राजनीति

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के लिए प्रचार अभियान थमा

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की ताकत अखिलेश यादव में नहीं है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस बार नया इतिहास लिखने जा रहा है उत्तर प्रदेश का मतदाता. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि सपा और बसपा का भाजपा से समझौता है. मणिपुर में चुनावकर्मी पर हमला करने के आरोप में कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ़्तार होने के बाद में ज़मानत पर ​रिहा. पंजाब में मादक पदार्थ मामले में गिरफ़्तार शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार बिक्रम सिंह मजीठिया से पार्टी नेता सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल ने जेल में की मुलाकात.

मंगलवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले के डुमरियागंज कस्बे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक जनसभा में बुलडोजर के साथ समर्थक शामिल हुए. (फोटो: पीटीआई फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की प्रतिष्ठा से जुड़े चुनाव क्षेत्र गोरखपुर समेत 10 जिलों के 57 विधानसभा क्षेत्रों में मंगलवार शाम छह बजे प्रचार समाप्त हो गया. इस चरण की सभी सीटों पर तीन मार्च को मतदान होगा.

राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि छठे चरण के चुनाव के लिए मंगलवार शाम छह बजे के बाद से प्रचार पर प्रभावी रूप से रोक लग गई है और यह रोक छठे चरण का मतदान समाप्त होने अर्थात 48 घंटे तक प्रभावी रहेगी.

उन्होंने बताया कि छठे चरण के मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई है और तीन मार्च को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं.

जानकारी के अनुसार छठे चरण में कुल 676 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में इन 57 सीटों में 46 सीटें भाजपा और दो सीटें उसके सहयोगी दलों अपना दल (एस) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जीती थी, हालांकि सुभासपा इस बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है.

छठवें चरण के दस जिलों में आंबेडकर नगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया एवं बलिया जिलों के 57 विधानसभा क्षेत्रों में तीन मार्च को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा.

छठे चरण के विधानसभा क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा समेत कई स्टार प्रचारक चुनाव प्रचार कर चुके हैं.

इसी चरण में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर में भी मतदान होगा जहां उनके मुकाबले सपा से सुभावती शुक्ला और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा भी इन इलाकों में चुनाव प्रचार कर चुकी हैं. उधर, बहुजन समाज पार्टी समेत अन्य दलों के नेताओं ने भी इन क्षेत्रों में प्रचार कर अपने अपने उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील की है.

छठे चरण में आंबेडकरनगर जिले की कटहरी विधानसभा सीट पर बसपा विधायक दल के नेता रह चुके लालजी वर्मा इस बार सपा के उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, तो इसी जिले की अकबरपुर विधानसभा सीट पर बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर इस बार सपा के उम्मीदवार हैं.

छठे चरण में सिद्धार्थनगर जिले की बांसी सीट पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह भाजपा उम्मीदवार के तौर पर फ‍िर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि इसी जिले की इटवा सीट पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व सपा उम्मीदवार माता प्रसाद पांडेय का मुकाबला राज्‍य के बेसिक शिक्षा मंत्री व भाजपा उम्मीदवार सतीश चंद्र द्विवेदी से है. द्विवेदी ने 2017 में पांडेय को पराजित किया था.

कुशीनगर जिले की पड़रौना विधानसभा सीट से पिछली बार भाजपा से चुनाव जीते और करीब पांच वर्ष तक योगी सरकार में श्रम मंत्री रह चुके स्‍वामी प्रसाद मौर्य इस बार कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से सपा के उम्मीदवार हैं जहां उनका मुकाबला भाजपा के सुरेंद्र कुशवाहा से है.

कुशीनगर की तमकुहीराज सीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू चुनाव मैदान में हैं.

छठे चरण में ही बलिया में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी (बांसडीह) सपा से और बसपा विधायक दल के नेता रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में बसपा से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

राज्य के कृषि मंत्री और भाजपा उम्मीदवार सूर्य प्रताप शाही का देवरिया जिले की पथरदेवा सीट पर अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी सपा के ब्रह्माशंकर त्रिपाठी से मुकाबला है.

इसके अलावा स्‍वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री श्रीराम चौहान (खजनी-गोरखपुर) राज्‍य मंत्री जयप्रकाश निषाद (रुद्रपुर-देवरिया) तथा पत्रकारिता से राजनीति में आये शलभ मणि त्रिपाठी (देवरिया) भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. छठे चरण की 57 सीटों में 11 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. इस चरण में कुल 2.14 करोड़ से अधिक मतदाता है.

राज्य की 403 विधानसभा सीटों पर सात चरणों में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में अब तक पांच चरणों में 292 सीटों पर मतदान हो चुका है और आखिरी दो चरणों में क्रमश: तीन मार्च और सात मार्च को 111 सीटों पर मतदान होना बाकी है.

भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की ताकत अखिलेश में नहीं: ओवैसी

बलिया: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को सपा के प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की ताकत नहीं है.

असदुद्दीन ओवैसी. (फोटो साभार: फेसबुक/@Asaduddinowaisi)

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी को सात साल बाद उत्तर प्रदेश में सांड़ों के आतंक का मामला नजर आ रहा है.

मंगलवार को बलिया जिले के सिकंदरपुर में भागीदारी संकल्प मोर्चा द्वारा आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि अखिलेश यादव में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की ताकत नहीं है.

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से और लोकसभा के पिछले चुनाव में बसपा से गठबंधन किया, लेकिन वह भाजपा को सत्ता में आने से रोक नहीं सके.

ओवैसी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों को मुफ्त में राशन वितरण कर गरीबों की बेइज्जती व तौहीन कर रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी स्वयं को चौकीदार करार देते बादशाह हो गए हैं और वह देश के गरीबों को अपना नमक चखाना चाहते हैं.

एआईएमआईएम नेता ने कहा, ‘हम मोदी का नमक स्वीकार करने के बजाय जहर लेना स्वीकार करेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल से चाय पीने में इस कदर मशगूल हैं कि उन्हें चुनाव के ऐन वक्त सांड़ों के आतंक का मामला नजर आ रहा है.’

उन्होंने दावा किया है कि 10 मार्च को उत्तर प्रदेश से भाजपा सरकार का खात्मा हो जाएगा.

उन्होंने भागीदारी संकल्प मोर्चा के समर्थन की अपील करते हुए मुस्लिम समाज से कहा, ‘हम कब तक सपा व बसपा के नेताओं के पैरों का फुटबॉल बनते रहेंगे.’

ओवैसी ने दावा किया कि भागीदारी संकल्प मोर्चा कमजोर को ताकतवर बनाने व सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही है और यह मोर्चा ही भाजपा सरकार से छुटकारा दिला सकता है.

यह चुनाव ‘छलिया’ बनाम बलिया है: अखिलेश यादव

बलिया: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भाजपा पर जनता के साथ ‘छल’ करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का मौजूदा विधानसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है.

एक चुनावी सभा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव. (फोटो साभार: फेसबुक/सपा )

अखिलेश ने बलिया जिले के फेफना में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बलिया के लोग जानते हैं कि न जाने कितनी बार भाजपा के लोगों ने उन्हें ‘छला’ है, इतना ‘छला’ है कि ‘‘यह चुनाव छलिया बनाम बलिया दिखाई दे रहा है.

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के लोगों ने कहा था कि उनकी सरकार आ जाएगी तो किसानों की आमदनी दोगुनी हो जाएगी, किसान बताएं कि क्या किसी की आमदनी दोगुनी हुई है? क्या किसानों को खाद मिली? क्या समर्थन मूल्य पर उनकी फसल खरीदी गई?

अखिलेश ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘अब तो भाजपा के सहयोगी भी जान गए हैं कि भाजपा के लोग झूठ बोलते हैं. भाजपा के छोटे नेता छोटा झूठ बोल रहे हैं, जो बड़े नेता हैं, वे बड़ा झूठ बोल रहे हैं और जो सबसे बड़े नेता हैं वह सबसे बड़ा झूठ बोल रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि बलिया के लोगों ने हमेशा राजनीति को नई दिशा दिखाई है, यह चुनाव कोई छोटा-मोटा चुनाव नहीं है. यह भारत के संविधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है.

सपा प्रमुख ने कहा कि बलिया वालों ने हमेशा क्रांतिकारी रास्ता चुना है, मुझे खुशी है कि ‘समाजवादियों’ के साथ ‘आंबेडकरवादी’ मिलकर इस देश का संविधान और लोकतंत्र बचाने में लगे हैं.

अखिलेश ने सपा और गठबंधन के सभी प्रत्याशियों को ऐतिहासिक मतों से जीत दिलाने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जो विकास की गति समाजवादी सरकार में थी उसे और तेज किया जाएगा, क्योंकि जब विकास होगा तो हमारा किसान खुशहाल होगा हमारे नौजवानों को नौकरी और रोजगार मिलेगा.’

इस बार नया इतिहास लिखने जा रहा है उत्तर प्रदेश का मतदाता: राजनाथ

बलिया: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनाव के पहले पांच चरण से पता चलता है कि राज्य के मतदाता नया इतिहास लिखते हुए भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बनाने जा रहे हैं और इस बार पिछले 30-40 साल से चली आ रही सरकार बदलने की प्रथा को तोड़ेंगे.

राजनाथ सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

सिंह ने जिले के रसड़ा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश विधानसभा के पांच चरण के हुए चुनाव रुझान से स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश का मतदाता एक नया इतिहास लिखने जा रहा है. उत्तर प्रदेश में पिछले 30-40 साल साल से किसी पार्टी की लगातार दो बार सरकार नहीं बन रही है, मगर इस बार भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बनने जा रही है.’

उन्होंने मतदाताओं से किसी लालच या बहकावे में न आने का आह्वान करते हुए कहा कि मतदान करते समय सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि देश सबसे बड़ा है और भाजपा देश का मस्तक ऊंचा करने वाली पार्टी है और लगातार यह कार्य करेगी.

रक्षा मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को भाषण देकर बंद नही किया जा सकता, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाकर ही भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पहले लाचारगी के साथ कहा था कि दिल्ली से भेजे जाने वाले एक रुपये में से बमुश्किल 15 पैसे ही लाभार्थी तक पहुंच पाते हैं.

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ लाभार्थियों तक बगैर किसी भ्रष्टाचार के पहुंचता है.

उन्होंने मोदी सरकार के विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश का मस्तक सारी दुनिया में ऊंचा कर दिया है. उन्होंने कहा कि पहले दुनिया भारत की बात को गंभीरतापूर्वक नहीं सुनती थी और अब दुनिया भारत की बात को कान खोलकर सुनती है.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, सपा और बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार को लेकर जमकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ‘देश में अटल जी की सरकार रही है और इस समय मोदी जी की सरकार चल रही है. उत्तर प्रदेश में भी कल्याण सिंह से लेकर मेरी सरकार रही है और अब योगी सरकार चल रही है. किसी भी सरकार के किसी मंत्री के दामन पर भ्रष्टाचार का दाग नही लगा है.

उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ बाकी पार्टियों की सरकारों के मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना पड़ा है.

सपा और बसपा का भाजपा से है समझौता: प्रियंका गांधी

सिद्धार्थनगर: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सपा और बसपा पर सत्तारूढ़ भाजपा से अंदरखाने समझौता करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि अपने खिलाफ जांच के डर से इन दोनों दलों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान भाजपा सरकार के अत्याचारों के खिलाफ आवाज नहीं उठाई.

प्रियंका गांधी. (फोटो: पीटीआई)

प्रियंका ने सिद्धार्थनगर के इटवा क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, ‘यह समाजवादी दल और बसपा, भाजपा से समझौता किए हुए हैं. आप इस गलतफहमी में मत रहिए कि अगर इनकी सरकार बन भी गई तो वे भाजपा का सामना कर पाएंगे.’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘सपा और बसपा ने सरकार की नीतियों के खिलाफ पिछले सालों में कुछ किया ही नहीं है. उन्हें डर है कि एक जांच हो जाएगी, कोई एजेंसी पीछे लग जाएगी तो चुप हो जाएंगे, दुबक जाएंगे अपने कमरों में.’

उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी कोई जंग नहीं है जो बिना लड़े जीती गई हो. यहां तो यह राजनीतिक दल आपस में लड़ ही नहीं रहे हैं.

प्रियंका ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान कथित रूप से पुलिस की गोली से कई लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सपा और बसपा का कोई नेता उनके परिवारों से मिलने नहीं गया.

उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ने ही उनकी सुध ली और इसी तरह जब आगरा में दलित अरुण वाल्मीकि और उसके परिवार को पुलिस ने बेरहमी से पीटा और हाथरस में एक लड़की की बलात्कार के बाद मौत हो गई और प्रशासन ने उसके शव को जबरन जलवा दिया, तब भी सपा और बसपा का कोई नेता उनके यहां नहीं गया.

प्रियंका ने जनता पर जाति और धर्म की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उसे आंखें खोलने की सलाह दी और कहा, ‘जब अत्याचार आपके पास आया तो क्या उसने पूछा कि आप की क्या जाति और धर्म है. जब महंगाई और बेरोजगारी आती है तो क्या वह पूछती है कि आपकी धर्म और जाति क्या है? तो यह राजनीतिक दलों के नेता आप से जाति और धर्म की बात क्यों करते हैं.’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘दूसरी पार्टियों के नेता जनता के मंचों पर खड़े होकर पाकिस्तान, आतंकवाद, बुलडोजर और यहां तक कि रूस और यूक्रेन की बातें भी क्यों कर रहे हैं.’

उन्होंने पूछा कि क्या इससे आपको रोजी-रोटी मिल रही है, क्या आपकी तरक्की हो रही है? आप आंखें खोल लीजिए. तरक्की सिर्फ इन्हीं लोगों की हो रही है.

उन्होंने कहा, ‘जनता के लिए संघर्ष सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी ने किया है. सिर्फ कांग्रेस ही आपके लिए सड़क पर उतरी. कांग्रेस ने आपका धर्म और जाति नहीं पूछी.’

प्रियंका ने जाति और धर्म के आधार पर चुने जाने वाले नेताओं की तुलना किसी निकम्मे लड़के से करते हुए जनता से कहा, ‘आपने जाति धर्म के आधार पर वोट देकर ऐसे नेताओं की आदत डाल दी है. आखिर यह आदत आप कब तोड़ेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘वे जानते हैं कि आप हर चुनाव में उन्हें जाति और धर्म के आधार पर वोट दे देंगे, इसलिए उन्हें आप के विकास के लिए कोई काम करने की जरूरत नहीं है.’


मणिपुर विधानसभा चुनाव


चुनावकर्मी पर हमला करने के आरोप में कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार, बाद में रिहा किया गया

इम्फाल: मणिपुर विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान ड्यूटी पर तैनात चुनावकर्मी पर हमला करने के आरोप में कांग्रेस उम्मीदवार को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया और बाद में आधी रात को जमानत पर रिहा कर दिया गया.

लमतिनथांग हाओकिप. (फोटो साभार: फेसबुक)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कांगपोकपी जिले के सैतु निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार लमतिनथांग हाओकिप के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की और इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह द्वारा ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया.

उनकी रिहाई से पहले जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा था, ‘सैतु से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. लमतिनथांग को अन्यायपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किया गया था, जब वे भाजपा को कदाचार से रोकने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए न्यू कीथेलमनबी मतदान केंद्र गए थे. हम उनकी बिना शर्त और तत्काल रिहाई की मांग करते हैं! यह केंद्रीय गृह मंत्री और सीएम द्वारा लोकतंत्र की हत्या है.’

उनके रिहा होने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘कल रात मैं सैतु से कांग्रेस उम्मीदवार से मिला, जिन्हें भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा किए गए एक निर्मम कृत्य में सुबह 10 बजे अवैध और अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया गया था. अंतत: मेरे सहयोगी को लगभग 12:15 बजे जमानत मिल गई, लेकिन मतदान के दिन उन्हें खुले तौर पर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया.’

न्यू कीथेलमांबी मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी ने इम्फाल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि हाओकिप ने उन पर कथित रूप से हमला किया था. इसके बाद होओकिप के खिलाफ ‘कर्तव्य का निर्वहन कर रहे लोक सेवक पर हमला करने की मंशा’ समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

मतदान जारी रहने के दौरान हाओकिप को गिरफ्तार किया गया और आधी रात को जमानत पर रिहा कर दिया गया.

हाओकिप के मतदान अभिकर्ता (पोलिंग एजेंट) एंड्रयू गंगमेई ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश अग्रवाल को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर भाजपा समर्थकों द्वारा कब्जा किए जाने और फर्जी वोट डाले जाने की शिकायतें मिलने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मतदान केंद्र पर पहुंचे थे.

पत्र में कहा गया, ‘उन्होंने चुनाव अधिकारी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि लोगों को उनके विवेक और उनकी पसंद के अनुसार वोट डालने की अनुमति दी जाए, लेकिन उन्होंने इसके जवाब में बहुत अशोभनीय व्यवहार किया.’

गंगमेई ने कहा कि इससे कांग्रेस उम्मीदवार को गुस्सा आ गया और हाथापाई शुरू हो गई तथा इस दौरान एक ईवीएम क्षतिग्रस्त हो गई. उन्होंने दावा किया कि पीठासीन अधिकारी ने भाजपा उम्मीदवार के कहने पर शिकायत दर्ज कराई.

जयराम रमेश ने कहा, ‘मैंने गत रात सैतु से कांग्रेस उम्मीदवार लमतिनथांग हाओकिप से मुलाकात की, जिन्हें भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा किए गए एक निर्लज्ज कृत्य के तहत पूर्वाह्न 10 बजे अवैध और अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया गया था. मेरे साथी को रात करीब सवा 12 बजे जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन मतदान के दिन उन्हें उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से स्पष्ट रूप से वंचित किया गया था.’

रमेश कांग्रेस समर्थकों के साथ पुलिस थाने भी गए थे.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा की गई लोकतंत्र की हत्या है.’


 पंजाब विधानसभा चुनाव


सुखबीर, हरसिमरत बादल ने पटियाला जेल में बिक्रम सिंह मजीठिया से की मुलाकात

चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मंगलवार को पटियाला जेल में बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की.

बिक्रम सिंह मजीठिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

पटियाला में पत्रकारों से बातचीत में बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा पर मजीठिया के खिलाफ ‘झूठा’ मामला दर्ज कराने का आरोप लगाया.

शिअद प्रमुख ने कहा कि उनका न्यायिक व्यवस्था में पूरा विश्वास है और पूरी पार्टी मजीठिया के साथ खड़ी है.

हरसिमरत कौर के भाई मजीठिया को 24 फरवरी को दो हफ्तों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. उन्होंने मादक पदार्थ के मामले में मोहाली अदालत में आत्मसमर्पण किया था. अदालत ने 25 फरवरी को मजीठिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

उच्चतम न्यायालय ने हाल में पंजाब पुलिस को पंजाब के पूर्व मंत्री को मादक पदार्थ मामले में 23 फरवरी तक गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया था, ताकि वह राज्य में चुनाव प्रचार में हिस्सा ले सकें.

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने मजीठिया को 20 फरवरी को पंजाब विधानसभा चुनावों के बाद एक निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था.

मजीठिया पर पिछले साल 20 दिसंबर को स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ कानून (एनडीपीएस) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

यूक्रेन में फंसे पंजाब के छात्रों को लेकर बादल ने केंद्र से उन्हें युद्धग्रस्त देश से सुरक्षित वापस लाने के प्रयास तेज करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन में फंसे छात्रों को फौरन बाहर निकालना चाहिए.’

यह पूछने पर कि विधानसभा चुनावों में शिअद-बसपा गठबंधन को कितनी सीटें मिलेगी, इस पर बादल ने कहा, ‘हम 80 सीटें जीतेंगे.’

बादल ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के दो पदाधिकारियों के चयन के लिए नियमों में बदलाव करने के केंद्र के हाल के फैसले पर भी आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा, ‘शिअद ने हमेशा संघीय व्यवस्था का समर्थन किया है लेकिन धीरे-धीरे राज्य के अधिकारों को कम किया जा रहा है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)