कोविड-19

कोविड-19 महामारी का तीसरा साल शुरू, दुनिया में अब तक क़रीब 60 लाख लोगों ने गंवाई जान

भारत में बीते एक दिन में कोविड-19 के 4,362 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,29,67,315 हो गई है और इस अवधि में 66 और लोगों की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 5,15,102 पहुंच गया है. विश्व में संक्रमण के कुल मामले 44.62 करोड़ से अधिक हो गए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

बैंकॉक/नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी का यह तीसरा साल शुरू हो गया है और कोरोना वायरस का संक्रमण अब तक आधिकारिक रूप से करीब 60 लाख लोगों की जान ले चुका है.

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार सुबह तक संकलित किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कोविड-19 से दुनिया में अब तक 59,99,218 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 44,62,78,989 हो गए हैं

महामारी से करीब दो साल से बचे प्रशांत महासागर के दूरस्थ द्वीप वायरस के अधिक संक्रामक ओमीक्रॉन स्वरूप की चपेट में आ रहे हैं और वहां पर पहली लहर और मौत दर्ज की गई है.

हांगकांग में भी जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ने के बाद पूरी 75 लाख की आबादी की महीने में तीन बार जांच की जा रही है और यह स्वायत्त क्षेत्र चीन की ‘कोविड बिल्कुल नहीं’ की नीति की जरूरत महसूस कर रहा है.

पोलैंड, हंगरी, रोमानिया और पूर्वी यूरोपीय देशों में मृत्यु दर अधिक है और इन्हीं स्थानों पर युद्धग्रस्त यूक्रेन से 10 लाख से अधिक शरणार्थी आए हैं. इस इलाके में टीकाकरण की दर भी अपेक्षाकृत कम है, जबकि महामारी के मामलों और इससे मौत की दर अधिक है.

समृद्धि और टीके की उपलब्धता के बावजूद अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या 10 लाख (सोमवार सुबह तक 9,58,621 मौत) के करीब पहुंच गई है.

सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध चिकित्सा स्कूल में विजिटिंग प्रोफेसर और एशिया-प्रशांत टीकाकरण गठबंधन के सह अध्यक्ष टिक्की पांग ने कहा कि दुनिया में उन लोगों के बीच मृत्यु दर अधिक है, जिन्होंने टीकाकरण नहीं कराया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन में अनुसंधान नीति और सहयोग के पूर्व निदेशक पांग ने कहा, ‘यह बीमारी उन लोगों को अधिक प्रभावित कर रही है, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है और जो स्वास्थ्य की दृष्टि से संवेदनशील समूह में आते हैं. देखिए इस समय हांगकांग में क्या हो रहा है, पूरी स्वास्थ्य प्रणाली दबाव में है.’

उन्होंने बताया, ‘अधिकतर मौतें और गंभीर मामले उन लोगों के हैं जिन्होंने टीकाकरण नहीं कराया है और आबादी के असुरक्षित हिस्से हैं.’

गौरतलब है कि वर्ष 2020 के शुरुआत में शुरू हुई कोविड महामारी से मौतों की संख्या सात महीने में 10 लाख पहुंची, जबकि अगले चार महीने में अन्य 10 लाख की मौत हुई. अगले दस लाख लोगों की मौत तीन महीने में हुई और पिछले साल अक्टूबर में मृतकों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच गई. अब यह संख्या करीब 60 लाख के करीब पहुंच गई है, जो बर्लिन और ब्रसेल्स की संयुक्त आबादी के बराबर है.

हालांकि, मृतकों की संख्या बहुत पहले ही 60 लाख के पार हो चुकी है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि दुनिया के कई हिस्सों में कोविड-19 मामलों और मौतों की संख्या वास्तविक से कम बताई जा रही है. इसके कारणों में समय पर इलाज न हो पाना, अस्पतालों में जगह नहीं मिल पाना, महामारी की पुष्टि न हो पाना आदि हैं.

भारत में कोविड-19 के 4,362 नए मामले, 66 और लोगों की मौत

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 4,362 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,29,67,315 हो गई. 17 मई 2020 के बाद से देश में सामने आए ये सबसे कम दैनिक मामले हैं. 17 मई 2020 को देश में 4,987 दैनिक मामले सामने आए थे.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे के दौरान 66 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,15,102 हो गई.

देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों यानी सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 54,118 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.13 प्रतिशत है.

पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 5,324 की कमी दर्ज की गई. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.68 प्रतिशत हो गई है.

अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,23,98,095 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.20 प्रतिशत है. वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 178.90 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं.

संक्रमण की दैनिक दर 0.71 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 0.73 प्रतिशत दर्ज की गई. देश में अभी तक कुल 77,34,37,172 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 6,12,926 नमूनों की जांच रविवार को की गई.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के 66 मामले सामने आए, जिनमें से 44 मामले केरल में सामने आए.

आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक कुल 5,15,102 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,43,740 लोग, केरल के 66,180 लोग, कर्नाटक के 39,991 लोग, तमिलनाडु के 38,015 लोग, दिल्ली के 26,134 लोग, उत्तर प्रदेश के 23,475 लोग और पश्चिम बंगाल के 21,180 लोग थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक जिन लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (7 अगस्त 2020 को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त 2020) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (5 सितंबर 2020) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है.

वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर 2020) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर 2020 को) होने में 12 दिन लगे थे. इसे 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर 2020) होने में 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को 2020) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर 2020 को) होने में 13 दिन लगे. 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर 2020 को) होने में 29 दिन लगे थे.

इसके 107 दिन बाद यानी पांच अप्रैल 2021 को मामले सवा करोड़ से अधिक हो गए, लेकिन संक्रमण के मामले डेढ़ करोड़ से अधिक होने में महज 15 दिन (19 अप्रैल 2021) का वक्त लगा और फिर सिर्फ 15 दिनों बाद चार मई 2021 को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए आंकड़ा 1.5 करोड़ से दो करोड़ के पार चला गया. चार मई 2021 के बाद करीब 50 दिनों में 23 जून 2021 को संक्रमण के मामले तीन करोड़ से पार चले गए थे. इसके बाद तकरीबन नौ महीने बाद 26 जनवरी 2022 को कुल मामलों की संख्या चार करोड़ के पार हो गए हैं.

वायरस के मामले और मौतें

मार्च महीने में कोविड-19 संक्रमण की बात करें तो एक दिन या 24 घंटे में बीते छह मार्च को 5,476, पांच मार्च को 5,921, चार मार्च को 6,396, तीन मार्च को 6,561, दो मार्च को 7,554, एक मार्च को 6,915 नए मामले दर्ज किए गए थे.

वहीं, इस महीने में पिछले 24 घंटे के दौरान जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा देखें तो बीते छह मार्च को 158, पांच मार्च को 289, चार मार्च को 201, तीन मार्च को 142, दो मार्च को 223, एक मार्च को 180 लोगों की जान गई थी.

फरवरी महीने में कोविड-19 संक्रमण के एक दिन या 24 घंटे में सर्वाधिक 1,72,433 मामले तीन फरवरी को रिकॉर्ड किए गए और इस अवधि में सबसे अधिक 1,733 लोगों की मौत दो फरवरी को हुई थी.

इस साल जनवरी महीने की बात करें तो बीते एक दिन या 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के सर्वाधिक 3,89,03,731 मामले 22 जनवरी को दर्ज किए गए थे और इस अवधि सबसे अधिक 959 मौतें 30 जनवरी को हुई थीं.

मई 2021 रहा है सबसे घातक महीना

भारत में अकेले मई 2021 में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस के 92,87,158 से अधिक मामले सामने आए थे, जो एक महीने में दर्ज किए गए संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं.

इसके अलावा मई 2021 इस बीमारी के चलते 1,20,833 लोगों की जान भी गई थी. इतने मामले और इतनी संख्या में मौतें किसी अन्य महीने में नहीं दर्ज की गई हैं. इस तरह यह महीना इस महामारी के दौरान सबसे खराब और घातक महीना रहा था.

सात मई 2021 को 24 घंटे में अब तक कोविड-19 के सर्वाधिक 4,14,188 मामले सामने आए थे और 19 मई 2021 को सबसे अधिक 4,529 मरीजों ने अपनी जान गंवाई थी.

रोजाना नए मामले 17 मई से 24 मई 2021 तक तीन लाख से नीचे रहे और फिर 25 मई से 31 मई 2021 तक दो लाख से नीचे रहे थे. देश में 10 मई 2021 को सर्वाधिक 3,745,237 मरीज उपचाररत थे.

कोविड-19: साल 2021 में किस महीने-कितने केस दर्ज हुए जानने के लिए यहां क्लिक करें.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)