भारत

पेट्रोल-डीज़ल के दाम में लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी, विपक्ष का संसद में प्रदर्शन

पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद कांग्रेस के सांसदों ने इसके ख़िलाफ़ संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया. इसके अलावा सदन में विपक्षी दलों के सदस्यों ने पेट्रोल, डीज़ल और घरेलू रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि एवं बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर भारी हंगामा किया.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन बुधवार को 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई.

दिल्ली के ईंधन खुदरा विक्रेताओं की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत अब 97.01 रुपये प्रति लीटर होगी, जो पहले 96.21 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं, डीजल की कीमत 87.47 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 88.27 रुपये हो गई है.

रिकॉर्ड 137 दिन के बाद 22 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमत में 80-80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. घरेलू रसोई गैस के दाम में भी 50 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी.

उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले चार नवंबर से कीमतें स्थिर थीं, जबकि इस अवधि में कच्चे माल (कच्चे तेल) की कीमत 30 डॉलर प्रति बैरल थी. तेल कंपनियां अब घाटे की भरपाई कर रही हैं.

‘क्रिसिल रिसर्च’ के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में हुई वृद्धि से पूरी तरह से पार पाने के लिए दरों में 15-20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की आवश्यकता है. भारत अपनी तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर 85 फीसदी निर्भर है.

कांग्रेस सांसदों ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया

कांग्रेस के सांसदों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ बुधवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और पार्टी के कई अन्य सांसद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

कांग्रेस सांसदों ने अपने हाथों में तख्तियां भी ले रखी थीं जिन पर गैस सिलिंडर की तस्वीर थी और उसका मूल्य 1000 रुपये लिखा हुआ था.

उन्होंने ‘गरीब, मजदूर, किसान को तंग करना बंद करो’ और ‘जवाब तुमको देना होगा’ के नारे भी लगाए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘हम इस अनुचित मूल्य वृद्धि के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध करना जारी रखेंगे. सरकार इस मूल्य वृद्धि से 10,000 करोड़ रुपये लूट रही है.’

उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं का मानना ​​था कि सरकार ने विधानसभा चुनावों के कारण मूल्य वृद्धि रोक दी थी और चुनाव खत्म होने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है.

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जनता को लूटने की योजना है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘जन लूट योजना जारी है! पेट्रोल डीज़ल के दाम 80 पैसा और बढ़े, 2 दिन में 1.60 रुपया लीटर की जनता को चपत. गेहूं की कटाई में किसान को लूटने का यही मौक़ा है. मध्यम वर्ग-नौकरी पेशा को तो रोज़ लूटना अब सरकार का धर्म है. विरोध हुआ तो फ़िल्म दिखा देंगे, धर्म-जाति के पीछे छुपा देंगे.’

ईधन की कीमतों, महंगाई पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों का हंगामा, प्रश्नकाल बाधित

लोकसभा में बुधवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में वृद्धि एवं बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर भारी हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब 40 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश की आजादी के संग्राम में महान सेनानी भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेख के बलिदान को याद किया और सदन ने कुछ पल मौन रखकर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की.

इसके बाद अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने का निर्देश दिया, वैसे ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य ईंधन की कीमतों में वृद्धि एवं महंगाई का मुद्दा उठाते हुए आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे.

विपक्षी सदस्यों ने अपने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं जिन पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि एवं महंगाई का मुद्दा उठाया गया था.

लोकसभा अध्यक्ष ने हालांकि शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल चलाया. इस दौरान सदस्यों ने इस्पात, रेल, कपड़ा, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे और संबंधित मंत्रियों ने इनके जवाब भी दिए.

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ‘इन्हें (विपक्षी सदस्यों को) जनता ने इनका उचित स्थान दिखा दिया है. प्रश्नकाल में जनता से जुड़े मुद्दे उठाये जाते हैं और इसलिए शांति बनाये रखना चाहिए.’

शोर-शराबे के कारण नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी जम्मू कश्मीर में हथकरघा उद्योग को लेकर कपड़ा मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूरा नहीं पूछ सके.

इस पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस एवं उनके मित्र दलों को जम्मू कश्मीर की कोई चिंता नहीं है.

इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांत रहने एवं अपने स्थान पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि आज ‘शहीद दिवस’ है और उनका आग्रह है कि सदस्य अपना दायित्व निभाएं और देशहित में काम करें.

उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल एक महत्वपूर्ण समय होता है, अपनी सीट पर जाकर बैठें, सभी को मौका दिया जायेगा.

बिरला ने कहा, ‘आप देर रात तक बैठकर चर्चा करते हैं. मैं सभी सदस्यों को पर्याप्त मौका देता हूं. मैं बुनियादी सवाल उठाने का मौका दूंगा. लेकिन सदन को सुनियोजित तरीके से स्थगित कराना, यह हमारी संसदीय परंपराओं के अनुसार नहीं है.’

लोकसभा अध्यक्ष ने शोर-शराबा कर रहे सदस्यों से कहा कि आप जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं वह सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है.

विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा थमता नहीं देख लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब 40 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)