राजनीति

बंगालः ममता की तस्वीर पर नकदी की फोटो लगाकर पोस्टर बनाने वाला भाजपा कार्यकर्ता गिरफ़्तार

पश्चिम बंगाल में ईडी द्वारा छापेमारी के दौरान जब्त की गई नकदी की तस्वीर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर के साथ जोड़कर एक पोस्टर बनाने के आरोपी की पहचान भाजपा कार्यकर्ता काजल भौमिक के रूप में हुई. एक अधिकारी ने कहा कि पोस्टर जब्त कर लिए हैं और उन्हें विश्लेषण के लिए भेज दिया है.

New Delhi: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee at Parliament House, in New Delhi on Wednesday, Aug 1, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_1_2018_000153B)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर पर हाल में ईडी द्वारा जब्त की गई नकदी की तस्वीर लगाने और उसका पोस्टर बनाने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्कूल भर्ती घोटाले के संबंध में एक छापेमारी कर बरामद की गई नकदी की तस्वीर ट्वीट की थी, जिसे कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ता ने बनर्जी की तस्वीर पर लगा कर पोस्टर बनाया था.

अधिकारी ने कहा कि बेहला पुलिस थाने के अधिकारियों ने मंगलवार (26 जुलाई) को भाजपा कार्यकर्ता काजल भौमिक को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा, ‘हमें जानकारी मिली थी कि काजल भौमिक ने मुख्यमंत्री की तस्वीर पर दूसरी तस्वीर लगाई और पोस्टर बनाया. हमने पोस्टर जब्त कर लिए हैं और उन्हें विश्लेषण के लिए भेज दिया है.’

उन्होंने कहा कि जांच जारी है.

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि अर्पिता मुखर्जी के आवास से करोड़ों रुपये की नगदी कथित तौर पर जब्त की गई. अर्पिता तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा राज्य के मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी बताई जाती हैं.

बीते 23 जुलाई को ईडी ने स्कूलों में नौकरियों संबंधी कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया था और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को हिरासत में ले लिया था.

जब यह कथित घोटाला हुआ था, उस समय पार्थ चटर्जी राज्य के शिक्षामंत्री थे.

बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है. ईडी घोटाले में राशि कहां से आई और कहां गई, इसकी पड़ताल कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)