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नीतीश कुमार के भाजपा का साथ छोड़ने पर बोले सुशील मोदी- वे उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे

नीतीश कुमार के भाजपा का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ सरकार बनाने पर सुशील मोदी ने कहा कि वे एनडीए से निकलने के लिए सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं. इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा था कि नीतीश कुमार ‘आदतन धोखेबाज़’ हैं.

सुशील कुमार मोदी. (फोटो: पीटीआई)

पटना: भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को कहा कि बिहार की नई सरकार 2025 में अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही गिर जाएगी.

मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ने और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेतृत्व वाले महागठबंधन का नेता चुने जाने के एक दिन बाद यह बात कही.

मोदी ने यह भी कहा कि जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को वोट देने वाली बिहार की जनता का अपमान किया है.

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री मोदी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कुमार लालू प्रसाद यादव की खराब तबीयत का फायदा उठाकर राजद को धोखा देंगे और ‘उसे तोड़ने की कोशिश करेंगे.’

लोकमत के अनुसार, मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार भारत का उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे. जद (यू) के कई बड़े नेताओं ने इसको लेकर भाजपा के केंद्रीय नेताओं से संपर्क भी किया था. लेकिन भाजपा ने इस पर विचार नहीं किया. इसके बाद नीतीश कुमार ने गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया.

मोदी ने यह भी कहा कि नीतीश ने एनडीए से बाहर जाने के लिए सफ़ेद झूठ बोले हैं.

उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के जरिये ‘षड्यंत्र’ रचे जाने के जद (यू) के आरोपों को खारिज कर दिया और दावा किया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार से मंजूरी लेने के बाद सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया था.

उन्होंने मंगलवार शाम एक ट्वीट में कहा, ‘मई 2019 में नई सरकार के गठन के समय शिवसेनाऔर जद (यू) के 1-1 मंत्री बनाने का निर्णय हुआ. तब नीतीशजी ने कहा हमारी पार्टी में नाम पर एकमतता नहीं है, अभी छोड़ दीजिए. 7 जुलाई 21 को जब विस्तार हुआ तो उन्होंने एक नाम आरसीपी का दिया.अब कह रहे हैं भाजपा ने अपने मन से बना दिया.’

बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, ‘अमित शाह जी ने उन्हें फोन करके एक नेता का नाम मांगा था. नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह का नाम देते हुए कहा था कि ललन सिंह नाराज होंगे, उनका भी ख्याल रखना होगा. पर खुद ही आरसीपी का नाम भी दिया. आपको गठबंधन तोड़ना है तो तोड़ दे, लेकिन इस तरह के झूठ का प्रचार नहीं होना चाहिए. आप तो इतने ताकतवर थे कि आरसीपी सिंह को हटवा देते.’

मोदी ने यह भी कहा, ‘भाजपा द्वारा जद (यू) तोड़ने की बात कहते हुए शिवसेना का उदाहरण दिया जा रहा है लेकिन यह गलत है. शिवसेना हमारी सहयोगी नहीं थी. हमने किसी सहयोगी दल को तोड़ा नहीं है, भाजपा ने कभी किसी को धोखा नहीं दिया. हमने नीतीश जी को एक बार नहीं पांच बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया. 17 साल का संबंध था हमारा, लेकिन आपने दोनों बार एक झटके में तोड़ दिया.’

प्रभात खबर के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने जद (यू) की हर शिकायत दूर करने की कोशिश की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ. धर्मेंद्र प्रधान दो-दो बार पटना आए और नीतीश जी से पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं है. नीतीश ने सब कुछ सही होने की बात कही थी. लेकिन कुछ ही दिनों के बाद नीतीश ने अलग होकर महागठबंधन के साथ सरकार बना ली.’

उन्होंने आगे जोड़ा कि नीतीश ने बिहार की जनता को भी धोखा दिया है. मोदी ने कहा, ‘2020 में उन्हें नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मिला था. यदि आपके नाम पर वोट मिलता तो 43 सीट ही नहीं मिलती. हमें जब लगा कि स्थिति कमजोर है तो फिर नरेंद्र मोदी ने प्रचार में पूरी जान लगा दी. यदि आपके नाम पर भी वोट मिलता तो हम डेढ़ सौ तक सीटें जीतकर सत्ता में आते.’

पूर्व उपमुख्यमंत्री मोदी ने राजद पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लालू परिवार घोटालों में घिरा हुआ है और जल्द ही वे जेल जाएंगे. नीतीश चाहते हैं राजद का जद (यू) में विलय हो जाए.

हालांकि उन्होंने आगे कहा कि नीतीश दिखावे के मुख्यमंत्री हैं. तेजस्वी असली मुख्यमंत्री होंगे, वो जो कहेंगे नीतीश को मानना पड़ेगा.

भाजपा नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘हम यह देखना चाहते हैं कि असली मुख्यमंत्री (राजद नेता) तेजस्वी के नेतृत्व में बिहार की नई सरकार किस तरह काम करती है. यह अगले चुनाव से पहले गिर जाएगी.’

नीतीश ‘आदतन धोखेबाज’ हैं, हम संघर्ष करेंगे : भाजपा

इससे पहले, मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पुराने सहयोगी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ‘आदतन धोखेबाज’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजद के साथ उनका नया गठबंधन बिहार को एक बार फिर अराजकता और भ्रष्टाचार की खाई में धकेल देगा.

भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद जारी एक बयान में पार्टी ने घोषणा की थी कि वह बुधवार को सभी जिलों में जनता दल (जद-यू) नेता द्वारा किए गए ‘विश्वासघात’ के खिलाफ महाधरना का आयोजन करेगी जिसके एक दिन बाद प्रखंड स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा.

नीतीश की पार्टी का भाजपा के साथ संबंध 1990 के दशक से है. हालांकि, 2013 में पहली बार वह चार साल भाजपा से अलग रहे थे.

हाल के दिनों में दोनों दलों के बीच कई मुद्दों पर विवाद हुआ, लेकिन जद (यू) के सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच तलखी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के भाजपा की शह पर जद (यू) को विभाजित करने के कथित प्रयासों के साथ बढ़ी थी.

राजद के तेजस्वी यादव के साथ राज्यपाल से मिलने के तुरंत बाद यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नीतीश कुमार से कई सवाल किए और कहा कि जब जद (यू) के लोगों को टिकट देने के लिए भाजपा ने निवर्तमान सांसद का टिकट काटा तो भाजपा अच्छी थी और अब वह पार्टी तोड़ने वाली हो गई.

प्रसाद ने कहा, ‘नीतीश कुमार 2019 में नरेंद्र मोदी की वजह से लोकसभा जीते. नरेंद्र मोदी के नाम पर 2020 में विधानसभा चुनाव जीता. उन्होंने कहा कि 1990 के दशक से ही भाजपा उनको बढ़ाने का काम कर रही थी. भाजपा ने उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया और उनकी पार्टी में विरोध के बावजूद मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘2020 के विधानसभा चुनाव में कम सीट होने के बाद भी भाजपा ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया. इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धुंआधार प्रचार किया और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की साख बनाई.’

प्रसाद ने नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा, ‘चारा घोटाले की लड़ाई के दौरान वे भाजपा के साथ आए थे. उन्होंने उस समय जंगलराज, लूट, परिवारवाद, भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा के साथ मिलकर आवाज बुलंद की थी.’

भाजपा नेता ने कहा कि लालू प्रसाद के चारा घोटाला में शामिल होने के बाद वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारे साथ आए थे और अब हमें और बिहार की जनता को धोखा देकर तेजस्वी यादव के साथ मिल गए हैं.

प्रसाद ने कहा, ‘नीतीश कुमार भाजपा पर जद (यू) को तोड़ने और कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं. जब हमसे अलग होकर लोकसभा चुनाव में अकेले लड़े थे तब उनकी पार्टी को दो सीटें आई थीं और अब जब साथ लड़े तो 16 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब हुए.’

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा ने उन्हें कमजोर नहीं किया बल्कि साथ लेकर चली और दिन प्रतिदिन हमारे साथ वह मजबूत हुए.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार ‘आदतन धोखेबाज’ हैं. उन्होंने कहा, ‘भाजपा संघर्ष करेगी. उनके धोखे को जनता समझ गई है. उन्हें बिहार की जनता सबक सिखाएगी.’

जायसवाल ने भाजपा के 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार की कुल 40 सीटों में से 35 से अधिक सीट जीतने तथा 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में दो तिहाई से अधिक बहुमत से आने दावा करते हुए कहा कि इसके बाद नीतीश कुमार की राजनीति समाप्त हो जाएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)