सपा मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र में लिखा है कि लखनऊ जनपद के 170-सरोजिनीनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह (पूर्व अधिकारी, प्रवर्तन निदेशालय) की पत्नी लक्ष्मी सिंह पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र के पद पर कार्यरत हैं.

पटेल ने आरोप लगाया है कि लक्ष्मी सिंह अपने पति राजेश्वर सिंह (भाजपा प्रत्याशी) के पक्ष में मतदान के लिए दबाव बना रही हैं, जिससे चुनाव प्रभावित हो रहा है.

राजेश्वर सिंह लखनऊ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में संयुक्त निदेशक पद पर कार्यरत थे और बीते दिनों चुनाव लड़ने के लिए उन्हें सरकार से सेवानिवृत्ति मांग ली थी.

कॉमनवेल्थ गेम्स, 2जी स्पेक्ट्रम, एयरसेल-मैक्सिस डील, कोयला घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील जैसे बेहद हाई-प्रोफाइल मामलों को संभालने वाले ईडी के वरिष्ठ अधिकारी राजेश्वर सिंह के भाजपा में शामिल होने की अटकलें थीं, बाद में जो सच साबित हुईं.

पत्र में उन्होंने कहा कि लक्ष्मी सिंह को स्थानांतरित कराने के लिए गत सात फरवरी को पत्र लिखा गया था तथा 11 फरवरी को शिकायत के बारे में फिर से पत्र भेजा गया था, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है.

पटेल ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2021 से संबंधित एक पत्र का संदर्भ देखा जाना चाहिए जिसमें पत्नी के प्रत्याशी बनने पर उनके पति आईपीएस, पुलिस अधीक्षक हावड़ा को स्थानांतरित किया गया था.

यूपी और मणिपुर के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में ‘जी23’ के नेताओं को जगह नहीं

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और कई अन्य नेता उत्तर प्रदेश विधानसभा के छठे चरण और मणिपुर विधानसभा के दूसरे चरण के चुनावों के लिए स्टार प्रचारक बनाए गए हैं, हालांकि इसमें ‘जी-23’ समूह के किसी नेता को स्थान नहीं मिला है.

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को सोमवार को दोनों प्रदेशों के लिए 30-30 स्टार प्रचारकों की सूची सौंपी है. उत्तर प्रदेश से जुड़ी सूची में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम नहीं है, हालांकि मणिपुर से संबंधित स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम है.

उत्तर प्रदेश के लिए स्टार प्रचारकों की सूची में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम भी शामिल हैं.

मणिपुर के लिए स्टार प्रचारकों की सूची में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा जयराम रमेश और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं.

‘जी 23’ समूह के किसी नेता का नाम इन सूचियों में शामिल में नहीं है. कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह में वो नेता शामिल हैं, जिन्होंने अगस्त, 2020 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में संगठन चुनाव करवाने की मांग की थी.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सात चरणों में होगा. पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को हो चुका है और सातवें एवं अंतिम चरण का मतदान सात मार्च को होगा. मणिपुर में 28 फरवरी और 5 मार्च को मतदान होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 10 मार्च को होगी.


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव


उत्तराखंड में शाम पांच बजे तक 62.5 प्रतिशत मतदान

उत्तराखंड में सभी 70 विधानसभा सीट के लिए सोमवार को हुए चुनाव में 62.5 फीसदी से अधिक मतदान हुआ, जहां 632 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई.

उत्तराखंड के हरिद्वार शहर के एक पोलिंग स्टेशन पर सोमवार को विधानसभा चुनाव के लिए जूना अखाड़ा के साधुओं ने मतदान किया. (फोटो: पीटीआई)

उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में सभी 11,697 मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और 62.5 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

शाम पांच बजे तक सर्वाधिक 67.58 फीसदी मतदान हरिद्वार जिले में दर्ज किया गया, जबकि उत्तरकाशी जिले में 65.55 फीसदी, उधमसिंह नगर जिले में 65.13 फीसदी और नैनीताल में 63.12 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया. मतदान का सबसे कम प्रतिशत अल्मोड़ा में 50.65 प्रतिशत रहा.

हालांकि, उन्होंने बताया कि इस मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में अंतिम मिलान के बाद संशोधन हो सकता है.

सौजन्या ने कहा कि कुछ जगहों पर ईवीएम मशीन और वीवीपैट में तकनीकी खराबी की सूचना मिली, लेकिन उन्हें तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा रिजर्व मशीन से बदल दिया गया.

सभी 13 जिलों में सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे मतदान का समय समाप्त होने तक मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी थीं. सौजन्या ने बताया कि शाम छह बजे तक मतदान केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं से मतदान कराया गया.

वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 65.56 फीसदी मतदान हुआ था जबकि वर्ष 2012 में 67.22 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

कई मतदान केंद्रों पर 100 वर्ष के बुजुर्ग भी अपना मत देने पहुंचे. बागेश्वर जिले के कपकोट विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में 100 वर्षीय नारायण सिंह कपकोटी मतदान के लिए पहुंचे. जिला प्रशासन ने शॉल भेंट करके उन्हें सम्मानित किया.

वहीं, कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर 100 वर्षीय विश्वेशरी देवी भी अपने नाती-पोतों के साथ छड़ी लेकर पहुंचीं और अपना वोट दिया. इसके अलावा, गर्भवती स्त्रियां और दिव्यांगजन डोली में बैठकर मतदान के लिए पहुंचे.

उधर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों से मिली सूचना के अनुसार, करीब 10 गांवों के मतदाताओं ने अपनी समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मतदान का बहिष्कार किया.

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक और आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, योग गुरु रामदेव आदि प्रमुख लोग सबसे पहले मतदान करने वालों में शामिल रहे.

खटीमा से लगातार तीसरी बार जीतने का प्रयास कर रहे धामी के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्र के तराई नगला मतदान केंद्र पर उनकी पत्नी गीता और मां विशना देवी भी मत डालने पहुंचीं.

मतदान केंद्र से बाहर आने के बाद अपनी उंगली पर लगी स्याही दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की.

पुलिस ने बताया कि प्रदेश में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है .

केदारनाथ विस क्षेत्र के जग्गी बगवान, चिलौंड गांवों ने किया मतदान का बहिष्कार

रुद्रप्रयाग: सड़क निर्माण न होने से नाराज केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के दो गांवों-जग्गी बगवान और चिलौंड के मतदाताओं ने उत्तराखंड में सोमवार को हुए मतदान का पूरी तरह बहिष्कार किया.

चिलौंड गांव में 225 जबकि जग्गी बगवान गांव में 376 मतदाता हैं. यहां रहने वाले ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, जिसके पूरा न होने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान का ​बहिष्कार कर दिया.

निर्वाचन आयोग और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक ग्रामीणों को मनाया नहीं जा सका है.

आज मतदान के दिन भी निर्वाचन आयोग की ओर से रुद्रप्रयाग जिले के मुख्य विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकारी दोनों गांवों में पहुंचे तथा ग्रामीणों को मनाने की कोशिश की लेकिन अपनी मांग पर अडिग ग्रामीण नहीं माने और मतदान में हिस्सा नहीं लिया.


पंजाब विधानसभा चुनाव


विरोधी मुझे और मान को निशाना बना रहे: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के प्रतिद्वंद्वी दल उन्हें और उनकी पार्टी से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान को निशाना बना रहे हैं.

पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान अरविंद केजरीवाल के साथ भगवंत मान (दाएं). (फोटो साभार: ट्विटर)

आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि उनकी पार्टी और उसके नेताओं की बस यही गलती है कि वे पंजाब में स्कूलों और अस्पतालों की हालत बेहतर करने, लोगों को नौकरियां देने और बेअदबी के मामलों में न्याय सुनिश्चित करने के बारे में बात करते हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर तंज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आजकल उन्हें (चन्नी को) सपनों में भी वही (केजरीवाल) दिख रहे हैं और वह सो नहीं पा रहे हैं.

केजरीवाल ने अमृतसर में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में आपने यह जरूर देखा होगा कि सभी दल और उनके नेता मुझे और भगवंत मान को अपशब्द कह रहे हैं. कल, (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह (पंजाब में) आए और मुझे एवं आप को अपशब्द कहे.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सुबह से लेकर देर शाम तक चन्नी ने मुझे और मान को अपशब्द कहे, लेकिन उन्होंने (शिअद प्रमुख) सुखबीर सिंह बादल का नाम नहीं लिया.’

उन्होंने कहा, ‘सुखबीर सिंह बादल ने भी मुझे अपशब्द कहे, लेकिन चन्नी का नाम नहीं लिया. (कांग्रेस नेता) प्रियंका गांधी (जो रविवार को पंजाब आई थीं) ने भी मुझे अपशब्द कहे. ऐसा लगता है कि वे सभी मिल गए हैं और हमे निशाना बना रहे हैं.’

केजरीवाल ने कहा कि ये सभी प्रतिद्वंद्वी दल आप को नहीं, बल्कि पंजाब को हराना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘ये दल नहीं चाहते हैं कि आप सत्ता में आए. बल्कि वे चाहते हैं कि जिस तरह से उन्होंने पिछले 70 साल पंजाब को लूटा है, उसे जारी रखें. उन्हें डर है कि यदि आप सत्ता में आ गई तो उनकी लूट स्थायी रूप से बंद हो जाएगी.’

उन्होंने पंजाब के लोगों से इन दलों को हराने और राज्य को बचाने की अपील की. उन्होंने कहा कि आप राज्य को एक ईमानदार सरकार देगी.

पंजाब में 20 फरवरी को विधानसभा चुनाव है. मतगणना 10 मार्च को होगी.

पंजाब में अगली सरकार भाजपा नीत गठबंधन की, विकास का नया अध्याय शुरू होगा: मोदी

जालंधर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पंजाब में अगली सरकार भाजपा नीत गठबंधन की बनेगी और राज्य में विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने पंजाब की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि वह यहां देवी तालाब मंदिर में पूजा करना चाहते थे लेकिन पुलिस व प्रशासन इसके लिए व्यवस्था नहीं कर सका.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पंजाब में राजग गठबंधन सरकार बनाएगा. पंजाब में विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा. मैं लोगों, खासकर युवाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.’

मोदी 20 फरवरी को पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पहली बार राज्य में लोगों को प्रत्यक्ष संबोधित कर रहे थे. इससे पहले पांच जनवरी को फिरोजपुर में प्रदर्शनकारियों द्वारा यातायात अवरूद्ध किए जाने के कारण उनका काफिला एक फ्लाईओवर पर फंस गया था और प्रधानमंत्री को वापस लौटना पड़ा था. उस दिन उनका एक रैली को संबोधित करने का भी कार्यक्रम था.

मोदी ने आठ फरवरी को डिजिटल तरीके से एक रैली को संबोधित किया था.

मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए दावा किया कि उसकी नीतियों ने पंजाब में उद्योगों को नष्ट कर दिया और रोजगार को प्रभावित किया है. उन्होंने पार्टी पर कटाक्ष करते हुए सभा में मौजूद लोगों से सवाल किया कि जो लोग आपस में लड़ रहे हैं, क्या वे स्थिर सरकार दे सकते हैं.

भाजपा 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा के लिए अमरिंदर सिंह नीत पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींडसा की शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है.

जालंधर की रैली में ढींडसा और सिंह भी मौजूद थे.

राहुल गांधी ने बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा

होशियारपुर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को बेरोजगारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने चुनावी भाषणों में इसपर और काले धन के मुद्दे पर बात नहीं करते हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

राहुल गांधी ने नोटबंदी और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर नरेंद्र मोदी नीत सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इससे केवल दो-तीन अरबपतियों को ही फायदा हुआ है. वह यहां एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी गरीबी को समझते हैं और चन्नी अरबपतियों की नहीं, गरीबों, किसानों, छोटे और मध्यम कारोबारियों की सरकार का नेतृत्व करेंगे.

राहुल गांधी ने कहा, ‘पंजाब चुनाव हमारे सामने है. यह कोई मामूली चुनाव नहीं है. आपको एक नई सरकार चुननी है. देश में आज हर राज्य में बेरोजगारी बढ़ रही है.’

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय मोदी सरकार ने कहा था कि यह कालेधन के खिलाफ लड़ाई है. उन्होंने कहा, ‘मोदी जी अपने भाषण में कहा करते थे कि वह बैंक खातों में 15 लाख रुपये भेजेंगे. वह कहते थे कि युवाओं को दो करोड़ नौकरियां दी जाएंगी.’

कांग्रेस नेता ने सभा में लोगों से सवाल किया कि क्या उन्हें मिल गया है. उन्होंने सवाल किया, ‘नरेंद्र मोदी इन दिनों रोजगार की बात क्यों नहीं करते, काले धन की बात क्यों नहीं करते.’

उन्होंने अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) पर भी निशाना साधा और कहा, ‘आप पंजाब को नहीं समझती है और वह राज्य का ख्याल नहीं रख सकती है. सिर्फ कांग्रेस ही पंजाब को समझती है और इसे आगे ले जा सकती है.’

राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारी सरकार दो या तीन अरबपतियों की नहीं है. अगर हमारी सरकार दो-तीन अरबपतियों की होती, तो पंजाब में कांग्रेस कृषि कानूनों के खिलाफ नहीं खड़ी होती. हमारी सरकार किसान समर्थक है, इसलिए हम किसानों के साथ खड़े हुए.’

भाजपा प्रत्याशी पर हमले पर शेखावत ने कहा, हिंसा अस्वीकार्य: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री एवं पंजाब में भाजपा के मामलों के प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने पार्टी उम्मीदवार सुच्चा राम लाढर पर लुधियाना जिले में हमले की सोमवार को कड़ी निंदा की.

शेखावत ने दावा किया कि राज्य में भाजपा की लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ रहा है जिससे विरोधियों को खतरा महसूस हो रहा है.

पुलिस के मुताबिक, लुधियाना की गिल विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार लाढर की कार पर रविवार शाम को अज्ञात लोगों ने कथित रूप से हमला किया थाए जिसमें वह जख्मी हो गए. वह एक गांव में प्रचार करके लौट रहे थे.

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी लाढर (63 वर्ष) को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया. शेखावत ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा अस्वीकार्य है.

उन्होंने यहां एक बयान में कहा, ‘घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा.’ उन्होंने कहा, ‘हम अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिंसा से डराने नहीं देंगे.’

शेखावत ने भाजपा के विरोधियों को चुनौती दी कि वे वोट से लड़े, हिंसा से नहीं.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘ये घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि भाजपा उम्मीदवार हर जगह आगे चल रहे हैं और विरोधी हताशा में हैं और अब उन्हें डराने के लिए हिंसा का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं.’

पंजाब में राजनीतिक दलों के लिए मुश्किल है मुकाबला: अमरिंदर

पटियाला: पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रहे एवं पंजाब लोक कांग्रेस के सुप्रीमो अमरिंदर सिंह का मानना है कि विधानसभा चुनाव में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा और भाजपा एवं शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ उनकी पार्टी के गठबंधन की स्थिति मजबूत हो रही है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

पटियाला के शाही परिवार के वंशज और कांग्रेस की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख 79 वर्षीय सिंह ने पिछले साल पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अपने अलग दल का गठन किया था.

सिंह ने कहा कि वह न तो सेवानिवृत्त हुए हैं और न ही थके हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब और देश को और बेहतर बनाने की आकांक्षा इस उम्र में भी उन्हें काम करते रहने की ऊर्जा देती है.

उन्होंने कहा, ‘मैं सेवानिवृत्त होने के लिए तैयार नहीं हूं. मैं अपने लोगों के लिए काम करना चाहता हूं. मैं नौवीं बार चुनाव लड़ रहा हूं. मैं संसद में दो बार और विधानसभा में छह बार चुना गया हूं.’

सिंह ने पंजाब में चुनाव परिदृश्य को लेकर कहा कि इस बार चतुष्कोणीय या पंचकोणीय मुकाबला होगा और इसके अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं.

सिंह ने समाचार एजेंसी ‘पीटीआई/भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘बहुकोणीय मुकाबले के कारण मतदाताओं के लिए फैसला करना आसान हो जाएगा, जहां तक राजनीतिक दलों का सवाल है, तो जब तक वे वाकई बेहतरीन प्रदर्शन नहीं करते, उनके लिए यह मुकाबला मुश्किल होने वाला है. उनमें से कई 10 या 15 से अधिक सीट हासिल नहीं पाएंगे.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत मिलेगा. लोग ‘आप’ की बात करते हैं. मुझे लगता कि ‘आप’ दिन-ब-दिन नीचे की ओर जा रही है. इसी प्रकार कांग्रेस का प्रदर्शन भी गिर रहा है. ईश्वर की कृपा से हम ऊपर की ओर जा रहे हैं.’

कांग्रेस द्वारा चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने और उनके दलित समुदाय से संबंधित होने पर सिंह ने कहा कि लोगों को किसी जाति या समुदाय के लिए मतदान नहीं करना चाहिए, बल्कि क्षमता के आधार पर वोट देना चाहिए.

सिंह ने कहा, ‘मुझे जाति और समुदाय की इस तरह की बातें पसंद नहीं है. आजादी के 75 साल बाद हमें जाति के आधार पर नहीं, बल्कि क्षमता के आधार पर मतदान करना चाहिए. जहां तक क्षमता की बात है, तो उनका (चन्नी का) स्तर मंत्रिपद के लिए उचित है, मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं. उनका रिटर्न करोड़ों रुपये में हैं, लेकिन वह दावा कर रहे हैं कि वह एक गरीब व्यक्ति हैं.’

सिंह ने भाजपा के साथ अपने गठबंधन पर कहा कि उन्होंने पंजाब की बेहतरी और सुरक्षा के लिए पार्टी के साथ हाथ मिलाया है और जहां तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे की बात है, तो इस पर चुनाव के बाद फैसला किया जा सकता है.

गठबंधन के तहत भाजपा 65, पंजाब लोक कांग्रेस 37 और सुखदेव सिंह ढींढसा के नेतृत्व वाला शिअद (संयुक्त) दल 15 सीट पर चुनाव लड़ेगा. पंजाब की 117 विधानसभा सीट के लिए मतदान 20 फरवरी को होगा.


गोवा विधानसभा चुनाव


गोवा में दोपहर तीन बजे तक 78.94 फीसदी मतदान

गोवा में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए सोमवार को हुए चुनाव में 78.94 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. राज्य में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

गोवा में मतदान संपन्न होने के साथ ही 301 उम्मीदवारों की हार-जीत ईवीएम में कैद हो गई है, जिसका फैसला 10 मार्च को मतगणना से होगा.

राजधानी पणजी में प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी कुणाल ने कहा कि प्रदेश में संखालिम (उत्तरी गोवा) विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 89.61 प्रतिशत, जबकि दक्षिणी गोवा की बेनौलिम सीट पर सबसे कम 70.20 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया.

उन्होंने कहा कि गोवा में 78.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है. अधिकारी ने कहा, ‘यह मतदान का एक संभावित प्रतिशत है, जबकि सटीक आंकड़ा बाद में उपलब्ध होगा.’

मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे खत्म हुआ. मतों की गिनती 10 मार्च को होगी.

राज्य में 11 लाख से अधिक पात्र मतदाता हैं. इनमें से 9,590 मतदाता विशेष रूप से सक्षम हैं. 2,997 मतदाता 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं. मतदाताओं में 41 यौनकर्मी और नौ ट्रांसजेंडर शामिल हैं.

गोवा में बहुकोणीय मुकाबला है. यहां भाजपा, कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य छोटे दल चुनाव मैदान में हैं.

एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि कोविड​​​​-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए, मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर दस्ताने उपलब्ध कराए गए हैं. महिला मतदाताओं की सुविधा के लिए राज्य में 100 से अधिक महिला मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं.

चुनाव में 22 से अधिक सीटें जीतेगी भाजपा, प्रधानमंत्री ने शुभकामनाएं दीं: मुख्यमंत्री सावंत

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को दावा किया कि भाजपा राज्य की 40 सदस्यीय विधानसभा की 22 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी.

सावंत ने कहा कि यदि तटीय राज्य में उनकी पार्टी सरकार बनाती है, तो वह शीर्ष पद पर बने रहेंगे.

उत्तरी गोवा जिले में संखालिम निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात की और विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं.

संखालिम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे सावंत ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘प्रधानमंत्री ने मतदान के दिन मुझे और सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं और अपना आशीर्वाद देने के लिए सुबह करीब सात बजे मुझे फोन किया.’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आने से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में उनकी पार्टी 22 से अधिक सीट पर जीत हासिल करेगी.

यह पूछे जाने पर कि यदि भाजपा की जीत होती है, तो क्या वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे, सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा (इस संदर्भ में) की गई घोषणाओं के मद्देनजर इसे लेकर कोई संशय नहीं होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘यह जाहिर है कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, क्योंकि मौजूदा चुनाव मेरे नेतृत्व में लड़ा जा रहा है.’

सुबह मतदान करने वालों में राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई भी शामिल थे. उन्होंने उत्तरी गोवा जिले में तलेगांव विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)