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अनुच्छेद 370 रद्द करने की तरह ही भाजपा पीओके भी आज़ाद कराएगी: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि भाजपा के वादे के अनुसार अनुच्छेद 370 निरस्त किया गया… मोदी सरकार के नेतृत्व में लोगों से किए सभी वादे पूरे किए जाएंगे, जिनमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की आज़ादी भी शामिल है.

Jammu: Minister of State for PMO Jitendra Singh addresses a press conference in Jammu,Tuesday, Sept. 10, 2019. (PTI Photo)(PTI9_10_2019_000089B)

जितेंद्र सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि जिस तरह अनुच्छेद 370 को रद्द किया गया जो कि लोगों की कल्पना से परे था, उसी तरह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को ‘आजाद’ कराने के अपने संकल्प को निभाएगी.

सिंह ने 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आलोचना करने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधा और दावा किया कि 1987 के विधानसभा चुनाव में हुई ‘धांधली’ के चलते जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पनपा.

केंद्रीय मंत्री ने कठुआ जिले में पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के संस्थापक महाराज गुलाब सिंह की 20 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘संसद ने 1994 में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि पाकिस्तान को उसके अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के हिस्से को खाली करना होगा. पाक के कब्जे वाले कश्मीर को आजाद कराना हमारा संकल्प है.’

सिंह ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 रद्द किया गया और ऐसा भाजपा के वादे के अनुसार किया गया, जबकि ये कई लोगों की कल्पना से परे था. इसी तरह, वर्ष 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अनुमान जताया था कि भाजपा की शानदार जीत होगी जबकि ये भी लोगों की सोच से परे था.’

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में लोगों से किए सभी वादे पूरे किए जाएंगे, जिनमें पीओके की आजादी भी शामिल है.

इस दौरान उन्होंने कहा, ‘हमारे अंतिम राजा महाराजा हरिसिंह ने कहा था कि उनका धर्म न्याय है, लेकिन उनके जबरन निर्वासन के बाद क्षेत्र को भेदभाव का सामना करना पड़ा. पिछले छह दशकों में डोगरा शासकों के बलिदान और सेवाओं को बाद के शासकों द्वारा पूरी तरह से हाशिए पर डाल दिया गया.’

उन्होंने आगे कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदल गए और जो परियोजनाएं दशकों से लंबित पड़ी थीं, उन्हें तेज विकास सुनिश्चित करने के लिए हरी झंडी दिखाई गईं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)