राजनीति

उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति की सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की

आरोप है कि दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और आबकारी विभाग के प्रमुख मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर शराब नीति में कुछ बदलाव किए और कैबिनेट को सूचित किए बिना या एलजी की मंज़ूरी लिए बिना लाइसेंसधारियों को अपनी ओर से अनुचित लाभ दिया. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि उपराज्यपाल ने देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षा मंत्री सिसोदिया को फ़र्ज़ी मामले में फंसाने के लिए सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और एलजी विनय सक्सेना (फोटो: पीटीआई/ट्विटर)

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार की आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के कथित उल्लंघन तथा प्रक्रियागत खामियों को लेकर इसकी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है.

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग के प्रमुख हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एलजी के अनुसार, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर शराब नीति में कुछ बदलाव किए और कैबिनेट को सूचित किए बिना या एलजी की मंजूरी लिए बिना लाइसेंसधारियों को अपनी ओर से अनुचित लाभ दिया.

आरोप है कि सिसोदिया ने कथित तौर पर कोविड-19 महामारी के बहाने निविदा लाइसेंस शुल्क पर शराब कारोबारियों को 144.36 करोड़ रुपये की छूट की अनुमति दी है. यह भी आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब चुनाव के दौरान इस पैसे का इस्तेमाल किया होगा.

इस कदम पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया को ‘बेहद ईमानदार’ व्यक्ति बताते हुए कहा, ‘सीबीआई जल्द ही एक फर्जी केस में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करने वाली है. मनीष एक कट्टर ईमानदार आदमी हैं, जिन पर झूठे आरोप लगाये जा रहे हैं. अब देश में नया सिस्टम लागू हो गया है. पहले तय किया जाता है किसे जेल भेजना है, फिर उसके खिलाफ फर्जी केस बनाया जाता है.’

आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख केजरीवाल ने कहा, ‘यह इस देश के लिए बहुत दुख की बात है कि उपराज्यपाल ने देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को फर्जी मामले में फंसाने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है.’

सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा है, ‘मोदीजी केजरीवाल जी से बहुत डरते हैं. मोदीजी से लोगों का मोहभंग हो गया है. अब केजरीवाल जी से ही देश को उम्मीद है. जैसे जैसे ‘आप’ का देश भर में प्रभाव बढ़ेगा, अभी और बहुत झूठे केस होंगे, पर अब कोई जेल केजरीवाल जी और ‘आप’ को नहीं रोक सकती. भविष्य ‘आप’ का है, भविष्य भारत का है.’

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली के मुख्य सचिव की इस महीने की शुरुआत (8 जुलाई) में सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है.

इस रिपोर्ट से प्रथमदृष्टया राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम, 1991, व्यापारिक लेनदेन की नियमावली-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2009 और दिल्ली आबकारी नियम, 2010 के उल्लंघनों का पता चलता है.

उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट की एक प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा रिपोर्ट में ‘शराब के ठेकों के लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ’ देने के लिए ‘जान-बूझकर और घोर प्रक्रियागत खामियां होने’ का भी जिक्र है.

इस बीच आप नेता संजय सिंह ने कहा, ‘मोदी जी को केजरीवाल जी से डर लगता है. मोदी जी को केजरीवाल जी के शिक्षा मॉडल, स्वास्थ्य मॉडल, बिजली मॉडल, बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा मॉडल, फ्री बस यात्रा मॉडल से डर लगता है. मोदी जी को इतना डर लगता है कि उनके सपने में भी केजरीवाल जी आते हैं.’

उन्होंने कहा कि इस डर के और भयभीत होकर अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ एक के बाद दूसरा मामला नरेंद्र मोदी जी लगा रहे हैं.

आप नेता आतिशी ने कहा, ‘भाजपा हमारे मंत्रियों और विधायकों पर 150 से अधिक केस दर्ज करा चुकी है. केंद्र सरकार की किसी एजेंसी को दिल्ली सरकार की 400 फाइल जांचने के बाद भी कोई सबूत नहीं मिला. ईडी ने सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में कहा- वो आरोपी नहीं हैं. ईडी को आज तक उनके खिलाफ सबूत नहीं मिला.’

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियां दिल्ली सरकार को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उसके हर मंत्री के खिलाफ जांच कराएंगी, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में आप की शानदार जीत के बाद से ही पार्टी के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से ‘डरे’ हुए हैं.

सूत्रों ने बताया कि उपराज्यपाल को ‘शीर्ष राजनीतिक स्तर पर वित्तीय रियायतें’ दिए जाने के ‘ठोस संकेत’ मिले हैं, जिसमें आबकारी मंत्री ने ‘वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर प्रमुख फैसले लिए और उन्हें लागू किए’ और आबकारी नीति अधिसूचित की, जिसके ‘व्यापक वित्तीय असर’ पड़े.

सूत्रों ने कहा, ‘मंत्री (सिसोदिया) ने निविदाएं दिए जाने के बावजूद शराब के ठेकों के लाइसेंसधारियों को अनुचित वित्तीय लाभ दिए जिससे राजकोष को भारी नुकसान हुआ.’

उन्होंने दावा किया कि आबकारी विभाग ने कोविड-19 महामारी की विशेष स्थिति के तहत 144.36 करोड़ रुपये की छूट दी. उसने एयरपोर्ट जोन के लाइसेंस के सबसे कम बोलीकर्ता को 30 करोड़ रुपये की बयाना राशि भी वापस कर दी क्योंकि वह हवाईअड्डा प्राधिकारियों से ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ हासिल नहीं कर सका.

सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव ने शराब के ठेकों के लिए लाइसेंस दिए जाने में ‘खामियों’ का भी जिक्र किया और कहा कि आबकारी विभाग ने खुदरा विक्रेताओं को अनुचित वित्तीय लाभ लेने के लिए निविदा के दस्तावेजों के प्रावधानों में भी छूट दी, जबकि बिना ठोस वजह के लाइसेंस शुल्क, ब्याज और जुर्माने का भुगतान न करने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आप सरकार की आबकारी नीति, जिसका विपक्ष द्वारा व्यापक रूप से विरोध किया गया था, को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के माध्यम से कोविड-19 महामारी की घातक डेल्टा लहर के बीच में पेश किया गया था.

सूत्रों ने कहा, ‘ऐसा उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व वाली सरकार के उच्चतम स्तर पर व्यक्तियों को वित्तीय लाभ के एवज में निजी शराब व्यवसायियों को लाभान्वित करने के एकमात्र उद्देश्य के साथ किया गया था.’

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सिसोदिया ने नीति लागू होने के बाद नवंबर-दिसंबर में बदलाव किए. नियमों के अनुसार, जब भी नीति में इसके लागू होने के बाद कोई बदलाव किया जा रहा हो, तो इसे पहले मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाना चाहिए और फिर इन नियमों के संशोधन के लिए अंतिम अनुमोदन के लिए एलजी को भेजा जाना चाहिए.

उन्होंने बताया कि सिसोदिया द्वारा लिए गए कुछ फैसलों पर तत्कालीन उपराज्यपाल ने रोक लगा दी थी, क्योंकि उन्हें दिल्ली मंत्रिमंडल की मंजूरी के बिना लिया गया था.

सूत्रों ने दावा किया, ‘पूर्व में लिए गए अवैध फैसलों को हाल में 14 जुलाई को मंत्रिमंडल की मुहर लगाकर वैध बनाने का प्रयास किया गया, जो अपने आप में नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन है.’

नई आबकारी नीति 2021-22, पिछले साल 17 नवंबर से लागू की गई थी, जिसके तहत 32 मंडलों में विभाजित शहर में 849 ठेकों के लिए बोली लगाने वाली निजी संस्थाओं को खुदरा लाइसेंस दिए गए. कई शराब की दुकानें खुल नहीं पाईं. ऐसे कई ठेके नगर निगम ने सील कर दिए.

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने इस नीति का पुरजोर विरोध किया था और इसकी जांच के लिए उपराज्यपाल के साथ केंद्रीय एजेंसियों में शिकायत दर्ज कराई थी.

सिसोदिया को ‘झूठे मामले’ में फंसाया जा रहा है: केजरीवाल 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को ‘बेहद ईमानदार’ व्यक्ति बताते हुए कहा कि उन्हें केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा ‘झूठे मामले’ में फंसाया जाएगा और कुछ दिनों में गिरफ्तार भी किया जा सकता है.

केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह सिसोदिया को 22 साल से जानते हैं.

केजरीवाल ने कहा, ‘मुझे पता चला है कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ मामले को सीबीआई के पास भेजा गया है और वह उन्हें कुछ दिनों में गिरफ्तार करने वाली है. इस मामले में लेशमात्र भी सच्चाई नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘अदालत के समक्ष यह मामला टिक नहीं पाएगा. मनीष बेहद ईमानदार व्यक्ति हैं और वह पाक साफ साबित होंगे.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता जेल जाने से नहीं डरते, क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है.

संवाददाता सम्मेलन में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार के इशारे पर सिसोदिया को फंसाने और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की चुनौती को कमजोर करने के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं.

भारद्वाज ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘केंद्र अभी और मंत्रियों को फंसाने की कोशिश करेगा. उसने अधिकारियों से सच या झूठ कुछ भी हो, उसका पता लगाने और जांच शुरू करने को कहा है, ताकि ‘आप’ को दिल्ली और पंजाब तक सीमित रखा जा सके.’

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस साल की शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव में आप की शानदार जीत के बाद से केंद्र, दिल्ली सरकार के मंत्रियों को फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहा है.

उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि केंद्र तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता से डरे हुए हैं.’

उन्होंने कहा कि केंद्र को केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता से ‘ईर्ष्या’ है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)