राजनीति

महाराष्ट्र के 20 में से 15 मंत्रियों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के 75 प्रतिशत मंत्रियों ने अपने ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है, जिसमें 13 (65 प्रतिशत) मंत्रियों ने अपने ख़िलाफ़ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है.

विधायकों के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के 75 प्रतिशत मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने यह जानकारी दी.

महाराष्ट्र में नौ अगस्त को कैबिनेट विस्तार के तहत 18 मंत्रियों को शामिल किया गया था. राज्य में इस समय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत 20 मंत्री हैं.

इस विस्तार के बाद एडीआर और ‘महाराष्ट्र इलेक्शन वॉच’ ने 2019 में विधानसभा चुनावों के दौरान पेश किए गए इन मंत्रियों के शपथ-पत्रों का विश्लेषण किया.

विश्लेषण के अनुसार, 15 (75 प्रतिशत) मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं और 13 (65 प्रतिशत) मंत्रियों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों को घोषणा की है.

ये सभी मंत्री करोड़पति हैं और उनकी संपत्ति का औसत मूल्य 47.45 करोड़ रुपये है.

एडीआर ने कहा, ‘सबसे अधिक कुल घोषित संपत्ति वाले मंत्री मालाबार हिल निर्वाचन क्षेत्र से विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा हैं, जिनकी संपत्ति 441.65 करोड़ रुपये है. सबसे कम कुल घोषित संपत्ति वाले मंत्री पैठण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक भुमरे संदीपनराव आसाराम हैं, जिनके पास 2.92 करोड़ रुपये की संपत्ति है.’

मंत्रिमंडल में कोई महिला नहीं है. आठ (40 प्रतिशत) मंत्रियों की घोषणा के अनुसार, उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं से 12वीं कक्षा के बीच है, जबकि 11 (55 फीसदी) मंत्रियों ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता हासिल की है. इसके अलावा एक मंत्री के पास डिप्लोमा है.

महाराष्ट्र के चार मंत्रियों की आयु 41 से 50 साल के बीच और शेष मंत्रियों की उम्र 51 से 70 साल के बीच है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 41 दिन बाद एकनाथ शिंदे ने मंगलवार (नौ अगस्त) को अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल समेत 18 विधायकों ने दक्षिण मुंबई में राज भवन में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है.

मालूम हो कि बीते नौ अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 41 दिन बाद एकनाथ शिंदे ने अपने दो सदस्यीय मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. शिवसेना के बागी गुट और भारतीय जनता पार्टी के नौ-नौ सदस्यों को इसमें जगह दी गई है.

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल समेत 18 विधायकों ने दक्षिण मुंबई में राज भवन में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली थी. इसके साथ ही महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या अब 20 हो गई है, जो अधिकतम 43 सदस्यों की संख्या से आधी से भी कम है.

शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री पद की और देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल में शामिल सदस्यों में राधाकृष्ण विखे पाटिल, सुधीर मुन्गंतीवार, चंद्रकांत पाटिल, विजयकुमार गावित, गिरीश महाजन, सुरेश खडे, रवींद्र चह्वाण, अतुल सावे और मंगलप्रभात लोढा हैं.

शिंदे गुट से मंत्री पद की शपथ लेने वाले सदस्यों में गुलाबराव पाटिल, दादा भुसे, संजय राठौड़, संदीप भुमरे, उदय सामंत, तानाजी सावंत, अब्दुल सत्तार, दीपक केसरकर और शंभुराज देसाई शामिल हैं.

भाजपा ने मुंबई से लोढा को शामिल किया है, जबकि शिंदे गुट ने वहां से किसी विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया. मुंबई महानगरपालिका के चुनाव इस साल होने हैं.

नए मंत्रियों में शिंदे समूह के विधायक संजय राठौड़ शामिल हैं, जो उद्धव ठाकरे की सरकार में वन मंत्री थे तथा भाजपा द्वारा एक महिला की आत्महत्या के लिए आरोप लगाए जाने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था.

भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा वाग ने राठौड़ को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का विरोध किया था.

मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया है, जिसकी नेताओं और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आलोचना की थी.

राज्य में भाजपा की 12 महिला विधायक हैं. शिंदे गुट में दो महिला विधायक हैं तथा उसे एक निर्दलीय महिला विधायक का समर्थन भी हासिल है. महाराष्ट्र में कुल 28 महिला विधायक हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)