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12 दिन में 10वीं बार बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, कांग्रेस बोली- महंगाई के मामले में मोदी धर्मनिरपेक्ष

शनिवार को पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर प्रति लीटर 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. पिछले 12 दिनों के दौरान अब तक 7.2 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है. इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मोदी जी देश के लोगों को रोज़ाना पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत बढ़ाने का गुड मॉर्निंग गिफ्ट देते हैं.’

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें शनिवार को 80 पैसे बढ़ा दी गईं. प्रति लीटर इनके दाम में पिछले 12 दिनों के दौरान अब तक 7.2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

दिल्ली के ईंधन खुदरा विक्रेताओं की मूल्य अधिसूचना के अनुसार राजधानी में पेट्रोल की कीमत अब 102.61 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत 93.87 रुपये हो गई है.

देशभर में ईंधन की दरों में वृद्धि की गई है. लेकिन स्थानीय कर प्रावधानों के अनुरूप अलग-अलग राज्यों में यह दर अलग-अलग है

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में देश भर में वृद्धि की गई है, लेकिन इनके दाम स्थानीय कर के आधार पर अलग-अलग राज्यों में भिन्न हैं.

मुंबई में मुंबई में पेट्रोल में 86 पैसे की बढ़ोतरी और डीजल में 85 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रति लीटर क्रमशः 117.57 रुपये और 101.79 रुपये तक पहुंच गईं. दोनों की कीमतों में 84 पैसे की वृद्धि हुई है.

मुंबई एकमात्र प्रमुख शहर है जहां डीजल की दर 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है.

चेन्नई में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 76 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के बाद 108.21 रुपये हो गई, जबकि डीजल की कीमत 76 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के बाद 98.28 रुपये हो गई है.

इसी तरह कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 112.19 रुपये प्रति लीटर (83 पैसे की वृद्धि के साथ) और डीजल की कीमत 97.02 रुपये प्रति लीटर (80 पैसे की वृद्धि के साथ) है.

पेट्रोल तथा डीजल की कीमतें करीब साढ़े चार महीने तक स्थिर रहने के बाद 22 मार्च को बढ़ाई गई थीं. इसके बाद से कीमतों में यह 10वीं वृद्धि है. कुल मिलाकर पेट्रोल के दाम में इस दौरान 7.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले चार नवंबर, 2021 से ही पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं. 10 मार्च को चुनाव नतीजे आने के साथ ही पेट्रोल एवं डीजल के दाम में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी.

महंगाई के मामले में प्रधानमंत्री धर्मनिरपेक्ष: कांग्रेस

कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और कई अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री महंगाई के मामले में धर्मनिरपेक्ष हैं, क्योंकि इसमें वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करते.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह आरोप भी लगाया कि हाल के दिनों में ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण जनता पर 1,25,407 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘इस देश में महंगाई अब इवेंट बन गई है. देश महंगे मोदीवाद से पस्त और त्रस्त है. भाजपा की चुनावी जीत ‘लूट का लाइसेंस बन गई है.’

सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘एक अप्रैल से जो महंगाई बढ़ाई गई, उससे जनता पर 1,25,407 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है.’

उन्होंने कहा, ‘देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं पर कर का बोझ डाला गया है. सरकार किसानों से आंदोलन का बदला ले रही है. डीएपी खाद की प्रति बोरी का दाम 150 रुपये बढ़ा दिया गया है.’

उन्होंने कहा, ‘मोदी जी देश के लोगों को रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाने का ‘गुड मॉर्निंग गिफ्ट’ देते हैं. पिछले 12 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 7.20 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई हैं. रसोई गैस की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई है.’

कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी करके करीब एक लाख करोड़ रुपये की कमाई कर रही है.

उन्होंने टोल में बढ़ोतरी का विषय उठाते हुए कहा कि इससे आम लोगों पर 6120 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है.

सुरजेवाला ने कहा कि एक अप्रैल से लगभग 800 जरूरी दवाओं के दाम 10.7 प्रतिशत बढ़ा दिए गए हैं. एक अनुमान के मुताबिक, दवाइयों के दाम बढ़ने से लोगों को 10 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त देने होंगे.

उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार ने घर एवं गाड़ी खरीदना भी लोगों के लिए मुश्किल कर दिया है तथा भविष्य निधि पर ब्याज दर घटाकर आम लोगों पर चोट की है.

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘मोदी जी महंगाई के मामले में धर्मनिरपेक्ष हैं. वह हिंदू-मुसलमान में भेद नहीं करते हैं. वह महंगाई में धर्म और जाति नहीं देखते हैं.’

सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘भाजपा को एक बात समझ आ गई है कि धर्म के आधार पर समाज को बांटिए, सत्ता हासिल करिये और कुछ उद्योगपतियों की जेब में पैसा डालिए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)