एसबीआई से 11 करोड़ रुपये के सिक्के गायब, सीबीआई ने दो राज्यों की 25 जगहों पर तलाशी ली

राजस्थान के करौली के मेहंदीपुर बालाजी की एक स्टेट बैंक शाखा से पिछले साल 11 करोड़ रुपये के सिक्के गायब होने की बात सामने आई थी. इस सिलसिले में सीबीआई ने राजस्थान के कई शहरों के साथ-साथ दिल्ली में भी तलाशी अभियान चलाया है.

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(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

राजस्थान के करौली के मेहंदीपुर बालाजी की एक स्टेट बैंक शाखा से पिछले साल 11 करोड़ रुपये के सिक्के गायब होने की बात सामने आई थी. इस सिलसिले में सीबीआई ने राजस्थान के कई शहरों के साथ-साथ दिल्ली में भी तलाशी अभियान चलाया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: पिछले साल राजस्थान के करौली के मेहंदीपुर बालाजी की एक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शाखा से लगभग 11 करोड़ रुपये के सिक्के गायब होने के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को दिल्ली और राजस्थान में 25 स्थानों पर तलाशी ली.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दिल्ली, जयपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर, उदयपुर और भीलवाड़ा में की गई तलाशियां इसी जांच का हिस्सा है.

उन्होंने बताया कि बैंक के लगभग 15 पूर्व अधिकारियों और शाखा प्रबंधक/जॉइंट कस्टोडियन और कैश अफसर सहित कई अन्य के परिसरों की तलाशी ली गई.

करौली के टोडाभीम थाने में 16 अगस्त, 2021 को दर्ज की गई प्रारंभिक एफआईआर के अनुसार, एसबीआई की मेहंदीपुर शाखा में कथित गबन का मामला 2021 के मध्य में सामने आया था. एक बैंक समिति द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रथमदृष्टया गबन किया गया था.

इसके बाद, एक एजेंसी अर्पित गुड्स कैरियर को एसबीआई द्वारा सिक्कों, जिनकी कुल कीमत लगभग 13.01 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी, की गिनती का काम सौंपा गया था.

एजेंसी ने 22 जुलाई 2021 को शाखा प्रबंधक हरगोविंद मीणा की निगरानी में पैसों की गिनती शुरू की. एजेंसी का कहना है कि दो सप्ताह से कुछ अधिक समय हुआ था कि कुछ अज्ञात, हथियारबंद लोगों ने इस गतिविधि को रोकने के लिए इसमें शामिल कर्मचारियों को धमकाया.

एफआईआर में कहा गया है कि 6 अगस्त, 2021 तक एजेंसी ने 2,350 बैग में 1.39 करोड़ रुपये के सिक्कों की गिनती की हुई थी. प्राथमिकी दर्ज किए जाने तक लगभग 600-700 बैग बचे थे, जिनकी अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये थी- यह 11 करोड़ रुपये से अधिक के गबन की ओर इशारा करता है.

यह एफआईआर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (लोक सेवक या बैंकर, व्यापारी या एजेंट आदि द्वारा आपराधिक धोखाधड़ी) और आईपीसी की 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई थी.

बाद में एसबीआई ने सीबीआई को एफआईआर करने का निर्देश देने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस साल 13 अप्रैल को सीबीआई ने इस सिलसिले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया था.