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उत्तर प्रदेश: युवती ने आत्महत्या की, मां ने पुलिस पर यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया

उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले का मामला. बीते नौ मई को एक ही परिवार के दो पक्षों में हुए झगड़े के मामले में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी. आरोप है कि पुलिस ने एक पक्ष की युवती के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की, जिससे दुखी होकर उसने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. हालांकि पुलिस इन आरोपों को निराधार बताया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बिनावर थाना क्षेत्र में पुलिस के कथित उत्पीड़न से परेशान एक युवती द्वारा अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने का मामला सामने आया है.

मृतक युवती की मां का आरोप है कि पारवारिक झगड़े के एक मामले में पुलिस उनकी बेटी गुलिस्ता (19 वर्ष) को प्र​ताड़ित करने के साथ उससे छेड़छाड़ की और उनके परिजनों को भी परेशान कर रही थी, जिससे तंग आकर उनकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

वहीं बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ ओपी सिंह ने पुलिस द्वारा किसी प्रकार की प्रताड़ना या अभद्रता के आरोपों को निराधार बताया है.

मामला बिनावर थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव का है, जहां नौ मई को एक ही परिवार के दो पक्षों में हुए झगड़े के मामले में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी.

आरोप है कि पुलिस ने युवती और उसके परिवार द्वारा नौ मई को दी गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि दूसरे पक्ष द्वारा 13 मई को दी गई तहरीर के बाद उनको लगातार तंग कर रही थी.

आरोप है कि पुलिस ने युवती के साथ मारपीट की और उसे परेशान किया. जिससे दुखी होकर उसने दो जून की सुबह फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली.

मृतका की मां रेहाना बेगम का आरोप है कि दरोगा संजय गौड़ और उसके साथ आए पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बदसलूकी की थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की. यहां तक ​​कि बीते एक जून को जब पुलिस उनके घर पहुंची तो मृतक युवती की मां को बाथरूम से बाहर निकाल लिया, जब वह स्नान कर रही थीं.

मां ने आरोप लगाया, ‘बिनावर थाने के पुलिसकर्मी लगभग रोज हमारे घर आते-जाते थे. उन्होंने मेरी बेटी को भी मारा और उसके साथ छेड़छाड़ की.’

उन्होंने कहा, ‘एक जून को वे (पुलिसकर्मी) शाम को हमारे घर आए और जब मैं नहा रही थी, मुझे बाथरूम से नग्न अवस्था में खींच लिया. बाद में वे मुझे और मेरी बेटी को थाने ले गए और शाम को हमें वापस जाने की अनुमति दी. मेरी बेटी पुलिस के इस व्यवहार से आहत हुई और उसने आत्महत्या कर ली.’

उन्होंने बिनावर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर संजय गौर और अन्य पुलिसकर्मियों पर संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि बिनावर थाना क्षेत्र के गांव चंदोरा में एक अविवाहित युवती के आत्महत्या करने की सूचना मिली है.

उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर को सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

एसएसपी सिंह ने बताया कि आत्महत्या करने वाली युवती के परिवार में सभी लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उसका एक भाई तिहाड़ जेल में बंद है. पिता किश्वर, चाचा केशर व दोनों भाई सलमान और अमन के ऊपर एक दर्जन से अधिक जघन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं.

उन्होंने बताया कि पुलिस को किश्वर के परिवार द्वारा दूसरे पक्ष से मारपीट किए जाने की सूचना मिली थी. जिस पर पुलिस ने आरोपी पक्ष के घर गिरफ्तारी के लिए दबिश डाली थी. पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अभद्रता के आरोप निराधार हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)