राजनीति

यूपी में फ़िर से चुनाव लड़ रहे 90 प्रतिशत विधायकों की संपत्ति पिछले पांच साल में बढ़ी: रिपोर्ट

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा के लोग धर्म और झूठ के नाम पर वोट लेते हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी चुनाव संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए हैं तो अमित शाह बोले- यूपी चुनाव राज्य के पिछड़े और दलित समुदाय के लोगों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए है. मुलायम सिंह यादव ने कहा कि चुनाव में बेरोज़गारी का मुद्दा उठाने वाली सपा एकमात्र पार्टी है. मुख़्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा उम्मीदवार अब्‍बास अंसारी के ख़िलाफ़ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज. योगी सरकार में मंत्री मोहसिन रज़ा के ख़िलाफ़ 32 साल पुराने मामले में गिरफ़्तारी वारंट जारी.

अध्ययन में पता चला है कि कि एक बार फिर विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों की सामूहिक औसत संपत्ति में पांच साल के दौरान सबसे अधिक इजाफा हुआ है. (फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव फिर से लड़ रहे 90 प्रतिशत से अधिक विधायकों की संपत्ति पिछले पांच साल के दौरान बढ़ गई, यानी ये विधायक और अधिक अमीर हो गए. चुनाव पर नजर रखने वाली एक गैर-सरकारी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017 के बाद से भाजपा प्रत्याशियों की संपत्ति में सबसे अधिक वृद्धि हुई.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) और उत्तर प्रदेश चुनाव वॉच (यूपीईडब्ल्यू) की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.

रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे 301 विधायकों (निर्दलीय विधायक समेत) की औसत संपत्ति वर्ष 2017 में 5.68 करोड़ रुपये मूल्य के बराबर थी. लेकिन वर्ष 2022 में इन विधायकों के चुनावी हलफनामे में इनकी औसत संपत्ति बढ़कर 8.87 करोड़ रुपये मूल्य के बराबर हो गई.

विधानसभा चुनाव में फिर उतरे विधायकों (एमएलए या एमएलसी) में से 284 विधायकों (94 प्रतिशत) की संपत्ति शून्य प्रतिशत से 22,057 प्रतिशत तक बढ़ गई, जबकि 17 प्रतिशत विधायकों (एमएलए/एमएलसी) की संपत्ति एक प्रतिशत से 36 प्रतिशत तक कम हुई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन पांच उम्मीदवारों की संपत्ति पिछले पांच साल में सर्वाधिक बढ़ी है, उनमें रायबरेली से भाजपा उम्मीदवार अदिति सिंह भी शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी संपत्ति पांच सालों में 30 करोड़ रुपये बढ़ गई. उनकी संपत्ति वर्ष 2017 में 13.98 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2022 तक 22,057 प्रतिशत बढ़कर 30.98 करोड़ रुपये हो गई.

सिंह पिछले साल भाजपा में शामिल हो गई थीं, लेकिन वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रायबरेली सीट से कांग्रेस के टिकट पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, मुबारकपुर सीट से ऑल इंडिया मजिलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली की संपत्ति पिछले पांच सालों में 77.09 करोड़ रुपये बढ़ गई.

जमाली ने वर्ष 2022 के चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति 195.85 करोड़ रुपये बताई है, जबकि वर्ष 2017 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति 118.76 करोड़ रुपये बताई थी.

एआईएमआईएम उम्मीदवार के बाद दूसरे नंबर पर भाजपा के सहेंद्र सिंह रमाला हैं, जिनकी संपत्ति में 46.45 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.

रिपोर्ट के मुताबिक, रमाला की संपत्ति वर्ष 2017 में 38.04 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2022 में 84.50 करोड़ रुपये हो गयी. रमाला भाजपा के टिकट पर छपरौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

रिपोर्ट में बताया गया कि फूलपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पटेल की संपत्ति पांच सालों में 31.99 करोड़ रुपये बढ़ गई. पटेल की संपत्ति वर्ष 2017 में 8.26 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 44.26 करोड़ रुपये हो गई.

पार्टीवार विश्लेषण के आधार पर एडीआर-यूपीईडब्ल्यू ने पाया कि एक बार फिर विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों की सामूहिक औसत संपत्ति में पांच साल के दौरान सबसे अधिक इजाफा हुआ है.

भाजपा के ऐसे 223 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति वर्ष 2017 के 5.27 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2022 में बढ़कर 8.43 करोड़ रुपये हो गई यानी 59.87 प्रतिशत का इजाफा हुआ.

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के बाद फिर विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे सपा के 55 उम्मीदवार की कुल औसत संपत्ति वर्ष 2017 के 4.60 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 2022 में 6.73 करोड़ रुपये हो गई यानी 46.18 प्रतिशत का इजाफा हुआ.

रिपोर्ट में बताया गया कि एक और कार्यकाल के लिए विधानसभा चुनाव लड़ रहे बसपा के आठ उम्मीदवारों की औसत संपत्ति वर्ष 2017 के 9.82 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2022 में बढ़कर 14.48 करोड़ रुपये हो गई यानी 47.42 प्रतिशत इजाफा हुआ.

रिपार्ट में बताया गया कि फिर से विधायक बनने के लिए प्रयासरत कांग्रेस के चार उम्मीदवारों की औसत संपत्ति वर्ष 2017 के 8.84 करोड़ रुपये के मुकाबले वर्ष 2022 में 9.8 करोड़ रुपये हो गयी यानी कुल 10.88 प्रतिशत इजाफा हुआ.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एडीआर-यूपीईडब्ल्यू ने कहा कि उसकी रिपोर्ट इस साल और 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए इन विधायकों द्वारा दायर किए गए स्वयं शपथ-पत्रों के विश्लेषण पर आधारित है.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा फिर से चुनाव लड़ने वाले 301 विधायकों/एमएलसी के वित्तीय विवरण इन विधायकों/एमएलसी द्वारा हाल ही में दायर किए गए हलफनामों से लिए गए हैं और इन वित्तीय संपत्तियों के मूल्यों की तुलना संपत्ति के संबंधित मूल्यों से की गई है, जो विधायक/एमएलसी ने पिछले चुनावों के अपने हलफनामों में दिखाया है.’

भाजपा के लोग धर्म और झूठ के नाम पर वोट लेते हैं: राहुल गांधी

वाराणसी: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर प्रहार किया और आरोप लगाया कि भाजपा के लोग धर्म एवं झूठ के नाम पर वोट लेते हैं.

शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने वाराणसी के पिंडरा में एक जनसभा को संबोधित किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

साथ ही उन्होंने सपा के शासनकाल के कानून-व्यवस्था और गुंडागर्दी का मामला उठाया तथा बसपा को भाजपा की ‘बी’ टीम बताया.

वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व मंत्री अजय राय के समर्थन में शुक्रवार को आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, ‘भाजपा के लोग पूरे देश में हिंदू धर्म की बात करते हैं, हिंदू धर्म का मतलब सच्चाई है, सत्य है और यह लोग झूठ के नाम पर वोट लेते हैं.’

उन्होंने सरकार पर मीडिया के लोगों दबाकर रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते कि वे हिंदू धर्म की रक्षा करते हैं. उन्होंने कहा, ‘नहीं मोदी जी, आप धर्म की नहीं, झूठ की रक्षा करते हो. आप अपनी कुर्सी बचाने के लिए असत्य की रक्षा करते हैं.’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उन्होंने रामायण एवं महाभारत पढ़ी है, किंतु यह कहीं नहीं पढ़ा कि काशी में शिवजी के धाम में आकर झूठ बोलो. उन्होंने कहा, ‘यहां सिर्फ धर्म पर और झूठ के नाम पर वोट लिया जा रहा है.’

गांधी ने कहा कि वह मर जाएंगे, लेकिन स्टेज से लोगों से कभी नहीं कहेंगे कि उनके अकाउंट में 15 लाख डाले जाएंगे.

प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘मोदी जी कहते हैं विदेशी हैं, मगर हम भी यूपी के हैं, हमारा परिवार इलाहाबाद का है.’

उन्‍होंने तंज किया, ‘सुना है मोदी जी ने मगरमच्छ से लड़ाई लड़ी थी, लेकिन जब वह गंगा में नहाने उतरे, तो उनसे तैरा नहीं जा रहा था.’

कांग्रेस नेता ने अन्‍य विपक्षी दलों सपा और बसपा पर भी प्रहार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी सपा आती है तो कानून व्यवस्था और गुंडागर्दी के मामले में उनसे बेहतर जनता जानती है. उन्होंने दावा किया बसपा तो खत्म होने की कगार पर है और वह बीजेपी की ‘बी’ टीम बन गई है.

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी मेहनत कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हम झूठ बोलने नहीं आए हैं, हम काम करना और करवाना जानते हैं, हमने मनरेगा दिलवाया, किसानों का कर्ज माफ़ किया, राजस्थान में पेंशन दी.’

यूक्रेन के मामले में प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध शुरू हुआ, देश के हजारों लोग जिंदगी और मौत के बीच यूक्रेन में फंसे हुए हैं.

उन्होंने कहा कि छात्र वीडियो बना कर कहते हैं कि उन्हें बचाया जाए और यहां प्रधानमंत्री मोदी के लोग कहते हैं कि ये लोग (छात्र) यहां फेल हो गए थे, इसलिए वहां गए.

उन्होंने प्रश्न किया कि क्या विदेश गए छात्र भारत के नागरिक नहीं हैं, क्या उनकी रक्षा का जिम्मा सरकार का नहीं है?

जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि नेताओं की मानसिकता बन गई है कि जाति-धर्म के नाम पर वोट मिल जाएगा तो जनता की समस्याओं पर बात क्यों करें, इसलिए इस राजनीति को बदलिए.

वाद्रा ने लोगों से कहा कि जागरूकता के साथ अपना और अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचकर वोट कीजिए.

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा कि गुजरात मॉडल फेल हो गया है और छत्तीसगढ़ मॉडल आज चर्चा में है. उन्होंने कहा कि छुट्टा जानवरों से छुटकारा चाहिए तो छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाना पड़ेगा.

पिंडरा में जनसभा करने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई नेता वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और वहां उन्होंने दर्शन कर पूजा-अर्चना की और उत्तर प्रदेश में पार्टी की जीत के लिए आशीर्वाद मांगा.

चुनाव में बेरोजगारी का मुद्दा उठाने वाली सपा एकमात्र पार्टी है: मुलायम सिंह यादव

जौनपुर: सपा के संरक्षक एवं उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने जाति के आधार पर भेदभाव और गरीबों पर अत्याचार का शुक्रवार को आरोप लगाया.

शुक्रवार को जौनपुर जिले के मल्हनी विधानसभा क्षेत्र में सपा प्रत्याशी श्री लकी यादव के समर्थन में मुलायम सिंह यादव ने एक जनसभा को संबोधित किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

82 वर्षीय यादव ने जौनपुर में एक चुनाव जनसभा में कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा गरीबों, युवाओं और समाज के उपेक्षित वर्ग के लिए काम किया है.

उन्होंने कहा, ‘देश आज बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें जाति के आधार पर भेदभाव और अन्याय, गरीबों पर हो रहे अत्याचार शामिल हैं.’

मैनपुरी से लोकसभा सदस्य यादव ने जौनपुर में कहा कि गरीबों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है, शिक्षित युवा बेरोजगार हैं, जबकि फसल पैदा करने वाले किसानों को उनकी उपज का पर्याप्त मूल्य नहीं मिलता है, ऐसे में सबसे बड़ी जिम्मेदारी सपा की होती है.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सपा ने हमेशा गरीब, युवा, अशिक्षित और समाज के उपेक्षित वर्ग के लिए काम किया है.

उन्होंने कहा, ‘आपके सामने एक चुनौती यह है कि इतनी मेहनत करने के बावजूद किसानों को उनकी फसलों का पर्याप्त मूल्य नहीं मिलता है. उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है. किसानों की उपेक्षा की जा रही है. पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है.’

यादव ने यह भी दावा किया कि केवल उनकी ही पार्टी राज्य में बेरोजगारी का मुद्दा उठा रही है. उन्होंने कहा कि अगर सपा सरकार बनाती है तो यह युवाओं को लोगों की सेवा करने के लिए रोजगार और अवसर प्रदान करेगी.

जनसभा में भारी संख्या में लोगों की भीड़ को देखते हुए यादव ने कहा कि यह स्थिति साबित करती है कि लोगों का सपा में विश्वास है और उनका विश्वास सही है, क्योंकि सपा वही करती है जो वह कहती है.

उन्होंने कहा कि जब व्यापारी अधिक काम करेंगे तो जनता को भी अधिक सुविधाएं मिलेंगी. उन्होंने राज्य में सपा की सरकार बनने पर कारोबारी समुदाय को समर्थन देने का आश्वासन दिया.

सपा संस्थापक अपने लंबे समय से सहयोगी रहे पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव के समर्थन में जौनपुर में आए थे, जो जौनपुर जिले की मल्हनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और मल्‍हनी के विधायक पारसनाथ यादव के निधन के बाद मल्‍हनी में नवंबर 2020 में उपचुनाव हुआ था जहां उनके बेटे लकी यादव सपा उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए थे.

सात मार्च को सातवें और आखिरी चरण का मतदान होगा और चुनाव परिणाम 10 मार्च को घोषित किया जाएगा.

पूरी दुनिया नाजुक दौर से गुजर रही है: मोदी

मिर्जापुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पूरी दुनिया इस समय नाजुक दौर से गुजर रही है लेकिन संकट चाहे कितना भी गहरा हो, भारत के प्रयास उससे भी ज्यादा बड़े रहे हैं.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री ने मिर्जापुर में पार्टी और सहयोगी दलों के उम्मीदवारों समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन गंगा’ अभियान के तहत हजारों छात्रों को युद्धग्रस्त यूक्रेन से सुरक्षित वापस लाया गया है, और जो अभी भी वहां हैं उन्हें निकाला जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया अब इस सदी के ‘नाजुक दौर’ से गुजर रही है. कई देश आज महामारी, अशांति और अनिश्चितता की स्थिति का सामना कर रहे हैं, लेकिन आप देख रहे हैं कि संकट चाहे कितना भी गहरा हो भारत के प्रयास उससे भी ज्यादा बड़े रहे हैं.’

मोदी ने यूक्रेन संकट का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से हजारों छात्रों को सुरक्षित रूप से निकाला है और शेष बचे लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ‘वंदे भारत’ अभियान चलाकर एक-एक नागरिक को विदेश से लाया गया, अफगानिस्तान में ‘ऑपरेशन देवी’ चलाकर भारत ने अपने नागरिकों को वहां से निकाला और अब यूक्रेन से अपने नागरिकों और छात्रों को बचाने में देश लगा हुआ है.

मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए लोगों से कहा कि उन्हें ‘परिवारवादियों’ और ‘माफियाओं’ को हराना है और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनानी है.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को लगातार ऐसा नेतृत्व चाहिए जो राष्ट्रभक्ति की भावना से भरा हुआ हो.

सपा का नाम लिए बिना मोदी ने कहा, ‘यह जो घोर परिवारवादी हैं इनके इतिहास का एक-एक पन्ना काली स्याही से रंगा हुआ है, आप उस इतिहास को अच्छी तरह से जानते हैं. इनका इतिहास हजारों करोड़ रुपये के घोटालों का हैं और राज्य को लूटने का है. इनका इतिहास आतंकियों को छोड़ने और दंगाइयों को मदद करने का है.’

उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास एक ही काम है- समाज को तोड़ना, लोगों को बांटना, सत्ता हथियाना और राज्य को लूटना.

उन्होंने कहा कि राज्य में पिछली सरकार के दौरान मिर्जापुर में गरीबों के लिए केवल 800 मकान बनाए गए थे, लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार ने 40,000 मकानों को मंजूरी दे दी है, जिनमें से 28,000 मकान पहले ही बन चुके हैं.

उन्होंने कहा, ‘कड़ी मेहनत करना परिवारवादियों के शब्दकोश में नहीं है. उनके पास गरीबों की मदद करने और चिंता करने का समय नहीं है. वे देश और उत्तर प्रदेश को मजबूत नहीं बना सकते.’

उन्होंने कहा कि यह एक साथ खड़े होने का समय है.

मोदी ने कहा, ‘आपका वोट इस बार देश को सक्षम बनाने और एक मजबूत राज्य के सपने को साकार करने के लिए है.’

यूपी चुनाव संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए: अखिलेश यादव

मऊ: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव न केवल राज्य की सरकार चुनने के लिए है, बल्कि संविधान और भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए भी है.

अखिलेश यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

सपा और गठबंधन सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के उम्मीदवारों के लिए मऊ में एक रैली को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि राज्य में चल रहे चुनाव देश में अब तक के सबसे बड़े चुनाव हैं.

यादव ने कहा कि भाजपा की ‘चुनाव हारने की निराशा’ उनके कार्यों और भाषा में दिखाई देती है और इसका उदाहरण सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला और एसबीएसपी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का अपमान है.

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘क्या अब चिंतित हो चुके लोगों की भाषा और व्यवहार नहीं बदला है? अब आप उनके चेहरे पर हार देख सकते हैं. वे न केवल निराश हैं, बल्कि उन्होंने सपा नेताओं का अपमान करना शुरू कर दिया है, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि लोग अब भाजपा के साथ नहीं हैं.’

उन्होंने कहा, ‘छठे चरण का मतदान हो चुका है, सातवें चरण का मतदान होने वाला है और मैं यहां आपका समर्थन लेने आया हूं. मुझे उम्मीद है कि जिस भी सीट से सपा और गठबंधन के एसबीएसपी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं वहां आप उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे.’

उन्होंने कहा कि यह चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है और यह न केवल यूपी में सरकार चुनने के लिए है बल्कि भारत के संविधान, भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए भी है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा और उसके नेताओं पर झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने यहां गठबंधन के उम्मीदवारों के साथ मंच साझा किया, जिसमें बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी शामिल थे. उन्होंने लोगों से अब्बास को जिताने की अपील की.

चुनाव राज्य के पिछड़े और दलित समुदाय के लोगों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए: शाह

गाजीपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव राज्य के पिछड़े और दलित समुदाय के लाखों लोगों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए है.

अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

शाह ने गाजीपुर के जखानिया इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही.

अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि उनकी पार्टी के फिर से सत्ता में आने पर होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे.

बाहुबली मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में उन्हें जेल भेजा गया है. शाह ने दावा किया, ‘हम उस जमीन पर गरीबों के लिए आवास बना रहे हैं, जिस पर कभी पिछली सरकारों के दौरान माफियाओं का कब्जा था.’

उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ‘अखिलेश यादव एक आंख से केवल एक समुदाय को देखते हैं, जिसका हम हिस्सा नहीं हैं और दूसरी आंख से केवल एक ही जाति के लोगों को देखते हैं.’

शाह ने दावा किया कि भाजपा के शासन में राज्य में अपराध की घटनाओं में तेजी से कमी आई है.

उन्होंने जनता से भाजपा को जिताने की अपील की. गाजीपुर में सात मार्च को मतदान होगा.

सुभासपा उम्मीदवार अब्‍बास अंसारी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज

मऊ: उत्तर प्रदेश में मऊ जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के उम्मीदवार अब्‍बास अंसारी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी.

बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्‍बास अंसारी के एक चुनावी जनसभा में कथित तौर पर दिए गए धमकी भरे संबोधन का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है.

मऊ के पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने शुक्रवार को बताया कि मऊ कोतवाली में आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सुभासपा उम्मीदवार अंसारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और सदर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है.

अब्‍बास अंसारी के संबोधन से संबंधित एक कथित वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह अधिकारियों को लक्ष्य कर कहते सुने जा रहे हैं, ‘जो आज डंडा चला रहे हैं, यहां पर अगले मुख्यमंत्री होने वाले अखिलेश भैया (सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव) से कहकर आया हूं. छह महीने तक कोई तबादला, तैनाती नहीं होगी. जो है वह यहीं रहेगा. जिस-जिस के साथ जो-जो किया है. उसका हिसाब किताब यहां देना पड़ेगा.’

अंसारी के वीडियो को भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘कौन सा हिसाब-किताब पूरा करने के ख्वाब देखे जा रहे है, अभी तक हवा का रुख समझ में नहीं आया लगता है- सपा मतलब गुंडागर्दी.’

इसी वीडियो को उत्तर प्रदेश सरकार के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी ट्विटर पर साझा कर आरोप लगाया है कि अब्‍बास अंसारी प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को खुलेआम धमकी दे रहे हैं.

यूपी के मंत्री मोहसिन रज़ा के खिलाफ 32 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी

लखनऊ: एमपी-एमएलए अदालत के विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने सरकार के मंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ 32 साल पुराने मामले में हाजिरी माफी और स्थगन अर्जी को खारिज करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई आगामी पांच मार्च को होगी.

मोहसीन रज़ा. (फोटो साभार: फेसबुक)

अदालत में सुनवाई के समय आरोपी मंत्री मोहसिन रजा गैरहाजिर थे. उनकी तरफ से अधिवक्ता द्वारा हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र के साथ स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया. अदालत ने प्रार्थना-पत्र को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला बचाव पक्ष के सबूत रिकॉर्ड करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था.

अदालत ने पाया कि रजा अदालत में हाजिर नहीं हुए और इसके बजाय उपस्थिति से छूट पाने का एक और आवेदन दाखिल कर दिया, लेकिन अदालत ने आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि सुनवाई के दौरान उनके हाजिर नहीं रहने का कोई पर्याप्त कारण नहीं है.

अदालत में 32 वर्ष पुराने इस मामले में आरोपी अकबर हुसैन उपस्थित थे. अदालत ने इसके पहले सुनवाई की अगली तिथि 5 मार्च तय की थी.

अभियेाजन के अनुसार मारपीट के इस मामले की रिपोर्ट वादी लल्लन ने 19 मई 1989 को आरोपी अरशद उर्फ मोहसिन रजा तथा अकबर हुसैन के विरुद्ध थाना वजीरगंज में लिखाई थी.

इसमें कहा गया था कि वादी घटना के दिन ट्रक संख्या यूटीसी-9810 को लेकर नबीउल्लाह रोड से बड़े छत्ते पुल की तरफ जा रहा था, तभी दोनों आरोपियों ने उसे ट्रक से खींचकर मारा-पीटा जिससे उसे काफी चोटें आई थीं. मोहसिन रजा वर्तमान में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं.

यूपी में चुनाव की घोषणा के बाद से नकदी और मादक पदार्थों की रिकॉर्ड जब्ती की गई

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के आधिकारिक कार्यक्रम की गत आठ जनवरी को घोषणा होने के बाद से रिकॉर्ड 328 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, शराब और मादक पदार्थ जब्त किए गए जिनका उपयोग मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए होना था.

निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि पांचों चुनावी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर से 1,039.50 करोड़ रुपये की कुल बरामदगी की गई. इसमें 571.34 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ शामिल थे.

पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में मतदान संपन्न हो चुका है, हालांकि उत्तर प्रदेश और मणिपुर में अभी एक-एक चरण का मतदान होना शेष है.

सूत्रों ने कहा कि निर्वाचन आयोग प्रलोभन मुक्त चुनाव कराने और धनबल, शराब और तोहफे बांटने के अनुचित माध्यमों पर अंकुश लगाने पर विशेष जोर देता आ रहा है.

उत्तर प्रदेश में कुल 128 पर्यवेक्षक (चुनावी खर्च) तैनात हैं ताकि गहन निगरानी की जा सके.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)