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यूपी: बलात्कार पीड़िता से दुर्व्यवहार के आरोपी इंस्पेक्टर के ख़िलाफ़ केस दर्ज करने का आदेश

युवती ने अदालत में दाख़िल अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि वह आठ फरवरी को प्रतापगढ़ ज़िले के अंतू थाने के तत्कालीन एसएचओ प्रवीण कुशवाहा से मिली थीं और उनके साथ हुए बलात्कार को लेकर एफ़आईआर दर्ज करने की अपील की थी, लेकिन एसएचओ ने उन्हें धक्का मारा और जातिसूचक अपशब्द कहते हुए वहां से भगा दिया था.

(फोटो साभार: ट्विटर/यूपी पुलिस)

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की एक विशेष अदालत ने एक बलात्कार पीड़िता के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में अंतू थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अदालत की विशेष न्यायाधीश मोनिका ठाकुर ने बीते शुक्रवार (25 जून) को अंतू थाने के तत्कालीन एसएचओ प्रवीण कुशवाहा के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.

अंतू थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती ने अदालत में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि एक फरवरी 2021 को करण सरोज नाम के एक व्यक्ति ने उनके साथ तब बलात्कार किया, जब वह अपने घर में अकेली थीं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, युवती ने आरोप लगाया था कि घटना के समय आरोपी की एक रिश्तेदार उषा सरोज भी मौजूद थीं और किसी भी विवाद से बचने के लिए उन्होंने आरोपी को उन्हें (युवती) मार डालने के लिए कहा था.

शिकायत के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद युवती ने मामले की शिकायत अंतू पुलिस थाने में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. छह फरवरी को उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया.

युवती ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि वह आठ फरवरी को अंतू थाने के तत्कालीन एसएचओ प्रवीण कुशवाहा से मिली थीं और एफआईआर दर्ज करने की अपील की थी, लेकिन एसएचओ ने उन्हें धक्का मारा और जातिसूचक अपशब्द कहते हुए वहां से भगा दिया.

बीते 24 जून को मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) मोनिका ठाकुर ने पुलिस को कानून की संबंधित धाराओं के तहत कुशवाहा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)