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डोमिनिका ने भगोड़ा मेहुल चोकसी के ख़िलाफ़ देश में ‘अवैध प्रवेश’ का आरोप वापस लिया

भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित है. जनवरी 2018 में गिरफ़्तारी से बचने के लिए वह भारत से भागकर कैरिबियाई द्वीपीय देश एंटीगुआ एवं बारबुडा में नागरिकता लेकर रह रहा है. एंटीगुआ और बारबुडा से लापता होने के बाद पिछले साल मई में कैरिबियाई द्वीपीय देश डोमिनिका ने उसे हिरासत में लिया था.

मेहुल चोकसी. (फोटो साभार: एएनआई)

नई दिल्ली: डोमिनिका की सरकार ने पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को राहत देते हुए पिछले साल मई में एंटीगुआ और बारबुडा से ‘संदिग्ध परिस्थितियों और अवैध तरीके से’ देश में प्रवेश करने के आरोपों को वापस ले लिया है. उसके प्रवक्ता ने लंदन में यह जानकारी दी.

चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा से लापता होने के बाद पिछले साल मई में कैरिबियाई द्वीपीय देश डोमिनिका ने उसे हिरासत में लिया था.

चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से कथित तौर पर 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला करने के बाद जांच से बचने के लिए भागकर एंटीगुआ और बारबुडा चला गया था और वहां की नागरिकता ले ली थी. इस मामले में उसका भांजा नीरव मोदी सह-अभियुक्त है.

डोमिनिका की उच्च न्यायालय ने चोकसी को 51 दिनों के बाद जमानत दी थी. इस दौरान भारत ने उसे वापस लेने की कोशिश की थी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम वहां पर निजी विमान के साथ डेरा डाले हुए थी.

हालांकि, चोकसी के वकील ने आरोप लगाया था कि ‘भारतीय दिखने वाले लोग’ उनके मुवक्किल को एंटीगुआ से अपहरण कर डोमिनिका लाए हैं.

प्रवक्ता ने बताया कि डोमिनिका में अवैध तरीके से दाखिल होने के सभी मामलों की कार्रवाई 20 मई को वापस ले ली गई.

प्रवक्ता ने कहा, ‘चोकसी प्रसन्न हैं कि डोमिनिका की सरकार ने मई 2021 में अवैध तरीके से दाखिल होने के सभी आरोपों को वापस ले लिया है. यह करके उन्होंने मान्यता दी है कि उनके (चोकसी के) खिलाफ कभी कोई मामला नहीं था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘चोकसी को जबरन एंटीगुआ से उनकी इच्छा के विपरीत भारत के एजेंटों द्वारा निकाला गया. उन पर हमला किया गया और उन्हें नाव के जरिये डोमिनिका ले जाया गया, जहां पर फिर उन्हें अवैध तरीके से अधिकारियों को उस अपराध में सौंपा गया जो उन्होंने किया ही नहीं था.’

बयान में कहा गया कि चोकसी की कानूनी टीम अपने मुवक्किल के खिलाफ हुए मानवाधिकार के उल्लंघन के मामले में न्याय की सभी संभावनाओं को टटोलेगी.

उन्होंने कहा, ‘चोकसी को उम्मीद है कि 23 मई 2021 को एंटीगुआ में उनका अपहरण करने में शामिल सभी लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा.’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, चोकसी ने दावा किया कि उन्हें एंटीगुआ और बारबुडा से कथित तौर पर भारतीय एजेंटों द्वारा अपहरण कर लिया गया था और जबरन एक नौका में डोमिनिका ले जाया गया था.

उसने दावा किया कि वह अब भारतीय नागरिक नहीं है और मौजूदा कानूनों के तहत उसे भारत वापस नहीं लाया जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि 62 वर्षीय चोकसी को डोमिनिका के उच्च न्यायालय ने एंटीगुआ में तंत्रिका तंत्र विशेषज्ञ से इलाज करने के लिए इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह मामले की सुनवाई के लिए डॉक्टरों द्वारा स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद वापस आएंगे.

मालूम हो कि जनवरी, 2018 में अपने भांजे और पीएनबी घोटाले में आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी के साथ देश छोड़कर भागने वाले गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेहुल चोकसी, उसकी पत्नी अमी मोदी और भाई निशाल मोदी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी.

नीरव मोदी अभी लंदन की एक जेल में बंद है. दोनों के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है. सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और चोकसी दोनों के खिलाफ अलग-अलग आरोप-पत्र दाखिल किए हैं.

अपने आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पीएनबी के 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले में से चोकसी ने 7,080.86 करोड़ रुपये की और नीरव मोदी ने 6,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है. पीएनबी फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई एवं ईडी कर रही है.

चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ एंड बारबुडा की नागरिकता ली थी और जनवरी 2018 के पहले हफ्ते में भारत से भाग गया था. इसके बाद ही यह घोटाला सामने आया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)