राजनीति

उपचुनाव परिणाम: कांग्रेस, टीएमसी और राजद को मिली जीत, भाजपा ख़ाली हाथ रही

पश्चिम बंगाल में आसनसोल लोकसभा सीट पर शत्रुघ्न सिन्हा और बालीगंज विधानसभा सीट पर बाबुल सुप्रियो ने जीत दर्ज़ की. महाराष्ट्र की कोल्हापुर उत्तर विधानसभा सीट पर कांग्रेस-एमवीए उम्मीदवार, छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस और बिहार की बोचहां विधानसभा सीट पर राजद को जीत मिली है.

बालीगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीतने के बाद अपने परिवार के सदस्यों के साथ तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता/कोल्हापुर: तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में आसनसोल लोकसभा सीट और बालीगंज विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की, वहीं, महाराष्ट्र और बिहार के उपचुनाव में कांग्रेस और राजद ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की जबकि भाजपा खाली हाथ रही. छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस जीत गई, जबकि भाजपा को निराशा हाथ लगी

अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने पश्चिम बंगाल में आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की.

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी सिन्हा ने आसनसोल में अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की अग्निमित्रा पॉल को 3,03,209 मतों के भारी अंतर से हराया.

आसनसोल लोकसभा सीट से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो अपना इस्तीफा देने के बाद गत सितंबर में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे, जिसके बाद यहां उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी.

बाबुल सुप्रियो ने बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) उम्मीदवार साइरा शाह हलीम को 20,228 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की.

सुप्रियो को 51,199 वोट मिले, जबकि हलीम को 30,971 वोट मिले. दिलचस्प यह है कि हलीम ने भाजपा की केया घोष को पीछे छोड़ दिया, जिन्हें 13,220 वोट मिले.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी उम्मीदवारों को निर्णायक जनादेश देने के लिए आसनसोल और बालीगंज के मतदाताओं को धन्यवाद दिया.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं पार्टी के उम्मीदवारों को निर्णायक जनादेश देने के लिए आसनसोल संसदीय क्षेत्र और बालीगंज विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं.’

आसनसोल में सिन्हा ने कहा कि वह इस जीत के लिए आसनसोल के लोगों और ममता बनर्जी के आभारी हैं.

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह एक सामान्य प्रवृत्ति है कि राज्य में सत्ताधारी पार्टी आमतौर पर उपचुनाव जीतती है.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन को शनिवार को तब और बल मिला जब कांग्रेस ने कोल्हापुर उत्तर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को 18,000 से अधिक मतों के अंतर से परास्त किया. इसके साथ ही कांग्रेस ने यह सीट बरकरार रखी है.

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस-एमवीए उम्मीदवार जयश्री जाधव को 96,176 वोट मिले, जबकि भाजपा के सत्यजीत कदम को 77,426 वोट मिले. अधिकारियों ने बताया कि जाधव 18,750 मतों के अंतर से विजयी हुईं.

पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में इस विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव कांग्रेस विधायक चंद्रकांत जाधव के दिसंबर 2021 में कोविड-19 के कारण निधन के बाद कराना जरूरी हो गया था. कांग्रेस ने इस सीट से दिवंगत विधायक की पत्नी को मैदान में उतारा था.

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले ने पार्टी की जीत को प्रगतिशील विचारों की जीत करार दिया.

नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए पटोले ने कहा, ‘मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, गरीबी और छोटे किसानों और व्यापारियों की समस्याओं पर केंद्र की विफलता को धार्मिक नफरत पैदा करके छिपाने के प्रयास जारी थे.’

उन्होंने कहा कि भाजपा को सभी उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ रहा है, चाहे वह बिहार में हो, छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल में हो.

वहीं, बिहार में बोचहां विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार अमर पासवान ने शनिवार को अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा की प्रत्याशी बेबी कुमारी को 35 हजार से अधिक मतों के अंतर से हरा दिया, जिसे राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिये झटका बताया जा रहा है.

पहली बार चुनाव लड़ने वाले पासवान (33) को 82,116 मत मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कुमारी को सिर्फ 45,353 वोट मिले.

अमर पासवान के पिता मुसाफिर पासवान का निधन हो जाने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी थी.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की खैरागढ़ विधानसभा सीट पर सत्ताधारी दल कांग्रेस की उम्मीदवार यशोदा वर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा की कोमल जंघेल से जीत गईं. कांग्रेस की उम्मीदवार यशोदा वर्मा 21,176 मतों से यह चुनाव जीत गईं.

यशोदा वर्मा को 87,879 वोट तथा भाजपा उम्मीदवार कोमल जंघेल को 67,703 मत प्राप्त हुए. इस सीट में नोटा तीसरे क्रम में रहा है और क्षेत्र के 2,616 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया.

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद राज्य में लगातार चार उपचुनावों में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने जीत हासिल की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)