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गोवा विधानसभा चुनावः किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

गोवा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की. कांग्रेस ने 10 सीटें जीती जबकि वह एक सीट पर आगे चल रही है. आम आदमी पार्टी को दो, गोवा फॉरवर्ड पार्टी को एक, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी को दो, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी को एक और निर्दलीयों ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है. 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 21 है.

पणजीः गोवा विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला. हालांकि, भाजपा राज्य में 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

चुनाव में कांग्रेस को 11, आम आदमी पार्टी को दो, गोवा फॉरवर्ड पार्टी को एक, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी को दो, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी को एक और निर्दलीयों ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है.

40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 21 है.

गोवा भाजपा के अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े ने कहा कि चुनाव में जीत दर्ज कर चुके तीनों निर्दलीय विधायकों ने पार्टी को अपना समर्थन पत्र दिया है इसलिए हम पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे.

भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘हमने 20 सीटें जीती हैं. एमजीपी ने भी हमें समर्थन पत्र दिया है. तीन निर्दलीय विधायकों का भी हमारे पास समर्थन है. अब हमारे पास 25 विधायक हैं. ऐसी संभावना है कि और भी उम्मीदवार हमारे साथ जुड़ेंगे इसलिए हम सरकार बना रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक होगी और केंद्रीय पर्यवेक्षकों का चुनाव किया जाएगा. केंद्रीय पर्यवेक्षक गोवा आएंगे और विधायक दल की बैठक होगी, इसके बाद हम राज्य में सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल के पास जाएंगे.’

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत गुरुवार को हो रही विधानसभा चुनावों की मतगणना के दौरान अपनी पारंपरिक सांखली सीट से चुनाव जीत गए हैं.

हालांकि, सावंत ने वोटों के बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की.

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कांग्रेस के धर्मेश सगलानी को मात्र 666 मतों से हराया.

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मैं पूरे राज्य में प्रचार कर रहा था लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र तक नहीं पहुंच सका. मेरे कार्यकर्ताओं ने मेरे लिए प्रचार किया. मैं कम अंतर से जीता हूं लेकिन हम (भाजपा) बहुमत से जीते हैं, यह एक बड़ी बात है. 20 सीटों की पुष्टि, 3 ने उनके समर्थन की पुष्टि की.’

सावंत ने यह भी कहा कि जीत का अंतर कम होना निश्चित तौर पर पर चिंता की बात है और वह इसका आत्मनिरीक्षण करेंगे.

गोवा में दोनों उपमुख्यमंत्री चुनाव हारे

गोवा के दोनों उपमुख्यमंत्री कांग्रेस के अपने निकटम प्रतिद्वंद्वियों से चुनाव हार गए हैं.

उपमुख्यमंत्री मनोहर अजगांवकर को विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस उम्मीदवार दिगंबर कामत ने मडगांव विधानसभा सीट से तकरीबन 6,000 मतों के बड़े अंतर से हराया.

अजगांवकर पारंपरिक रूप से उत्तरी गोवा के परनेम से चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन इस बार भाजपा ने उन्हें दक्षिण गोवा में मडगांव से उतारा था.

कामत 1994 से विधानसभा में मडगांव का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं.

प्रमोद सावंत की अगुवाई वाली मंत्रिपरिषद में दूसरे उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर क्यूपेम में कांग्रेस प्रत्याशी अल्टोन डी’कोस्टा से हार गए हैं.

वह 2017 में कांग्रेस के टिकट पर यहां से जीते थे. इसके बाद वह नौ अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे और उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद दिया गया.

पहली बार इस सीट से चुनाव लड़ने वाले कोस्टा ने कावलेकर को 3,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया.

आप के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार चुनाव हार गये, कांग्रेस ने यह सीट भाजपा से झटकी

गोवा में आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अमित पालेकर गुरुवार को कांग्रेस के हाथों विधानसभा चुनाव हार गए. कांग्रेस ने यह सीट भाजपा से झटक ली.

वकालत से राजनीति में आये पालेकर को चुनाव से पूर्व 14 फरवरी को आप ने पार्टी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था. वह सेंट क्रूज विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में थे.

कांग्रेस उम्मीदवार रूडोल्फो फर्नांडीज ने इस सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के एंटोनियो फर्नांडीस को हराया. फर्नांडीज इस निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थे.

कांग्रेस उम्मीदवार को 8841, भाजपा के फर्नांडीज को 6377 और पालेकर को 4098 वोट मिले.

आप उम्मीदवार कैप्टन वेंजी वीगास ने बेनाउलिम निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के चर्चिल अलेमाओ को हराया है जबकि आप प्रत्याशी क्रूज सिल्वा वेलिम सीट पर आगे चल रहे हैं. आप ने सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे.

मालूम हो कि विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी दो सीटों पर जीत दर्ज कर पाई है.

गोवा में टीएमसी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम

गोवा में पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आज़माने वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) राज्य में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही.

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत टीएमसी गोवा में किसी भी सीट पर आगे नहीं है.

टीएमसी के अहम प्रत्याशी अपनी-अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं जिनमें टीएमसी के गोवा प्रमुख किरण कोंडलकर, उनकी पत्नी कविता कंडोलकर, राकांपा छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए चर्चिल आलेमाओ और उनकी बेटी वलंका शामिल हैं.

टीएमसी गोवा इकाई ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘हम इस जनादेश को पूरी विन्रमता से स्वीकार करते हैं. हम हर गोवा वासी का विश्वास और प्यार जीतने के लिए कड़ी मेहनत से काम करने के लिए प्रतिबद्ध करते हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि इसमें कितना समय लगेगा, हम लोग यहां हैं और हम गोवा के लोगों की सेवा करना जारी रखेंगे.’

गोवा में 14 फरवरी को विधानसभा की सभी 40 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। टीएमसी ने एमजीपी के साथ गठबंधन करके 26 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस का कहना है, गोवा के लोगों ने हमें स्पष्ट बहुमत दिया है. हमें 20 सीटें मिलेंगी या इससे एक या दो सीटें अधिक और मिल सकती हैं. लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास जताया है. निर्दलीय उम्मीदवार हमारे साथ आ रहे हैं. एमजीपी भी हमारे साथ है और हम सब मिलकर हमरी सरकार बनाएंगे.

गोवा में आप दो सीटों पर आगे, केजरीवाल ने ईमानदार राजनीति की शुरुआत बतायी

गोवा में विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी के दो सीटों पर आगे चलने पर उसके राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि यह गोवा में ईमानदार राजनीति की शुरुआत है.

उन्होंने पार्टी के अपने उम्मीदवारों वेंजी विगास और क्रूज सिल्वा को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाने के लिए बधाई दी.

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, आप पार्टी ने गोवा में दो सीटें जीत रही है. कैप्टन वेंजी और क्रूज को बधाई एवं शुभकामनाएं. यह गोवा में ईमानदार राजनीति की शुरुआत है.

वहीं, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर पणजी से चुनाव हार गए हैं.

उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा था.

भाजपा के अतानासियो मोनसेरेट ने उत्पल को 700 वोटों के अंतर से हराया.

पणजी सीट से हार के बाद पर्रिकर ने कहा, ‘मैं अपनी लड़ाई से संतुष्ट हूं लेकिन नतीजों से थोड़ा हताश हूं.’

वहीं, गोवा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता प्रमोद सांवत का कहना है कि गोवा में भाजपा सरकार का गठन करेगी. हम एमजीपी और निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन लेंगे.

उन्होंने कहा, ‘इस जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है. भाजपा गोवा में सरकार बनाएगी.’

गोवा में भाजपा नेता राज्य में सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए आज गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई से मुलाकात करेंगे.

 

 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के साथ मिलकर सरकार बनाने की ‘हैट्रिक’ लगा सकती है.

एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि चूंकि गोवा में कोई भी पार्टी अपने दम पर बहुमत (21 सीटें) का आंकड़ा छूती नजर नहीं आ रही है, ऐसे में राज्य में अगली सरकार के गठन में एमजीपी अहम भूमिका निभा सकती है.

उन्होंने कहा कि एमजीपी के उपमुख्यमंत्री पद और अहम मंत्रालयों के बदले भाजपा का समर्थन करने की गुंजाइश ज्यादा दिख रही है.

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, शुरुआती रुझानों में गोवा के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद सावंत राज्य की सांखली सीट पर आगे चल रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे, जो मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, वालपोई क्षेत्र में बढ़त बनाए हुए हैं।

विधानसभा चुनाव के लिए 14 फरवरी को मतदान हुआ था, जिसमें 79 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

एक अधिकारी ने बताया कि नॉर्थ गोवा जिले के 19 विधानसभा क्षेत्रों के लिए पणजी के अल्टिन्हो में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में और साउथ गोवा जिले की 21 सीटों के लिए मडगांव शहर के दामोदर कॉलेज में मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हुई.

भाजपा इस बार भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है.

पणजी से भाजपा विधायक अतानासियो मोनसेरेट का कहना है, ‘उनकी कोई दूसरी योजना नहीं है, पार्टी के लिए किसी तरह के गठबंधन की योजना नहीं है. हम जीत को लेकर आश्वस्त हैं और यह चुनाव जीतेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘हम चुनाव जीतेंगे और प्रमोद सावंत मुख्यमंत्री होंगे. हमारे पूरा विश्वास है कि हम अपने दम पर सरकार का गठन करेंगे.’

गोवा में दो प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के अलावा कई छोटे और क्षेत्रीय संगठनों ने 40 सीटों के लिए 302 उम्मीदवारों को खड़ा किया था.

अधिकतर चुनाव बाद सर्वेक्षण ने गोवा में खंडित जनादेश का अनुमान जताया है.

राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार उसके पक्ष में स्पष्ट जनादेश मिलेगा.

भाजपा और कांग्रेस के अलावा गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस तथा निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में उतरे. गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में सामान्य बहुमत के लिए किसी पार्टी या गठबंधन के 21 सदस्य होने चाहिए.

वर्ष 2017 के चुनाव में 17 सीटें जीतने के बावजूद कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी क्योंकि 13 सीटें जीतने वाली भाजपा ने कुछ निर्दलीय विधायकों और क्षेत्रीय दलों के विधायकों साथ गठबंधन कर मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में सरकार का गठन कर लिया था.

मालूम हो कि गोवा विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर एग्जिट पोल में राज्य में त्रिशंकु सदन की संभवाना जताई गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)