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राजस्थान: कथित तौर पर पानी का मटका छूने पर शिक्षक ने दलित बच्चे को पीटा, अस्पताल में मौत

राजस्थान में जालोर ज़िले के सुराणा गांव स्थित एक निजी स्कूल का मामला. बच्चे को बीते 20 जुलाई को कथित तौर पर पीटा गया था और बीते शनिवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई. पुलिस ने 40 वर्षीय शिक्षक को गिरफ़्तार कर लिया है. उनके ख़िलाफ़ हत्या और अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: नेविल जावेरी/फ्लिकर)

जोधपुर: राजस्थान में जालोर जिले के एक निजी स्कूल में कथित तौर पर एक शिक्षक ने पेयजल का मटका छूने पर नौ वर्षीय एक दलित बच्चे को पीटा, जिसके बाद शनिवार को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने यह जानकारी दी.

पुलिस ने 40 वर्षीय शिक्षक छैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उन पर हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं.

परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को शिक्षक द्वारा की गई पिटाई से बच्चे की मौत हो गई, जो उसे उच्च जाति के लोगों के लिए रखे गए बर्तन से पानी पीते देखकर नाराज हो गए थे.

इसके बाद जालोर जिले के सुराणा गांव के निजी स्कूल के छात्र इंद्र मेघवाल की अहमदाबाद के एक अस्पताल में बीते शनिवार को उनकी मौत हो गई.

राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है. विभाग ने दो अधिकारियों को मामले की जांच कर इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है.

जालोर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि लड़के को बुरी तरह से पीटा गया था. उन्होंने कहा कि बताया गया है कि पीने के पानी का बर्तन छूने के कारण बच्चे की पिटाई की गई. उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी जांच की जानी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एसपी अग्रवाल ने कहा, ‘हमने आईपीसी की धारा के तहत हत्या और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत एक एफआईआर दर्ज की है. लड़के का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा और पुलिस की एक टीम अहमदाबाद भेजी गई है. आगे की जांच की जा रही है.’

बच्चे के पिता ने कहा कि उसके बेटे के चेहरे और कान पर चोटें आई थीं और वह लगभग बेहोश हो गया था. पिता के अनुसार, उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे उदयपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया.

लड़के के पिता देवाराम मेघवाल ने कहा, ‘वह (बच्चा) लगभग एक सप्ताह तक उदयपुर के अस्पताल में भर्ती रहा, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर हम उसे अहमदाबाद ले गए. उसकी हालत में वहां भी सुधार नहीं हुआ और उसने शनिवार को दम तोड़ दिया.’

रिपोर्ट के अनुसार, सुराणा गांव के निवासी देवाराम ने कहा, ‘जालोर के सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा 3 का छात्र रहे मेरे बेटे इंद्र कुमार को 20 जुलाई को शिक्षक छैल सिंह ने पीटा था, क्योंकि उसने, सिंह के लिए बने मिट्टी के बर्तन से पानी पिया था. मेरे बेटे को नहीं पता था कि बर्तन सिंह के लिए है, जो एक उच्च जाति से हैं.’

परिवार द्वारा सैला पुलिस स्टेशन को शनिवार को सौंपे गए एक शिकायत पत्र में कहा गया है कि छैल सिंह ने ऊंची जाति के लोगों के लिए बने मिट्टी के बर्तन से पानी पीने के लिए जातिसूचक गालियों के साथ इंद्र को पीटा था. पत्र में कहा गया है कि सिंह की पिटाई से इंद्र के दाहिने कान और आंख में चोटें आई हैं.

मेघवाल ने कहा कि पिटाई के बाद से उनके बेटे की हालत बिगड़ती गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उसके कान से खून बह रहा था और वह अपने शरीर के एक तरफ का हिस्सा हिला नहीं पा रहा था. उसकी आंख में दर्द था और हमने उसे अहमदाबाद रेफर करने से पहले जालोर, भीनमाल, उदयपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया था.

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे बेटे की मौत के लिए जातिगत भेदभाव जिम्मेदार है.’

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, ‘जालोर के सैला थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में शिक्षक की पिटाई से एक बच्चे की मौत दुखद है. आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या व एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मामले को त्वरित जांच एवं दोषियों को सजा दिलाने के लिए मामला ऑफिसर स्कीम के तहत लिया गया है. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले. मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी.’

विपक्षी भाजपा ने बच्चे की मौत को लेकर गहलोत सरकार की खिंचाई की थी.

शनिवार को राज्य भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट किया, ‘सुराणा, जालोर के नौ वर्ष के विद्यार्थी इंद्र मेघवाल की ऐसी क्या गलती थी कि उसे पीटकर गहरे जख्म दिए, जिससे उसकी मौत हो गई? इसका जिम्मेदार कौन है? मुख्यमंत्री जी आपके राज में एक वंचित वर्ग का छात्र सुरक्षित नहीं है. पीड़ित परिवार की सहायता कर दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)