राजनीति

मणिपुर: उग्रवादी संगठन के भाजपा को समर्थन वाले बयान पर कांग्रेस नाराज़, चुनाव आयोग से शिकायत

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: मणिपुर में भारत निर्मित विदेशी शराब की दुकानें खोलने के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के वादे संबंधी बयान कांग्रेस ने वापस लेने की मांग की. यूपी में पांचवें चरण के तहत 12 ज़िलों की 61 सीटों के लिए रविवार को मतदान. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवारवादी पार्टी कभी उत्तर प्रदेश का भला नहीं कर सकती. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपा चुनाव जीत गई तो लोकतंत्र और संविधान ख़त्म कर देगी. उत्तराखंड में डाक मत-पत्र के साथ छेड़छाड़ संबंधी कथित वीडियो पर भाजपा ने कांग्रेस से माफ़ी की मांग की.

(फोटो: पीटीआई)

इम्फाल/नई दिल्ली: मणिपुर में विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में उग्रवादी समूह कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) द्वारा समर्थन के एक कथित बयान के बारे में निर्वाचन आयोग से शनिवार को शिकायत की. पार्टी ने इसे ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रत्यक्ष और स्पष्ट खतरा’ बताया.

पूर्व केंद्रीय मंत्रियों जयराम रमेश और सलमान खुर्शीद के साथ-साथ मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन निर्वाचन आयोग और राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपा गया.

ज्ञापन में दावा किया गया कि कुकी संगठन का बयान मतदाताओं को डराने का प्रयास है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के ‘पूरे संज्ञान में और मिलीभगत’ के साथ इसे जारी किया गया.

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि प्रतिबंधित संगठन ‘कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन’ द्वारा भाजपा का समर्थन करने और मतदाताओं को धमकी देने के मामले में वह तत्काल दखल दे तथा कार्रवाई करे.

पार्टी ने निर्वाचन आयोग को दिए गए एक ज्ञापन में कहा कि केएनओ का बयान आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है तथा निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है.

कांग्रेस के अनुसार, कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष की ओर से 25 फरवरी, 2022 को जारी बयान मणिपुर में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव कराने के विरूद्ध सीधी धमकी है.

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश तथा सलमान ख्रुर्शीद के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन में आरोप लगाया लगाया गया, ‘इस संगठन ने लोगों को भाजपा के पक्ष में मतदान करने और ऐसा नहीं करने पर नतीजे भुगतने की धमकी दी है. संगठन ने केंद्रीय गृह मंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री की पूरी जानकारी और सहमति के आधार पर बयान जारी किया.’

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह इस ‘खतरनाक और द्वेषपूर्ण’ बयान का गंभीरता से संज्ञान ले और तत्काल उचित कार्रवाई करे ताकि मणिपुर में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके.

कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन के कथित बयान पर संगठन के अध्यक्ष पीएस हाओकिप का हस्ताक्षर है. सोशल मीडिया पर यह बयान प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ द्वारा स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है.

बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेतृत्व ने ‘कुकी समुदाय की आकांक्षाओं के त्वरित समाधान’ का वादा किया है. संगठन आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सभी भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन करेगा और चेतावनी दी कि उसकी अपील के खिलाफ कार्रवाई को ‘कुकी हितों के खिलाफ कदम’ के रूप में देखा जाएगा.

उग्रवादी समूह के शुक्रवार को जारी कथित बयान में कहा गया है कि यह ‘कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन, गवर्नमेंट ऑफ जालेन-गाम’ की ओर से जारी किया गया है.

इसमें कहा गया है, ‘केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ भाजपा नेतृत्व ने कुकी राजनीतिक आकांक्षाओं के त्वरित समाधान का वादा किया है. केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने 23 फरवरी 2022 को चुराचांदपुर में अपने संबोधन में इसकी घोषणा की है.’

इस बयान में कहा गया, ‘इसलिए कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन ने मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए सभी भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन देने का संकल्प लिया है. इस अपील के खिलाफ किसी भी व्यक्ति या संगठन के कार्य को कुकी हित के विरुद्ध कार्य करना समझा जाएगा.’

राज्य के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक जयराम रमेश ने समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा को फोन पर बताया, ‘मैंने इस मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्र से बात की है और मणिपुर में अमित शाह के भाषण के बाद शुरू होने वाली घटनाओं की शृंखला की ओर इशारा किया है, जिसमें कुकी समूहों के साथ समझौते का वादा किया गया. प्रतिबंधित उग्रवादी समूह द्वारा भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन का वादा करने वाले बयान का मुद्दा उठाया गया.’

उन्होंने कहा कि मतदाताओं के लिए उग्रवादी समूह की चेतावनी ‘बेहद आपत्तिजनक है, क्योंकि यह उन लोगों के लिए एक सीधा खतरा है जो भाजपा को वोट नहीं देते हैं.’

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता इबोबी सिंह ने भी भाजपा नीत सरकार पर सभी भूमिगत समूहों के साथ हाथ मिलाने का आरोप लगाया. इबोबी ने कहा, ‘वे केवल सत्ता के लिए भाग रहे हैं और इन तत्वों का इस चुनाव को जीतने के लिए एक साधन के रूप में उपयोग कर रहे हैं.’

मालूम हो कि बीते 23 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था कि सरकार सभी कुकी उग्रवादी समूहों के साथ शांति वार्ता करेगी और अगले पांच साल में उनके मुद्दों का समाधान कर लिया जाएगा.

उन्होंने कहा था कि चूंकि पड़ोसी राज्य असम में बोडो उग्रवाद की समस्या हल हो गई है, इसलिए अब किसी भी कुकी युवक को हथियार नहीं उठाने होंगे.

कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट जैसे उग्रवादी संगठन मणिपुर में कुकी जनजाति के लिए एक अलग राज्य की मांग कर रहे हैं. सरकार ने उनके साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (एसओओ) पर दस्तखत किए हैं.

शाह ने कहा था, ‘हम पर भरोसा रखें, हम सभी कुकी संगठनों से बात करेंगे और सभी कुकी युवाओं को एक नया जीवन मिलेगा ताकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, अपने क्षेत्र और मणिपुर के विकास में शामिल हो सकें.’

मणिपुर में शराब की दुकानें खोलने के मुख्यमंत्री के वादे पर तीखी प्रतिक्रिया 

इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के उस वादे पर शुक्रवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें कहा गया है कि अगर भाजपा राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में आती है तो मणिपुर में आईएमएफएल (भारत निर्मित विदेशी शराब) बेचने वाली दुकानें खोलने की अनुमति दी जाएगी. रमेश ने सिंह से इस बयान को वापस लेने की मांग की.

New Delhi: Congress leader Jairam Ramesh addresses a press conference, in New Delhi on Monday, Sept 3, 2018. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI9_3_2018_000101B)

जयराम रमेश. (फाइल फोटो: पीटीआई)

पूर्वोत्तर के इस राज्य में 28 फरवरी से होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षक रमेश ने कहा कि बीरेन सिंह को अपने बयान के लिए राज्य की महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्य समूहों से माफी मांगनी चाहिए, जो शराब की बिक्री के खिलाफ हैं.

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को पूर्वी इम्फाल जिले में एक सभा में कहा था कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में लौटती है तो वह मणिपुर में आईएमएफएल की दुकानें खोलने को अनुमति देगी, जहां शराब पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध है.

अपने बयान को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा था कि जहरीली देशी शराब के सेवन से कुछ लोगों की मौत हुई है और अगर भाजपा सत्ता में लौटी तो लोगों को ‘बचाने’ के लिए दुकानों पर आईएमएफएल बेचने की अनुमति देगी.

रमेश ने मुख्यमंत्री के बयान के समय, तरीके, प्रकृति पर गहरा अफसोस और आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि इससे ‘समाज को गंभीर नुकसान होगा.’

उन्होंने कहा, ‘मणिपुर चुनाव के पहले चरण का प्रचार खत्म होने के 48 घंटे से भी कम समय पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने एक असाधारण बयान दिया है, जो राज्य की जनता व महिलाओं का अपमान और लोगों को मारकर राजस्व बढ़ाने के लिए एक तरीका है.’

मणिपुर में पहले चरण के तहत 28 फरवरी और दूसरे चरण में पांच मार्च को मतदान होना है.


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव


पांचवें चरण में 61 सीटों के लिए रविवार को मतदान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में राज्य के 12 जिलों की 61 सीटों के लिए रविवार को मतदान होगा. राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि पांचवें चरण के मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई है और मतदान रविवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण से एक दिन पहले शनिवार को इलाहाबाद में एक वितरण केंद्र पर ईवीएम और अन्य मतदान सामग्री लेने के लिए इकट्ठा चुनाव अधिकारी. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी तरीके से मतदान सम्पन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, पांचवें चरण के चुनाव में कुल 61 विधानसभा क्षेत्रों में 693 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 90 महिला प्रत्याशी हैं.

शुक्‍ला ने शनिवार शाम पत्रकारों को बताया कि मतदान में 2.25 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1.20 करोड़ पुरुष, 1.05 करोड़ महिला तथा 1727 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं.

उन्होंने बताया कि पांचवें चरण के चुनाव में कुल 25,995 मतदेय स्थल तथा 14030 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और कोविड-19 के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1250 तक रखने के निर्देश दिए गए हैं. सभी मतदेय स्थलों पर रैंप (दिव्यांगों की सुविधा के लिए), शौचालय तथा पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई है.

मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए आयोग द्वारा 60 सामान्य प्रेक्षक, 11 पुलिस प्रेक्षक तथा 20 व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा 1941 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 250 जोनल मजिस्ट्रेट, 207 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2627 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा राज्य स्तर पर एक वरिष्ठ सामान्य प्रेक्षक, एक वरिष्ठ पुलिस प्रेक्षक तथा दो वरिष्ठ व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए गए हैं, जो कि क्षेत्र में रहकर संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का पर्यवेक्षण करेंगे.

उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए 6348 भारी वाहन, 6630 हल्के वाहन तथा 1,14,089 मतदान कार्मिक लगाए गए हैं. शुक्‍ला के अनुसार पांचवें चरण में कुल 560 आदर्श मतदान केंद्र तथा 171 समस्त महिला कर्मचारी मतदेय स्थल बनाए गए हैं.

चौथे चरण का मतदान पूरा होने के बाद राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से अब तक 231 सीटों पर मतदान हो चुका है और रविवार को 61 सीटों पर मतदान होने के बाद 292 सीटों का मतदान पूरा हो जाएगा.

इसके बाद अंतिम दो चरणों में तीन मार्च और सात मार्च को 111 सीटों पर मतदान होगा. राज्‍य में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से सात मार्च के बीच सात चरणों में प्रस्तावित है.

पांचवें चरण में सुलतानपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशांबी, इलाहाबाद, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अमेठी और रायबरेली जिले में मतदान होना है. शुक्रवार शाम छह बजे इन 12 जिलों की 61 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार थम गया.

उल्लेखनीय है कि पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने गृह जिले कौशांबी के सिराथू विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार हैं, जिनके मुकाबले समाजवादी पार्टी ने अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल को मैदान में उतारा है.

पल्लवी पटेल की बहन और केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल मौर्य के पक्ष में चुनाव प्रचार कर चुकी हैं, वहीं शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव और सपा सांसद व जानीमानी अभिनेत्री जया बच्चन भी पल्लवी पटेल का प्रचार करने सिराथू पहुंची थीं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शुक्रवार को मौर्य समेत कई भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित किया था.

पांचवें चरण में अयोध्या से लेकर इलाहाबाद और चित्रकूट जैसे धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मतदान होना है.

अमेठी की पूर्व रियासत के मुखिया संजय सिंह अमेठी में इस बार भाजपा से उम्मीदवार हैं, जबकि राज्य के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह प्रतापगढ़ जिले की पट्टी, खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह इलाहाबाद जिले की पश्चिम विधानसभा सीट, नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी इसी जिले की दक्षिण सीट, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री गोंडा जिले की मनकापुर (सुरक्षित) और राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय चित्रकूट विधानसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं.

वर्ष 1993 से ही प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से चुनाव जीत रहे रघुराज प्रताप सिंह इस बार अपनी जनसत्ता पार्टी के टिकट पर अपनी परंपरागत सीट से चुनाव मैदान में हैं.

प्रतापगढ़ जिले में ही अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल समाजवादी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में भाजपा को टक्‍कर दे रही हैं.

कृष्णा पटेल नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल की मां हैं. विधानसभा में कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ भी प्रतापगढ़ जिले की अपनी परंपरागत रामपुर खास सीट से किस्मत आजमा रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांचवें चरण के उन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, जहां मतदाता 27 फरवरी को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.

प्रतिद्वंद्वी अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती देने के लिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के मतदाताओं के लिए एक रैली को संबोधित किया था, जो उत्तर प्रदेश में चल रहे चुनावों में उनकी पहली रैली थी, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने लंबे समय तक गांधी परिवार के गढ़ रहे अमेठी में एक संयुक्त रैली को संबोधित किया था.

भाजपा की जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेठी, इलाहाबाद, कौशांबी और बहराइच में कई रैलियों को संबोधित किया है.

अगर भाजपा चुनाव जीत गई तो लोकतंत्र और संविधान खत्म कर देगी: अखिलेश यादव

बलरामपुर: सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव है और अगर भाजपा चुनाव जीत गई तो वह लोकतंत्र और संविधान को खत्म कर देगी.

शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज तथा गोरखपुर में चुनावी जनसभाओं को संबाधित किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

यादव ने शनिवार को बलरामपुर में एक चुनावी जनसभा में कहा कि भाजपा सरकारी संस्थाओं को बेच कर आरक्षण खत्म करने की कोशिश कर रही है.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर पलटवार करते हुए यादव ने कहा, ‘बाबा मुख्यमंत्री मुझे दंगेश कहते हैं, लेकिन अपना चेहरा शीशे में नहीं देखते, अगर शीशे में अपना चेहरा देखें तो पता चल जाएगा कि दंगेश कौन है.’

उन्होंने कहा कि सपा की मांग है कि जातीय जनगणना कराई जाए, लेकिन भाजपा जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती है, ऐसे में प्रदेश में सपा सरकार बनते ही जातीय जनगणना कराई जाएगी.

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा वाले कानून व्यवस्था की बात तो करते हैं, लेकिन इनके राज में कोई सुरक्षित नहीं है, सबसे ज्यादा मौतें पुलिस हिरासत में हो रही हैं और यहां तक कि अवैध वसूली के मामले में एक आईपीएस अभी भी फरार चल रहा है, लेकिन आज तक उसकी गिरफ्तारी नही हो पाई.

उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है लोग बेरोजगार हो गए है. पूर्व मुख्‍यमंत्री ने भरोसा दिया कि प्रदेश में 11 लाख पद खाली पड़े है जैसे ही सपा की सरकार बनेगी, खाली पदों को भरा जाएगा.

यादव ने यह भी कहा कि भाजपा प्रदेश में गरीबों को मुफ्त राशन देने का राग अलाप रही है, लेकिन मार्च के बाद इसे बंद कर देगी , मगर सपा की सरकार बनने पर पूरे पांच वर्ष गरीबों को मुफ्त राशन दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता छुट्टा सांड से बहुत परेशान है और सरकार बनते ही किसानों की फसल बचाने के साथ साथ गौशाला बनाने का भी काम किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने जा रही है क्योंकि पार्टी ने पहले दो चरण में ही शतक बना लिया है, बाकी दो चरणों के बाद तस्वीर और साफ हो गई है, इसीलिए बाबा के चेहरे पर बारह बज रहे है.

उन्‍होंने कहा कि पांचवें और छठे चरण के बाद बाबा (योगी) घर चले जाएंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रही सपा की आंधी के कारण भाजपा नेताओं की भाषा बदल गई है और भाजपा के बड़े बड़े नेता अनाप-शनाप बक रहे हैं.

परिवारवादी पार्टी कभी उत्तर प्रदेश का भला नहीं कर सकती: योगी आदित्यनाथ

आंबेडकर नगर: उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को विपक्षी दलों खासतौर पर सपा पर प्रहार करते हुए कहा कि यह परिवारवादी पार्टी कभी उत्तर प्रदेश का भला नहीं कर सकती.

शनिवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: ट्विटर)

मुख्यमंत्री ने आंबेडकर नगर जिले की कटहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही निषाद पार्टी के उम्मीदवार अवधेश कुमार द्विवेदी के समर्थन में शनिवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही.

योगी ने कहा कि आंबेडकर नगर की जब बात होती है तो डॉ. राम मनोहर लोहिया का स्मरण हो उठता है और सब जानते हैं कि यह डॉ. लोहिया की पावन भूमि है.

उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (डॉ. लोहिया) बहुत बड़े समाजवादी चिंतक थे और 1960 के दशक में उन्होंने राज्य के कई जिलों में रामायण मेले की शुरुआत की, लेकिन उनके तथाकथित अनुयायी रामभक्तों पर गोली चलवाते हैं.

लोहिया के समाजवाद की सराहना करते हुए योगी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘ये जो तथाकथित समाजवादी हैं, सहयोग सबका चाहते हैं लेकिन इनका नारा है ‘सबका साथ-केवल सैफई खानदान का विकास’ और ये इससे बाहर सोच ही नहीं सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इन लोगों ने अपने शासन काल में अराजकता, गुंडागर्दी और हर जगह अव्यवस्था फैलाई, इनके शासन में दंगे होते गए, परिवारवादियों ने विकास नहीं होने दिया.’

योगी ने गठबंधन के उम्मीदवार को जिताने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार सबका साथ और सबका विकास के भाव के साथ कार्य कर रही है.

यूपी में पिछले 30 वर्षों से केवल जाति एवं धर्म की राजनीति हो रही है : प्रियंका

बलरामपुर: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की निराशाजनक स्थिति के लिए जाति और धर्म की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि विकास के केवल बड़े दावे किए गए लेकिन पिछले 30 वर्षों से केवल जाति और धर्म की राजनीति हो रही है.

शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में पार्टी की जनसभाओं में शामिल हुईं. (फोटो साभार: ट्विटर)

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष किया कि वह राज्य के किसानों के सामने आवारा पशुओं की वजह से उत्पन्न समस्या से अनभिज्ञ हैं.

उन्होंने भाजपा पर विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सब भाजपा के हैं, लेकिन यहां विकास के नाम पर कुछ भी नहीं है.

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों हुई और जवाब दिया कि इसका सीधा जवाब है कि पिछले 30 वर्षों से जाति और धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है.’

उन्होंने कहा, ‘पहले आपने बसपा को आजमाया, फिर सपा और अब भाजपा पिछले पांच सालों से सत्ता में है, लेकिन कोई काम नहीं हुआ है.’

उन्होंने कहा कि सत्ता में आने वाले इन सभी दलों के नेताओं को पता है कि विकास के नाम पर नहीं सिर्फ जाति और धर्म के नाम पर वोट मिलता है, इसलिए वे जाति और धर्म की बात करेंगे और आपकी भावनाओं का शोषण करेंगे तो उन्हें बिना कोई काम किए भी वोट मिल जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘आपने इसे उनकी (नेताओं की) आदत बना दी है कि काम करने की कोई जरूरत नहीं है. आप भावनात्मक मुद्दों पर आंखें बंद करके मतदान करेंगे, भले ही आपके बच्चे बेरोजगार हों.’

भाजपा नेताओं पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘वे यहां आते हैं और पाकिस्तान, आतंकवाद, जाति और धर्म की बात करते हैं, लेकिन कोई आपके बारे में बात नहीं करता है.’

आवारा पशुओं की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे को हल करने के लिए सुझाव दिया था कि छत्तीसगढ़ मॉडल यहां लागू किया जा सकता है लेकिन कोई जवाब नहीं आया.

उन्होंने तंज करते हुए कहा, ‘पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें आवारा मवेशियों की समस्या के बारे में नहीं पता है, जो पिछले पांच सालों से जारी है. आप प्रधानमंत्री हैं, लोग कहते हैं कि आपको सब कुछ पता चल जाता है और फिर भी आपको इतने बड़े मुद्दे के बारे में पता नहीं था.’

वाद्रा ने कहा, ‘आप लगातार उन्हें वोट क्यों दे रहे हैं जो केवल धर्म और जाति की बात करते हैं, उन्हें वोट न दें.’ उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को जान-बूझकर गरीब रखा जा रहा है क्योंकि जो नीतियां अपनाई जा रही हैं, वे अमीरों के लिए हैं.

वाद्रा ने अपनी पार्टी के वादों पर यह कहते हुए विस्तार से बताया कि कांग्रेस के पास विकास के लिए दृष्टि है और लोगों से विवेकपूर्ण और जिम्मेदारी से मतदान करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि सजग किया कि यदि आपका वोट गलत पड़ा तो आप और पांच वर्षों के लिए पीड़ित होंगे.

कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय पर निर्वाचन आयोग ने प्रचार पर 24 घंटे की रोक लगाई

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय पर निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार में भाग लेने पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी है.

कांग्रेस नेता अजय राय. (फोटो साभार: फेसबुक)

पिंडरा के उपजिलाधिकारी एवं चुनाव अधिकारी राजीव राय ने यह जानकारी दी और उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के आदेश की प्रति अजय राय को सौंप दी है.

आदेश के अनुसार राय पर 26 फरवरी सुबह आठ बजे से अगले 24 घंटे तक किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, रैली, रोड शो करने और साक्षात्कार देने आदि पर प्रतिबंध रहेगा.

गौरतलब है कि पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं. जिसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ फूलपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था.

निर्वाचन आयोग ने 23 फरवरी को राय को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था और राय ने अपना जवाब भेज दिया था. आयोग ने राय की टिप्पणी को गंभीर मानते हुए चुनाव प्रचार में भाग लेने पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी.

डिंपल यादव का भाजपा पर पलटवार, कहा- हमें गर्व है अपने परिवार पर

जौनपुर: सपा के प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी एवं पूर्व सांसद डिंपल यादव तथा राज्‍यसभा सदस्‍य एवं सिने अभिनेत्री जया बच्‍चन ने शनिवार को जौनपुर जिले की मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार सुषमा पटेल के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित किया.

शनिवार को एक चुनावी सभा में सपा नेता डिंपल यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाए जाने पर पलटवार करते हुए डिंपल यादव ने आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, ‘हमें गर्व है अपने परिवार पर, हमें गर्व है समाजवादी परिवार और अपने गठबंधन के साथियों पर, जो मिलकर चुनाव लड़ रहे और उत्‍तर प्रदेश में एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं.’

उन्होंने कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ ने सफेद झूठ बोला कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हुई , दरअसल जिन लोगों ने अपनों को खोया उनके दुख-दर्द को बिना परिवार वाले लोग क्या समझेंगे.

डिंपल यादव ने कहा, ‘भाजपा सरकार ने सबकी उम्मीदें, सबके सपने गड्ढे में डाल दिए लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि हम सब लोग साथ होकर उत्तर प्रदेश को उन्नति की ओर ले जाएंगे, राज्य में नया सूरज उगने वाला है.’

योगी के गर्मी निकालने वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘गर्मी निकालने वालों को ये पता ही नहीं चला कि मौसम बदल गया है. आप सबके तेवर देखकर लग रहा है कि अब भाजपा वालों को कोल्‍ड स्‍टोरेज में डालना पड़ेगा.’

युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षार्थियों की परीक्षा निरस्त होने जैसे मुद्दे उठाकर उन्होंने कहा कि क्या कोई भी उपयोगी मुख्‍यमंत्री ऐसा करेगा.

डिंपल यादव ने सुषमा पटेल को अपनी छोटी बहन बताते हुए उन्हें भारी मतों से चुनाव जिताने की अपील की.

सुषमा पटेल मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र की बहू हैं और 2017 में उन्होंने इसी क्षेत्र से बसपा के निशान पर चुनाव जीता था, लेकिन पिछले वर्ष वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं.

जया बच्‍चन ने अपने संबोधन में खुद को बड़ी बहू और डिंपल यादव को प्रदेश की छोटी बहू बताते हुए कहा, ‘यहां तीन तीन भाभियां मौजूद हैं और यह हमारा हक बनता है कि आप सब देवरों से मांग करें कि भारी बहुमत से चुनाव जिताकर सपा की सरकार बनाएं.’

भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए जया बच्‍चन ने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र में जो सरकारें हैं वे अपनी कमियां दूसरों पर थोप देते हैं और यह कमजोर लोगों की आदत होती है.

उन्होंने कहा कि जो कमजोर लोग होते हैं वे अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए दूसरों पर उंगुली उठाते हैं और पिछले पांच साल से यूपी में यही होता आ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर कमजोर लोग (भाजपा) फिर सत्ता में आ गए तो बाकी पार्टियों को गालियां देंगे.

उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री योगी पर प्रहार करते हुए कहा, ‘मुख्‍यमंत्री महिलाओं की तकलीफ कैसे समझेंगे, सब त्याग करके बैठे हैं, उल्टा समाजवादियों को कहते हैं कि ये परिवारवादी लोग हैं, अरे, आपको परिवार से क्‍या मतलब, आप तो सब छोड़ चुके हैं, बैठे हुए चोंगा पहनकर और ढोंग रचा रहे हैं.’

जया बच्‍चन ने कहा, ‘आपको कभी इस प्रदेश के लोग माफ नहीं करेंगे, आप भगवा वस्त्र पहनकर इतनी गलत और घिनौनी बात करते हैं, दूसरों पर अंगुली उठाते हैं. आप सांसारिक भोग को छोड़ चुके हैं तो क्यों आए हैं यहां भोग करने के लिए. यह ढोंग नहीं चलेगा, उत्तर प्रदेश इसको सहन नहीं करेगा और आज के युवा बिल्कुल सहन नहीं करेंगे.’


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव


‘फर्जी’ वीडियो के लिए कांग्रेस माफी मांगे: भाजपा

देहरादून: उत्तराखंड भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस से मांग की है कि वह डाक मत-पत्र से कथित तौर पर छेड़छाड़ के ‘फर्जी’ वीडियो को लेकर सार्वजिनक तौर पर माफी मांगे.

वीडियो में कथित तौर पर सेना की वर्दी पहना व्यक्ति डाक मत-पत्र के साथ छेड़छाड़ करता दिख रहा है.

उत्तराखंड भाजपा के मीडिया प्रभारी मानवीर चौहान ने देहरादून में जारी बयान में कहा, ‘कुमाऊं रेजीमेंट के अधिकारी ने निर्वाचन आयोग को भेजे जवाब में कहा है कि वीडियो पिथौरागढ़ में तैनात सेना की किसी टुकड़ी का नहीं है.’

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को कुमाऊं रेजीमेंट द्वारा भेजे गए जवाब से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस वीडियो को सेना की किसी यूनिट का बता सशस्त्र बलों का ‘अपमान’ कर रही है.

उल्लेखनीय है कि पिथौरागढ़ की डीडीहाट विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आशंका जताई थी कि वीडियो उनके निर्वाचन क्षेत्र में तैनात किसी सेना यूनिट की है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सबसे पहले इस कथित वीडियो को अपने ट्विटर और फेसबुक पेज के जरिये साझा किया था.

उत्तराखंड कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर वीडियो की जांच कराने की मांग की थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संदर्भ में जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)