राजनीति

मणिपुर: ओलंपिक में रजत जीतने के बाद भी मी​राबाई चानू के गांव की न सड़क ठीक हुई, न जलापूर्ति

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण के दौरान शाम पांच बजे तक 12 ज़िलों की 61 सीटों पर क़रीब 54 ​प्रतिशत मतदान. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपी चुनाव ‘घोर परिवारवादियों’ और ‘घनघोर राष्ट्रभक्तों’ के बीच. अखिलेश यादव ने कहा कि जनता ने फैसला कर लिया है कि ‘बाबा जी’ को वापस मठ में भेज देंगे. अमित शाह ने कहा कि अगर साइकिल की सवारी की तो यूपी से ग़ायब हो जाएगी बिजली. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि उत्तर प्रदेश 6.91 लाख करोड़ का क़र्ज़दार, 40 प्रतिशत क़र्ज़ योगी सरकार की देन.

मीराबाई चानू. (फोटो साभार: फेसबुक)

इम्फाल: टोक्यो ओलंपिक के भारोत्तोलन स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाने वाली मणिपुर की सैखोम मीराबाई चानू के गांव में उनकी इस उपलब्धि के बाद भी खराब सड़क और पीने के पानी की आपूर्ति का संकट बना हुआ है.

पिछले साल जुलाई में मणिपुर की 26 साल की मीराबाई चानू ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय भारोत्तोलक बनी थीं. उन्होंने कुल 202 किलोग्राम (87 किलोग्राम + 115 किलोग्राम) से कर्णम मल्लेश्वरी के 2000 सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा में पदक के लिए भारत के 21 साल के इंतजार को खत्म किया था.

पांच विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में मणिपुर भी शामिल है. मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण में 28 फरवरी को और दूसरे चरण में पांच मार्च को मतदान होना है.

चानू की मां सैखोम तोम्बी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘हमारे गांव में हमारे पास पीने के पानी की आपूर्ति नहीं है. यहां तक कि पाइपलाइन भी नहीं है. इसलिए, हमारे परिवार के लिए हम पानी के टैंकर ऑपरेटरों से हर महीने लगभग 1,000 रुपये में पीने का पानी खरीदते हैं.’

मणिपुर की राजधानी इम्फाल से करीब 25 किलोमीटर दूर नोंगपोक काकचिंग नामक उनके गांव को तब उम्मीद मिली जब ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू को सम्मानित करने आए मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों ने 1.2 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति ​परियोजना को पूरा करने का वादा किया था. यह परियोजना दिसंबर 2020 में शुरू हुई थी.

स्थानीय युवा क्लब ब्राइट स्टार यूनियन (बीएसयू) के अध्यक्ष मायांग्लमबाम कैनेडी ने खेद व्यक्त करते हुए कहा, यह केवल एक वादा रह गया है. लगभग 15 प्रतिशत निर्माण के बाद परियोजना पर काम बंद हो गया है. इसे 8 मार्च, 2022 को पूरा किया जाना है और तब तक इसके पूरा होने की कोई संभावना नहीं है. ‘हर घर जल’ को भूल जाओ, पूरे गांव में एक भी पाइपलाइन नहीं है.

चानू के परिवार की तरह गांव अन्य लोग भी सदस्यों की संख्या के आधार पर लगभग 500-700 रुपये के औसत मासिक बिल के साथ पीने का पानी खरीदते हैं. वे अन्य उद्देश्यों के लिए सामुदायिक तालाबों और पास की एक नदी के पानी पर निर्भर हैं.

लगभग 300 मतदाताओं वाले 85 घरों वाला यह गांव लमलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां भाजपा, कांग्रेस, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले), जदयू और एक निर्दलीय के पांच उम्मीदवार मैदान में हैं.

पीने के पानी की आपूर्ति के अलावा एक और मुद्दा है. चानू की मां चाहती हैं कि चुनाव के बाद जो अगली सरकार बने यह मुद्दा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता में हो. यह मुद्दा उस सड़क की स्थिति में सुधार है, जो उनके गांव नोंगपोक काकचिंग की ओर जाती है.

उन्होंने कहा, ‘यह वास्तव में खराब स्थिति में है और मानसून के दौरान बहुत मुश्किल हो जाती है. हमने बार-बार अनुरोध किया लेकिन सब व्यर्थ.’ उन्होंने कहा कि उनका वोट उस उम्मीदवार के लिए होगा, जो इन मुद्दों को सुलझाएगा.

मीराबाई चानू की मां सैखोम तोम्बी की सबसे बड़ी चिंता यह है कि मेडिकल इमरजेंसी के समय नोंगपोक काकचिंग में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और वर्तमान सड़क की स्थिति इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बना देती है.

बीएसयू के कार्यकारी सदस्य एम. जयंता ने अफसोस जताया कि चानू के पिछले साल जुलाई में टोक्यो से पदक लेकर घर आने से ठीक पहले गड्ढों को भर दिया गया था और फिर उत्साह के खत्म होने के बाद किसी ने पीछे मुड़कर देखने की जहमत नहीं उठाई.

इसके अलावा गांव में मीराबाई के नाम पर एक व्यायामशाला बनाने का भी वादा किया गया था, लेकिन वह अभी तक नहीं हुआ है.

ग्राम विकास समिति (वीडीसी) द्वारा यहां के सरकारी जूनियर हाईस्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए अनुबंध पर येंगखोम आनंद को रखा गया है, क्योंकि नियमित शिक्षक यहां नहीं आए थे. उन्होंने कहा, नोंगपोक काकचिंग गांव को जिस उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है वह निराशाजनक है.

उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 महामारी ने राज्य भर के स्कूलों के कामकाज को प्रभावित किया है, लेकिन हमारे गांव में स्कूल की बहुत पहले से उपेक्षा की गई है. पहले यह कक्षा 10 तक हुआ करता था, लेकिन फिर इसे कक्षा 8 तक डाउनग्रेड कर दिया गया था और आज इसमें केवल पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है.’

उन्होंने कहा कि गांव के कई बच्चे अब दूर-दूर के निजी स्कूलों में जाते हैं, क्योंकि यहां कोई नियमित शिक्षक और उचित बुनियादी ढांचा नहीं है.

ग्राम विकास समिति के पास पैसा नहीं होने और आनंद को उनकी सेवाओं के लिए भुगतान करने में असमर्थ होने के कारण उनके छात्रों को अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ता है.

यहां के ग्रामीणों को उम्मीद है कि चुनाव के बाद मणिपुर में चाहे जो भी सत्ता में आए, नोंगपोक काकचिंग को केवल तभी याद किया जाएगा जब चानू एक और पदक के साथ घर आएंगी.


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव


पांचवें चरण में शाम पांच बजे तक 12 जिलों की 61 सीटों पर करीब 54 ​प्रतिशत मतदान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में राज्य के 12 जिलों की 61 सीटों पर रविवार शाम पांच बजे तक औसतन 54.98 प्रतिशत मत पड़े.

प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी गुलशन यादव अपने काफिले पर कथित रूप से हमले में मामूली रूप से घायल हो गए. पार्टी ने इस घटना की लिखित शिकायत चुनाव आयोग से की है.

निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, पांचवें चरण में रविवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ. वोट शाम छह बजे तक पड़े. अमेठी में 55.86 प्रतिशत, बहराइच में 54.60, बाराबंकी में 54.65, चित्रकूट में 59.64, गोंडा में 54.98, कौशाम्बी में 57.01, प्रतापगढ़ में 52.65, प्रयागराज में 53.19, रायबरेली में 56.60, श्रावस्ती में 57.24 और सुलतानपुर में 55.38 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि पांचवें चरण में 693 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें से 90 महिला प्रत्याशी हैं.

प्रतापगढ़ जिले के थाना कोतवाली कुंडा के पहाड़पुर बनोही में पूर्वाह्न लगभग 11 बजे सपा के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी गुलशन यादव के काफिले पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया, जिससे उनके वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और उन्हें मामली चोट आई है.

कुंडा के पुलिस उपाधीक्षक अजीत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सपा के प्रत्याशी गुलशन यादव भ्रमण पर निकले थे और जैसे ही वह पहाड़पुर बनोही मतदान केंद्र से आगे निकले, तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए.

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने चुनाव आयोग से कुंडा में हुई घटना की लिखित शिकायत की है.

उधर, गोंडा में चुनाव शुरू होने से कुछ देर पहले कर्नलगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी और प्रदेश के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह तथा उनके दो भाइयों समेत 12 लोगों के खिलाफ एक महिला के साथ मारपीट और बलात्कार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया.

महिला का यह भी आरोप है कि वह और उसके परिवार के सदस्य भाजपा के समर्थक हैं इस वजह से उसके खिलाफ यह वारदात हुई.

उल्लेखनीय है कि पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने गृह जिले कौशांबी के सिराथू विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार हैं जिनके मुकाबले समाजवादी पार्टी ने अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल को मैदान में उतारा है. इसी चरण में अयोध्या से लेकर प्रयागराज और चित्रकूट जैसे धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मतदान हुआ.

यूपी का चुनाव ‘घोर परिवारवादियों’ और ‘घनघोर राष्ट्रभक्तों’ के बीच: मोदी

देवरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मौजूदा चुनाव ‘घोर परिवारवादियों’ और ‘घनघोर राष्ट्रभक्तों’ के बीच है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

देवरिया में चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में अभिवादन की शुरुआत कर विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने दावा, ‘इस चुनाव में परिवारवादियों के खिलाफ दलित, शोषित, पीड़ित, वंचित सब के सब एकजुट हैं, इस चुनाव में परिवारवादियों के खिलाफ पिछड़ा वर्ग भी एकजुट है और सामान्य वर्ग ने भी उन्हें पटखनी देने की ठान ली है.’

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कार्यों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार पानी की बाढ़ और अवैध कब्जे की बाढ़ दोनों को रोकने का काम कर रही है.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार अब ऐसी व्यवस्था बना रही है कि अब कोई अपराधी किसी गरीब के घर की तरफ आंख उठाकर नहीं देख पाए.’

सबका साथ-सबका विकास का अपना नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा, ‘गरीबों के पास पक्का घर हो, घर में नल से जल हो, गैस का कनेक्शन हो, बिजली हो, शौचालय हो, घर तक पक्की सड़क हो गरीब के जीवन को आसान बनाने वाली ऐसी अनेक योजनाएं हमारी सरकार पूरी ताकत से आगे बढ़ा रही है.’

मोदी ने कहा, ‘योगी सरकार का ही प्रयास है कि इस क्षेत्र में दिमागी बुखार काबू में आया है, ज्यादा से ज्यादा बच्चों का जीवन बच रहा है.’

उल्लेखनीय है कि देवरिया और आसपास के जिले बाढ़ प्रभावित रहते हैं और यहां पहले इंसेफेलाइटिस और मस्तिष्क ज्‍वर का भी प्रकोप रहता था.

उन्‍होंने कोरोना काल में किए गए प्रयासों की चर्चा के साथ कहा, ‘पूरी दुनिया को, पूरी मानव जाति को कोरोना महामारी ने अपनी चपेट में लिया, लेकिन संकट के इस समय परिवारवादियों ने आपकी सहायता करने के बजाय, आपको डराना, चिंता में रखने का काम किया.’

मोदी ने गन्ना किसानों से हमदर्दी जताते हुए कहा, ‘चीनी मिलों को इन परिवारवादियों के शासन में बंद करा दिया गया. देवरिया का हमारा गन्ना किसान कभी नहीं भूल सकता है, कैसे वो अपनी उपज, बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर था.’

उन्‍होंने गोरखपुर के खाद कारखाने को खुलवाने के लिए सांसद के तौर पर योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना की और कहा कि आज गोरखपुर का फर्टिलाइजर प्लांट यहां का गौरव बढ़ा रहा है, किसानों की दिक्कतें कम कर रहा है.

मोदी ने भाजपा और भाजपा गठबंधन के दलों के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से चुनाव जिताने की अपील की.

जनता ने फैसला कर लिया है कि ‘बाबा जी’ को वापस मठ में भेज देंगे: अखिलेश यादव

गोरखपुर/देवरिया: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राज्य के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने ‘बाबा जी’ को वापस मठ में भेजने का फैसला कर लिया है.

अखिलेश यादव. (फोटो: द वायर)

मुख्‍यमंत्री आदित्‍यनाथ के गृह जिले गोरखपुर के चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में सपा उम्मीदवार विनय शंकर तिवारी के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे चरण के तहत मतदान हो चुका है और आज पांचवें चरण में वोट पड़ रहा हैं. सभी ने फैसला कर लिया है कि बाबा जी (योगी आदित्‍यनाथ) को वापस मठ में भेज देंगे.’

गोरखपुर के पांच बार सांसद रहे आदित्यनाथ प्रसिद्ध गोरक्षपीठ के महंत भी हैं.

यादव ने चिल्लूपार और देवरिया की जनसभाओं में मुख्‍यमंत्री पर जमकर प्रहार करते हुए कहा, ‘बाबा मुख्यमंत्री ने आपको लैपटॉप नहीं दिए, क्योंकि वह खुद इन्हें चलाना नहीं जानते हैं. बाबा जी तो स्मार्ट फोन भी चलाना नहीं जानते हैं. जो मुख्यमंत्री आज के जमाने में लैपटॉप न चला पाए और कंप्यूटर, स्मार्ट फोन की अहमियत न समझे, वह प्रदेश को कैसे चलाएंगे.’

मुख्यमंत्री समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा अखिलेश यादव पर परिवारवादी होने का आरोप लगाए जाने पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम परिवार वाले लोग जब घर जाते हैं, तो कुछ लेकर जाते हैं, इसीलिए हम बाबा जी से कहते हैं कि जब वापस आना तो अपने गुल्लू (योगी आदित्यनाथ का पालतू जानवर) के लिए बिस्कुट लेते आना.’

यादव ने कटाक्ष किया कि भाजपा की सभाओं में भीड़ एकत्र नहीं हो रही है और कोरोना वायरस समाप्त होने के बावजूद कुर्सियां दूर-दूर रखकर भीड़ दिखाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि अगर इस तरह उनकी पार्टी अपनी सभाएं करें तो खेतों की जमीन कम पड़ जाएगी.

उन्होंने अपनी सभा की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘ये नौजवानों का जो समर्थन दिखाई दे रहा है, मैं कह सकता हूं कि देवरिया की सभी सीटें सपा जीतने जा रही है.’

उन्होंने भाजपा के नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. सपा प्रमुख ने तीन कृषि कानूनों की चर्चा करते हुए ‘किसानों पर अत्याचार’ का जिक्र किया और कहा कि किसानों की ताकत के आगे भाजपा को झुकना पड़ा. यादव ने कहा कि ये संविधान और लोकतंत्र बचाने का चुनाव है.

सोनभद्र जिले में उठक-बैठक करने वाले एक भाजपा उम्मीदवार की ओर इशारा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग कहीं उठक-बैठक कर रहे हैं, कहीं माफी मांग रहे हैं, लेकिन ये लोग अगर 700 बार भी उठक-बैठक कर लें तो किसान इन्‍हें माफ नहीं करेंगे.

उन्होंने दावा किया कि सपा और उसके सहयोगी दल मिलकर राज्य में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देंगे.

अगर साइकिल की सवारी की तो यूपी से गायब हो जाएगी बिजली: अमित शाह

बलिया/महराजगंज: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सपा के प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि अगर साइकिल की सवारी की तो फिर से उत्तर प्रदेश से बिजली गायब हो जाएगी.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटोः पीटीआई)

बलिया जिले की बांसडीह और महराजगंज जिले की फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘पहले जब ताजिया-मुहर्रम होता था, तो उत्तर प्रदेश में बिजली आती थी, लेकिन परशुराम जयंती, श्रीराम नवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में बिजली गायब रहती थी.’

उन्होंने भीड़ से पूछा क्‍या क्या ये सही है? और जवाब ‘हां’ में मिलने पर शाह ने मतदाताओं को सचेत किया, ‘अगर साइकिल की सवारी की तो फिर से बिजली उत्तर प्रदेश से गायब हो जाएगी.’

शाह ने जिन क्षेत्रों में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया वहां छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सरकारों के कार्यों की सराहना करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘पहले गरीब के घर में बीमारी आती थी तो पूरा परिवार ऋण के बोझ के नीचे दब जाता था, लेकिन अब मोदी जी देश में हर गरीब परिवार की बीमारी दूर करने के लिए पांच लाख रुपये तक का खर्चा उठा रहे हैं.’

उन्होंने दलितों, पिछड़ों और हर वर्ग के लोगों के पक्ष में भाजपा सरकार के कार्यों को गिनाते हुए कहा कि हमने बहुत से कल्‍याण किए हैं और लोगों के हक के लिए वादे भी किए हैं.

शाह ने कहा कि निषाद जो एक लाख रुपये की नाव खरीदेगा उसे 40 हजार रुपये यूपी सरकार देगी.

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अखिलेश ने ‘काफी सारी चीजों में उत्तर प्रदेश को नंबर वन बनाया. उनके शासन में डकैती में उत्तर प्रदेश नंबर वन था, लूट में उत्तर प्रदेश नंबर वन था, हत्या में उत्तर प्रदेश नंबर वन था और बलात्कार के मामले में भी उत्तर प्रदेश नंबर वन था.’

योगी शासन में कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि आज अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, आजम खान, ये सब जेल में हैं. उन्होंने जनता से सवाल पूछा कि गलती से भी अगर आपने साइकिल की सवारी की, तो क्या ये जेल में रहेंगे?

उन्होंने दावा किया कि ये लोग जेल में तभी रहेंगे जब आप लोग 300 पार वाली कमल की सरकार बनाओगे. शाह ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश को माफियाओं-बाहुबलियों से मुक्त करना है, तो ये सिर्फ भाजपा की सरकार कर सकती है.

महराजगंज की सभा में केंद्रीय वित्त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे.

उत्तर प्रदेश 6.91 लाख करोड़ का कर्जदार, 40 प्रतिशत कर्ज योगी सरकार की देन: चिदंबरम

लखनऊ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को बेरोजगारी और गरीबी के आंकड़ों के साथ शिक्षा-स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की कथित बदहाली की तस्वीर पेश की और सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा. चिदंबरम ने कहा कि इस प्रदेश पर 6 लाख 62 हजार 91 करोड़ का कर्ज है, जिसमें से 40 प्रतिशत योगी सरकार की देन है.

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

रविवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चिदंबरम ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी लगभग सारी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. प्रियंका गांधी ने जो प्रचार और संवाद यहां किया, उसमें ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारा देकर पूरे देश में एक नया आयाम जोड़ा. इससे पूरे देश की राजनीति एक तरह से करवट बदलती दिखाई दे रही है.’

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैंने इस चुनाव को देखा और समझा, नेताओं के भाषण सुने और उसके मद्देनजर मैं यूपी के भविष्य को लेकर चिंतित और आशंकित हूं.’

उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार एक तानाशाही सरकार है, जिसमें महिला सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है और प्रदेश में जातीय और मजहबी उन्माद फैलाया जा रहा है.

चिदंबरम ने यूपी की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि आपका राज्य एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है और अगर आप सही बटन दबाएंगे तो परिवर्तन आएगा और भविष्य में भी जारी रहेगा.

उन्होंने दावा किया कि यूपी में जो सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) 2017 में 11.4 प्रतिशत था, वह अब घटकर -6.4 प्रतिशत हो गया है और प्रति व्यक्ति आय भी राष्ट्रीय आय की आधी रह गई है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि योगी सरकार में प्रति व्यक्ति आय 1.9 प्रतिशत घट गई है और यूपी पर 6 लाख 62 हजार 91 करोड़ का कर्ज है, जिसमें से 40 प्रतिशत मौजूदा सरकार की देन है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाते हुए चिदंबरम ने कहा, ‘यूपी बड़ी आबादी वाला राज्य है और देश में सबसे मेहनतकश लोग यहां पाए जाते हैं. आठ प्रधानमंत्री इस प्रदेश ने देश को दिए, लेकिन आज भी यूपी गरीब है, इसके लोग गरीब हैं.’

उन्होंने कहा कि आर्थिक व सामाजिक पैमाने पर यूपी पूरे देश में सबसे निचले पायदान पर है और यह देखकर अफसोस होता है.

चिदंबरम ने कहा कि नीति आयोग का जो बहुआयामी गरीबी सूचकांक का आंकड़ा आता है, वह दिखाता है कि यूपी की 37.9 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे है.

उन्होंने कहा कि 12 जिलों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक है और इनमें से तीन जिलों- श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर में यह 70 प्रतिशत से ज्यादा है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान नई पीढ़ी को हो रहा है, क्योंकि यूपी में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर है.

उन्होंने दावा किया कि अप्रैल 2018 से राज्य में बेरोजगारी दर दहाई के आंकड़े में आ गई है और हर चार में से एक नौजवान बेरोजगार है.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार खाली पदों को नहीं भर रही है, क्योंकि नौकरी देना उसकी नीयत में नहीं है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का हर 16वां व्‍यक्ति अपने राज्य, अपने गांव को छोड़कर नौकरी के लिए बाहर जाता है.

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि 2 लाख 77 हजार शिक्षकों की कमी जिस राज्य में हो, वहां शिक्षा का स्तर कैसा हो सकता है.

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में बदहाली की तस्वीर पेश की और यूपी के मतदाताओं से सवाल किया कि क्या आप सोचकर वोट दे रहे हैं, क्‍या जब आप मतदान के लिए जाते हैं तो आपके सामने ये आंकड़े होते हैं, इन्हें देखकर आप किसे वोट देंगे.

सपा समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने कर ली है विदेश भागने की तैयारी: योगी

महराजगंज: उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत और अपनी हार का एहसास होते ही सपा सहित कई विपक्षी नेताओं ने विदेश भागने की तैयारी कर ली है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

महराजगंज जिले के सिसवा बाजार विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा राज्य में फिर पूर्ण बहुमत प्राप्त कर सरकार बनाने के रास्ते पर बढ़ चली है और यह एहसास होते ही सपा सहित विपक्षी नेताओं ने विदेश भागने की तैयारी कर ली है.

उन्‍होंने दावा किया, ‘कोई ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जाने की फिराक में है तो कोई नेपाल भागने की तैयारी में है.’ उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने बाबा मुख्‍यमंत्री (योगी आदित्‍यनाथ) को वापस उनके घर गोरखपुर भेजने का मन बना लिया है. मुख्यमंत्री ने पैकर्स एंड मूवर्स को बुलाया है और गोरखपुर की हवाई यात्रा का टिकट भी खरीद लिया है.

योगी ने दावा किया कि भाजपा का नारा ‘सबका साथ, और सबका विकास’ है, जबकि सपा का नारा ‘सबका साथ लेकिन सिर्फ सैफई खानदान का विकास’ है.

उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर गरीबों की जमीन कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती रहेगी और देश प्रदेश की सुरक्षा के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पांच साल पहले लोगों को राज्य में बिजली नहीं मिलती थी. तब बिजली की जाति और मजहब हुआ करता था, तब बिजली आती भी नहीं थी. मगर भाजपा सरकार के शासन में बिना किसी भेदभाव के सबको बिजली मिल रही है.

उन्होंने कहा कि अब नौजवानों को रोजगार मिल रहा है और स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, यूनिवर्सिटी और मेडिकल कालेज बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि महराजगंज में भी मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला सरकार ने किया है.

मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘एक बार फिर भाजपा 300 पार के लक्ष्य को पूरा कर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी. उन्होंने कहा कि भाजपा के पक्ष में चल रही प्रचंड आंधी और सुनामी को देखकर कह सकता हूं कि भाजपा एक बार फिर 10 मार्च को तीन सौ पार का लक्ष्य प्राप्त करेगी.’

सपा प्रत्याशी समेत 12 लोगों के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा की कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा के प्रत्याशी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह और उनके दो भाइयों समेत 12 लोगों के खिलाफ एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने और बलात्कार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है.

पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि कर्नलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने शनिवार की रात यह मुकदमा दर्ज कराया है.

आरोप है कि महिला शनिवार की देर शाम अपने घर में बैठी थी, उसी समय कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा उम्मीदवार योगेश प्रताप सिंह अपने सगे भाइयों चंद्रेश प्रताप सिंह व कामेश प्रताप सिंह, अपने कई समर्थकों के साथ उसके घर पर आ गए और उसके साथ मारपीट की तथा भीड़ को उकसाकर तोड़फोड़ करवाई.

उन्होंने बताया कि विरोध करने पर उन लोगों ने परिजनों को भी मारपीट कर घायल कर दिया.

शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर कह रहे थे कि भाजपा को वोट देना उसे बहुत महंगा पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हमलावरों ने गोलियां भी चलाईं और इसका विरोध करने पर वे उसे जबरन एक खेत में ले गए और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद देर रात सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और सपा प्रत्याशी और समर्थकों के घर पर नजर रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि भाजपा प्रत्याशी को सुरक्षा मुहैया कराई गई है.

निर्वाचन आयोग ने सांप्रदायिक बयान देने के लिए भाजपा उम्मीदवार को भेजा नोटिस

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश से भाजपा के एक प्रत्याशी को कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने के लिए शनिवार को नोटिस जारी किया और एक दिन के भीतर जवाब देने को कहा.

राघवेंद्र प्रताप सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

डुमरियागंज विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप सिंह को नोटिस जारी करते हुए आयोग ने एक वीडियो क्लिप का हवाला दिया जिसमें सिंह भोजपुरी में कह रहे हैं कि जो ‘हिंदू उधर जाते हैं’ (विरोधी उम्मीदवार को वोट देते हैं) उनकी नसों में मुस्लिम खून बह रहा है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सिंह को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मुझे बताओ, क्या कोई मुस्लिम मुझे वोट देगा? तो ध्यान रहे कि अगर इस गांव के हिंदू दूसरे पक्ष का समर्थन करते हैं तो उनकी रगों में मुस्लिम खून है. वे देशद्रोही हैं.’

आयोग ने कथित बयान की ‘ट्रांस्क्रिप्ट’ भी मुहैया कराई है. आयोग ने इसका संज्ञान लिया है कि सिंह के विरुद्ध इस मामले में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई है.

भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज सीट से से दोबारा चुनाव मैदान में हैं.

पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके आपत्तिजनक बयान से संबंधित एक वीडियो के आधार पर भाजपा विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. थाना प्रभारी (डुमरियागंज) वकील पांडेय ने कहा था कि सिंह, जो हिंदू युवा वाहिनी के राज्य प्रभारी भी हैं, पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इससे पहले सिंह ने टिप्पणी करने की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही कहा था कि उनका किसी को भी धमकी देने का कोई इरादा नहीं था. यह इस संबंध में उनके खिलाफ दर्ज की गई यह दूसरी एफआईआर है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)