भारत

जम्मू कश्मीर: आतंकवादियों ने बैंक कर्मचारी को गोली मारी, तीन दिन में दूसरी लक्षित हत्या

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया कि कुलगाम ज़िले में आतंकवादियों ने राजस्थान के रहने वाले और इलाकाई देहाती बैंक के कर्मचारी विजय कुमार को बैंक परिसर के अंदर गोली मार दी. अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. मंगलवार को इसी ज़िले में आतंकियों ने एक शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार को आतंकवादियों ने राजस्थान के एक बैंक कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने बताया कि विजय कुमार दक्षिण कश्मीर जिले में इलाकाई देहाती बैंक की अरेह मोहनपोरा शाखा में प्रबंधक थे. वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

घाटी में एक मई से तीसरी बार किसी गैर-मुस्लिम सरकारी कर्मचारी की हत्या की गई है. वहीं, पिछले एक महीने में लक्षित हत्या का यह आठवां मामला है.

राजस्थान के हनुमानगढ़ से नाता रखने वाले कुमार ने एक सप्ताह पहले ही कुलगाम शाखा में काम करना शुरू किया था. वह पहले केंद्र सरकार, जम्मू कश्मीर प्रशासन और भारतीय स्टेट बैंक के सह-स्वामित्व वाले बैंक की कोकरनाग शाखा में कार्यरत थे

बताया गया है कि घटना के बाद इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है. हमले के तुरंत बाद जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की एक संयुक्त टीम ने हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी.

बता दें कि तीन दिन में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों पर हमले की यह दूसरी घटना है. इससे पहले मंगलवार को कुलगाम के ही गोपालपोरा के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका रजनी बाला की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

रजनी बाला की हत्या के बाद से क्षेत्र में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. पीएम पैकेज पर कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के एक समूह का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए तो दोबारा सामूहिक पलायन होगा.

नेताओं ने शोक जताया

इस बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कश्मीर में कार्यरत राजस्थान के एक नागरिक की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार वहां शांति बहाल करने में विफल रही है.

इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि हमारे नागरिकों की आतंकियों द्वारा इस तरह हत्या किए जाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

गहलोत ने ट्वीट किया, ‘जम्मू कश्मीर के कुलगाम में कार्यरत, हनुमानगढ़ जिले (राजस्थान) के निवासी विजय कुमार की आतंकियों द्वारा हत्या किया जाना घोर निंदनीय है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति एवं परिवार को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं.’

गहलोत ने लिखा, ‘राजग सरकार कश्मीर में शांति बहाल करने में असफल रही है. केंद्र सरकार कश्मीर में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. हमारे नागरिकों की इस तरह आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने भी बैंक कर्मचारी विजय कुमार की हत्या की निंदा की है.

उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘कुलगाम में काम करने वाले बैंक कर्मचारी विजय कुमार की लक्षित हत्या की निंदा करती हूं. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. उनकी आत्मा को शांति मिले.’

नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से भी इस घटना पर दुख जताया गया है. पार्टी ने कहा, ‘फिर से एक लक्षित हत्या! फिर एक बेक़सूर की ज़िंदगी छिन गई! हम स्पष्ट तौर पर इस कायराना हमले की निंदा करते हैं, जिसमें इलाकाई देहाती बैंक के मैनेजर विजय कुमार की जान चली गई. मृतक की आतम को शांति प्राप्त हो. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं.’

पार्टी के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर क्षोभ जताया है. उन्होंने कहा, ‘विजय कुमार की लक्षित हत्या के बारे में जानकर बेहद दुख हुआ. किसी हमले की निंदा करने और मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए ट्वीट करना एक दिमाग को सुन्न कर देने वाली नियमित बात होती जा रही है. परिवारों को इस तरह तबाह होते देखना दिल तोड़ने वाला है.

‘अपनी पार्टी’ के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने कहा कि कश्मीर में नागरिकों की लक्षित हत्याओं की घटनाएं दर्दनाक हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘हिंसा के इन घिनौने कृत्यों ने परिवारों को बर्बाद कर दिया है.. यह भयावह है. क्या महज निंदा करना काफी होगा?’

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने हत्या को एक जघन्य कृत्य करार दिया और कहा कि इसकी निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक बार फिर दुखद खबर. कुलगाम में बैंक में प्रबंधक की नौकरी करने वाले एक मासूम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई.’

पीडीपी के महासचिव गुलाम नबी लोन हंजुरा ने कहा कि ऐसी घटनाएं प्रशासन के ‘सब कुछ सामान्य होने के फर्जी दावों’ का ‘पर्दाफाश’ करती है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक और जान चली गई, बेहद दुखद एवं निंदनीय. इस जगह को प्रशासन के उच्च नेतृत्व ने जंग के मैदान में तब्दील कर दिया है, स्थिति सामान्य होने के उसके फर्जी दावे बेनकाब हो रहे हैं. स्थिति सामान्य से बहुत दूर है और इससे निपटने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. मेरी संवेदनाएं.’

भाजपा की जम्मू कश्मीर की इकाई के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि हत्या एक गंभीर मुद्दा तथा चिंता का विषय है.

उन्होंने कहा, ‘एक बार फिर शर्मनाक कृत्य. इस बार राजस्थान से नाता रखने वाले इलाकाई देहाती बैंक के प्रबंधक विजय कुमार की आतंकवादियों ने कुलगाम में हत्या कर दी. अब आतंकवादी सरकारी कर्मचारियों को भी निशाना बना रहे हैं. यह बेहद गंभीर मुद्दा तथा चिंता का विषय है. अब समय आ गया है कि सुरक्षा एजेंसियां हिंसा के इस दुष्चक्र को तोड़ने के लिए कोई रणनीति बनाए.’

बीते कुछ समय में जम्मू कश्मीर में प्रवासी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही हिंसा बढ़ी है. गौरतलब है कि इससे पहले बीते 12 मई को सरकारी कर्मचारी राहुल भट की बडगाम जिले की चादूरा तहसील में तहसीलदार कार्यालय के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के बाद कश्मीर पंडित समुदाय ने राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था.

मई महीने से अब तक जम्मू कश्मीर में यह आठवीं लक्षित हत्या (Targeted Killings) है. इससे पहले तीन पुलिसकर्मी और तीन नागरिक- एक कश्मीरी पंडित कर्मचारी (राहुल भट), एक कलाकार और एक शराब की दुकान सेल्समैन और एक शिक्षिका को लक्षित हमलों में आतंकवादियों द्वारा मार दिया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)