राजनीति

प्रमोद सावंत ने दूसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की

प्रमोद सावंत ने कोंकणी भाषा में शपथ ग्रहण की. राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में यह उनका दूसरा कार्यकाल है. वह मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद पहली बार मार्च 2019 में मुख्यमंत्री बने थे. हाल में हुए चुनाव में भाजपा ने 20 सीट पर जीत हासिल की, जो 40 सदस्यीय सदन में बहुमत से एक कम है. तीन निर्दलीय विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायकों ने भाजपा को समर्थन दिया है.

गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई ने पणजी के निकट डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में हुए समारोह में प्रमोद सावंत को शपथ दिलाई. (फोटो साभार: ट्विटर)

पणजी: गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल में हुए चुनाव में अपने नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 20 सीट जिताने वाले तीन बार के विधायक प्रमोद सावंत ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण की. वह राज्य के 14वें मुख्यमंत्री बन गए हैं.

गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई ने राज्य की राजधानी पणजी के निकट डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित समारोह में 48 वर्षीय सावंत को शपथ दिलाई.

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेता शामिल हुए.

सावंत ने कोंकणी भाषा में शपथ ग्रहण की. यह राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल है. वह मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद पहली बार मार्च 2019 में मुख्यमंत्री बने थे.

सावंत के अलावा समारोह में शपथ लेने वाले अन्य नेताओं में विश्वजीत राणे, मौविन गोडिन्हो, रवि नाइक, नीलेश काबराल, सुभाष शिरोडकर, रोहन खौंटे, गोविंद गौडे और अतनासियो मोनसेराटे शामिल हैं.

राणे, गोडिन्हो, काबराल और गौडे 2019 से 2022 तक सावंत के नेतृत्व वाली कैबिनेट में शामिल थे, जबकि खौंटे पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे.

शपथ लेने वाले नए लोगों में पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक, पूर्व मंत्री रोहन खौंटे और पणजी विधायक अतनासियो मोनसेराटे शामिल हैं. उनकी पत्नी और तालेगाओ से विधायक जेनिफर मोनसेराटे पिछली सरकार में मंत्री थीं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमोद सावंत और विश्वजीत राणे दोनों मराठा समुदाय से हैं. रवि नाइक भंडारी समुदाय के एक प्रमुख नेता हैं, जो गोवा में गोवा में बहुसंख्यक हिंदू समुदाय है. मौविन गोडिन्हो, नीलेश काबराल और अतनासियो मोनसेराटे कैथोलिक हैं, गोविंद गौडे एसटी समुदाय से हैं, जबकि रोहन खौंटे गौड़ सारस्वत ब्राह्मण हैं.

रवि नाइक ने हाल ही में हुए चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे. रोहन खौंटे और गोविंद गौडे, जो पिछली विधानसभा में निर्दलीय विधायक थे, चुनाव से पहले भगवा पार्टी में शामिल हो गए थे.

हाल में संपन्न हुए राज्य के चुनाव में भाजपा ने 20 सीट पर जीत हासिल की, जो 40 सदस्यीय सदन में बहुमत से एक कम है. तीन निर्दलीय विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों ने भाजपा को समर्थन दिया है.

सावंत (48) उत्तरी गोवा के सांखालिम से विधायक हैं. राज्य में 14 फरवरी को हुए चुनाव में पार्टी के 20 सीट जीतने के बाद सावंत को गोवा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)