राजनीति

ईडी ने सोनिया गांधी से दूसरी बार पूछताछ की, प्रदर्शन कर रहे राहुल समेत कई नेता हिरासत में

प्रवर्तन निदेशालय ‘नेशनल हेराल्ड’ अख़बार से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ कर रहा है. मंगलवार को भी उन्हें पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया गया था. इसके विरोध में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रदर्शन करने के चलते पुलिस उन्हें हिरासत में ले लिया. इस मामले में एजेंसी राहुल गांधी से भी बीते जून महीने में पूछताछ कर चुकी है.

प्रदर्शन और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान की राहुल गांधी की एक तस्वीर. (फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं एवं सांसदों ने ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

मुख्य विपक्षी दल ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया और कहा कि सत्य ही इस तानाशाही का अंत करेगा.

राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य सांसदों ने संसद भवन से मार्च निकाला तथा वे राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विजय चौक पर रोक दिया. इसके बाद इन नेताओं ने वहां धरना दिया.

कुछ देर बाद पुलिस ने राहुल गांधी और कई अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया.

हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल ने आरोप लगाया, ‘मोदी जी राजा हैं और भारत में पुलिस राज है.’

बाद में राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘तानाशाही देखिए, शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं कर सकते, महंगाई और बेरोजगारी पर चर्चा नहीं कर सकते. पुलिस और एजेंसियों का दुरुपयोग करके, हमें गिरफ्तार करके भी, कभी चुप नहीं करा पाओगे. ‘सत्य’ ही इस तानाशाही का अंत करेगा.’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘पुलिस ने कांग्रेस सांसदों को विजय चौक पर रोक दिया. हमें राष्ट्रपति भवन जाने से रोक दिया गया. जबरन गिरफ्तार कर लिया गया. अब हम पुलिस की बस में हैं, सिर्फ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जानते हैं कि हमें कहां ले जाया जा रहा है.’

कांग्रेस का कहना है कि पार्टी मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे उसके कई नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

पार्टी महासचिव अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज पूरे देश में कांग्रेस पार्टी सत्याग्रह कर रही है. हम लोगों ने यह तय किया था कि दिल्ली के अंदर राजघाट पर सत्याग्रह करेंगे और जब तक सोनिया गांधी को पूछताछ के बाद वापस नहीं जाने दिया जाएगा, तब तक हमारा सत्याग्रह जारी रहेगा.’

माकन ने आरोप लगाया, ‘आज से लगभग 10 वर्ष पहले ईडी ने इस मामले को खत्म कर दिया था. अब इस मामले को एक बार फिर खोला गया है, केवल इसलिए कि सरकार विपक्षी दल के ऊपर दबाव डाल सके, और हम जरूरी मुद्दों को न उठा सकें.’

उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक द्वेष की भावना से जो कार्रवाई की जा रही है, उसके खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ता देश भर में सत्याग्रह कर रहे हैं.’

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा युवा कांग्रेस के नेता श्रीनिवास बीवी से बदसलूकी का मामला भी सामने आया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस का एक जवान भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी के बाल खींचते और पार्टी के विरोध के दौरान उनके साथ मारपीट करते दिखा.

दिल्ली पुलिस ने कहा, हम संबंधित कर्मचारी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. पहचान के बाद उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने सोनिया गांधी का बयान दर्ज किया

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समाचार पत्र ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को दूसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

सोनिया करीब ढाई घंटे चली पूछताछ के बाद दोपहर के भोजन के लिए ईडी के कार्यालय से बाहर निकलीं और उसके बाद फिर कार्यालय पहुंचीं.

सोनिया ‘जेड प्लस’ सुरक्षा घेरे में अपने बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ सुबह करीब 11 बजे मध्य दिल्ली में एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर विद्युत लेन में स्थित संघीय एजेंसी के कार्यालय पहुंची थीं.

प्रियंका ईडी के कार्यालय में ही रुकी रहीं, वहीं राहुल तुरंत वहां से निकल गए. राहुल ने राष्ट्रपति भवन के पास विजय चौक पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष दोपहर करीब दो बजे ईडी कार्यालय से निकलीं थी और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दोबारा पहुंचीं. अधिकारियों ने बताया कि प्रियंका गांधी ईडी कार्यालय के एक अन्य कमरे में रुकीं, ताकि जरूरत पड़ने पर वह अपनी मां से मिल सकें और उन्हें दवाएं या चिकित्सा सहायता मुहैया करा सकें.

ऐसा माना जा रहा है कि समन के सत्यापन, उपस्थिति-पत्र पर हस्ताक्षर करने सहित शुरुआती औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सोनिया गांधी से सुबह करीब सवा 11 बजे पूछताछ शुरू की गई.

75 वर्षीय सोनिया गांधी से पहली बार 21 जुलाई को मामले में दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी. रायबरेली से लोकसभा सदस्य गांधी ने तब एजेंसी के 28 सवालों के जवाब दिए थे. एजेंसी ने उस समय समाचार पत्र ‘नेशनल हेराल्ड’ और मामले में जांच के दायरे में आने वाली कंपनी ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ उनकी संलिप्तता के संबंध में पूछताछ की थी.

सोनिया गांधी से मंगलवार को एजेंसी, समाचार पत्र के कामकाज एवं संचालन, इसके विभिन्न पदाधिकारियों की भूमिका, नेशनल हेराल्ड तथा यंग इंडियन में उनकी और उनके बेटे की भागीदारी पर सवाल पूछ सकती है.

एजेंसी सोनिया गांधी के बयान का राहुल गांधी के बयान से मिलान भी करेगी. बीते जून महीने में राहुल से ईडी ने इसी मामले में पांच दिन तक 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी.

ईडी कांग्रेस द्वारा प्रवर्तित अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ का मालिकाना हक रखने वाली ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है.

वर्ष 2013 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी की एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ यहां की एक निचली अदालत ने आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिया था.

ईडी ने पिछले साल के अंत में धन शोधन रोकथाम कानून के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज करने के बाद गांधी परिवार से पूछताछ शुरू की. सोनिया और राहुल गांधी यंग इंडियन के प्रवर्तकों और बहुलांश शेयरधारकों में से हैं. अपने बेटे की तरह कांग्रेस अध्यक्ष के पास भी 38 फीसदी हिस्सेदारी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)