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अग्निपथ: युवाओं की नाराज़गी के बीच केंद्रीय मंत्री वीके सिंह बोले- सेना में आने को किसने कहा है

सैन्य बलों में भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा है कि अग्निपथ के रंगरूटों को ‘ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन, धोबी और नाइयों के कौशल’ के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा. वहीं, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर उन्हें पार्टी कार्यालय में सुरक्षा रखनी है तो वह किसी पूर्व ‘अग्निवीर’ को प्राथमिकता देंगे.

कैलाश विजयवर्गीय, जी. किशन रेड्डी और वीके सिंह. (फोटो साभार एएनआई/फेसबुक/पीटीआई)

इंदौर/नई दिल्ली/कोलकाता: सैन्य बलों में संविदा आधारित अल्पकालिक भर्ती योजना ‘अग्निपथ’ को लेकर युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बिगड़े बोल सामने आने लगे हैं.

इस कड़ी में बीते रविवार को भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अगर उन्हें पार्टी कार्यालय में सुरक्षा रखनी है तो वह किसी पूर्व ‘अग्निवीर’ को प्राथमिकता देंगे.

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ’ योजना के तहत भर्ती युवाओं को ‘अग्निवीर’ नाम दिया गया है.

विजयवर्गीय ने इंदौर के भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सेना के प्रशिक्षण में अनुशासन एवं आज्ञा का पालन करना सबसे प्रमुख है और अग्निपथ योजना के तहत सेवा के दौरान युवाओं में दोनों गुणों का विकास होगा.

उन्होंने कहा कि जब कोई युवा सेना में अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षण लेगा और चार साल की सेवा के बाद निकलेगा तो 11 लाख रुपये उसके हाथ में होंगे और वह अपनी छाती पर अग्निवीर का तमगा लगाकर घूमेगा.

भाजपा महासचिव ने आगे कहा, ‘मुझे अगर भाजपा के इस ऑफिस में सुरक्षा रखनी है, तो मैं (पूर्व) अग्निवीर को प्राथमिकता दूंगा.’

विजयवर्गीय ने आगे कहा, ‘मेरे एक मित्र ने एक रिटायर 35 साल के सेना के अफसर को अपने यहां सिक्योरिटी पर रखा. खुद के पैसे से उसको ड्राइविंग सिखाई. मैंने पूछा ऐसा क्यों तो बोले, घर में मिसेज पत्नी अकेली जाती है, बच्चे अकेले जाते हैं तो फौजी है न इसलिए डर नहीं है. मतलब फौजी एक आत्मविश्वास का नाम है. फौजी पर लोगों को विश्वास है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारे देश के युवा दिन-रात मेहनत करके फिजिकल पास करते हैं, टेस्ट पास करते हैं, क्योंकि वो फौज में जाकर पूरा जीवन देश की सेवा करना चाहते हैं, इसलिए नहीं कि वो भाजपा दफ्तर के बाहर गार्ड (चौकीदार) लगना चाहते हैं.’

अपने बयान पर बवाल मचने के बाद विजयवर्गीय ने ट्वीट कर सफाई दी, ‘अग्निपथ योजना से निकले अग्निवीर निश्चित तौर पर प्रशिक्षित एवं कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्ध होंगे. सेना में सेवाकाल पूर्ण करने के बाद वे जिस भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां उनकी उत्कृष्टता का उपयोग होगा. मेरा आशय स्पष्ट रूप से यही था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘टूलकिट गिरोह से जुड़े लोग मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करके कर्मवीरों का अपमान करने की कोशिश कर रहे हैं. यह देश के कर्मवीरों का अपमान होगा. राष्ट्रवीरों-धर्मवीरों के खिलाफ इस टूलकिट गिरोह के षड़यंत्रों को देश भली भांति जानता है.’

इस बयान के लिए उनकी अपनी पार्टी के सांसद वरुण गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने उन पर निशाना साधा है.

वरुण गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘जिस महान सेना की वीर गाथाएं कह सकने में समूचा शब्दकोश असमर्थ हो, जिनके पराक्रम का डंका समस्त विश्व में गुंजायमान हो, उस भारतीय सैनिक को किसी राजनीतिक दफ़्तर की ‘चौकीदारी’ करने का न्यौता, उसे देने वाले को ही मुबारक.’

भाजपा सांसद ने कहा, ‘भारतीय सेना मां भारती की सेवा का माध्यम है, महज एक ‘नौकरी’ नहीं.’

विजयवर्गीय के बयान पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘देश के युवाओं और सेना के जवानों का इतना अपमान मत करो.’

विजयवर्गीय के अलावा ​केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कथित तौर पर कहा है कि अग्निपथ के रंगरूटों को ‘ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन, धोबी और नाइयों के कौशल’ के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा. उन्होंने आगे दावा किया कि उनका चार साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अग्निवीर ‘इन पदों के लिए सहायक’ होंगे.

उन्होंने वीडियो में दावा किया कि अग्निवीरों को सेवा की अवधि पूरी करने के बाद इन कामों पर लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कौशल सीखने में कुछ भी गलत नहीं है.

केंद्रीय मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर ये बयान दिए और उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर कई बार शेयर किया गया है.

उनकी इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता और सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘सशस्त्र बल अब अग्निपथ भर्ती योजना के तहत देश के लिए कुशल श्रम जैसे ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन आदि के लिए एक प्रशिक्षण मैदान होगा. एक नई उपलब्धि का पता चला!’

केंद्रीय मंत्री एवं सेना के पूर्व प्रमुख जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा, ‘कोविड 19 के कारण दो साल तक कोई भर्ती नहीं हुई. सरकार ने कहा कि अग्निपथ योजना के लिए 17.5 साल से लेकर 21 साल तक की उम्रसीमा को बढ़ाकर अब 23 साल कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति मिस करता है तो इन दो सालों में वह इस योजना के लिए योग्य होगा.’

उन्होंने कहा, ‘अगर वह चाहता है तो आ सकता है. यह एक स्वयंसेवी योजना है. भारतीय सेना एक स्वयंसेवी सेना है. हमारे यहां अनिवार्यता नहीं है. जिसको आना है वो आए… अगर आपको नहीं लगता है तो मत आओ. ये आपको बोल कौन रहा है आने के लिए.’

सिं​ह ने कहा, ‘आप बसें जला रहे हो. ट्रेन जला रहे हो. किसी ने आपको बोला है कि हम आपको फौज में लेंगे. पहले तो आप हमारे मापदंडों पर खरे उतरो न, उसके बाद हम आपको फौज में लेंगे.’

​वीके सिंह के इस बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘जो व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट टालने के लिए 62 की उम्र में अदालत चला गया, वो आज युवाओं को 23 की उम्र में रिटायर होने के लिए सलाह दे रहा है.’

अब हमें भाजपा के ‘मैं भी चौकीदार’ आंदोलन का मतलब समझ आया: कांग्रेस

कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर रविवार को निशाना साधा और चुटकी लेते हुए कहा कि अब ‘हमें समझ आया’ 2019 में ‘मैं भी चौकीदार’ आंदोलन शुरू करने से भाजपा का तात्पर्य क्या था.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सेना में भर्ती की ‘अग्निवीर योजना’ के तहत साढ़े 17 साल से 21 साल के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती करने की बात कही है, जिसे लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

‘अग्निपथ’ योजना के तहत रोजगार के पहले वर्ष में एक ‘अग्निवीर’ का मासिक वेतन 30,000 रुपये होगा, लेकिन हाथ में केवल 21,000 रुपये ही आएंगे. हर महीने 9,000 रुपये सरकार के एक कोष में जाएंगे, जिसमें सरकार भी अपनी ओर से समान राशि डालेगी.

इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में मासिक वेतन 33,000 रुपये, 36,500 रुपये और 40,000 रुपये होगा. प्रत्येक ‘अग्निवीर’ को ‘सेवा निधि पैकेज’ के रूप में 11.71 लाख रुपये की राशि मिलेगी और इस पर आयकर से छूट मिलेगी.

विजयवर्गीय की टिप्पणी पर मीडिया में आई खबरों का स्क्रीनशॉट टैग करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘अब हमें समझ आया कि भाजपा के 2019 के ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान का वास्तविक अर्थ क्या था.’

आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस ने कहा, ‘भाजपा के महासचिव सैनिकों का अपमान कर रहे हैं. अग्निवीर भाजपा कार्यालय के बाहर चौकीदार बनेंगे! श्रीमान मोदी हम इसी मानसिकता से डरे हुए थे. बेशर्म सरकार.’

इससे पहले एक अन्य ट्वीट में रमेश ने ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी ली और ‘मोदी पथ’ के पांच मंत्र पोस्ट किए.

उन्होंने बताया कि गुस्से से भरे किसान और सैनिक भारत की नई पहचान बन गए हैं.

रमेश ने यह भी कहा कि सरकार पहले कदमों की घोषणा करती है उसके बाद उससे जुड़ीं चिंताओं के समाधान का प्रयास करती है.

उन्होंने सरकार पर देश की महत्वपूर्ण चीजों को बेचने का भी आरोप लगाया.

तृणमूल, माकपा ने विजयवर्गीय के अग्निवीर संबंधी बयान की निंदा की

तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भाजपा के कार्यालय में सुरक्षा बलों की भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने संबंधी बयान को लेकर कैलाश विजयवर्गीय की निंदा करते हुए कहा कि उनका बयान देश के सैनिकों की ‘बहादुरी का अपमान’ है.

तृणमूल ने रविवार को कहा कि देश के युवा ‘भाजपा कार्यालयों के चौकीदार बनने के लिए’ नहीं हैं. पार्टी ने विजयवर्गीय के इस बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण देने को कहा.

तृणमूल ने ट्वीट किया, ‘युवा शक्ति इस देश की सेवा करना चाहती है. वह मोदी सरकार की तरह नहीं है. प्रधानमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि क्या ये भी ‘हाशिए पर’ मौजूद तत्वों के बयान हैं.’

तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि इन बयानों ने भाजपा की असल मानसिकता को उजागर कर दिया है.

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर कहा, ‘हां, अगर भारत को अग्निपथ के लिए खलनायक चुनना पड़ा तो मुझे यकीन है कि वे आपको भी चुनेंगे.’

इसी तरह, माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि विजयवर्गीय ने देश के महत्वाकांक्षी युवा सैन्य कर्मियों का अपमान किया है और देश की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों की वीरता का अनादर किया है.

उन्होंने कहा, ‘हम विजयवर्गीय के बयान पर भाजपा से तत्काल स्पष्टीकरण चाहते हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)